वंदे भारत की रफ्तार पर लगा अचानक ब्रेक, पहिए में फंसे नुकीले नट-बोल्ट से सोनीपत में एक घंटे तक थमी दिल्ली जाने वाली ट्रेन

वंदे भारत की रफ्तार पर लगा अचानक ब्रेक, पहिए में फंसे नुकीले नट-बोल्ट से सोनीपत में एक घंटे तक थमी दिल्ली जाने वाली ट्रेन

प्रेषित समय :21:53:30 PM / Sat, Jan 10th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली। अमृतसर से नई दिल्ली की ओर तेज़ रफ्तार से दौड़ रही वंदे भारत एक्सप्रेस को शनिवार को अचानक बीच रास्ते रोकना पड़ा, जब ट्रेन के एक पहिए में नुकीला लोहे का नट-बोल्ट फंसा मिला। संदल कलाई स्टेशन के पास यात्रियों ने तेज और असामान्य आवाज़ सुनी, जिसके बाद लोको पायलट ने सतर्कता दिखाते हुए ट्रेन की गति कम की और किसी भी जोखिम से बचते हुए उसे सुरक्षित रूप से सोनीपत रेलवे स्टेशन तक पहुंचाया। इस घटना के कारण वंदे भारत एक्सप्रेस करीब एक घंटे तक स्टेशन के पास खड़ी रही, जिससे उसी ट्रैक पर चलने वाली अन्य ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ।

घटना की सूचना मिलते ही सोनीपत स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल और गवर्नमेंट रेलवे पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच गई। सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति का जायजा लिया और इसके बाद रेलवे के तकनीकी कर्मचारियों द्वारा ट्रेन की गहन जांच शुरू की गई। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि ट्रेन के एक पहिए में बाहर से आया नुकीला लोहे का नट-बोल्ट फंसा हुआ था, जिसकी वजह से पहिया घूमते समय तेज़ आवाज़ उत्पन्न हो रही थी। तकनीकी टीम ने सावधानीपूर्वक उस नट-बोल्ट को हटाया और यह सुनिश्चित किया कि पहिए या अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों को कोई गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पूरी जांच और आवश्यक सुरक्षा संतुष्टि के बाद करीब एक घंटे बाद ट्रेन को आगे दिल्ली की ओर रवाना करने की अनुमति दी गई। इस दौरान यात्रियों को ट्रेन से उतरने की आवश्यकता नहीं पड़ी और किसी के घायल होने या किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। हालांकि, ट्रेन के लंबे समय तक एक ही ट्रैक पर खड़े रहने के कारण उस रूट पर यातायात प्रभावित हुआ। जिन अन्य ट्रेनों को उसी ट्रैक से गुजरना था, उन्हें लूप लाइन पर भेजा गया, जिससे कुछ ट्रेनों को देरी का सामना करना पड़ा और यात्रियों को असुविधा हुई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब ट्रेन संदल कलाई स्टेशन के पास से गुजर रही थी, तभी अचानक तेज़ धातु जैसी आवाज़ सुनाई देने लगी। शुरुआत में यात्रियों को यह समझ नहीं आया कि मामला क्या है, लेकिन लोको पायलट ने तुरंत स्थिति को भांप लिया। रेलवे सूत्रों का कहना है कि लोको पायलट की सतर्कता और अनुभव की वजह से किसी संभावित हादसे को समय रहते टाल दिया गया। यदि ट्रेन तेज़ रफ्तार में आगे बढ़ती रहती, तो पहिए में फंसा नुकीला नट-बोल्ट बड़ा खतरा बन सकता था।

वंदे भारत एक्सप्रेस को भारतीय रेलवे की सबसे आधुनिक और हाई-स्पीड ट्रेनों में गिना जाता है। इसे उन्नत सुरक्षा मानकों और आधुनिक तकनीक से लैस माना जाता है। ऐसे में इस तरह की घटना ने रेलवे की ट्रैक सुरक्षा और बाहरी हस्तक्षेप की आशंकाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। रेलवे अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि नुकीला नट-बोल्ट ट्रैक पर कैसे पहुंचा और क्या यह किसी तरह की लापरवाही, तकनीकी चूक या बाहरी गतिविधि का नतीजा है।

रेलवे प्रशासन का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह नट-बोल्ट किसी निर्माण कार्य से गिरा, किसी वाहन से आया या किसी शरारती तत्व द्वारा ट्रैक पर डाला गया। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। साथ ही, संबंधित सेक्शन के ट्रैक का भी निरीक्षण कराया गया है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब इससे पहले भी केरल में वंदे भारत एक्सप्रेस एक बड़े हादसे से बाल-बाल बची थी। कासरगोड से तिरुवनंतपुरम जा रही वंदे भारत ट्रेन रात करीब 10 बजकर 10 मिनट पर वर्कला–कडाक्कावुर सेक्शन में अकाथुमुरी हॉल्ट के पास पहुंची थी, तभी लोको पायलट ने ट्रैक पर अचानक एक ऑटो रिक्शा को देखा। बिना समय गंवाए लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाए और तेज़ रफ्तार ट्रेन को समय रहते रोक दिया। उस घटना में भी लोको पायलट की सूझबूझ ने एक बड़े हादसे को टाल दिया था।

लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बाद रेलवे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक ट्रेनों के साथ-साथ ट्रैक सुरक्षा, निगरानी और बाहरी हस्तक्षेप को रोकने के लिए और अधिक सख्त कदम उठाने की जरूरत है। खासतौर पर हाई-स्पीड ट्रेनों के रूट पर नियमित पेट्रोलिंग, सीसीटीवी निगरानी और तकनीकी सेंसरों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

फिलहाल, सोनीपत में हुई इस घटना के बाद वंदे भारत एक्सप्रेस अपने गंतव्य दिल्ली की ओर रवाना हो चुकी है और सभी यात्री सुरक्षित हैं। रेलवे ने यात्रियों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। साथ ही, घटना की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में इस तरह की कोई भी चूक यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा न बने।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-