Loading...
RSS
अपेक्षा और चुनौतियों के बीच कमलनाथ का मुख्यमंत्री बनना

मनोज कुमार

मध्यप्रदेश संभावनाशील प्रदेश है और जिस भी राजनेता ने इस प्रदेश की कमान सम्हाली है, वह नवाचार का हितैषी रहा है. 15 सालों के लम्बे अंतराल के बाद सत्ता परिवर्तन हुआ और मध्यप्रदेश को कमलनाथ के रूप में एक ऐसा अनुभवी नेता मिला जिनके पास लम्बा अनुभव है. वे उस मिथक को तोडऩे में भी कामयाब रहेंगे जो अब तक बना हुआ है कि सरकार को नौकरशाही चलाती है. वे केन्द्र में मंत्री रहे हैं और कांग्रेस संगठन में उनकी जवाबदारी हमेशा बड़ी रही है. नौ बार के सांसद रहे कमलनाथ की ताजपोशी प्रदेश में बदलाव का संकेत है लेकिन 15 सालों से जो अपेक्षा आम आदमी ने पाल रखी है, उसे पूरा करना उनके लिए कठिन चुनौती है. अपेक्षा और चुनौती के बीच वे रास्ता निकाल ल



 मैं असामान्य नहीं , पर मैं सामान्य भी नहीं

गिरीश बिल्लोरे “मुकुल”

आज भी दिव्यांगों के लिए केवल संवेदन शीलता का भाव तो देखता हूँ परन्तु जब कभी प्रथम पंक्ति में खड़े होने की बात होती है अधिकांश नाक भौं सिकोड़ते  नजर आते हैं इसके मैंने कई उदाहरण देखें हैं भुक्तभोगी भी रहा हूं कुछ लोगों का शिकार भी बना हूं मैं जानता हूं कि यह कह कर मैं बहुत बड़ा खतरा मोल ले रहा हूं लेकिन यह भी सत्य है कि इसे बड़ी संख्या उन लोगों की है जो दिव्यांगता को एक बाधा नहीं मानते .
मित्रों ने मुझे बहुत शक्ति दी है परिवार ने बहुत शक्ति दिए लेकिन समाज में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं कर पाते की मैं उनके बराबर खड़ा हो सकता आप भी देखें सोचें सशक्तिकरण का अर्थ क्या है कुछ लोग इतने नकारात्मक



राहुल गांधी ने कहा - नरेंद्र मोदी ने ईमानदार प्रधानमंत्री होने का वादा तोड़ा

प्रकाश भटनागर

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने ईमानदार प्रधानमंत्री होने सहित अपना सभी वादा तोड़ा है.तेलंगाना में छात्रों के सम्मेलन और विभिन्न चुनावी रैलियों में कांग्रेस अध्यक्ष ने कर्ज माफी की भी पुरजोर वकालत की.राज्य के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) पर हमला करने से भी वह नहीं चूके.केसीआर को कांग्रेस अध्यक्ष ने खाओ कमीशन राव कहा.राहुल गांधी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर को खाओ कमीशन राव कहा राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तेलंगाना के कार्यवाहक मुख्यमंत्री केसीआर ने कई वादे किए थे, लेकिन उनमें से एक भी पूरा नहीं किया.प्रधानमंत्री ने हर नागरिक के खाते में 15 लाख र



दिन ब दिन टूटते रिश्ते

डाँ नीलम महेंद्र

हाल ही में जापान की राजकुमारी ने अपने दिल की आवाज सुनी और एक साधारण युवक से शादी की.अपने प्रेम की खातिर जापान के नियमों के मुताबिक, उन्हें राजघराने से अपना नाता तोड़ना पड़ा.उनके इस विवाह के बाद अब वे खुद भी राजकुमारी से एक साधारण नागरिक बन गईं हैं.कैम्ब्रिज के ड्यूक और ब्रिटेन के शाही परिवार के राजकुमार विलियम ने एक साधारण परिवार की कथेरिन मिडलटन से विवाह किया (2011) और आज दुनिया भर में एक आदर्श जोड़े के रूप में पहचाने जाते हैं.स्वीडन की राजकुमारी विक्टोरिया ने स्वीडन के एक छोटे से समुदाय से आने वाले डेनियल वेसलिंग से  शादी की (2010).डेनियल कभी उनके पर्सनल ट्रेनर हुआ करते थे.मोनाको के राजकुमार रेनियर तृतीय ने हॉलीवुड



प्रकृति एवं पर्यावरण की उपेक्षा क्यों?

ललित गर्ग

विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस (26 नवम्बर) प्रति वर्ष पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने एवं लोगों को जागरूक करने के सन्दर्भ में सकारात्मक कदम उठाने के लिए २६ नवम्बर को मनाया जाता है.यह दिवस संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) के द्वारा आयोजित किया जाता है.पिछले करीब तीन दशकों से ऐसा महसूस किया जा रहा है कि वैश्विक स्तर पर वर्तमान में सबसे बड़ी समस्या पर्यावरण से जुडी हुई है.इसके संतुलन एवं संरक्षण के सन्दर्भ में पूरा विश्व चिन्तित है.

पर्यावरण चिन्ता की घनघोर निराशाओं के बीच एक बड़ा प्रश्न है कि कहां खो गया वह आदमी जो स्वयं को कटवाकर भी वृक्षों को काटने से रोकता था? गोचरभूमि का एक टुकड़ा भी किसी को हथियान



चुनाव, चयन की प्रक्रिया है, रणभूमि  नहीं

मनोज कुमार

ग्राम पंचायत के चुनाव से लेकर लोकसभा के चुनाव के लिए एक पंक्ति का ऐलान किया जाता है कि फलां, फलां से चुनाव लड़ेगा अथवा कि अब रणभूमि में होगा फैसला. ऐलान ऐसा किया जाता है कि मानो चुनाव चयन की प्रक्रिया ना होकर युद्ध का मैदान है और युद्ध का थंब रूल है विजय और सिर्फ विजय. कहा गया है कि प्रेम और युद्ध में सबकुछ जायज है तो क्या लोकतंत्र के इस जनपर्व को भी हमने रणभूमि बना दिया है? क्या हम बेदाग छवि वाले जनप्रतिनिधियों के स्थान पर धन-बल को प्राथमिकता दे रहे हैं? क्या अब हमें सर्वमान्य सरकार की आवश्यकता नहीं रह गई है? दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का जो ताज भारत के सिर पर सजा हुआ है, वह कहीं जख्मी तो नहीं हो रहा है? ये सवाल जवाब



मुद्दों की जगह मतों की राजनीति के चुनाव

ललित गर्ग

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने जा रहे, राजस्थान और तेलंगाना में एक ही दिन 7 दिसंबर को मत डाले जाएंगे. जबकि मध्य प्रदेश और मिजोरम में 28 नवंबर को मतदान होगा. छत्तीसगढ़ में चुनाव दो चरणों में  होंगे, पांचों राज्यों के चुनाव परिणाम 11 दिसंबर को आएंगे. गौरतलब है कि इन 5 राज्यों के चुनाव काफी अहम हैं, क्योंकि इसके बाद सीधे लोकसभा चुनाव ही होने हैं, इसलिये इन विधानसभा चुनावों को आम चुनाव 2019 के सेमीफाइनल की तरह देखा जा रहा है.

सचाई यही है कि इन पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के आंकड़े एवं परिणाम ही बतायेंगे कि आगामी लोकसभा का क्या परिदृश्य बनेगा. तभी पता चलेगा कि कौन से मुद्दे काम कर रहे हैं और कौन से नहीं. वैसे ये चु



क्या इस कीमत पर विकास सोचा था आपने?

डाँ नीलम महेंद्र

आज जब दिल्ली की हवा में प्रदूषण के स्तर ने विश्व के सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए तो इस बात को समझ लेने का समय आ गया है कि यह आज एक समस्या भर नहीं रह गई है. आज जब एयर प्यूरीफायर की मार्किट लगातार बढ़ती जा रही है तो यह संकेत है कि प्रदूषण किस कदर मानव जीवन के लिए ही एक चुनौती बन कर खड़ा है, खास तौर पर भारत में. आगर आप सोच रहे हैं कि ऐसा कुछ नहीं है तो आपके लिए डब्लूएचओ की रिपोर्ट के कुछ अंश जान लेने आवश्यक हैं. इस रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि वायु प्रदूषण की वजह से सम्पूर्ण विश्व में हर साल लगभग 70 लाख लोगों की मौत हो जाती है. विश्व की आबादी का 91% हिस्सा आज उस वायुमंडल में रहने के लिए विवश है जहाँ की वायु की गुणवत्ता डब्लूएचओ के



कैरियर या राजनीतिक वंशवाद

मनोज कुमार

राजनीति में संतानों को मिलने वाले अवसर को वंशवाद या परिवारवाद के रूप में संबोधित किया जाता रहा है. गांधी-नेहरू परिवार से इंदिरा गांधी के राजनीति में आने के बाद से वंशवाद या परिवारवाद का मुद्दा उठता रहा है. वैसे भी चुनाव के समय ही, खासतौर से राजनीतिक दलों में टिकट वितरण को लेकर मीडिया इतना उतावला हो जाता है कि उसे सिर्फ और सिर्फ इस प्रक्रिया में वंशवाद ही नजर आता है. इसके साथ ही सच्चाई यह है कि जो लोग कांग्रेस पर वंशवाद या परिवारवाद का आरोप मढ़ते रहे हैं, उन्हीं दलों में वंशवाद और परिवारवाद प्रमुखता से हावी है इसलिए कोई भी नेता या राजनीतिक दल इस बात को बहुत तव्वजो नहीं देता है. बदलते समय में इसे वंशवाद या परिवारव



इतनी डरपोक भाजपा !

प्रकाश भटनागर

गोस्वामी तुलसीदास त्रेताकाल के लिए कह गए, समरथ को नहीं दोष गुसार्इं . बात सोलह आने सही है. त्रेताकाल नहीं देखा है तो वर्तमान में मध्यप्रदेश की भाजपा का काल देख लीजिए. तुलसीदास पूरी तरह सही दिखते हैं. क्योंकि इस पार्टी में अब केवल उसे ही दोष नहीं दिया जा रहा जो समर्थ है. बात से और लात से भी. विधानसभा चुनाव की मौजूदा गहमागहमी के बीच केवल उनकी पूछपरख हो रही है, जो खुलकर अपनी नाराजगी का इजहार कर रहे हैं. पार्टी को आंखें दिखा रहे हैं.हम भी खेलेंगे, नहीं तो खेल बिगाड़ेंगे की तर्ज पर धमकी दे रहे हैं. ऐसे लोगों को घर जाकर पुचकारा जा रहा है. उनकी मनुहार की जा रही है. किसी को पद तो किसी के परिवार में टिकट देकर संतुष्ट करने के जतन च



अनंत कुमार को अलविदा नहीं कहा जा सकता

ललित गर्ग

स्मृति शेष : केन्द्रीय मंत्री अनन्त कुमार का अचानक अनन्त की यात्रा पर प्रस्थान करना न केवल भाजपा बल्कि भारतीय राजनीति के लिए दुखद एवं गहरा आघात है. उनका असमय  देह से विदेह हो जाना सभी के लिए संसार की क्षणभंगुरता, नश्वरता, अनित्यता, अशाश्वता का बोधपाठ है. वे कुछ समय से कैंसर से पीड़ित थे. 12 नवम्बर 2018 को रात 2 बजे अचानक उनकी स्थिति बिगड़ी और उन्हें बचाया नहीं जा सका. उनका निधन एक युग की समाप्ति है. भाजपा के लिये एक बड़ा आघात है, अपूरणीय क्षति है. आज भाजपा जिस मुकाम पर है, उसे इस मुकाम पर पहुंचाने में जिन लोगों का योगदान है, उनमें अनन्त कुमार अग्रणी है.
अनंत कुमार भारतीय राजनीति के जुझारू एवं जीवट वाले नेता, सामाजिक



राजनीति में वंशवाद की कमजोरियों में उलझ गया है चैटाला परिवार

सुरेंद्र किशोर

किसी भी राजनीतिक परिवार में उत्तराधिकार की लड़ाई कठिन व दिलचस्प होती है.पर, यदि वह युद्ध किसी हरियाणवी परिवार में हो तो उसमें महाभारत का पुट होना स्वाभाविक है.
इंडियन नेशनल लोक दल के सुप्रीमो  व पूर्व मुख्य मंत्री ओम प्रकाश चैटाला इन दिनों  इसी परेशानी से जूझ रहे हैं.
 उन्होंने अपने पुत्र अभय चैटाला को अपना उत्तराधिकारी बनाने का निर्णय  कर लिया.पर अजय चैटाला के पुत्र द्वय अपने दादा का आदेश नहीं मान रहे हैं.याद रहे कि ओम प्रकाश जी के एक  पुत्र अजय चैटाला अपने पिता ओम प्रकाश चाटाला के साथ सजा काट रहे हैं.
पर अजय का कहना है कि इंडियन नेशनल लोक दल न तो मेरे बाप की पार्टी है और न ही किसी और के बाप की.<



त्यौहारों की संस्कृति का धुंधलाना

ललित गर्ग

दीपावली जैसे त्योहार के मौके पर खुशियों का इजहार करने के लिए बेहतर खानपान और रोशनी की सजावट से पैदा जगमग के अलावा कानफोडू पटाखों का सहारा लोगों को कुछ देर की खुशी तो दे सकता है, लेकिन उसका असर व्यापक होता है. पटाखों की आवाज और धुएं के पर्यावरण सहित लोगों की सेहत पर पड़ने वाले घातक असर के मद्देनजर इनसे बचने की सलाह लंबे समय से दी जाती रही है. ज्यादातर लोग इनसे होने वाले नुकसानों को समझते भी हैं, मगर इनसे दूर रहने की कोशिश नहीं करते. हालांकि पर्यावरणविदों से लेकर कई जागरूक नागरिकों ने इस मसले पर लोगों को समझाने से लेकर पटाखों पर रोक लगाने के लिए अदालतों तक का सहारा लिया है, लेकिन इन पर पूरी तरह रोक लगाने में कामयाबी



कैसा समाज बनाएंगे हम?

डाँ नीलम महेंद्र

क्या कानून की जवाबदेही केवल देश के संविधान के ही प्रति है?

क्या सभ्यता और नैतिकता के प्रति कानून जवाबदेह नहीं है ?

क्या ऐसा भी हो सकता है कि एक व्यक्ति का आचरण कानून के दायरे में तो आता हो लेकिन नैतिकता के नहीं?

 दरअसल माननीय न्यायालय के हाल के कुछ आदेशों ने ऐसा ही कुछ सोचने के लिए विवश कर दिया. धारा 497 को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हाल के निर्णय को ही लें. निर्णय का सार यह है कि, व्यभिचार अब अपराध की श्रेणी में नहीं है

व्यभिचार, अर्थात परस्त्रीगमन, जिसे आप दुराचार, यानी बुरा आचरण, दुष्ट आचरण, अनैतिक आचरण कुछ भी कह सकते हैं लेकिन एक गैर कानूनी आचरण कतई नहीं ! क्योंकि कोर्ट का मानना है कि स्त्री पति



फिर याद आए राम, क्या होगा अंजाम?

प्रकाश भटनागर

इस साल की बीती 17 सितंबर को लेकर एक कल्पना दिमाग में दस्तक दे रही है. मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन का है. समय भाजपा के लिए संक्रमण वाला था. गुजरात में किसी तरह हार से बची पार्टी को मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों के विधानसभा चुनावों में हार का डर यकीनन सता रहा होगा. यहीं से मेरी यह कल्पना आकार लेती है कि उस दिन मोदी को काली टोपी पहने किसी शख्स की ओर से एक आॅडियो कैसेट भेंट किया गया होगा. हरिओम शरण के भजन वाला. जिसमें केवल और केवल एक भजन होगा, तेरा रामजी करेंगे बेड़ा पार, उदासी मन काहे को डरे. ऐसा ही होता दिख रहा है और मुझे कल्पना की अगली श्रेणी में यह भी लगता है कि इस भजन को मोदी सहित अमित शाह और भाजपा के



वल्लभभाई पटेल बारडोली से बने सरदार

मनोज कुमार

एक आठ-दस साल के छोटे बच्चे ने मुझसे यूं ही पूछ लिया कि सरदार वल्लभभाई पटेल का नाम तो वल्लभभाई पटेल हैं, फिर उन्हें सरदार क्यों कहा जाता है? कुछ देर के लिए मैं अवाक था. सहसा जवाब मुझे भी नहीं सूझा. इसे आप मेरी अज्ञानता कह सकते हैं. थोड़ी देर बाद दिमाग पर जोर डालने के बाद याद आया कि सरदार’ पटेल की उपाधि है. सवाल बच्चे का था तो जवाब भी उसे पूर्ण रूप से संतुष्ट करने वाला देेना उचित होता है क्योंकि कई बार हम टालने के लिए गोलमोल जवाब दे देते हैं लेकिन कच्चे मन में यह बात बैठ जाती है जो कोशिशों के बाद भी उतरती नहीं है और हम ऐतिहासिक भूल कर जाते हैं क्योंकि अपनी अज्ञानता के कारण हम उन्हें इतिहास की गलत जानकारी देते हैं. ऐसा स



48 के राहुल से 70 साल का हिसाब? 68 के मोदी 4 साल का हिसाब नहीं देंते!

प्रदीप द्विवेदी

कमाल है! पीएम मोदी 48 साल के राहुल गांधी से 70 साल का हिसाब मांग रहे हैं, लेकिन 68 साल के पीएम नरेन्द्र मोदी केन्द्र सरकार के 4 साल का हिसाब नहीं देते?
उलझन तो तब आ गई, जब बात उठी कि- 70 साल में तो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का ही नहीं, खुद पीएम मोदी का कार्यकाल भी शामिल है, तो आंकड़ा 60 साल पर आ गया? अब 60 साल के सवाल में भी एक सवाल है कि- इसमें सरदार पटेल का कार्य शामिल है कि नहीं?
मोदी मैजिक का ही कमाल है कि जब भी चुनाव होते हैं और भाजपा जीतती है तो जीत के लिए मोदी लहर का असर होता है और यदि हार जाती है तो प्रदेश के मुख्यमंत्री जिम्मेदार होते हैं, मतलब... जीते तो मोदी का जादू और हारे तो किसी और की जिम्मेदारी.
अभी तीन प



महिलाओं के लिए ये कैसी लड़ाई, जिसे महिलाओं का ही समर्थन नहीं 

डाँ नीलम महेंद्र

मनुष्य की आस्था ही वो शक्ति होती है जो उसे विषम से विषम परिस्थितियों से लड़कर विजयश्री हासिल करने की शक्ति देती है. जब उस आस्था पर ही प्रहार करने के प्रयास किए जाते हैं, तो प्रयास्कर्ता स्वयं आग से खेल रहा होता है. क्योंकि वह यह भूल जाता है कि जिस आस्था पर वो प्रहार कर रहा है, वो शक्ति बनकर उसे ही घायल करने वाली है.

पहले शनि शिंगणापुर, अब सबरीमाला. बराबरी और संविधान में प्राप्त समानता के अधिकार के नाम पर आखिर कब तक भारत की आत्मा, उसके मर्म, उसकी आस्था पर प्रहार किया जाएगा?

आज सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह उठ रहा है कि संविधान के दायरे में बंधे हमारे माननीय न्यायालय क्या अपने फैसलों से भारत की आत्मा के साथ न्याय क



गुजरात में पलायन की त्रासद घटनाएं क्यों?

ललित गर्ग

हम कैसा समाज बना रहे हैं? जहां पहले हिन्दू और मुसलमान के बीच भेदरेखा खींची गई फिर सवर्ण और हरिजनके बीच, फिर अमीर और गरीब के बीच और ग्रामीण और शहरी के बीच. अब एक प्रांत और दूसरे प्रांत के बीच खींचने का प्रयास किया जा रहा है. यह सब करके कौन क्या खोजना चाहता है- मालूम नहीं? पर यह निश्चित एवं दुखद है कि राष्ट्रीयता को नहीं खोजा जा रहा है, राष्ट्रीयता को बांटने की कोशिश की जा रही है. इनदिनों गुजरात में ऐसा ही कुछ हो रहा है, जहां रहने वाले बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों को धमकी देकर भगाए जाने की त्रासद एवं विडम्बनापूर्ण घटनाएं घटी है और इन मामलों पर सियासत तेज हो रही है.

गुजरात में बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों के प्रत



अधिकार और दायित्व है मतदान

मनोज कुमार

95 साल की बुर्जुगवार महिला की दिलीइच्छा है कि वह आखिरी बार अपने मत का उपयोग करे. उसे नहीं मालूम कि आने वाले पांच साल के बाद उसे मत डालने का अवसर जीवन में मिलेगा या नहीं लेकिन इस बार वह मौका नहीं चूकना चाहती है. कुछ और भी लोग हैं जो शारीरिक रूप से कमजोर हैं लेकिन वे किसी की मदद से अपने मताधिकार का उपयोग करने की आस पाले हुए हैं. चुनाव में अपने मन के प्रत्याशी का चयन करना अधिकार है तो मतदान करना आपका अधिकार है. अक्सर हम इसके लिए स्वयं को निराश पाते हैं. हमारा एक तकियाकलाम होता है कि हमारे एक वोट से क्या बनना-बिगडऩा है लेकिन वे लोग भूल जाते हैं कि एक वोट से सरकार बन भी जाती है और गिर भी जाती है. आमतौर पर पांच वर्ष के अंतराल मे



अपने मौलिक नाम से जाने जाना गौरव का विषय है,विवाद का नहीं

डाँ नीलम महेंद्र

बरसों पहले अंग्रेजी के मशहूर लेखक शेक्सपियर ने कहा था,  व्हाट इस इन द नेम? यानी नाम में क्या रखा है? अगर गुलाब का नाम गुलाब न होकर कुछ और होता,  तो क्या उसकी खूबसूरती और सुगंध कुछ और होती? आज एक बार फिर यह प्रश्न प्रासंगिक हो गया है कि क्या नाम महत्वपूर्ण होते हैं? लेकिन इस पूरे प्रकरण में खास बात यह है कि नाम बदलने पर विरोध के स्वर उस ओर से ही उठ रहे हैं जो भारतीय के बजाए विदेशी लेखकों,  उनके विचारों और उनकी संस्कृति से अधिक प्रभावित नजर आते हैं.

खैर मुद्दा यह है कि उत्तर प्रदेश सरकार के ताजा फैसले के अनुसार, इलाहबाद अब अपने पुराने नाम प्रयागराज से जाना जाएगा. योगी सरकार का यह कदम अप्रत्याशित नहीं है और ना



भारतीय बौद्धिक संपदा को छीनने की कोशिश रावण के अंत की मुख्य वज़ह थी? 

गिरीश बिल्लोरे “मुकुल”

एक था रावण बहुत बड़ा प्रतापी यशस्वी राज़ा, भारत को ही नहीं संपूर्ण विश्व तक विस्तारित करना उसका लक्ष्य था. उसका साम्राज्य वयं-रक्षाम का उदघोष करता.यह तथ्य किशोरावस्था में मैंने  आचार्य चतुरसेन शास्त्री के ज़रिये  जाना था. रावण के पराक्रम उसकी साम्राज्य व्यवस्था को. 
ये अलग बात है कि उन दिनों मुझमें उतनी सियासी व्यवस्था की समझ न थी. पर एक सवाल सदा खुद  पूछता रहा- क्या वज़ह थी कि राम ने रावण को मारा ? 
राम  को हम भारतीय जो  आध्यात्मिक धार्मिक भाव से देखते हैं  राम को मैने कभी भी एक राजा के रूप में आम भारतीय की तरह मन में नहीं बसाया. मुझे उनका करुणानिधान स्वरूप ही पसंद है. किंतु जो अधिसंख्यक आबादी के लिये जो करुण



दशहरा है,शक्ति की साधना का पर्व 

ललित गर्ग

दशहरा-विजयदशमी हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है.आश्विन शुक्ल दशमी को यह त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है.यह त्योहार भारतीय संस्कृति में वीरता का पूजक, शौर्य का उपासक प्रतीक पर्व है.व्यक्ति और समाज के रक्त में वीरता प्रकट हो, इसलिए दशहरे का उत्सव रखा गया है.भगवान राम ने इसी दिन रावण का वध किया था.इसे असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाया जाता है.इसीलिए इस दशमी को विजयादशमी के नाम से जाना जाता है.यह केवल भौतिक आकर्षण का ही नहीं है बल्कि प्रेरणा से जुड़ा पर्व है.भारत के लगभग सभी भागों में इस पर्व को एक महान् उत्सव के रूप में मनाया जाता है.


दशहरा बुराइयों से संघर्ष का प्रतीक है, आज भी अंधेरों से संघर्ष करने



स्वामी सानंद का गंगा स्वप्न,सरकार और समाज

अरुण तिवारी

20 जुलाई, 1932 को जन्मे प्रो. गुरुदास अग्रवाल जी ने 11 अक्तूबर, 2018 को अपनी देहयात्रा पूरी की. वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ज़िला मुजफ्फरनगर के कांधला में जन्मे. उत्तराखण्ड के ज़िला ऋषिकेश के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान  में उन्होने अंतिम सांस ली. 

उनकी एक पहचान जी डी के रूप में है और एक स्वामी श्री ज्ञानस्वरूप सानंद के रूप में. गंगा की अविरलता के अपने संघर्ष को धार देने के लिए उन्होने शारदापीठ एवम् ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य श्री स्वरूपानंद सरस्वती जी के शिष्य प्रतिनिधि स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद जी से दी़क्षा ली और एक सन्यासी के रूप में उनका नया नामकरण हुआ - स्वामी श्री ज्ञानस्वरूप सानंद. 



भूख एक लाइलाज बीमारी

हेमेन्द्र क्षीरसागर

 विचारणीय: कोई खां-खां के मरता है तो भूख रहकर यह दंतकथा प्रचलित होने के साथ फलीभूत भी है. ये दोनों ही हालात में भूख को लाइलाज बीमारी बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड रहे है. लिहाजा, भूख और कुपोषण एक सिक्के के दो पहलु हैं जहां तक कुपोषण की बात करे तो कुपोषण एक बुरा पोषण होता हैं. इसका संबंध आवश्यकता से अधिक हो या कम किवां अनुचित प्रकार का भोजन, जिसका शरीर पर कुप्रभाव पडता हैं. वहीं बच्चों में कुपोषण के बहुत सारे लक्षण होते है, जिनमें से अधिकांश गरीबी, भूखमरी और कमजोर पोषण से संबंधित हैं. ऐसे बच्चे अपनी पढाई निरंतर जारी नहीं रख पाते और गरीबी के दोषपूर्ण चक्र में फंस जाते हेैं. कुपोषण का प्रभाव प्रौढावस्था तक अपनी जड



मी टू की आवाज को सुनें

ललित गर्ग

इनदिनों देश में नारी शक्ति की प्रतीक समझी जाने वाली देवी मां दुर्गा की उपासना हो रही है और इसी समय नारी का एक तबका यौन शोषण के मामले पर एकजुट हो रहा है. इन्हीं यौन शोषण के मामलों को उजागर करने के लिए अमेरिका में मी टू नाम से शुरू हुआ अभियान दुनिया के अन्य देशों में होता हुआ भारत में भी हलचल पैदा कर रहा है. एक फिल्म अभिनेत्री के बयान से शुरू हुआ यह किस्सा भारत में इनदिनों सुर्खियां बना हुआ. विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी स्त्रियां अपने साथ हुए यौन अत्याचार के ब्योरे दे रही हैं और कुछेक मामलों में दोषी को समाज से बहिष्कृत करने या उसे सजा देने की मांग भी कर रही हैं. इस तरह फिल्म, टीवी, मॉडलिंग, पत्रकारिता और साहित्य से लेक



दिल नहीं दिमाग से करें मतदान

हेमेन्द्र क्षीरसागर

भारत दुनिया का सबसे बडा लोकतांत्रिक देश है, देश की लोकतांत्रिक प्रणाली को विश्व में बडे सम्मान, स्वंछच्दता के साथ देखा जाता हैं. इस महान लोकतांत्रिक पंरपरा के महायज्ञ का आगाज चुनाव आयोग ने कर दिया. दौर में पांच राज्यों में सम्पन्न होना हैं, जिसमें सभी मतदाताओं को अपनी मतदान रूपी आहुती देना है. पुण्य स्वरूप हमारा लोकतंत्र और अधिक मजबूत, सर्वस्पर्शी बनेगा. मतदान से ही अपने जनप्रतिनिधी को चुनेगें, वह जनप्रतिनिधी प्रदेशों की नई सरकारों का गठन करेगें. नई सरकारों से हमारी बहुत सारी आशाऐं, अपेक्षाऐं, जरूरतें जुडी हुई हैं. यह सरकारें प्रदेश के विकास, जनकल्याण और देश की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं. आखिर यह सब संभव



गठबंधन की राह में रोड़ा बनते छोटे दल

सुरेश हिन्दुस्तानी

देश में 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए बनने वाले विपक्षी गठबंधन के प्रयासों में हर बार कोई न कोई राजनीतिक दल दरार पैदा कर रहा है. विशेषकर छोटे राजनीतिक दलों की महत्वाकांक्षाओं ने प्रस्तावित गठबंधन की राह में बहुत बड़ा पेच खड़ा कर दिया है. एक प्रकार से देखा जाए तो इस राजनीतिक गठबंधन की दिशा में कांग्रेस पर कोई भी दल विश्वास नहीं कर रहा. जब क्षेत्रीय दल कांग्रेस को अविश्वसनीयता की श्रेणी में रखकर व्यवहार कर रहे हैं, तब कांग्रेस को भी अपनी राजनीतिक हैसियत का अंदाजा लगा लेना चाहिए. कांग्रेस के बारे में इस प्रकार की राजनीतिक धारणा बनती जा रही है कि कांग्रेस को अपनी स्थिति सुधारने के लिए छोटे दलों का मुंह ताक



अलग मन मिजाज वाली मीडिया की उम्मीद ही क्यों कर रहे हैं आप ?

सुरेंद्र किशोर

आज न सिर्फ एक नेता दूसरे को चोर,कुत्ता और नीच 
कह रहा है,बल्कि एक टी.वी.एंकर दूसरे एंकर को गुंडा भी कह रहा है.
साठ के दशक से राजनीति व मीडिया को देख-समझ रहा हूं.राजनीति की शब्दावली में भले पहले  इतनी नीचता  न थी,पर मीडिया को तो हर दम बंटा हुआ ही देखा.
बिहार के जेपी आंदोलन के दौरान मीडिया बंटा हुआ था.
बोफर्स प्रकरण के दौरान भी वही हाल था.आपातकाल तो अपवाद था.उस समय तो सब धान साढ़े बाइस पसेरी था.
याद कीजिए साठ -सत्तर के दशक को और बंबई के ब्लिट्ज और करंट के तेवर को.दोनों साप्ताहिक टैबलाॅइड.
  एक घोर वामपंथी तो दूसरा घनघोर दक्षिणपंथी.
वह भी शीत युद्ध के जमाने में.
एक चिग्घाड़ता था तो दूसरा फु



श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग लगातार चौथे दिन बंद,ताजा बर्फबारी ने खड़ी की बाधा

जम्मू-कश्मीर के बारामुला में सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़, घर में छिपे दो आतंकी

शोपियां में आतंकियों का पुलिस पिकेट पर हमला, 3 जवान शहीद, एक घायल

SC में J&K विधानसभा भंग करने के खिलाफ दायर याचिका खारिज

श्रीनगर में अलगाववादियों द्वारा बुलाए बंद से जनजीवन प्रभावित

मोस्ट वॉन्टेड आतंकी रियाज अहमद गिरफ्तार, नए आतंकवादियों की कर रहा था भर्ती

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में इंटरनेट सेवा स्थगित

श्रीनगर में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ जारी,5 जवान घायल

जम्मू-कश्मीर:'ऑपरेशन ऑल आउट में तेज़ी, इस साल सेना ने मार गिराए 225 आतंकी

कश्‍मीर: पुंछ में बड़ा हादसा, खाई में गिरी बस, 11 लोगों की मौत

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में पाक आईएसआई एजेंट गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर के पूर्व वित्तमंत्री हसीब द्राबू ने PDP से दिया इस्तीफा

जम्मू-कश्मीर: माछिल सेक्टर में पाकिस्तान ने किया सीजफायर का उल्लंघन, जवान शहीद

पाक ने फिर ब्रेक किया सीज फायर,उरी सैक्टर में की गोलीबारी

जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय की टीम ने दिक्षीत आश्रम पर मारा छापा

आतंकी जाकिर मूसा के पंजाब में सिख वेश में छिपे होने का इनपुट,अलर्ट जारी

दुश्‍मन देशों में घुसकर प्रहार करने देश में होगा विशेष सर्जिकल स्‍ट्राइक फोर्स के गठन

मीरवाइज घर में नजरबंद,यासीन मलिक और गिलानी को राहत नहीं

ठंड बढ़ी, श्रीनगर में पारा शून्य से नीचे, शनिवार इस मौसम की सबसे ठंडी रात

युवकों को फंसाने के लिए महिलाओं का इस्तेमाल कर रहे आतंकी

जम्मू कश्मीर के अखनूर सेक्टर में सैन्य अभ्यास के दौरान माइन ब्लास्ट, दो जवान शहीद

भगत सिंह को आतंकी बताने वाले प्रोफेसर को यूनिवर्सिटी ने किया सस्पेंड

जम्मू-कश्मीर पंचायत चुनाव का पांचवा चरण: राज्य में कुल 72.8% हुई वोटिंग

Spicejet ने घरेलू मार्गों पर 6 नई उड़ानें शुरू करने की घोषणा की

आतंकी के मारे जाने के विरोध में सोपोर में उ‌त्पात,पुलिस ने किया लाठीचार्ज

सेना प्रमुख का बयान: PoK में कश्मीरियों की पहचान खत्म कर रहा है पाकिस्तान

पहले 12 आतंकियों की लिस्ट बनाई फिर एक-एक कर किया सबका सफाया: आर्मी चीफ

कश्‍मीर भारत का अभिन्‍न हिस्‍सा है और रहेगा: हरसिमरत कौर

केंद्रीय नेतृत्व के इशारे पर भंग हुई जम्मू कश्मीर विधानसभा: कांग्रेस

सत्यपाल मलिक का चौंकाने वाला बयान,कहा-मेरा तबादला किया जा सकता है

पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने एलईटी कमांडर नवीद जट्ट को मार गिराने की पुष्टि की

J&K: बडगाम मुठभेड़ में मारा गया शुजात बुखारी का हत्‍यारा

कश्मीर:बडगाम में सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को किया ढेर, तीन जवान घायल

J&K:गवर्नर ने फिर पलटा अपना बयान,बोले-सज्जाद को केन्द्र बनाना चाहता था CM

कश्मीर में सेना का आतंकवाद पर जबरदस्त प्रहार,2 आतंकी ढेर,जवान शहीद

जम्मू कश्मीर में आतंकियों के ठिकाने का भंडाफोड़, भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद

कश्मीर मुद्दे का हल हिंसा और रक्तपात के बजाय करतारपुर जैसी पहल से: महबूबा मुफ्ती

पठानकोट रेलवे स्टेशन से 6 संदिग्ध गिरफ्तार, बड़ी वारदात को देने वाले थे अंजाम

दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किये इस्लामिक स्टेट ऑफ जम्मू-कश्मीर के तीन आतंकवादी

शोपियां में सुरक्षाबलों को कामयाबी,लश्कर के 6 आतंकी किये ढेर,1 जवान शहीद

कश्मीर में सुरक्षा कारणों से स्थगित रेल सेवा तीन दिनों बाद फिर बहाल

जम्मू कश्मीर में पंचायत चुनाव के लिए तीसरे चरण का मतदान जारी

फ्लैग मीटिंग में भारत-पाक संघर्षविराम समझौते के सिद्धांतों का पालन करने पर सहमत

J&K में शुक्रवार को सुरक्षाबलों को मिली बड़ी सफलता मार गिराए 6 खूंखार आतंकी

फारूक अब्दुल्ला बोले- केंद्र सरकार के गुलाम हैं जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल

जम्मू-कश्मीर मामले में राज्यपाल को उचित निर्णय करने का अधिकार: रविशंकर प्रसाद

बैकफुट पर राम माधव, उमर के पलटवार के बाद वापस लिया 'पाक लिंक' वाला बयान

कुलगाम में सेना के कैंप पर आतंकी हमला, क्रास फायरिंग में लड़की को लगी गोली

जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल ने विधानसभा की भंग, महबूबा और आजाद ने उठाए सवाल

गठबंधन से पहले PDP में दरार, अंसारी ने किया 18 विधायकों के समर्थन का दावा

कश्मीर में सबसे सर्द लेह, तापमान माइनस 8 डिग्री पर

J&K में एडवांस टॉक स्टेज पर तीन प्रमुख पार्टियां,सरकार बनाने पर हो रही बात

कश्‍मीर में आतंकियों ने हुर्रियत नेता हाफिजुल्‍ला मीर को मारी गोली

जम्मू-कश्मीर में भीषण मुठभेड़, 4 आतंकवादी ढेर, पैैरा कमांडर शहीद

जम्मूः दो दिन के बाद ट्रेन सेवा बहाल, पटरियों को किया गया साफ

जम्मू कश्मीर के सांबा सेक्‍टर में ब्‍लास्‍ट, BSF असिस्‍टेंट कमांडर शहीद

शोपियां में आतंकियों का ठिकाना ध्वस्त, हथियारों का जखीरा बरामद

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने CRPF कैंप पर ग्रेनेड से किया हमला, जवान शहीद

शोपियां से आतंकियों ने एक और युवक को किया अगवा

जम्मू कश्मीर: जैनपोरा में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में 2 आतंकी ढेर

शोपियां में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़, 2 आतंकी ढेर

जम्मू कश्मीर पंचायत चुनाव: कड़ी सुरक्षा के बीच पहले चरण का मतदान जारी

पुलवामा में आतंकियों ने आम नागरिक का किडनैप कर की हत्या, शव फेंका

शोपियां में आतंकियों के छिपे होने की सूचना,सुरक्षा बलों ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन

पंजाब पुलिस ने लगाये आतंकी जाकिर मूसा के पोस्टर, लोगों से की अलर्ट रहने की अपील

जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के पंजाब में घुसने की खबर,राज्य में हाई अलर्ट



कश्यपमर कश्मीर और वराहमूला है बारामूला


पहले सीमा पर फायरिंग, फिर पहुंचा सुरक्षा परिषद के सदस्यों के पास पाकिस्तान


कश्मीर में बकरीद के लिए खरीदारी चरम पर


एमपी विजेंद्र सिंगल ने मां के चरणों में लगाई हाजरी


डोडा मे फटा बादल


भारत, पाकिस्तान के बीच दोस्ती का पुल बने कश्मीर : महबूबा


श्रीनगर: अदालत के बाहर आतंकी हमला


सरकार की कथित आपराधिक लापरवाही के खिलाफ पी.डी.पी. उतरी सडक़ों पर


दशर्नो के लिए हर रोज तीस हजार से भी अधिक श्रद्वालु धर्मनगरी मे


मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया


रक्त दान से किसी की जान बचाई जा सकती है


मोसम खराव रहने के वाद शनिवार को धर्मनगरी सहित भवन मार्ग पर मोसम वडा सुहावना


पैंथल मे मंकर संक्रति के दिन 114वा विशाल दंगल


रघुनाथ मंदिर केे परिस्पर मे कटडा वासियो की वैठक मुल्खराज पुरोहित की अध्यष्ता


महिला मोर्च द्वारा एक कार्यक्रम आयोजित किया गया


ग्रेनेड ब्लास्ट में एक बच्चे की मौत, दो घायल


के.जी.एच.ई.पी. के आसपास नागरिकों की आवाजाही पर प्रतिबंध


सीवल डिफैंस की वैठक का आयोजन


अमित कुमार ने एस.एस.पी. श्रीनगर का कार्यभार संभाला


जनता लोकतांत्रिक प्रतिद्वंद्दिता का महत्व समझने लगी है: महबूबा, सीमांत क्षेत्रों के हित पीडीपी के अति महत्वपूर्ण


मतदाताओं को करें जागरूक


मां वैष्णो देवी जी के भवन पर श्रद्धालु घायल


राहत काजमी की फिल्म आइडेंटिटी कार्ड की पूरी शूटिंग कश्मीर में हुई


कश्मीर में कड़ाके की ठंडए लेह में पारा 11 डिग्री


जम्मू कश्मीर रणजी को 20 लाख पुरस्कार