अभिमनोजः किसानों के तेवर बता रहे हैं कि कामयाबी उनके कदमों में होगी?

अभिमनोजः किसानों के तेवर बता रहे हैं कि कामयाबी उनके कदमों में होगी?

प्रेषित समय :07:01:58 AM / Sat, Nov 13th, 2021

नजरिया. किसान आंदोलन खत्म करने के सारे प्रयास असफल हो चुके हैं और अब किसानों के तेवर बता रहे हैं कि कामयाबी उनके कदमों में होगी?

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा- ट्रैक्टर भी वही हैं और किसान भी वही. इस बार गूंगी-बहरी सरकार को जगाने और अपनी बात मनवाने के लिए किसान 29 नवंबर की ट्रैक्टरों से संसद भवन जाएंगे.

उनका साफ कहना है कि- जब तक तीनों काले कानूनों की वापसी और एमएसपी पर गारंटी कानून नहीं बनता तब तक आन्दोलन देश भर में जारी रहेगा. बिल वापसी ही घर वापसी है. यह आंदोलन जल, जंगल और जमीन को बचाने का आंदोलन है.

उन्होंने निशाना साधा- प्रधानमंत्री जी कहते है कि एमएसपी था, एमएसपी है, एमएसपी रहेगा, लेकिन प्रधानमंत्री जी यह नही बताते एमएसपी कहां मिलता है?

उधर, एक दिलचस्प खबर है कि केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में गाजीपुर बॉर्डर पर डटे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व सैकड़ों किसान शुक्रवार शाम को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और एनएच-9 पर लगी बैरिकेडिंग तक पहुंच गए?

यही नहीं, इस दौरान किसानों ने दिल्ली कूच करने का संदेश देकर हड़कंप मचा दिया?

अलबत्ता, बाद में किसानों ने इसे महज दिल्ली जाने का रिहर्सल करार दिया!

हालांकि, किसानों के बैरिकेडिंग तक पहुंचने से बॉर्डर के दोनों तरफ तैनात पुलिसबल सतर्क हो गया और जब किसान वापस लौट गए तब पुलिस व सुरक्षाबल कर्मियों ने भी राहत की सांस ली.

सियासी सयानों का मानना है कि किसान आंदोलन के करीब एक साल के बाद भी यदि किसान जोश में हैं, तो मोदी सरकार सोचे या नहीं सोचे, योगी सरकार को जरूर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि किसानों की नाराजगी का सियासी नुकसान योगी सरकार को पहले होगा, मोदी सरकार का नंबर तो 2024 में आएगा?

https://www.facebook.com/watch/live/?ref=watch_permalink&v=1525909467771074

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

मुख्यमंत्री चन्नी का आदेश: पंजाब में पंजाबी नहीं पढ़ाई तो स्कूल पर लगेगा 2 लाख जुर्माना

सिंघु बॉर्डर पर पेड़ से लटका मिला किसान का शव, शुरुआती जांच में आत्महत्या का मामला

किसान आंदोलन का एक साल पूरा होने पर 29 नवंबर को संसद तक ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे

NCRB के आंकड़ों से खुलासा: 2020 में किसानों से ज्यादा कारोबारियों ने की आत्महत्या

सत्यपाल मलिक ने फिर साधा केंद्र पर निशाना, कहा- 600 किसानों की मौत, लेकिन सरकार ने नहीं जताई संवेदना

मेघालय के राज्यपाल मलिक ने केंद्र पर फिर बोला हमला, बोले- अस्पताल में 5-7 लोग मरे तो दिल्ली से शोक संदेश गए, 600 किसानों की मौत पर मौन

Leave a Reply