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संघ की दस्तक सुनें

ललित गर्ग

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का तीन का भविष्य का भारत  विषयक विचार अनुष्ठान अनेक दृष्टियों से उपयोगी एवं प्रासंगिक बना. दिल्ली के विज्ञान भवन में देश के प्रमुख बुद्धिजीवियों और लगभग सभी दलों के प्रमुख नेताओं को आमंत्रित कर उन्हें न केवल संघ के दृष्टिकोण से अवगत कराया गया बल्कि एक सशक्त भारत के निर्माण में संघ की सकारात्मक भूमिका को भी प्रभावी ढ़ंग से प्रस्तुत किया. यह एक दस्तक है, एक आह्वान है जिससे न केवल सशक्त भारत का निर्माण होगा, बल्कि इस अनूठे काम में लगे संघ को लेकर बनी भ्रांतियां एवं गलतफहमियों के निराकरण का वातावरण भी बनेगा. प्रश्न है कि संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत को आखिर क्या जरूरत आ पड़ी कि उन्



माना कि सत्तर प्रतिशत देश भगवा है, लेकिन कलर अभी कच्चा है?

अभिमनोज

तीन प्रमुख राज्यों- एमपी, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव और आम चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पीएम नरेन्द्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी नेताओं को भरोसा दिलाया कि चुनाव में उनकी जीत पक्की है? और जनता मौकापरस्त महागठबंधन को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है! 

खबर है कि... कार्यकारिणी में राजनीतिक प्रस्ताव के तहत- विजन 2022, रखा गया. प्रस्ताव में कहा गया है कि 2022 तक देश से जातिवाद, संप्रदायवाद, आतंकवाद और नक्सलवाद खत्म होगा, लेकिन राजनीतिक प्रस्ताव में राम मंदिर का जिक्र नहीं है? इस मौके पर अमित शाह ने चुनावी जीत के मंत्र दिए, उन्होंने कहा कि- 22 करोड़



मोदी मैजिक खत्म, बाबा और प्रादेशिक सरकारें उलझी जादू के जंजाल में?

प्रदीप द्विवेदी

मोदी मैजिक खत्म हो गया है, लेकिन इस जादू के जंजाल में बाबा रामदेव और एमपी, राजस्थान जैसी भाजपा सरकारें उलझ गई हैं?
बाबा, आम चुनाव- 2014 से पहले पीएम नरेन्द्रभाई मोदी की केन्द्र में सरकार बनवाने के लिए 35 रुपए लीटर पेट्रोल और 400 रुपए में गैस सिलेंडर का सपना दिखा रहे थे तो करोड़ों रुपयों का कालाधन देश में लाने का भरोसा भी दिला रहे थे? अब वही, आप की अदालत जैसे बाबा रामदेव के वीडियो सोशल मीडिया पर परेशानी का सबब बन रहे हैं, बाबा बेवजह सियासी शीर्षासन की मुद्रा में आ गए हैं! अब बाबा ठहरे योगी, पेट की गैस का समाधान तो कर सकते हैं, केन्द्र सरकार में पीएम तो हैं नहीं जो गैस सिलेंडर की समस्या सुलझा दें? वे किससे जाकर कहें कि वे भी



न ठाकुर रह गई, न दलित रह गई कांग्रेस 

प्रकाश भटनागर

इस कहानी के दोनों पात्रों में विरोधाभास के बावजूद समानता है.दोनों को मध्यप्रदेश की कांग्रेस माना जा सकता है.तो कहानी ये है कि एक ठाकुर साहब थे.उनके घर के सामने से एक दलित पगड़ी पहन कर गुजर रहा था.ठाकुर साहब को भला कहां बर्दाश्त होता.उन्होंने दलित को टोका, पगड़ी पहन कर तो तू मेरे सामने से गुजर नहीं सकता। दलित ने दलील दी, ठाकुर साहब, जमाना बदल गया है अब आजकल ऐसा नहीं होता है। ठाकुर ने तलवार निकाल ली.कहा, तेरी तो पगड़ी भी गर्दन के साथ मेरे कदमों में होगी.दलित ने कहा, यह तो अन्याय है, मौका मुझे भी मिलना चाहिए.मैं भी घर से तलवार लेकर आता हूं। ठाकुर राजी हो गया.उधर दलित तलवार लेने घर गया और इधर ठाकुर चिंता में.कहीं इसने मुझे हर



राष्ट्रभाषा को तरसती हिंदी  

संगीता पांडेय

हिंदुस्तान हिंदी से है , हिन्द से है और जब हिन्द में ही हिंदी की दुर्दशा हो तो लगता है जैसे किसी देश की आत्मा ही नहीं है. देश को एकसूत्र में जोड़कर रखने वाली एक भाषा होती है जो देश का हरेक व्यक्ति जानता समझता है और संवाद के माध्यम से वो अपने देश में होने का अहसास पाता  है. हिंदी भारतीय भाषाओं में सबसे ज्यादा बोली-समझी जाने वाली भाषा है और ये कोई आज से नहीं है बल्कि संस्कृतनिष्ठ भारत के समय से इसका विकास निर्बाध गति से हुआ है. भारतीय इतिहास में देवनागरी लिपि को करीब दस हजार साल पहले का बताया गया है , इस लिपि के अनुसार भारत में ही कई भाषाओं का विकास हुआ जिसमें हिंदी सबसे बड़ी भाषा के रूप में रही.  देवनागरी लिपि को ही एक



केवल भारत बंद समाधान नहीं है!

ललित गर्ग

पेट्रोल और डीजल के बढ़ते मूल्यों को लेकर आम जनता परेशान है, उसका दम-खम सांसें भरने लगा है, जीवन दुश्वार हो गया है और इन स्थितियों को लेकर राजनीतिक दलों यानी विपक्षी दलों का सक्रिय होना स्वाभाविक ही है. जब पेट्रोल और डीजल के लगातार बढ़ते दामों के बावजूद केंद्र सरकार कोई कदम उठाती नहीं दिख रही हो तो विपक्ष का हमलावर होना भी समझ आता है, लेकिन इस हमले का स्वरूप भारत बंद की शक्ल में ही क्यों हो? विपक्षी दल और खासकर कांग्रेस यह स्पष्ट करे कि इस तरह भारत बंद करने से उसे या फिर आम जनता को क्या हासिल होने वाला है?  केवल  भारत बंद  से जनता की सहानुभूति पाने का रास्ता अनेक प्रश्नों को खड़ा कर रहा है. बंद और हड़ताल जैसे तरीक



How Amit Shah Benefitted The Most From Demonitisation

पलपलइंडिया

Bhagyashree Pande. If there is one person who has benefitted the most from Demonitisation it is BJP President Amit Shah and his family. Shah is the Director of Ahmedabad District Cooperative Bank which according to an RTI query received the maximum currency during demonitisation. The query which was replied by NABARD states that entire transaction occured between 8 November 2016 and 13 November 2016 when the RBI announced that no District Cooperative Bank would be allowed to accept demonitised notes. The Ahmedabad District Cooperative Bank received Rs 750 cr in five day period alone making it the number one District cooperative bank to receive such a large amount.

Hence the question to be asked is why Ahmadabad District Cooperative Bank was the only bank given the due favor while other cooperative banks were not allowed



पैरेरल यूनिवर्स हो सकते हैं ?

गिरीश बिल्लोरे “मुकुल”

पैरेलल यूनिवर्स की परिकल्पना और उस यूनिवर्स में पहुंचने के तौर-तरीके के संबंध में जो बात विजुअल मीडिया पर मौजूद है उस पर चर्चा करना चाहता हूं पैरेलल यूनिवर्स के संबंध में साफ कर देना चाहता हूं कि पैरेलल यूनिवर्स किसी भी स्थिति में मौजूद तो है असंख्य पैरेलल यूनिवर्स मौजूद है न की हमारे सौरमंडल से जुड़ा हुआ कोई एक मात्र सौरमंडल लेकिन एक सौरमंडल से दूसरे सौरमंडल में प्रवेश के कोई शॉर्टकट रास्ता है यह समझने के लिए ब्लैक होल थ्योरी को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है .
मेरे हिसाब से पैरेलल यूनिवर्स में प्रवेश का तरीका केवल यांत्रिक होगा किंतु प्रोफ़ेसर हॉकिंस को अनदेखा करना भी गलत ही है इसका कारण है कि जो चुंबकी



विपदा का सामना ही समाधान है... 

हेमेन्द्र क्षीरसागर

आपदाएं सामान्य जीवन के साथ-साथ विकास की प्रक्रिया के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं और अचानक ही हमें ऐसी हिंसा का मुंह देखना पडता हैं. जो न केवल जिंदगियां और ढांचा को तबाह कर देता हैं बल्कि परिवारों को एक-दूसरे से अलग-अलग-थलग कर देती हैं. जनसंख्या के बढते दबाव, शहरी औद्योगिक विकास, वनों के कटाव तथा सीमांत भूमि पर खेती के साथ-साथ मानव अभिप्रेरित जोखिमों में भी वृद्धि हुई हैं. आपदाओं का प्रभाव बहु-विषयक है जो कि घरेलु, सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय आदि. आपदा विभिन्न प्रकार के संकटों जैसे: भंूकप, बाढ या तूफान, आग, कृत्रिम त्रासदी, संक्रामक रोगों का परिणाम होती हैं, जिसमें ऐसी नाजुक स्थिति उत्पन्न हो जाती है जो समुदायी,



अर्थव्यवस्था की सुनहरी होती तस्वीर

ललित गर्ग

भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्था है, जिसकी विकास गति ने चीन को पीछे छोड़ दिया है। कृषि क्षेत्र में अच्छे प्रदर्शन एवं विनिर्माण के कारण चालु वित्त वर्ष की प्रथम तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद ( जीडीपी ) की वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत रही है जबकि इसी तिमाही में चीन की वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रही है। अब हमारा देश सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाला देश हो गया है। भारत अब इंग्लैण्ड को पीछे छोड़ कर बहुत जल्दी ही दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। यह वर्तमान नरेन्द्र मोदी सरकार के लिये शुभ एवं श्रेयस्कर होने के साथ-साथ एक अच्छी खबर है। 

अर्थव्यवस्था को ऊपर उठाने के हमारे आजाद भारत के संक



 पेट्रोल कहां महंगा है, भाई? तब भी एक डालर प्रति लीटर ही तो था!

प्रदीप द्विवेदी

नासमझ लोग बेवजह गैस-पेट्रोल के रेट को लेकर हंगामा मचा रहे हैं? व्हाट्सेपिए, वाद-विवाद कर रहे हैं... फेसबुकिए, फेस बिगाड़ रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की समझ तो है नहीं, बस... जो मन में आया ताना मार दिया? अरे, विश्व अर्थव्यवस्था की समझ होगी तभी मन की बात में वजन आएगा.
कांग्रेस के जमाने में एक डालर पचपन रुपए का था तो एक लीटर पेट्रोल का दाम हुआ एक डालर, आज एक डालर सत्तर रुपए का है तो एक लीटर पेट्रोल का दाम आज भी है- एक डालर. कहां महंगा हुआ?
कांग्रेस के जमाने में भी गैस सिलेंडर करीब दस डालर का मिलता था, आज भी तकरीबन उतने में ही मिल रहा है? कहां गैस सिलेंडर महंगा हुआ?
सोशल मीडिया पर पीएम मोदी का सीएम मोदी के जमाने क



क्या गूगल पर लगाम लगा पाएंगे ट्रम्प?

डाँ नीलम महेंद्र

क्या यह संभव है कि दुनिया की नजर में विश्व का सबसे शक्तिशाली व्यक्ति भी कभी बेबस और लाचार हो सकता है?
क्या हम कभी अपनी कल्पना में भी ऐसा सोच सकते हैं कि एक व्यक्ति जो विश्व के सबसे शक्तिशाली देश के सर्वोच्च पद पर आसीन है, उसके साथ उस देश का सम्पूर्ण सरकारी तंत्र है और विश्व की आधुनिकतम तकनीक से युक्त फौज है, उस व्यक्ति के खिलाफ भी कभी कुछ गलत प्रचारित किया जा सकता है?
शायद नहीं? या फिर शायद हाँ?
आज जब अमेरिका के राष्ट्रपति गूगल फेसबुक और ट्विटर पर अपने अपने प्लैटफोर्म से जनता के सामने अपने खिलाफ लगातार और बार बार फेक न्यूज़ परोसने का इल्जाम लगाते हैं,
आज जब डोनाल्ड ट्रंप जैसी शख़सियत कहती  है कि गूगल पर &n



पीएम मोदी ने अपने ही वोट बैंक को नाराज कर दिया है?

अभिमनोज

जो सियासी हालात बन रहे हैं उनको देखते हुए लगता है कि केन्द्रीय भाजपा से पीएम मोदी का एकाधिकार कमजोर पड़ता जा रहा है, ऐसी स्थिति में पीएम मोदी और अमित शाह अपनो के ही सवालों के घेरे में नजर आएंगे? इन तकरीबन साढ़े चार साल में भाजपा में केवल और केवल इन दोनों के निर्णय ही लागू होते रहे हैं. शुरूआत के तकरीबन साढ़े तीन वर्ष तक केन्द्रीय भाजपा की कामयाबी ने पार्टी के भीतर एक तरफा अनुशासन कायम कर दिया था, लेकिन गुजरात विधानसभा चुनाव के बाद यह एक तरफा अनुशासन कमजोर पड़ता गया और अब तो पीएम मोदी का जादू पार्टी के अंदर भी बेअसर होने लगा है? यही वजह है कि भाजपा को अब पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के सहारे की ज



Can Bhima Koregaon, Santhan Sansthan Polarise Hindus For Modi in 2019?

पलपलइंडिया

Bhagyashree Pande. Bhima Koregaon violence that rocked parts of Maharashtra in January 2018 were meant to give a terse message to the Dalits that upper caste Hindus will not tolerate celebration of lower caste against it no matter what the history has to say. The event of Bhima Koregaon has significance for the Dalits as it marked 200 years of uprising against the Peshvas. What really fanned the flames was the literature that was circulated among those who were participating in the celebration which said  Are we under the new Peshwa regime? a pointer to the RSS, BJP and the state CM who are all upper caste Brahmins. Who incited the violence against the Dalits in Bhima Koregaon were none other than two upper castes Milind Ekbote and Sambhaji Bhide.  In yet another case that speaks of upper caste supremacy is the evidence of murder against a Goa based Hindutva outfit Santhan Sansthan of activists, rationalists, writers and journalists- Kalburgi, Dabholkar, Pansare and Gauri Lankesh. These men and women have questioned the working of the Sansthan which not only uses hypnosis as a way to goad its followers to think along certain lines but also preaches that Divine Kingdom/ Hindu Rashtra of the Hindus will be established by 2030 and those who question the Santhans ideology like the above four who were murdered will also meet the same fate. There has been enough questionable material like drugs, hynotic materials and huge quantities of condoms that have been found in the Sansthans premises and this is what has b



कांग्रेस : दामन पर सिख दंगों का दाग

सुरेश हिन्दुस्तानी

देश के वीभत्स हत्याकांड के नाम से पहचान बनाने वाला सिख नरसंहार मामला एक बार फिर से सुर्खियों में है. यह सुर्खियां वर्तमान कांग्रेस मुखिया राहुल गांधी के उस बयान के कारण पैदा हुई हैं, जिसमें उन्होंने कहा है कि सिख हत्याकांड में कांग्रेस का किसी भी प्रकार का हाथ नहीं है. केवल इस प्रकार के बयान देने भर से किसी का हाथ नहीं हो, ऐसा कह पाना संभव नहीं माना जा सकता. यह सही है कि सिखों का नरसंहार केवल इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उत्पन्न हालातों का परिणाम था, यह प्रतिक्रिया किसने की, यह एक अलग सवाल है, लेकिन बिना किसी संलिप्तता के इतना बड़ा हादसा हो ही नहीं सकता. इसलिए भारतीय जनता इस मामले में कांग्रेस को सदैव कठघरे में खड़ा



Rising number of tigers covers double forest beat area

पलपलइंडिया

Sunita Dube . The International Tiger Day has brought happiness this year in Madhya Pradesh. Figures in the first phase of the All India Tiger Assessment 2018 indicate towards a handsome increase in the number of tigers. In the assessment of the first phase of the year 2014, the presence of 308 tigers was found in the state's 717 forest beat. Against this, there is evidence of the presence of tigers has been found in 1432 beats in four cycles held from February 5 to March 26 in year 2018. A tiger makes its own independent territory. With the rise in the number of tigers, the adolescent tigers have started turning into new areas. Shifting of tigers in Sanjay Gandhi, Panna, Satpura Tiger Reserve etc. from the tiger- dominated areas of the forest department have also resulted in new pairs instead of their mutual fight for establishing supremacy in area. Apart from the Forest Department citizens and non-governmental organizations have also contributed directly or indirectly in wildlife conservation.

During the All India Tiger Assessment, figures have been collected in about-30 thousand beats of 21 states in India in Phase-1. Of these, Madhya Pradesh alone has 9 thousand beats. Its preparation in the state had started almost a year ago in February 2017. Master trainers have been trained in each zone dividing the state into seven zones. While training three master trainers each from each forest circle, 250 master trainers have been made in the entire state. Mock exercises and training were done in many stages before the tiger assessment. This time the use of



प्राकृतिक संसाधन जीवन का बहुमूल्य साधन 

हेमेन्द्र क्षीरसागर

हम जिस पर्यावरण में रहते हैं वह अनेक घटकों से मिलकर बना हैं. इसका प्रत्येक घटक हमें किसी न किसी रूप में लाभ पहुंचाता हैं. हमारी आवश्कताएं चाहे मौलिक हो, भौतिक हो, सामाजिक हो, अर्थिक हो, अथवा सांस्कृतिक हो इनकी पूर्ति प्रकृति से ही संभव होती हैं. प्रकृति ने हमें भूमि, जल, वायु, खनिज, ईधन, सूर्य का प्रकाश और वन आदि ऐसे संसाधन विरासत में दिया हैं, जो हमारे जीवन का बहुमूल्य साधन हैं. यह तो हम सभी जानते हैं कि संसाधन सम्पूर्ण पृथ्वी पर असमान रूप से वितरित हैं तथा इनका उपयोग मनुष्य के क्रियाकलापों पर निर्भर करता हैं. यदि इन संसाधनों का उचित प्रयोग करें तो मानव जाति का कल्याण और यदि दुरूपयोग हो तो विनाश निश्चित हैं. अलबत्त



इंसाफ अभी बाकी है...

प्रकाश भटनागर

कभी प्रवचन में एक कहानी सुनी थी. घनी रात थी. लोगों का समूह नदी पार करने आया. जो नौका दिखी, उस पर बैठ गया. अंधेरे के चलते हाथ को हाथ नहीं सूझता था. लोग अंदाजे से किनारे की ओर जाने की नीयत से बारी-बारी चप्पू चलाते रहे. सूरज निकला तो पता चला कि नाव अपनी जगह से जरा भी आगे नहीं बढ़ी थी. वजह यह कि लोग उस रस्सी को खोलना ही भूल गए थे, जिससे नाव उस किनारे पर बंधी हुई थी.

यहां भी बात रस्सी की ही हो रही है. फांसी के फंदे वाली रस्सी. बलात्कार के मामलों ने भयावहता से देश को घेर रखा है. इस अंधेरे के बीच अपराधों की नदी को पार करने की कोशिश की गई. बारह वर्ष से कम आयु वाली बच्चियों के बलात्कारियों के लिए मृत्युदंड का प्रावधान बनाकर. पहले मध्



अमिट रहेगा संत लोंगोवाल का बलिदान 

ललित गर्ग

पंजाब ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण भारत की माटी को प्रणम्य बनाने में अकाली आन्दोलन के प्रमुख एवं चर्चित सिख संत महापुरुष हरचंद सिंह लोंगोवाल का पंजाब समस्या के समाधान में अमूल्य योगदान है, वे अखण्ड भारत एवं आदर्श एवं संतुलित समाज रचना के प्रेरक थे. वे धार्मिकता एवं राजनीति के समन्वयक महानायक थे. उन्होंने सिख राजनीति को नये आयाम दिये, घोर अन्धकार की स्थितिया में वे एक रोशनी बनकर सामने आये. 
हरचंद सिंह लोंगोवाल का जन्म 2 जनवरी 1932 को पटियाला रियासत, वर्तमान में पंजाब के संगरूर जिले के एक छोटे से ग्राम गिदरैनी में एक साधारण परिवार में हुआ. वे पंजाब में चल रहे आतंकवाद एवं हिंसा की जटिल स्थितियों के बीच सन् 1980 में अका



How MANMOHANOMICS Gave India the 10% Growth

पलपलइंडिया

Bhagyashree Pande. When Manmohan Singh took over he reigns as PM in 2004 India was growing at a pace of 5-6% annually. It was the vision of improving the Services sector that gave Manmohan Singh regime the growth of 10% in the 10 years regime he presided over.The services sector grew at a fast clip of over 11% yearly within the services the telecom sector grew at around 10%, Construction around 11%, Banking Finance and real estate sector by around 12% .If today’s youth wants jobs in services sector it is partly thanks to Manmohan Singh who made teledensity (rise from 1.5% to 45%)through mobile phone reality in every remote location of India.Today’s mobile surfing youth has to remember that its the spectrum allocation which Dr Singh ushered that has made internet cheap efficient and available to all. If after Agriculture there is one sector that has the second highest employment its the Services sector with 27% population employed. Besides this the Manufacturing sector too saw a fast growth of 7-8 % (with 10% growth between 2005-2009) this growth could be seen not just in formal but also in informal sector which saw a growth of nearly 4% annually thereby creating a boom in unregistered employment .The contribution of employment was nearly 25% in industrial segment this being only registered/formal employment.  Another area which witnessed a very high growth during the Manmohan Singh regime was the electricity sector, the generation grew at nearly 6-7% annually and it was not just the consumption from industrial sector but the rural electrification that wa



आश्रय स्थल में ही आसरा नहीं तो फिर आसरा कहाँ साहेब

डाँ नीलम महेंद्र

ये कैसी तरक्की है यह कैसा विकास है
जहाँ इंसानियत हो रही हर घड़ी शर्मसार है,?
ये कैसा दौर है ये कैसा शहर है
जहाँ बेटियों पर भी बुरी नजर है?
ये कौन सी सभ्यता है ये कौन सी संस्कृति है कि 
जहाँ एक पुरूष का मानव शरीर में जन्म लेना मात्र ही मानव होने की पहचान शेष है?
और एक महिला के लिए स्त्री शरीर के साथ जन्म लेने मात्र ही उसका दोष है?
जिसकी सजा कभी उसने  आठ माह की आयु में, कभी तीन साल की उम्र में झेली है तो कभी आठ साल की उम्र में माँ तक बनके और कभी अपनी जान तक गंवा कर चुकाई है?
लेकिन ऐसा भी नहीं है कि आज यौन शोषण केवल बच्चियों का ही हो रहा हो.
टिस, यानी टाटा इंस्टीट्यूट आँफ सोशल सांइसेज की रिपोर्ट म



आप माउंट आबू फिर आएंगे न अटलजी!

निरंजन परिहार

अटल बिहारी वाजपेयी पहाड़ों की खूबसूरती के कायल थे. हिल स्टेशनों की छटा उन्हें खूब आकर्षित करती थी. यही कारण था कि अटलजी राजस्थान के बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन माउंट आबू में बस जाना चाहते थे. उन्होंने एक बार तो अपने साथियों से खुद के लिए घर भी तलाशने को कहा.  घर तलाशा भी गया. अटलजी ने उसे देखा भी, मगर पसंद नहीं आया. अपनी माउंट आबू यात्रा में एक बार वे उनके बेहद करीबी मित्र जगदीश अग्रवाल के माउंट आबू स्थित सबसे शानदार और खूबसूरत होटल हिलटोन के केव रूम्स में ठहरे थे. केव रूम्स दरअसल पहाड़ी की टेकड़ी पर चट्टानों के बीच बने दो कमरों, अजंता और एलोरा कमरों का एक सेट है. जिनमें एक रूम का तो बेड भी गुफानुमा चट्टान में ही है. चारो



INCONVENIENT TRUTH ABOUT NRC

पलपलइंडिया

Bhagyashree Pande. National Registry of Citizen (NRC) of Assam is a very much a political issue no matter how hard the BJP and the govt of the day try to pose as ‘welfarist’ of the Assamese people. The truth is the BJP is trying to polarize votes of Assamese Hindus because most of the immigrants in Assam are Muslims brought in during British period and the influx from across the border continues. The intention of BJP to polarize comes forth with repeated mention of four districts of Assam that have become muslim immigrant majority and the fear that other districts will follow the same demographic change if nothing is done to drive out these Muslim immigrants. The truth is that immigrant Muslims are farm and wage workers who contribute nearly 89% to the Assam’s economy besides they are efficient and hardworking and hence settled in lower districts of Assam because of their skill that has helped them settle in these regions. So, the question is ,Why is the local Assamese upset with immigrants from Bangladesh or with Muslims in the region ? The heart of the matter is that these unskilled workers come with a view to do ‘work’ , any work is good enough for them because they lack opportunities in their home country  these people do menial, farm, unskilled and semi skilled jobs which are required from farms to homes and even in commerce. Whereas a local lad in Assam will choose what he will do for a living the immigrants will instead do their work that to at a fraction of price. Thereby hangs the tale, the ‘money’ goes in the hands



WHY GOVT BACKED OUT OF DIRECTING SOCIAL MEDIA CONVERSATION?

पलपलइंडिया

Bhagyashree Pande. The govt has trashed its plans to create Social Media hub which it intended to create in order to influence voters ahead of 2019 elections. While it was a questionable exercise because of its capability to intrude in personal space and play with the minds of the young, the fact remains that social media is a powerful tool that the govt or a political party can employ to gauge the thoughts and mood of the voters and potential voters about its plans and programs. While Mohua Mitra and many others are right in questioning this social media hub the govt which realizes the potential of Social media could have instead of acting to influence the minds worked on getting valuable feedback on how its own work is shaping on the ground, whether benefits are being derived, should the plans be modified, are there any schemes that online audience thinks that need to be placed for the public rather than govt making repetitive -half baked- non workable schemes. .....continue poppolitics.wordpress.com



Zoho Integrates With Uber for Business to Simplify Expense Reporting

पलपलइंडिया

Zoho Integrates With Uber for Business to Simplify Expense Reporting
Zoho today announced that it will automatically import Uber for Business trip receipts into Zoho Expense, its expense reporting and tracking software. With direct integration between the Uber and Zoho apps, business travelers no longer need to manually forward Uber receipts to Zoho Expense. Instead, Uber users worldwide will be able to select Zoho Expense from the Uber app, and their receipts will be automatically added to Zoho Expense reports to streamline tracking and reimbursement.
Uber for Business provides organizations with the billing, reporting and management software that they need as employees turn to Uber for safe, reliable transportation across the globe,” said Michael Goodwin, head of business development and partnerships, Uber for Business. Our integration with Zoho Expense will automate a key step in the process, making that expense-related work faster and easier for business riders and travel managers alike.”
Zoho and Uber are committed to making business simple for our customers,” said Raj Sabhlok, president of Zoho Corporation. .Simplifying expense reporting of Uber rides is a reflection of that commitment. After a long business trip, the last thing travelers want to do is dig through their inboxes for Uber receipts. With Zoho Expense and Uber, they won.t have to.”
Zoho Expense will be available to Uber app users with a business profile in early September. Zoho Expense offers two subscription plans: the Free plan and the Standard plan



वाजपेयी जी को अलविदा नहीं कहा जा सकता

ललित गर्ग

भारतीय राजनीति का महानायक, भारतीय जनता पार्टी के 93 वर्षीय दिग्गज नेता, प्रखर कवि, वक्ता और पत्रकार श्री अटल विहारी वाजपेयी मौत से जंग करते हुए इस संसार से विदा हो गये हैं. उनका निधन न केवल भारत की राजनीति की बल्कि राष्ट्रीयता की अपूरणीय क्षति है. पूरा राष्ट्र अपने महानायक से जुदा होकर आहत है, सन्न है. उनके निधन को एक युग की समाप्ति कहा जायेगा. इस समाप्ति को राजनैतिक जीवन में शुद्धता की, मूल्यों की, राजनीति की, आदर्श के सामने राजसत्ता को छोटा गिनने की या सिद्धांतों पर अडिग रहकर न झुकने, न समझौता करने की समाप्ति समझा जायेगा. उन्होंने न केवल देश के लोगों का दिल जीता है, बल्कि विरोधियों के दिल में भी जगह बनाई है.
हो स



राजनीति की राह जहाँ कुछ सही गलत नहीं होता

डाँ नीलम महेंद्र

राजनीति की राह जहाँ कुछ सही गलत नहीं होता 
उस पर नैतिकता की नई राह बनाने वाले अटल
आज उस राह को सूना कर गए...
कवि ह्रदय के साथ राजनीति की नई परिभाषा गढ़ने वाले अटल
देश को पार्टी और खुद से भी पहले रखने वाले अटल
अपने विरोधियों को भी अपनी तारीफ करने के लिए विवश करने वाले अटल
कभी हार नहीं मानने वाले अटल
एक वोट से हारकर भी जीत जाने वाले अटल
बता गए कि मौत जिंदगी से बढ़ी हो ही नहीं सकती
क्योंकि वो जिंदा थे, जिंदा हैं और हमेशा रहेंगे
अपनी कविताओं में
अपने भाषणों में
देश के करोड़ों दिलों में ही नहीं
अपने विरोधियों के भी दिलों में.



अटल-अटल थे, अमर रहेंगे

कुमार राकेश

सच में मौत से ठन गयी थी अटल जी की .विगत 13 वर्षों से अवचेतन अवस्था में जीना,वो भी क्या जीना था.मगर वे जिए,खूब जिए .मौत से लड़े.खूब लड़े.जमकर लड़े .निश्चिन्त भाव से लड़े,अपनी साँस की अंतिम कड़ी तक लड़ते रहे.लड़ते रहे और फिर चल पड़े चिरंतन यात्रा की ओर. अपने अटल जी , आपके अटल जी.हमारे अटल जी .देश के अटल जी.विदेशो के अटल जी .भारत के अटल जी और घोर दुश्मन पाकिस्तान के भी अटल जी .आखिर क्या जादू था.हम सबके अटल जी में.सच में वे एक युगपुरुष थे.सडक से संसद तक लोकप्रिय एक आम जन नेता अटल जी.

सदैव रहेंगे हम सबके दिल में मेरे भगवन.जी हम दोनों एक दुसरे को इसी शब्द से पुकारते थे और अभिवादन किया करते थे.जब भी मिलते.आमना सामना होता.सचमुच ख़ुशी की ऊर्जा



समय से आगे का चिंतक महात्मा अटल 

गिरीश बिल्लोरे “मुकुल”

आज स्तब्ध हो जाना लाज़िमी है जिसकी अवधारणा थी कि डेमोक्रेटिक सिस्टम में हिंसा और वैमनस्यता का कोई स्थान न नहीं. एक कवि के अतिरिक्त शायद ही कोई इतना नरम रुख रखता हो एक सियासी होने के बावज़ूद. 
हिंसा के विरुद्ध एक समरस वातावरण निर्माण की कोशिश को ये देश याद रखेगा. 
अटल बिहारी वाजपेयी जी के जबलपुर आगमन पर हम युवा पीढ़ी के लोग अक्सर उस सभा में ज़रूर जाते थे. मैं तो उनकी मानवीय संवेदनाओं पर आधारित जीवन क्रम का प्रभाव देखना चाहता था. उनके वक्तव्यों में समकालीन परिस्थितियों के लिए सामाजिक सहिष्णुता के लिए जो भी कंटेंट्स होते थे सृजन के विद्यार्थी के रूप में मेरे अनंत तक उतरती थी. वक्तता के रूप में अपनी ओर सम्मोहि



शर्मा ने कहा- आजादी के समय बने कानूनों की समीक्षा हो, जनमत संग्रह के विकल्प से फैसले करें!

प्रदीप द्विवेदी: प्रादेशिक चुनाव हारें या जीतें, आम चुनाव में तो भाजपा को नुकसान ही होगा?

नरेन्द्र मोदी और वीपी सिंह को भारत रत्न, सभी वर्तमान सांसदो को पद्मश्री मिले!

भारत में अगला चुनाव बीजेपी बनाम विपक्षी दलों के बीच होगा: राहुल गाँधी

अभिमनोज: पीएम मोदी ने अपने ही वोट बैंक को नाराज कर दिया है?

अभिमनोज: क्या होगा भाजपा का 2019 में? सत्ता पाई, समर्थक गवाएं!

अभिमनोज: कितनी कामयाबी मिलेगी पक्ष-विपक्ष के गठबंधन को?

ललित गर्ग: सशक्त विपक्षी गठबंधन की बाधाएं

लोकसभा के साथ 2019 में मध्यप्रदेश सहित 11 राज्यों के भी चुनाव करवाए जा सकते !

बीजेपी कैडर को अमित शाह का संदेश- महागठबंधन से घबराने की जरूरत नहीं

निरंजन परिहार: कांग्रेस ऐसे तो, कैसे जीत पाएगी राजस्थान?

प्रदीप द्विवेदी: अगला चुनाव दिखाएगा कि कितनी बदली है तमिलनाडु में जनता की सियासी सोच?

उपसभापति चुनाव में शाह ने मारा मास्टर स्ट्रोक बैकफुट पर आया विपक्ष

सुरेश हिन्दुस्थानी: ईवीएम की खराबी बनाम दलों की मानसिकता

चुनाव जीतने के लिए भाजपा सांसद सहायता लेंगे अपनी पत्नियों की

प्रकाश भटनागर: अब कई बातें देखने लायक होंगी कांग्रेस में

अभिमनोज: अमर्यादित व्यवहार, बेलगाम बयानबाजी! क्या बड़े नेता रोक पाएंगे?

प्रदीप द्विवेदी: सवर्ण सत्याग्रह अभियान से बदलेगी आम चुनाव की तस्वीर?

दूसरों की भी सुनें चीफ जस्टिस, जजों की नियुक्ति में देरी न करे सरकार: जस्टिस कुरियन जोसेफ

ललित गर्ग: 2019 के चुनाव की दस्तक सुनें!

प्रदीप द्विवेदी: दक्षिण राजस्थान तय करेगा सत्ता की समीकरण!

प्रदीप द्विवेदी: आम चुनाव में किसकी चलेगी? राजनेताओं की चतुराई या जनता की चाहत!

अभिमनोज: केन्द्र से जनता की नाराजगी एमपी के शिव-राज को भारी पड़ेगी?

प्रदीप द्विवेदी: वोटों और सीटों पर नहीं, बहुकोणीय चुनाव पर निर्भर है भाजपा की जीत!

छत्तीसगढ़ में नजर आदिवासियों पर, लेकिन 47% ओबीसी तय करते हैं चुनावी खेल

प्रदीप द्विवेदी: बिहार में भाजपा की मुश्किल सीटें जदयू को मिलेंगी?

मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भी किस्मत आजमाएगी जेडीयू

‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ का जदयू व टीआरएस ने किया समर्थन, हां-ना में फंसी कांग्रेस व द्रमुक

अभिमनोज: युवाओं को किधर ले जाएगी पान-पकौड़ा रोजगार नीति?

प्रदीप द्विवेदी: महागठबंधन छोड़ो, सपा-बसपा ही काफी हैं भाजपा को रोकने के लिए?

प्रदीप द्विवेदी: दक्षिण राजस्थान बनेगा प्रादेशिक चुनावी महाभारत का कुरूक्षेत्र?

EC का आदेश- मतदान से 48 घंटे पहले फेसबुक से हटा ले प्रचार सामग्री

अभिमनोज: तमिलनाडु में कौन से कमल का असर रहेगा आम चुनाव 2019 में?

14 सीटों पर हुए उपचुनाव में भाजपा को लगा झटका, 11 पर विपक्षियों ने मारी बाजी

चुनाव आयोग का निर्णय, कैराना-नूरपुर के 73 बूथों पर दोबारा होगी वोटिंग

अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव लड़ने का किया ऐलान

EC का बयान गर्मी की वजह से खराब हुई कुछ ईवीएम

चुनावी चंदे के सवाल पर चुनाव आयोग का जवाब- राजनीतिक दल RTI के बाहर

महाराष्ट्र के पालघर और भंडारा-गोंदिया लोकसभा चुनाव में होगा करीबी मुकाबला

प्रदीप द्विवेदी: क्या 2019 में मिलेगी भाजपा को एकल कामयाबी?

प्रदीप द्विवेदी: 2019 लोकसभा चुनाव के कारण भाजपा को जोड़तोड़ जारी रखनी पड़ेगी?

सुरेश हिन्दुस्थानी: भाजपा की सरकार, कांग्रेस का नाटक

प्रदीप द्विवेदी: कर्नाटक में नाटक? कानून-न-कायदा, सत्ता मिल जाए तो फायदा!

शुरू हुआ पॉलिटिकल ड्रामा, येदियुरप्पा ने कहा कांग्रेस कर रही जानदेश का अपमान

जेडीएस बनेगी किंगमेकर, देवगौड़ा ने दिए गठबंधन के संकेत

कर्नाटक चुनाव: वोटिंग खत्म, 64 प्रतिशत हुए मतदान

कर्नाटक एग्जिट पोल: त्रिशुंक विधानसभा के आसार, जेडीएस बन सकता है किंगमेकर

कर्नाटक चुनाव : 3 बजे तक 56 फीसद वोटिंग, पूर्व प्रधानमंत्री देवगौड़ा ने किया मतदान

बेंगलुरू में वोटिंग के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने कड़े इंतजाम

कर्नाटक की RR सीट पर चुनाव टला, अब 28 मई को होगी वोटिंग

कर्नाटक में बड़ी संख्या में महिलाएं कर सकती हैं 'नोटा' का उपयोग

चुनाव जीतने के लिए EVM में हेराफेरी कर रही है भाजपा : शिवसेना

कर्नाटक चुनाव: जुबानी जंग खत्म, अब 12 मई को 224 सीटों पर होगा मतदान

बीजेपी कर रही अंबेडकर के शक्तिशाली और समृद्ध भारत के सपने को साकार

कर्नाटक चुनाव: बोले अमित शाह, कांग्रेस की हार पक्की और सिद्धारमैया भी हार जाएंगे

मोदी का दावा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का कर्नाटक से हो जाएगा सफाया

बीजेपी ने ली चुटकी राहुल से कहा आखिर दिल की बात जुबां पर आ ही गई

सिद्धरमैया ने जल्दबाजी में की मोदी की तारीफ, फिर बोले सॉरी

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा राजस्थान विधानसभा चुनाव

उपचुनाव: कैराना सीट पर तबस्सुम को टक्कर देने BJP ने मृगांका सिंह को मैदान में उतारा

सोनिया का मोदी पर हमला कहा जुमलेबाजी से जनता का पेट नहीं भरता

बिहार में 2019 में लोकसभा के साथ हो सकते हैं विधानसभा चुनाव

बीजेपी ने सोनिया को श्रीमती एंटोनियो कहकर किया व्यक्तिगत विरोध

कर्नाटक के रण में भाजपा का घोषणा पत्र जारी, महिलाओं को फ्री में मिलेंगे सोने के मंगलसूत्र

अभिमनोज: सामान्य वर्ग की नाराजगी का अंदाज नहीं था मोदी-शाह को ?

कैसे हो विकास, 200 सांसद खर्च नहीं कर पाए अपनी सांसद निधि

अभिमनोज: सवर्ण सत्याग्रह से सहमत, नेता बदलो, माफी मांगों तभी मिलेगा समर्थन?

प्रदीप द्विवेदी: मोदी मैजिक खत्म, बाबा और प्रादेशिक सरकारें उलझी जादू के जंजाल में?

अभिमनोज: एससी/एसटी एक्ट संशोधन पर सामान्य वर्ग की प्रतिक्रिया को भाजपा ने भ्रम का परिणाम करार दिया?

अभिमनोज: माना कि सत्तर प्रतिशत देश भगवा है, लेकिन कलर अभी कच्चा है?

प्रदीप द्विवेदी: केन्द्र की भाजपा सरकार से निराश समर्थकों को है शिवसेना से उम्मीद?

चुनाव आयोग ने राज्यसभा, विधान परिषद चुनावों में नोटा का विकल्प हटाया

प्रदीप द्विवेदी: उन्होंने हाथ पकड़ा था, इसलिए हमने माल्या की टांग छोड़ दी, भागने दिया!

प्रदीप द्विवेदी: पीएम नरेन्द्र मोदी की टीम ने राहुल गांधी को बनाया प्रमुख राष्ट्रीय नेता?

लोकसभा चुनाव : महाराष्ट्र में एमआईएम और भारिप बहुजन महासंघ के बीच होगा गठबंधन

ललित गर्ग: मतदाता को मुखर होना होगा !

"नहीं करूंगा मतदान"





बंपर वोटिंग जारी, अब तक पश्चिम बंगाल में 48 और यूपी में 36 फीसदी मतदान


योग शिविरों को न बनाएं राजनीतिक मंच: चुनाव आयोग


सबको पेंशन, दवा और घर देगी काँग्रेस, घोषणापत्र जारी


राजस्थान में खिलेगा कमल, मुरझाएगा पंजा, चुनावी सर्वे का दावा


प्राकृतिक आपदा में राहत देने से नहीं रोकती चुनाव आचार संहिता, भोपाल में बोले मुख्य चुनाव आयुक्त


चुनावी सर्वे में शिवराज ने लगाई हैटट्रिक


अब इलेक्शन नॉमिनेशन फॉर्म में बताना होगा सोशल मीडिया एकाउंट


हरियाणावासी नहीं, कैदी बनाएंगे चौटाला को सीएम : बीरेंद्र सिंह


सोशल मीडिया पर चुनाव प्रचार का खर्च भी उम्मीदवार के खर्च में जुड़ेगा


अफवाहों में बट रहा टिकट, उम्मीदवारों ने पार्टी मुख्यालय में डाला डेरा


बढी भाजपा-कांग्रेस की मुश्किलें


छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों के पहले चरण का नामांकन शुक्रवार से


सरताज सहित तीन मंत्रियों के नाम रोके


भाजपा लगी मोदी की छवि सुधारने में, 50 देशों के दूतावास को भेजा न्यौता


चुनाव के लिए तैयार रहे कांग्रेस