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राहुल के लिए चिंतन का समय

प्रकाश भटनागर

तो अब, बारी प्रधानमंत्री के घोर विरोधी पी चिदंबरम की है. पी चिदंबरम भी नरेंद्र मोदी की प्रशंसा में सामने आ गये हैं. कश्मीर न सही, जनसंख्या नियंत्रण पर ही सही. स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री के भाषण की तीन बातों, छोटा परिवार, वेल्थ क्रिएटर्स का सम्मान तथा प्लास्टिक पर रोक, की उन्होंने खुलकर तारीफ की है. कई बार सोचता हूं कि इस कॉलम में फिल्मों का जिक्र शायद ठीक नहीं लगता होगा, लेकिन अक्सर होता यह भी है कि इसके माध्यम से उदाहरण पेश करने में सरलता हो जाती है. उस फिल्म का नाम था, एक रुका हुआ फैसला. ज्यूरी के सदस्य एक हत्या के मामले में निर्णय के लिए बैठते हैं. आरोपी को आरम्भ में केवल एक किरदार निर्दोष मानता है
बाकी सा



जम्मू-कश्मीर के अभ्युदय की नयी दिशाएं

ललित गर्ग

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर को लेकर किए गए ऐतिहासिक, साहसिक एवं निर्णायक बदलावों पर राष्ट्र के नाम संबोधित करके आम-जनता की अनेक शंकाओं एवं दुश्चिताओं का निवारण करते हुए जम्मू-कश्मीर और साथ ही लद्दाख में एक नई शुरुआत होने की बात कही. निश्चित ही अनुच्छेद 370 और 35-ए हटाने का केन्द्र सरकार का निर्णय एक नये एवं परिपूर्ण भारत के निर्माण की दिशा में एक सार्थक पहल है. असल में देश को एक नयी आजादी का स्वाद मिला है. भारत के मस्तक एवं धरती के स्वर्ग को अशांत, आतंकग्रस्त एवं अविकसित रखने की कोशिश न केवल पाकिस्तान के द्वारा बल्कि हमारे अपने स्वार्थी राजनीतिज्ञों के द्वारा होती रही है. इस अशांति एवं धुंधलके को



कश्मीर: देश की चाहत, मोदी ने दी राहत 

कुमार राकेश

कहते हैं, जहाँ चाह वहां राह होती हैं.प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उस कहावत को चरितार्थ किया और महिमा मंडित भी.जो पिछले 66 वर्षों में नहीं हो सका वो महज़ 66 घंटों में हो गया.देश का अभिशाप धारा 370 और उपधारा 35A अब हमारे नहीं रहे.दिवंगत हो गए.इससे देश में एक अजीबोगरीब ख़ुशी,ताजगी और उत्साह का माहौल है.
देश का सरताज जम्मू-कश्मीर 5 अगस्त 2019 को वास्तव में आज़ाद हो गया.उन दरिंदों के चंगुल से.उन स्वार्थी भेड़ियों और भेदियों के चंगुल से.उन परिवारवाद के पोषक ठेकेदारों से.हर वक़्त दोस्ती की बातें कर नए नए दुश्मनी के दाँव खेलने वाला पाकिस्तान के शुभचिंतकों से.जी हाँ,हमारा जम्मू-कश्मीर आज़ाद हो गया.करीब 70 सालों की तथाकथित-जबरदस्ती



मध्यप्रदेश मनाएगा विश्व आदिवासी दिवस

मनोज कुमार

पूरी दुनिया के साथ ही मध्यप्रदेश भी विश्व आदिवासी दिवस मना रहा है.यह पहली बार हो रहा है कि जब मध्यप्रदेश के एक बड़े जनजातीय समाज को यह लग रहा है कि मुख्यधारा के समाज के साथ उनकी चिंता करने वाला भी कोई है.मध्यप्रदेश देश के एक बड़े आदिवासी प्रदेश के रूप में चिंहित है.आदिवासियों के विकास के लिए अनेक योजनाओं को क्रियान्वित किए जाने की बात की जाती रही है किन्तु वास्तविक लाभ पाने से ये लोग कोसों दूर रहे हैं.आदिवासियों को हक दिलाने की जो पहल मध्यप्रदेश में देखने को मिल रही है, उस कड़ी में विश्व आदिवासी दिवस को देख सकते हैं.इस दिन मध्यप्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों के साथ विकासखंड स्तर पर आयोजन की व्यापक पैमाने पर तैयारी



कश्मीर अभी इम्तिहान आगे और भी है!

डाँ नीलम महेंद्र

कश्मीर में कुछ बड़ा होने वाला है के सस्पेंस से आखिर पर्दा उठ ही गया. राष्ट्रपति के एक हस्ताक्षर ने उस ऐतिहासिक भूल को सुधार दिया जिसके बहाने पाक सालों से वहां आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने में सफल होता रहा  लेकिन यह समझ से परे है कि कश्मीर के राजनैतिक दलों के महबूबा मुफ्ती फ़ारूख़ अब्दुल्ला सरीखे नेता और कांग्रेस समेत समूचा विपक्ष जो कल तक यह कहता था कि कश्मीर समस्या का हल सैन्य कार्यवाही नहीं है बल्कि राजनैतिक है, वो मोदी सरकार के इस राजनीतक हल को क्यों पचा पा रहे हैं. शायद इसलिए कि मोदी सरकार के इस कदम से कश्मीर में अब इनकी राजनीति की कोई गुंजाइश नहीं बची है. लेकिन क्या यह सब इतना आसान था ? घरेलू मोर्चे पर भ



अब जम्मू-कश्मीर की तकदीर और तस्वीर बदलेगी

ललित गर्ग

अपने अनूठे एवं विस्मयकारी फैसलों से सबको चैंकाने वाली नरेंद्र मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाने का फैसला लेकर एक बार फिर चैका दिया है. जिस साहस एवं दृढ़ता से उसने चुनाव जीतने के बाद 100 दिन के भीतर यह निर्णय लेने की बात कहीं, वैसा ही करके उसने जनता से किये वायदे को निभाया है. कश्मीर में पिछले कुछ दिनों से जारी हलचल से यह तो अन्दाज लगाया जा रहा था कि कुछ अद्भुत होने वाला है, लेकिन इतना बड़ा और ऐतिहासिक होने वाला है, इसका किसी को भान तक नहीं था. लेकिन गृह मंत्री अमित शाह ने एकसाथ चार प्रस्ताव लाकर सबको हैरान कर दिया. सभी राजनीतिक दलों को अपने स्वार्थों एवं राजनीतिक भेदों से ऊपर उठकर इस पहल का स्वागत और समर



आदमखोरों वाले जंगल में सफल मोदी

प्रकाश भटनागर

डिस्कवरी चैनल का एक रोचक कार्यक्रम है. पश्चिम बंगाल के सुदूर इलाके पर आधारित. जहां रहने वालों की आजीविका काफी हद तक शहद पर निर्भर है. भारी जोखिम भरा काम. उस सुंदरबन में जाने की अनिवार्यता, जहां बाघ का निवाला बन जाने का पूरा डर रहता है. अगला मुकाबला जानलेवा असंख्य मधुमक्खियों से. धुआं करते हुए उनके छत्ते खाली कराने होते हैं. ऐसा करने तथा छत्ते को तोडऩे से पहले आप गुस्से से भरी करोड़ों मधुमक्खियों के बीच घिरे रहते हैं. इस सबसे बचने के बाद कहीं जाकर शहद मिल पाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ऐसा ही कुछ; कर दिखाया है. तीन तलाक पर नये कानून को लागू करना आदमखोरों के जंगल में घुसकर खतरनाक मधुमक्खियों के बीच से शहद



उन्नाव की त्रासदी की उपजे सवाल

ललित गर्ग

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में बलात्कार पीड़ित युवती और उसके परिवार के साथ जिस तरह की त्रासद एवं खौफनाक घटनाएं घटी हैं, वे न केवल देश के राजनीतिक चरित्र पर बदनुमा दाग है बल्कि एक कालिख पोत दी है कानून और व्यवस्था के कर्णधारों के मुंह पर. इससे बड़ी विडंबना और क्या हो सकती है कि एक तरफ बलात्कार के बाद युवती हर स्तर पर न्याय की गुहार लगा रही थी और दूसरी तरफ परिवार सहित उसे बेहद त्रासद हालात का सामना करना पड़ रहा था. आरोपी विधायक की ओर से लगातार इस पीडित युवती एवं उसके गरीब परिवार को तरह-तरह से धमकाया जा रहा था. मिलने वाली धमकियों के बावजूद थक कर युवती ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा, लेकिन वहां भी इतनी अराज



ट्रिपल तलाक आस्था नही, अधिकारों की लड़ाई है...

डाँ नीलम महेंद्र

ट्रिपल तलाक पर रोक लगाने का बिल लोकसभा से तीसरी बार पारित होने के बाद  एक बार फिर चर्चा में है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में ही इसे असंवैधानिक करार दे दिया था लेकिन इसे एक कानून का रूप लेने के लिए अभी और कितना इंतज़ार करना होगा यह तो समय ही बताएगा. क्योंकि बीजेपी सरकार भले ही अकेले अपने दम पर  इस बिल को लोकसभा में  82 के मुकाबले 303 वोटों से पास कराने में आसानी से सफल हो गई हो लेकिन इस बिल के प्रति विपक्षी दलों के रवैये को देखते हुए इसे राज्यसभा से  पास कराना ही उसके लिए असली चुनौती है. यह वाकई में समझ से परे है कि कांग्रेस समेत समूचा विपक्ष अपनी गलतियों से कुछ भी सीखने को तैयार क्यों नहीं है. अपनी वोटबैंक की राजन



सवाल दो विधायकों का नहीं है, सवाल सियासी जोड़तोड़ के खतरे का है?

अभिमनोज

एमपी में विधानसभा बजट सत्र के आखिरी दिन, भाजपा छोड़ कांग्रेस का साथ देने वाले दो विधायकों के राजनीतिक निर्णय से बीजेपी का केन्द्रीय नेतृत्व परेशान है? 
खबरें हैं कि.... बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह से फोन पर बातचीत कर अपनी नाराजगी व्यक्त की है!
हालांकि, इसके बाद मध्यप्रदेश बीजेपी के दफ्तर में शिवराज सिंह चौहान, राकेश सिंह, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव आदि ने बैठक की और दोनों बागी विधायकों से बातचीत की कोशिश भी की, लेकिन कुछ खास नतीजा नहीं निकला.
इन विधायकों के सियासी व्यवहार को लेकर



भ्रष्टाचार का गरल: निजात नहीं सरल

ललित गर्ग

बहुजन समाज पार्टी के उपाध्यक्ष आनंद कुमार के पास गैर कानूनी तरीके से बनाई गई अकूत संपत्ति का जो खुलासा हो रहा है, वह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि सत्ता की मदद से कैसे कोई व्यक्ति धनकुबेर बन सकता है, भ्रष्टाचार को पंख लगाकर आसमां छूते हुए नैतिकता की धज्जियां उड़ा सकता है. यह भारत के भ्रष्ट तंत्र की जीती जागती मिसाल है. चाणक्य ने कहा था कि जिस तरह अपनी जिह्ना पर रखे शहद या हलाहल को न चखना असंभव है, उसी प्रकार सत्ताधारी या उसके परिवार का भ्रष्टमुक्त होना भी असंभव है. जिस प्रकार पानी के अन्दर मछली पानी पी रही है या नहीं, जानना कठिन है, उसी प्रकार शासकों या उनके परिवारजनों के पैसा लेने या न लेने के बारे में जानना भी असंभ



देवालय जाना हो तो आजाद का देवालय जाइए

मनोज कुमार

तारीखों के पन्ने में जुलाई 23 तारीख भी दर्ज है लेकिन यह तारीख पूरे भारत वर्ष के लिए गौरव की तारीख है. इस दिन धरा में एक ऐसे बच्चे की किलकारी गूंजी थी जिसने भारत वर्ष को अंग्रेजों के चंगुल से मुक्त करा दिया. स्वयं शहीद होकर इतिहास के पन्ने पर स्वयं का नाम आजाद लिख गए. यह बच्चा कोई और नहीं बल्कि जिन्हें कभी कोई चंद्रशेखर तिवारी के नाम से जानते रहे होंगे, आज वे चंद्रशेखर आजाद हैं और इस दुनिया में जब तक सूरज-चांद रहेगा, वे आजाद ही बने रहेंगे. हैं. चूंकि वे नाम से आजाद थे, इसलिए किसी राज्य की सीमा से वे बंधे हुए नहीं थे. अंग्रेज शासित भारत में पले बढ़े आजाद की रगों में शुरू से ही अंग्रेजों के प्रति नफरत भरी हुई थी. मध्यप्रदे



वजह नरेंद्र मोदी के गुस्से की

प्रकाश भटनागर

नरेंद्र मोदी दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद से रह-रहकर गुस्से में आ रहे हैं.गुस्सा कारगर हो या नहीं, यह अलग बात है.लेकिन उनके इस भाव की विवेचना करना तो बनता है.ताजा मामला यह के प्रधानमंत्री ने संसद में पार्टी के जन प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई.उनकी सूची मांगी.खबरों के अनुसार उन्होंने यह तक कहा कि जो लोग संसद में नहीं आ रहे, उन्हें ‘ठीक कर दिया जाएगा.’ यकीनन मामला संसद की बैठकों से विरत रहने की प्रवृत्ति के बढ़ने का ही होगा. अब इस लोकसभा चुनाव के नतीजों की ईमानदारी से समीक्षा करें.
आप पाएंगे कि बहुत बड़ी संख्या ऐसे भाजपा सांसदों की है, जो सिर्फ और सिर्फ मोदी लहर के चलते संसद तक पहुंच गये.यानी



लोकसभा की शुरुआत सही दिशा में 

ललित गर्ग

हर राष्ट्र का सर्वाेच्च मंच उस राष्ट्र की पार्लियामेंट होती है, जो पूरे राष्ट्र के लोगों द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों द्वारा संचालित होती है, राष्ट्र-संचालन की रीति-नीति और नियम तय करती है, उनकी आवाज बनती है व उनके ही हित में कार्य करती है.राष्ट्र के व्यापक हितों की सुरक्षा करती है.भारत का लोकतंत्र न केवल सशक्त है बल्कि अनूठा एवं प्रेरक है, उसका सर्वोच्च मंच लोकसभा है.इनदिनों लोकसभा के सत्र की कार्यवाही नियोजित एवं सुचारू ढंग से चल रही है उसके लिए नये लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला को श्रेय दिया जा सकता है.उनके अनुभव एवं क्षमताएं सदन को नई दृष्टि देने के लिए तत्पर है.उनके सदन संचालन की दक्षता एवं कौशल की ताजी ह



गुरुकुल से स्मार्ट क्लास तक

मनोज कुमार

अनादिकाल से चली आ रहे गुरु पूर्णिमा मनाने की परम्परा को हमने जीवित रखा है लेकिन गुरु पूर्णिमा के महात्म को हम भूल चुके हैं. गुरु शिष्य परम्परा क्षरित होने के कगार पर है. इसका कारण समाज में नैतिक पतन है. शिक्षा जहां से अज्ञान का अंधेरा विलोपित होता है, उस शिक्षा ने व्यवसाय का रूप धर लिया है. शिक्षा अब ज्ञान और प्रकाशवान बनने के लिए नहीं है बल्कि शिक्षा अब रोजगार पाने का एक माध्यम है. जितनी ऊंची शिक्षा, उतने रोजगार के अवसर. शिक्षा के इस व्यवसायीकरण ने ही शिक्षा से संस्कार और भाषा को विलोपित करने में कोई कसर नहीं छोड़ा है. संस्कार के तिरोहित होते ही नैतिक बल स्वयं ही हाशिये पर चला गया है. अब हमारे साथ कोई वेदव्यास नह



स्वर्णिम भविष्य के स्वप्न दिखाती नयी शिक्षा नीति 

डाँ नीलम महेंद्र

बच्चे देश का भविष्य ही नहीं नींव भी होते हैं और नींव जितनी मजबूत होगी इमारत उतनी ही बुलंद होगी. इसी सोच के आधार पर नई शिक्षा नीति की रूप रेखा तैयार की गई है. अपनी इस नई शिक्षा नीति को लेकर मोदी सरकार एक बार फिर चर्चा में है. चूंकि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और लोकतंत्र में सबको अपनी बात रखने का अधिकार है जाहिर है इसके विरोध में स्वर उठना भी स्वाभाविक था, तो अपेक्षा के अनुरूप स्वर उठे भी. लेकिन मोदी सरकार इस शिक्षा नीति को लागू करने के लिए कितनी दृढ़ संकल्प है यह उसने अपनी कथनी ही नहीं करनी से भी स्प्ष्ट कर दिया है. दरअसल उसने इन विरोध के स्वरों को विवाद बनने से पहले ही हिन्दी को लेकर अपने विरोधियों की संकीर्ण सोच को अ



डाक्टर सिंधिया के नायाब नुस्खे

प्रकाश भटनागर

जब भोपाल में नया-नया आया था, मामला तब का है. मुझे तेज सरदी हो गयी. किसी की सलाह पर एक सरकारी डाक्टर के पास गया. उन्होंने इतनी दवाएं लिख डालीं कि उनकी कलम, परचा और मेरा बटुआ, तीनों हांफ गये. कैमिस्ट ने मुझ पर बेचारगी भरी नजर डाली और फिर मुस्कुराते हुए दवाओं के पैकेट बनाने लग गया. मैंने इतनी दवाओं का राज पूछा. वह बोला, सब खा लेना, हो सकता है कि इनमें से एकाध  वाकई सरदी पर असर कर जाएं. मैं फिर कभी उस डॉक्टर के पास नहीं गया. किंतु आज ज्योतिरादित्य सिंधिया को कांग्रेस की राष्ट्रीय स्तर की बीमारी का इलाज बताते देख उन डाकसाब की याद ताजा हो गयी.

गौर से सुनिये, जो सिंधिया ने भोपाल में पत्रकारों से कहा, पार्टी का नया राष्ट्रीय अ



भ्रष्टाचार की सफाई का संकल्प

ललित गर्ग

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार का करप्शन पर सशक्त वार करते हुए भ्रष्टाचार और पेशेवर कदाचार के आरोप में लिप्त अधिकारियों के ठिकानों पर सीबीआई की दस्तक एक नई भोर का आगाज है.ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों पर लगातार प्रहार के लिए केंद्र और राज्य सरकार के संकल्प की सराहना की जानी चाहिए.बुलंदशहर के जिलाधिकारी अभय सिंह और कौशल विकास निगम के प्रबंध निदेशक विवेक के अलावा कई अन्य बड़े अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई इस बात का प्रबल संकेत है कि केंद्र और राज्य सरकार भ्रष्टाचारमुक्त प्रशासन के लिये प्रतिबद्ध है.अरबों रुपयों के खनन घोटाले में इससे पहले गायत्री प्रजापति समेत कई सफेदपोशों और अधिकारियों को जेल भेजा जा चुका है.
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बजट समीक्षाः जुमलों को जमीन पर उतारने की कवायद

प्रो.संजय द्विवेदी

वित्तमंत्री के नाते पहला बजट पेश करते हुए निर्मला सीतारमण ने अपने भाषण में दरअसल उन्हीं सपनों, आकांक्षाओं और नारों को जगह दी है, जिसके लिए मोदी सरकार अपने पहले कार्यकाल में कुछ कदम उठा चुकी थी. दरअसल यह बजट नवउदारवादी नीतियों के साथ-साथ आम लोगों के लिए जनकल्याण की तमाम योजनाओं को साधते हुए बहुत सावधानी से बनाया गया है. पेट्रोल और डीजल पर एक रूपए की एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने के अलावा कुछ ऐसा साफ तौर पर नहीं दिखता, जिससे जनता में सीधे तौर पर नाराजगी नजर आए. किंतु संसाधनों को जुटाने की जरूरत भी साफ नजर आती है, जिसके चलते बड़े लोगों की कमाई पर टैक्स दरें बढ़ाई गयी हैं. जिसमें 2 से तीन करोड़ कमानेवाले पर 3 प्रतिशत और 5 से 7 क



मोदी को धन्यवाद देना तो बनता है...

प्रकाश भटनागर

वाकई में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का धन्यवाद अदा किया जाना चाहिए.पूरा धन्यवाद अगर ना देना चाहे तो भी आधे पर तो उनका हक बनता है.निश्चित तौर पर मोदी ने भाजपा के शुभचिंतकों और संघ की विचारधारा के पैरोकारों के लिए तमसो मा ज्योतिर्मय का संदेश तो कम से कम दिया ही है.मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर, हरदा और फिर इंदौर की घटनाओं के बाद भाजपा के समर्थक और शुभचिंतक दोनों ही उलझन के शिकार थे.प्रहलाद पटेल और कमल पटेल के बेटों को तो उनके किए की सजा कानून भी देगा ही लेकिन इंदौर में कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश एक बड़े नेता के बेटे होने के अलावा एक सम्मानित जनप्रतिनिधि भी हैं.उन्होंने जो किया, उसकी अपेक्षा कोई भी नहीं कर सकता.भाजप



शराब के लिये गांधी का उपयोग अक्षम्य है...

ललित गर्ग

इजरायल की शराब बनाने वाली एक कंपनी ने शराब की बोतल पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर छापकर आदर्शहीनता, मूल्यहीनता एवं तथाकथित लाभ की विकृत मानसिकता का प्रदर्शन किया है.शराब के प्रचार के लिये एवं उसकी बिक्री बढ़ाने के लिये जिस तरह से गांधी की तस्वीर को शराब की बोतल पर दिखाया गया है, उससे न केवल भारत बल्कि दुनिया के असंख्य लोगों की भावना आहत हुई है.लेकिन प्रश्न है कि क्या सोच कर शराब-कम्पनी ने विश्वनायक एवं अहिंसा के पुरोधा गांधी का गलत, विकृत एवं घिनौना उपयोग करने का दुस्साहस किया गया? क्यों भारत की कोटि-कोटि जनता की भावनाओं को जानबूझकर आहत किया गया है? क्यों शराब जैसी वर्जित चीज के लिये गांधी को प्रचार-प



क्या ठंडे पड़े रियल एस्टेट कारोबार में नई गर्मी आ पाएगी?

अभिमनोज

पीएम नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल में जो निर्णय लिए गए थे, उनके कारण लंबे समय से रियल एस्टेट कारोबार ठंडा पड़ा हुआ है. सवाल यह है कि क्या आगे ऐसे निर्णय लिए जा सकेंगे कि रियल एस्टेट कारोबार में फिर से गर्मी आ सके? या इस कारोबार की कमर ही टूट जाएगी? 
रियल एस्टेट कारोबार को सबसे पहला और बड़ा झटका नोटबंदी के ऐलान के बाद लगा था. नोटबंदी के कारण अचानक अर्थचक्र गड़बड़ा गया और बड़े-बड़े फाइनेंसर, बिल्डर्स ने भी ठहरो और देखो की राह पकड़ ली. बाजार में कैश की किल्लत और फ्लो ने सबको चक्कर में डाल दिया. इसके बाद भी समय-समय पर कई बदलाव हुए, नए नियम भी बने. रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेशन एक्ट), पीएमएवाई (प्रधानमंत्री आवास योजना) आदि के फाय



रोबोटिक समाज की ओर बढ़ रहे हैं हम

डाँ नीलम महेंद्र

हाल ही में जर्नल ऑफ फैमिली मेडिसिन एंड प्राइमरी केअर की एक रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर 2011 से 2017 तक दुनिया भर में सेल्फी लेते समय 259 लोगों की मौत हुई.इनमें सबसे अधिक 159 मौतें  अकेले भारत में हुईं.जब 1876 में पहली बार फोन का आविष्कार हुआ था तब किसने सोचा था कि यह अविष्कार जो आज विज्ञान जगत में सूचना के क्षेत्र में क्रांति लेकर आया है कल मानव समाज की सभ्यता और संस्कारों में क्रांतिकारी बदलाव का कारण भी बनेगा.किसने कल्पना की थी जिस फोन से हम दूर बैठे अपने अपनों की आवाज़ सुनकर एक सुकून महसूस किया करते थे उनके प्रति अपनी फिक्र के जज्बातों पर काबू पाया करते थे एक समय ऐसा भी आएगा जब उनसे बात किए बिना ही बात हो जाएगी. जी हाँ आज का



दुनिया का सबसे खतरनाक नशा है- सेवा का नशा?

अनिता

दुनिया में कईं तरह के नशे हैं जो दिलोदिमाग पर खराब असर डालते हैं, हेल्थ बिगाड़ देते हैं, लेकिन सेवा का नशा, ऐसा नशा है जो कई बार दिलोदिमाग और हैल्थ पर तो खराब असर डालता ही है, कईं रिश्ते भी खराब कर देता है. जब जान-पहचान वाले लोग ही किसी व्यक्ति के सेवाभाव को समय गुजर जाने के बाद भूला देते हैं, तो उनके बदले बिहेव्हीयर से उस व्यक्ति को ऐसा ही झटका लगता है, जैसा किसी शराबी को डाॅक्टर कहता है कि- तुम्हें कैंसर है!
दरअसल, दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं, एक वे जिनके जीवन में सेवा का, समय का, रिश्तों का बड़ा महत्व होता है, तो दूसरी तरह के वे लोग होते हैं, जिनके जीवन में सबसे बड़ा रुपय्या होता है, लेकिन अक्सर सेवाभाव, रुपयों से मा



इमरजेंसी: उस तरफ और इस तरफ का लोकतंत्र

सौमित्र राय

देश के लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय यानी इमरजेंसी को आज 44 साल हो गए.25 जून 1975 की आधी रात को देश भर में अभिव्यक्ति की आज़ादी छीन ली गई थी.मुझे पता नहीं, कितनों को यह बात याद होगी, लेकिन मुझे अपने पिताजी का उदास चेहरा आज भी याद है, जब अगले 5 दिन वे अखबार के दफ्तर नहीं गए.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चुनाव में सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल और सरकारी कर्मचारी की मदद लेने जैसे 14 आरोपों में से 2 पर इंदिरा गांधी को अयोग्य ठहरा दिया था.रायबरेली से उनका निर्वाचन अवैध ठहराया गया.
बीजेपी के अभी 303 सांसद हैं और NDA के 353, लेकिन इंदिरा 352 के बहुमत से चुनकर आईं थीं.फिर भी इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग के पाले में गेंद डालने के बजाय अपना फैसला



कमाल है! एक राज्य, एक चुनाव तो हो नहीं पा रहे हैं और एक देश, एक चुनाव की चर्चा हो रही है?

प्रदीप द्विवेदी

कमाल है, एक राज्य एक चुनाव तो हो नहीं पा रहे हैं और एक देश एक चुनाव की चर्चा हो रही है. एक तरफ तो गुजरात में राज्यसभा की दो सीटों के लिए अलग-अलग उपचुनाव कराने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा है और दूसरी तरफ पीएम नरेन्द्र मोदी एक देश, एक चुनाव पर सर्वसम्मति बनाने की कवायद कर रहे हैं.
खबर है कि सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात में राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की अपील को 25 जून के लिए सूचीबद्ध करते हुए कहा है कि इस मुद्दे को सुने जाने की जरूरत है. अब चुनाव आयोग को 24 जून तक अपना जवाब देना होगा.
उल्लेखनीय है कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के गांधीनगर सीट से और स्मृति ईरानी के अमेठी सीट से लोकसभा पहुंचने के बाद ग



आयाराम-गयाराम की भीड़ में खोती जा रही है बीजेपी, क्या यही सियासी उपलब्धियां हैं?

अभिमनोज

लोकसभा चुनावों में आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की तेलगू देशम पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, नतीजा? टीडीपी के छह में से चार राज्यसभा सांसदों ने बीजेपी दामन थाम लिया है! सवाल यह है कि इसे सियासी सफलता माना जाए या फिर सिद्धान्तों की विदाई? क्या सिद्धान्तों के लिए पहचाने जाने वाली बीजेपी भी आयाराम-गयाराम की राजनीतिक भीड़ में खोती जा रही है? 
खबर है कि... टीडीपी सांसदों ने राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू को अपना इस्तीफा सौंपा था. इसके बाद बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इन्हें बीजेपी की सदस्यता दिलाई!
मजेदार बात यह है कि टीडीपी में यह उठापटक तब हुई है, जब पार्टी  प्रम



योग परम ब्रह्म से एकाकार होने का विज्ञान 

ललित गर्ग

भारतीय योग एवं ध्यान के माध्यम से भारत दुनिया में गुरु का दर्जा हासिल करने में सफल हो रहा है. इसीलिये समूची दुनिया के लिये अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस स्वीकार्य हुआ है. आज जीवन का हर क्षेत्र समस्याओं से घिरा हुआ है. दैनिक जीवन में अत्यधिक तनाव/दबाव महसूस किया जा रहा है. हर आदमी संदेह, अंतद्र्वंद्व और मानसिक उथल-पुथल की जिंदगी जी रहा है. मानसिक संतुलन अस्त-व्यस्त हो रहा है. मानसिक संतुलन का अर्थ है विभिन्न परिस्थितियों में तालमेल स्थापित करना, जिसका सशक्त एवं प्रभावी माध्यम योग ही है. योग एक ऐसी तकनीक है, एक विज्ञान है जो हमारे शरीर, मन, विचार एवं आत्मा को स्वस्थ करती है. यह हमारे तनाव एवं कुंठा को दूर करती है. जब हम य



फादर्स डे पर विशेष:छोटी ही रहना चाहती हूं...पापा

मनोज कुमार

अखबार पढ़ते हुये अचानक नजर पड़ी कि फादर्स डे आना वाला है. फादर्स डे जैसा चलन नए जमाने का है. सही मायनों में यह दिन पिता का दिन नहीं बल्कि बाजार का दिन है. भारतीय संस्कृति में पिता का दिन अर्थात वह दिन जब उनकी मृत्यु के पश्चात उनकी शांति के लिए तर्पण करते हैं. श्राद्ध पक्ष में यह क्रिया दिवंगत हो चुके परिवार के हर व्यक्तियों के लिए होती है लेकिन नए जमाने में पिता के इस खास दिन को बिसरा दिया गया है. पिता हो, माता हो, दादा-दादी हो या जीवनसाथी बाजार ने सबके लिए दिन नियत कर दिया है. यह दिन बाजार के लिए उत्सव का है लेकिन भारतीय संस्कृति और परम्परा के तर्पण का दिन है. हालांकि इस खराब हालात के बाद भी मेरा भरोसा टूटा नहीं है. छी



जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से माहौल शांत, जीवन सामान्य हो रहा

अचानक बढ़ा तवी नदी का जलस्तर-2 लोग फंसे, वायु सेना ने हेलिकॉप्टर के जरिए बचाया

कश्मीर में सामान्य होते हालात, 14 दिन बाद खुले स्कूल, जम्मू में धारा 144 हटी

जम्मू समेत 5 जिलों में एक बार फिर इंटरनेट सेवाएं बंद

कश्मीर में हालात सामान्य, स्पेशल टेलीफोन बूथ के साथ राशन की हो रही होम डिलीवरी

आईपीएस विजय कुमार J-K के पहले उप राज्यपाल नियुक्त, वीरप्पन को किया था ढेर

अभिमनोजः पीएम मोदी सही कहते हैं, अभी तो चुनौतियां शुरू हुई हैं!

आर्टिकल-370 : मसूद अजहर ने उगला ज़हर, बोला- कभी कामयाब न होंगे भारत के मंसूबे

आर्टिकल 370 हटने से बौखलाया पाकिस्तान, अब अमृतसर-लाहौर बस सेवा की बंद

अनंतनाग की सड़कों पर दिखे NSA अजीत डोभाल, लोगों से की बातचीत

जम्मू-कश्मीर को 370 मुक्त करने का संतों और समाज-संगठनों ने भी स्वागत किया

जम्मू से हटी धारा 144, शनिवार से खुलेंगे स्कूल-कॉलेज, इंटरनेट सेवाओं पर रहेगी रोक

बौखलाए पाकिस्तान ने समझौता एक्सप्रेस के बाद थार एक्सप्रेस पर लगाया 'ब्रेक'

J&K: सरकारी भवनों पर अभी भी लहरा रहा राज्य का लाल झंडा

भारतीय सेना चेतावनी, कोई भी घाटी में शांति भंग करने आएगा, उसे खत्‍म कर देंगे

J-K में हालात होने लगे सामान्य, सांबा में कल से खुलेंगे सभी स्कूल-कॉलेज

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में एक नए युग की शुरुआत हुई : पीएम मोदी

जम्मू एवं कश्मीर के कारगिल में अनिश्चित काल के लिए निषेधाज्ञा लागू

आर्टिकल 370 हटाने पर कांग्रेस दो फाड़, सिंधिया के बाद कर्ण सिंह ने किया समर्थन

कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने से तिलमिलाया PAK, रद्द की समझौता एक्सप्रेस की सेवाएं

श्रीनगर एयरपोर्ट दिल्ली लौटाए गए गुलाम नबी आजाद

जम्मू के नेताओं पर पुलिस की नजर, पूर्व मंत्री लाल सिंह नज़रबंद

बड़े आतंकी हमले की फिराक में जैश, खुफिया एजेंसियों ने जारी किया अलर्ट

पाकिस्तान ने फिर बंद किये एयरस्पेस, भारत के साथ व्यापारिक संबंध खत्म

जम्मू कश्मीर: बकरीद पर प्रतिबंधों में दी जा सकती है ढील, इंटरनेट बैन रहेगा जारी

बीजेपी नेता का बड़ा बयान- पोओके और अक्साई चीन भी अखंड भारत का हिस्सा

अभिमनोजः जम्मू-कश्मीर का अनुच्छेद 370 तो गया, अनुच्छेद 371 का क्या?

धारा 370 पर बौखलाए पाकिस्तान ने सभी संबंध तोड़े, वाघा बॉर्डर बंद

370 हटाने के बाद एनएसए कश्मीर पहुंचे, आम लोगों के बीच पहुंचा, कहा सुरक्षा की जवाबदारी हमारी

370 के बाद अब जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों का छिनेगा सरकारी बंगला

जम्मू-कश्मीर: अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निष्प्रभावी करने की अधिसूचना जारी

जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल लोकसभा में पास, पक्ष में 366 और विपक्ष में 66 वोट पड़े

जम्‍मू-कश्‍मीर में धारा 370 हटने के बाद कई जगह पत्‍थरबाजी, सुरक्षाबलों ने दिया जवाब

धारा 370 हटाने का ममता ने किया विरोध, कहा- पहले सभी पक्षों से करनी थी बात

बोले कश्मीरी पंडित- कभी सोचा भी न था बूढ़ी आंखें ये दिन भी देख पायेंगी

कश्मीर में 370 खत्‍म होने के बाद से धारा 144 लागू, स्कूल-कॉलेज बंद, रेड अलर्ट जारी

आर्टिकल 370 हटाने के बाद महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला को हिरासत में लिया गया

जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल राज्यसभा से पास, पक्ष में 125 और विरोध में 61 वोट पड़े

आर्टिकल 370 से जम्मू कश्मीर के लोगों को सिर्फ नुकसान हुआ : अमित शाह

धारा 370 हटाने पर मणिशंकर अय्यर बोले-जिन्ना के सपने को साकार कर रही मोदी सरकार

आर्टिकल 370: फैसले को महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला ने कहा असंवैधानिक

धारा 370: एयरलिफ्ट कर देशभर से 8000 और सैनिकों को भेजा जा रहा जम्मू कश्मीर

जम्मू-कश्मीर से हटाया गया आर्टिकल 370, जानें क्या है धारा 370

मोदी सरकार का ऐतिहासिक निर्णय, 370 खत्म, केंद्र शासित प्रदेश बना जम्मू-कश्मीर, लद्दाख भी अलग

पीएम आवास पर कैबिनेट की बैठक शुरू, जम्मू-कश्मीर पर बड़े फैसले की संभावना

जम्मू-कश्मीर में धारा 144 लागू, मोबाइल-इंटरनेट सेवा बंद, कई विपक्षी नेता नजरबंद

जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा की एक दुकान में धमाका, एक शख्स की मौत, 15 ग्रेनेड बरामद

जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले की आशंका, सोमवार तक पर्यटकों को कश्मीर छोड़ने कहा

कश्मीर में हालात तनावग्रस्त, गृह मंत्री अमित शाह ने की हाई लेवल मीटिंग

पाकिस्तान आर्मी ने अपने BAT कमांडो को कबूलने से किया इनकार

पाकिस्तान ने भेजे बैट कमांडों, भारतीय सेना ने सभी को मारा, कहा-ले जाओ शव

भारतीय सेना ने पीओके में 30 Km अंदर घुसकर आतंकी ठिकाने नष्ट किए!

आश्वासन और अडवाइजरी के बीच असमंजस में आम लोग और राजनीतिक पार्टियां

पाकिस्तान ने भेजे बैट कमांडों, भारतीय सेना ने सभी को मारा, कहा- ले जाओ शव

30 घंटे चली मुठभेड़ में अब तक दो आतंकी ढेर, जवान शहीद

जम्मू-कश्मीर: अमरनाथ के बाद अब 'माछिल माता यात्रा' भी रोकी गई

गुलाम नबी आजाद बोले- 30 साल बाद फिर बीजेपी डर और नफरत का माहौल बना रही

श्रीनगर से द‍िल्ली आने वाली फ्लाइट्स की टिकटों के दाम पांच गुना महंगे हुए

मोदी सरकार पर उमर अब्दुल्ला ने लगाया आरोप, कहा 35-A से छेड़छाड़ नहीं की जाए

केंद्र सरकार की एडवाइजरी से मुश्किल में यात्री हवाई यात्रा किराया बढ़ा, मुनाफाखोरी चरम पर

सरकार की एडवाइजरी पर तिलमिलाए विपक्षी दल, बड़े प्लान की सुगबुगाहट

कश्मीर: सोपोर में मुठभेड़, सुरक्षाबलों ने मार गिराया एक आतंकी

कश्‍मीर: अलर्ट पर भारतीय सेना, बोले राज्यपाल-अफवाहों पर न दें ध्‍यान

घाटी से अमरनाथ यात्रियों को लाने की मुकम्मल तैयारी , हाई एलर्ट पर एयरलाइंस

जम्मू-कश्मीर सरकार की सलाह- जल्द घाटी से निकलें अमरनाथ यात्री और पर्यटक

शोपियां में मुठभेड़, 1 जवान शहीद, सेना ने 3 आतंकियों को घेरा

कम्‍यूनिकेशन ब्‍लैक आउट के बाद भी चलता रहा गिलानी का इंटरनेट, दो पर गिरी गाज

पाक ने एलओसी पर की अकारण गोलीबारी, भारतीय जवान शहीद

बारामूला एनकाउंटर खत्म, मुठभेड़ में SPO शहीद व एक आतंकी भी ढेर



कश्यपमर कश्मीर और वराहमूला है बारामूला


पहले सीमा पर फायरिंग, फिर पहुंचा सुरक्षा परिषद के सदस्यों के पास पाकिस्तान


कश्मीर में बकरीद के लिए खरीदारी चरम पर


एमपी विजेंद्र सिंगल ने मां के चरणों में लगाई हाजरी


डोडा मे फटा बादल


भारत, पाकिस्तान के बीच दोस्ती का पुल बने कश्मीर : महबूबा


श्रीनगर: अदालत के बाहर आतंकी हमला


सरकार की कथित आपराधिक लापरवाही के खिलाफ पी.डी.पी. उतरी सडक़ों पर


दशर्नो के लिए हर रोज तीस हजार से भी अधिक श्रद्वालु धर्मनगरी मे


मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया


रक्त दान से किसी की जान बचाई जा सकती है


मोसम खराव रहने के वाद शनिवार को धर्मनगरी सहित भवन मार्ग पर मोसम वडा सुहावना


पैंथल मे मंकर संक्रति के दिन 114वा विशाल दंगल


रघुनाथ मंदिर केे परिस्पर मे कटडा वासियो की वैठक मुल्खराज पुरोहित की अध्यष्ता


महिला मोर्च द्वारा एक कार्यक्रम आयोजित किया गया


ग्रेनेड ब्लास्ट में एक बच्चे की मौत, दो घायल


के.जी.एच.ई.पी. के आसपास नागरिकों की आवाजाही पर प्रतिबंध


सीवल डिफैंस की वैठक का आयोजन


अमित कुमार ने एस.एस.पी. श्रीनगर का कार्यभार संभाला


जनता लोकतांत्रिक प्रतिद्वंद्दिता का महत्व समझने लगी है: महबूबा, सीमांत क्षेत्रों के हित पीडीपी के अति महत्वपूर्ण


मतदाताओं को करें जागरूक


मां वैष्णो देवी जी के भवन पर श्रद्धालु घायल


राहत काजमी की फिल्म आइडेंटिटी कार्ड की पूरी शूटिंग कश्मीर में हुई


कश्मीर में कड़ाके की ठंडए लेह में पारा 11 डिग्री


जम्मू कश्मीर रणजी को 20 लाख पुरस्कार


कश्यपमर कश्मीर और वराहमूला है बारामूला


पहले सीमा पर फायरिंग, फिर पहुंचा सुरक्षा परिषद के सदस्यों के पास पाकिस्तान


कश्मीर में बकरीद के लिए खरीदारी चरम पर


एमपी विजेंद्र सिंगल ने मां के चरणों में लगाई हाजरी


डोडा मे फटा बादल


भारत, पाकिस्तान के बीच दोस्ती का पुल बने कश्मीर : महबूबा


श्रीनगर: अदालत के बाहर आतंकी हमला


सरकार की कथित आपराधिक लापरवाही के खिलाफ पी.डी.पी. उतरी सडक़ों पर


दशर्नो के लिए हर रोज तीस हजार से भी अधिक श्रद्वालु धर्मनगरी मे


मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया


रक्त दान से किसी की जान बचाई जा सकती है


मोसम खराव रहने के वाद शनिवार को धर्मनगरी सहित भवन मार्ग पर मोसम वडा सुहावना


पैंथल मे मंकर संक्रति के दिन 114वा विशाल दंगल


रघुनाथ मंदिर केे परिस्पर मे कटडा वासियो की वैठक मुल्खराज पुरोहित की अध्यष्ता


महिला मोर्च द्वारा एक कार्यक्रम आयोजित किया गया


ग्रेनेड ब्लास्ट में एक बच्चे की मौत, दो घायल


के.जी.एच.ई.पी. के आसपास नागरिकों की आवाजाही पर प्रतिबंध


सीवल डिफैंस की वैठक का आयोजन


अमित कुमार ने एस.एस.पी. श्रीनगर का कार्यभार संभाला


जनता लोकतांत्रिक प्रतिद्वंद्दिता का महत्व समझने लगी है: महबूबा, सीमांत क्षेत्रों के हित पीडीपी के अति महत्वपूर्ण


मतदाताओं को करें जागरूक


मां वैष्णो देवी जी के भवन पर श्रद्धालु घायल


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जम्मू कश्मीर रणजी को 20 लाख पुरस्कार