नासा ने अंतरिक्ष स्टेशन पर मेडिकल इमरजेंसी के चलते टाली साल 2026 की पहली स्पेसवॉक

नासा ने अंतरिक्ष स्टेशन पर मेडिकल इमरजेंसी के चलते टाली साल 2026 की पहली स्पेसवॉक

प्रेषित समय :22:18:54 PM / Sat, Jan 10th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर मौजूद एक अंतरिक्ष यात्री की अचानक सेहत बिगड़ने और 'मेडिकल चिंता' का हवाला देते हुए वर्ष 2026 की अपनी पहली प्रस्तावित स्पेसवॉक को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया है। यह महत्वपूर्ण मिशन गुरुवार 8 जनवरी को निर्धारित किया गया था जिसमें दो अनुभवी अंतरिक्ष यात्री माइक फिंके और जेना कार्डमैन को अंतरिक्ष स्टेशन के बाहर निकलकर पावर अपग्रेड यानी बिजली प्रणाली को आधुनिक बनाने का काम करना था। नासा के इस आकस्मिक फैसले ने वैश्विक अंतरिक्ष बिरादरी में हलचल पैदा कर दी है क्योंकि अंतरिक्ष मिशनों में अंतिम समय पर इस तरह के स्थगन केवल बेहद गंभीर या सुरक्षा से जुड़े मामलों में ही किए जाते हैं। एजेंसी ने बुधवार दोपहर को अंतरिक्ष यान के भीतर उत्पन्न हुई इस स्वास्थ्य संबंधी स्थिति की पुष्टि की और एहतियात के तौर पर पूरे ऑपरेशन को रोकने का निर्णय लिया। नासा ने अपने आधिकारिक ब्लॉग पोस्ट में स्पष्ट किया है कि वह वर्तमान में चालक दल के एक सदस्य की चिकित्सा स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा है और चूंकि मामला व्यक्तिगत गोपनीयता और मेडिकल एथिक्स से जुड़ा है इसलिए बीमार अंतरिक्ष यात्री के नाम या उसकी बीमारी के विशिष्ट लक्षणों का खुलासा नहीं किया जाएगा।

अंतरिक्ष एजेंसी ने दुनिया भर के प्रशंसकों और वैज्ञानिकों को आश्वस्त करते हुए यह भी कहा है कि वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और स्थिर है लेकिन चालक दल की सुरक्षा सर्वोपरि होने के कारण किसी भी तरह का जोखिम नहीं लिया जा सकता। इस साढ़े छह घंटे लंबे चलने वाले चुनौतीपूर्ण मिशन का मुख्य उद्देश्य भविष्य में लगाए जाने वाले रोल-आउट सोलर ऐरे के लिए मॉडिफिकेशन किट और केबल बिछाना था ताकि अंतरिक्ष स्टेशन को अधिक ऊर्जा मिल सके। स्टेशन कमांडर माइक फिंके और फ्लाइट इंजीनियर जेना कार्डमैन ने बुधवार को ही इस मिशन के लिए अपनी पूरी तैयारी कर ली थी जिसमें उन्होंने क्वेस्ट एयरलॉक के भीतर अपने औजारों और जरूरी सामानों को व्यवस्थित करने के साथ-साथ अपने स्पेस सूट और जीवन रक्षक प्रणालियों की भी अंतिम जांच पूरी कर ली थी। यह स्पेसवॉक 38 वर्षीय भू-जीवविज्ञानी जेना कार्डमैन के लिए बेहद खास होने वाली थी क्योंकि साल 2017 में अंतरिक्ष यात्री कोर के लिए चुनी गई कार्डमैन का यह अंतरिक्ष के खुले शून्य में पहला अनुभव होने वाला था।

योजना के अनुसार इस दल को सोलर पैनल के काम के साथ-साथ जम्पर केबल इंस्टॉल करने, महत्वपूर्ण हार्डवेयर की तस्वीरें लेने और वहां मौजूद सूक्ष्मजीवों के नमूने एकत्र करने का काम भी सौंपा गया था। मिशन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अंतिम प्रक्रिया समीक्षा और ग्राउंड कंट्रोलर्स के साथ तैयारियों की कॉन्फ्रेंस में नासा के क्रिस विलियम्स और जापानी अंतरिक्ष एजेंसी जेएएक्सए के किमिया यूई भी शामिल हुए थे जिन्हें स्पेसवॉक के दौरान सूट पहनने, एयरलॉक के दबाव को नियंत्रित करने और बाहर काम कर रहे साथियों की निगरानी करने में मदद करनी थी। नासा ने फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह मेडिकल चिंता किस स्तर की है लेकिन यह बताया गया है कि नई तारीखों की घोषणा स्वास्थ्य स्थिति में सुधार के बाद ही की जाएगी। अंतरिक्ष विशेषज्ञों का कहना है कि आईएसएस पर चिकित्सा संबंधी समस्याओं को बहुत गंभीरता से लिया जाता है क्योंकि वहां सीमित चिकित्सा संसाधन होते हैं और किसी भी बड़े ऑपरेशन या स्पेसवॉक के लिए अंतरिक्ष यात्री का सौ प्रतिशत शारीरिक और मानसिक रूप से फिट होना अनिवार्य है।

इस स्थगन के बाद अब पूरी दुनिया की नजरें नासा के अगले अपडेट पर टिकी हैं क्योंकि यह साल 2026 का पहला बड़ा बाहरी मिशन था। इससे पहले भी कई बार तकनीकी खराबी या स्पेस सूट में लीकेज के कारण स्पेसवॉक टाली गई हैं लेकिन 'मेडिकल चिंता' का कारण हाल के वर्षों में कम ही देखने को मिला है। नासा ने यह भी संकेत दिया है कि वह भविष्य में इस मिशन को फिर से शेड्यूल करने के लिए एक व्यापक समीक्षा करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि चालक दल के सभी सदस्य पूर्ण रूप से कार्यक्षम हैं। फिलहाल आईएसएस पर मौजूद अन्य सभी शोध कार्य और सामान्य गतिविधियां जारी हैं और बीमार सदस्य को आवश्यक चिकित्सा परामर्श और सहायता प्रदान की जा रही है। अंतरिक्ष प्रेमियों के लिए यह खबर थोड़ी निराशाजनक जरूर है लेकिन नासा के इस पारदर्शी और सुरक्षा-प्रथम दृष्टिकोण की सराहना भी की जा रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नासा इस पावर अपग्रेड मिशन को कब दोबारा शुरू करता है और क्या बीमार अंतरिक्ष यात्री ही इस मिशन का हिस्सा रहेंगे या टीम में कोई बदलाव किया जाएगा।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-