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गुरुकुल से स्मार्ट क्लास तक

मनोज कुमार

अनादिकाल से चली आ रहे गुरु पूर्णिमा मनाने की परम्परा को हमने जीवित रखा है लेकिन गुरु पूर्णिमा के महात्म को हम भूल चुके हैं. गुरु शिष्य परम्परा क्षरित होने के कगार पर है. इसका कारण समाज में नैतिक पतन है. शिक्षा जहां से अज्ञान का अंधेरा विलोपित होता है, उस शिक्षा ने व्यवसाय का रूप धर लिया है. शिक्षा अब ज्ञान और प्रकाशवान बनने के लिए नहीं है बल्कि शिक्षा अब रोजगार पाने का एक माध्यम है. जितनी ऊंची शिक्षा, उतने रोजगार के अवसर. शिक्षा के इस व्यवसायीकरण ने ही शिक्षा से संस्कार और भाषा को विलोपित करने में कोई कसर नहीं छोड़ा है. संस्कार के तिरोहित होते ही नैतिक बल स्वयं ही हाशिये पर चला गया है. अब हमारे साथ कोई वेदव्यास नह



स्वर्णिम भविष्य के स्वप्न दिखाती नयी शिक्षा नीति 

डाँ नीलम महेंद्र

बच्चे देश का भविष्य ही नहीं नींव भी होते हैं और नींव जितनी मजबूत होगी इमारत उतनी ही बुलंद होगी. इसी सोच के आधार पर नई शिक्षा नीति की रूप रेखा तैयार की गई है. अपनी इस नई शिक्षा नीति को लेकर मोदी सरकार एक बार फिर चर्चा में है. चूंकि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और लोकतंत्र में सबको अपनी बात रखने का अधिकार है जाहिर है इसके विरोध में स्वर उठना भी स्वाभाविक था, तो अपेक्षा के अनुरूप स्वर उठे भी. लेकिन मोदी सरकार इस शिक्षा नीति को लागू करने के लिए कितनी दृढ़ संकल्प है यह उसने अपनी कथनी ही नहीं करनी से भी स्प्ष्ट कर दिया है. दरअसल उसने इन विरोध के स्वरों को विवाद बनने से पहले ही हिन्दी को लेकर अपने विरोधियों की संकीर्ण सोच को अ



डाक्टर सिंधिया के नायाब नुस्खे

प्रकाश भटनागर

जब भोपाल में नया-नया आया था, मामला तब का है. मुझे तेज सरदी हो गयी. किसी की सलाह पर एक सरकारी डाक्टर के पास गया. उन्होंने इतनी दवाएं लिख डालीं कि उनकी कलम, परचा और मेरा बटुआ, तीनों हांफ गये. कैमिस्ट ने मुझ पर बेचारगी भरी नजर डाली और फिर मुस्कुराते हुए दवाओं के पैकेट बनाने लग गया. मैंने इतनी दवाओं का राज पूछा. वह बोला, सब खा लेना, हो सकता है कि इनमें से एकाध  वाकई सरदी पर असर कर जाएं. मैं फिर कभी उस डॉक्टर के पास नहीं गया. किंतु आज ज्योतिरादित्य सिंधिया को कांग्रेस की राष्ट्रीय स्तर की बीमारी का इलाज बताते देख उन डाकसाब की याद ताजा हो गयी.

गौर से सुनिये, जो सिंधिया ने भोपाल में पत्रकारों से कहा, पार्टी का नया राष्ट्रीय अ



भ्रष्टाचार की सफाई का संकल्प

ललित गर्ग

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार का करप्शन पर सशक्त वार करते हुए भ्रष्टाचार और पेशेवर कदाचार के आरोप में लिप्त अधिकारियों के ठिकानों पर सीबीआई की दस्तक एक नई भोर का आगाज है.ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों पर लगातार प्रहार के लिए केंद्र और राज्य सरकार के संकल्प की सराहना की जानी चाहिए.बुलंदशहर के जिलाधिकारी अभय सिंह और कौशल विकास निगम के प्रबंध निदेशक विवेक के अलावा कई अन्य बड़े अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई इस बात का प्रबल संकेत है कि केंद्र और राज्य सरकार भ्रष्टाचारमुक्त प्रशासन के लिये प्रतिबद्ध है.अरबों रुपयों के खनन घोटाले में इससे पहले गायत्री प्रजापति समेत कई सफेदपोशों और अधिकारियों को जेल भेजा जा चुका है.
भ्



बजट समीक्षाः जुमलों को जमीन पर उतारने की कवायद

प्रो.संजय द्विवेदी

वित्तमंत्री के नाते पहला बजट पेश करते हुए निर्मला सीतारमण ने अपने भाषण में दरअसल उन्हीं सपनों, आकांक्षाओं और नारों को जगह दी है, जिसके लिए मोदी सरकार अपने पहले कार्यकाल में कुछ कदम उठा चुकी थी. दरअसल यह बजट नवउदारवादी नीतियों के साथ-साथ आम लोगों के लिए जनकल्याण की तमाम योजनाओं को साधते हुए बहुत सावधानी से बनाया गया है. पेट्रोल और डीजल पर एक रूपए की एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने के अलावा कुछ ऐसा साफ तौर पर नहीं दिखता, जिससे जनता में सीधे तौर पर नाराजगी नजर आए. किंतु संसाधनों को जुटाने की जरूरत भी साफ नजर आती है, जिसके चलते बड़े लोगों की कमाई पर टैक्स दरें बढ़ाई गयी हैं. जिसमें 2 से तीन करोड़ कमानेवाले पर 3 प्रतिशत और 5 से 7 क



मोदी को धन्यवाद देना तो बनता है...

प्रकाश भटनागर

वाकई में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का धन्यवाद अदा किया जाना चाहिए.पूरा धन्यवाद अगर ना देना चाहे तो भी आधे पर तो उनका हक बनता है.निश्चित तौर पर मोदी ने भाजपा के शुभचिंतकों और संघ की विचारधारा के पैरोकारों के लिए तमसो मा ज्योतिर्मय का संदेश तो कम से कम दिया ही है.मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर, हरदा और फिर इंदौर की घटनाओं के बाद भाजपा के समर्थक और शुभचिंतक दोनों ही उलझन के शिकार थे.प्रहलाद पटेल और कमल पटेल के बेटों को तो उनके किए की सजा कानून भी देगा ही लेकिन इंदौर में कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश एक बड़े नेता के बेटे होने के अलावा एक सम्मानित जनप्रतिनिधि भी हैं.उन्होंने जो किया, उसकी अपेक्षा कोई भी नहीं कर सकता.भाजप



शराब के लिये गांधी का उपयोग अक्षम्य है...

ललित गर्ग

इजरायल की शराब बनाने वाली एक कंपनी ने शराब की बोतल पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर छापकर आदर्शहीनता, मूल्यहीनता एवं तथाकथित लाभ की विकृत मानसिकता का प्रदर्शन किया है.शराब के प्रचार के लिये एवं उसकी बिक्री बढ़ाने के लिये जिस तरह से गांधी की तस्वीर को शराब की बोतल पर दिखाया गया है, उससे न केवल भारत बल्कि दुनिया के असंख्य लोगों की भावना आहत हुई है.लेकिन प्रश्न है कि क्या सोच कर शराब-कम्पनी ने विश्वनायक एवं अहिंसा के पुरोधा गांधी का गलत, विकृत एवं घिनौना उपयोग करने का दुस्साहस किया गया? क्यों भारत की कोटि-कोटि जनता की भावनाओं को जानबूझकर आहत किया गया है? क्यों शराब जैसी वर्जित चीज के लिये गांधी को प्रचार-प



क्या ठंडे पड़े रियल एस्टेट कारोबार में नई गर्मी आ पाएगी?

अभिमनोज

पीएम नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल में जो निर्णय लिए गए थे, उनके कारण लंबे समय से रियल एस्टेट कारोबार ठंडा पड़ा हुआ है. सवाल यह है कि क्या आगे ऐसे निर्णय लिए जा सकेंगे कि रियल एस्टेट कारोबार में फिर से गर्मी आ सके? या इस कारोबार की कमर ही टूट जाएगी? 
रियल एस्टेट कारोबार को सबसे पहला और बड़ा झटका नोटबंदी के ऐलान के बाद लगा था. नोटबंदी के कारण अचानक अर्थचक्र गड़बड़ा गया और बड़े-बड़े फाइनेंसर, बिल्डर्स ने भी ठहरो और देखो की राह पकड़ ली. बाजार में कैश की किल्लत और फ्लो ने सबको चक्कर में डाल दिया. इसके बाद भी समय-समय पर कई बदलाव हुए, नए नियम भी बने. रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेशन एक्ट), पीएमएवाई (प्रधानमंत्री आवास योजना) आदि के फाय



रोबोटिक समाज की ओर बढ़ रहे हैं हम

डाँ नीलम महेंद्र

हाल ही में जर्नल ऑफ फैमिली मेडिसिन एंड प्राइमरी केअर की एक रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर 2011 से 2017 तक दुनिया भर में सेल्फी लेते समय 259 लोगों की मौत हुई.इनमें सबसे अधिक 159 मौतें  अकेले भारत में हुईं.जब 1876 में पहली बार फोन का आविष्कार हुआ था तब किसने सोचा था कि यह अविष्कार जो आज विज्ञान जगत में सूचना के क्षेत्र में क्रांति लेकर आया है कल मानव समाज की सभ्यता और संस्कारों में क्रांतिकारी बदलाव का कारण भी बनेगा.किसने कल्पना की थी जिस फोन से हम दूर बैठे अपने अपनों की आवाज़ सुनकर एक सुकून महसूस किया करते थे उनके प्रति अपनी फिक्र के जज्बातों पर काबू पाया करते थे एक समय ऐसा भी आएगा जब उनसे बात किए बिना ही बात हो जाएगी. जी हाँ आज का



दुनिया का सबसे खतरनाक नशा है- सेवा का नशा?

अनिता

दुनिया में कईं तरह के नशे हैं जो दिलोदिमाग पर खराब असर डालते हैं, हेल्थ बिगाड़ देते हैं, लेकिन सेवा का नशा, ऐसा नशा है जो कई बार दिलोदिमाग और हैल्थ पर तो खराब असर डालता ही है, कईं रिश्ते भी खराब कर देता है. जब जान-पहचान वाले लोग ही किसी व्यक्ति के सेवाभाव को समय गुजर जाने के बाद भूला देते हैं, तो उनके बदले बिहेव्हीयर से उस व्यक्ति को ऐसा ही झटका लगता है, जैसा किसी शराबी को डाॅक्टर कहता है कि- तुम्हें कैंसर है!
दरअसल, दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं, एक वे जिनके जीवन में सेवा का, समय का, रिश्तों का बड़ा महत्व होता है, तो दूसरी तरह के वे लोग होते हैं, जिनके जीवन में सबसे बड़ा रुपय्या होता है, लेकिन अक्सर सेवाभाव, रुपयों से मा



इमरजेंसी: उस तरफ और इस तरफ का लोकतंत्र

सौमित्र राय

देश के लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय यानी इमरजेंसी को आज 44 साल हो गए.25 जून 1975 की आधी रात को देश भर में अभिव्यक्ति की आज़ादी छीन ली गई थी.मुझे पता नहीं, कितनों को यह बात याद होगी, लेकिन मुझे अपने पिताजी का उदास चेहरा आज भी याद है, जब अगले 5 दिन वे अखबार के दफ्तर नहीं गए.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चुनाव में सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल और सरकारी कर्मचारी की मदद लेने जैसे 14 आरोपों में से 2 पर इंदिरा गांधी को अयोग्य ठहरा दिया था.रायबरेली से उनका निर्वाचन अवैध ठहराया गया.
बीजेपी के अभी 303 सांसद हैं और NDA के 353, लेकिन इंदिरा 352 के बहुमत से चुनकर आईं थीं.फिर भी इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग के पाले में गेंद डालने के बजाय अपना फैसला



कमाल है! एक राज्य, एक चुनाव तो हो नहीं पा रहे हैं और एक देश, एक चुनाव की चर्चा हो रही है?

प्रदीप द्विवेदी

कमाल है, एक राज्य एक चुनाव तो हो नहीं पा रहे हैं और एक देश एक चुनाव की चर्चा हो रही है. एक तरफ तो गुजरात में राज्यसभा की दो सीटों के लिए अलग-अलग उपचुनाव कराने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा है और दूसरी तरफ पीएम नरेन्द्र मोदी एक देश, एक चुनाव पर सर्वसम्मति बनाने की कवायद कर रहे हैं.
खबर है कि सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात में राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की अपील को 25 जून के लिए सूचीबद्ध करते हुए कहा है कि इस मुद्दे को सुने जाने की जरूरत है. अब चुनाव आयोग को 24 जून तक अपना जवाब देना होगा.
उल्लेखनीय है कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के गांधीनगर सीट से और स्मृति ईरानी के अमेठी सीट से लोकसभा पहुंचने के बाद ग



आयाराम-गयाराम की भीड़ में खोती जा रही है बीजेपी, क्या यही सियासी उपलब्धियां हैं?

अभिमनोज

लोकसभा चुनावों में आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की तेलगू देशम पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, नतीजा? टीडीपी के छह में से चार राज्यसभा सांसदों ने बीजेपी दामन थाम लिया है! सवाल यह है कि इसे सियासी सफलता माना जाए या फिर सिद्धान्तों की विदाई? क्या सिद्धान्तों के लिए पहचाने जाने वाली बीजेपी भी आयाराम-गयाराम की राजनीतिक भीड़ में खोती जा रही है? 
खबर है कि... टीडीपी सांसदों ने राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू को अपना इस्तीफा सौंपा था. इसके बाद बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इन्हें बीजेपी की सदस्यता दिलाई!
मजेदार बात यह है कि टीडीपी में यह उठापटक तब हुई है, जब पार्टी  प्रम



योग परम ब्रह्म से एकाकार होने का विज्ञान 

ललित गर्ग

भारतीय योग एवं ध्यान के माध्यम से भारत दुनिया में गुरु का दर्जा हासिल करने में सफल हो रहा है. इसीलिये समूची दुनिया के लिये अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस स्वीकार्य हुआ है. आज जीवन का हर क्षेत्र समस्याओं से घिरा हुआ है. दैनिक जीवन में अत्यधिक तनाव/दबाव महसूस किया जा रहा है. हर आदमी संदेह, अंतद्र्वंद्व और मानसिक उथल-पुथल की जिंदगी जी रहा है. मानसिक संतुलन अस्त-व्यस्त हो रहा है. मानसिक संतुलन का अर्थ है विभिन्न परिस्थितियों में तालमेल स्थापित करना, जिसका सशक्त एवं प्रभावी माध्यम योग ही है. योग एक ऐसी तकनीक है, एक विज्ञान है जो हमारे शरीर, मन, विचार एवं आत्मा को स्वस्थ करती है. यह हमारे तनाव एवं कुंठा को दूर करती है. जब हम य



फादर्स डे पर विशेष:छोटी ही रहना चाहती हूं...पापा

मनोज कुमार

अखबार पढ़ते हुये अचानक नजर पड़ी कि फादर्स डे आना वाला है. फादर्स डे जैसा चलन नए जमाने का है. सही मायनों में यह दिन पिता का दिन नहीं बल्कि बाजार का दिन है. भारतीय संस्कृति में पिता का दिन अर्थात वह दिन जब उनकी मृत्यु के पश्चात उनकी शांति के लिए तर्पण करते हैं. श्राद्ध पक्ष में यह क्रिया दिवंगत हो चुके परिवार के हर व्यक्तियों के लिए होती है लेकिन नए जमाने में पिता के इस खास दिन को बिसरा दिया गया है. पिता हो, माता हो, दादा-दादी हो या जीवनसाथी बाजार ने सबके लिए दिन नियत कर दिया है. यह दिन बाजार के लिए उत्सव का है लेकिन भारतीय संस्कृति और परम्परा के तर्पण का दिन है. हालांकि इस खराब हालात के बाद भी मेरा भरोसा टूटा नहीं है. छी



मोदी सरकार का भ्रष्टाचार पर सशक्त वार

ललित गर्ग

नरेन्द्र मोदी सरकार ने करप्शन पर सशक्त वार करते हुए भ्रष्टाचार और पेशेवर कदाचार के आरोप में आयकर विभाग के 12 वरिष्ठ अधिकारियों को सेवा से जबरन रिटायर करने का सराहनीय निर्णय लेकर एक मिसाल कायम की है.वरिष्ठ और अहम पदों पर बैठे भारतीय राजस्व सेवा के इन दंडित अधिकारियों पर रिश्वतखोरी, उगाही, यौन शोषण, अफसरशाही जैसे गंभीर आरोप हैं.वित्त मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत आयकर विभाग आर्थिक और वित्तीय संरचना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.मेहनत और ईमानदारी से अर्जित आय पर कर का भुगतान करनेवाले करदाताओं के बरक्स एक श्रेणी ऐसे लोगों की भी है, जो भ्रष्ट अधिकारियों से सांठ-गांठ कर करोड़ों रुपये की कर चोरी करते हैं एवं प्र



लोहा और गरम होना अभी बाकी है...

प्रकाश भटनागर

लोहा गरम है. लेकिन वह फिलहाल ममता बनर्जी के दिमाग से कम ही गरम हो पाया है. लिहाजा उस पर हथौड़ा चलाने का यह फिलहाल उचित अवसर नहीं है. हालात के बहाने हिसाब चुकाने का सही समय आ गया दिखता है, किंतु वह आया नहीं है. हां, खुशबू बता रही है कि वो रास्ते में है, मौजे-हवा के हाथ में उसका सुराग है. इसलिए  पश्चिम बंगाल के मामले में राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी को थोड़ा सा इंतजार कीजिए की तर्ज पर खुद को थामे रखना चाहिए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को  हम अभी से क्या बताएं, क्या हमारे दिल में है वाले अंदाज में संयम रखना होगा.   पिछले दो-तीन से चर्चा सरगर्म है कि पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन



रेव पार्टियों के नशे की भेंट चढ़ती युवापीढ़ी

ललित गर्ग

दिल्ली के युवा वर्ग में रेव पार्टियों का बढ़ता प्रचलन गंभीर चिन्ता का विषय है, एक त्रासदी है, विडम्बना है. ऐसे बहुत से गिरोह सक्रिय हैं जो दिल्ली के युवावर्ग को नशे की दलदल में ढकेल रहे हैं. दिल्ली और एनसीआर में एक के बाद एक पकड़ी जा रही रेव पार्टियों से स्पष्ट है कि दिल्ली का युवा वर्ग नशे की चपेट में आ चुका है. पहले उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक फार्म हाउस में चल रही रेव पार्टी पर छापा मारा गया था, तब 192 लोगों को गिरफ्तार किया गया था जिनमें 31 युवतियां भी शामिल थीं. अब दिल्ली के छतरपुर में एक कम्पाउंड में रेव पार्टी पर छापेमारी की गई. दिल्ली पुलिस और एक्साईज डिपार्टमेंट की कार्रवाई में नाबालिग लड़कों और लड़कियों समेत एक



करना होगा ऐसे दरिंदों का सामाजिक बहिष्कार

डाँ नीलम महेंद्र

हर आँख नम है हर शख्स शर्मिंदा है क्योंकि
आज मानवता शर्मसार है इंसानियत लहूलुहान है

एक वो दौर था जब नर में नारायण का वास था लेकिन आज उस नर पर पिशाच हावी है. एक वो दौर था जब आदर्शों नैतिक मूल्यों संवेदनाओं से युक्त चरित्र किसी सभ्यता की नींव होते थे लेकिन आज का समाज तो इनके खंडहरों पर खड़ा है. वो कल की बात थी जब मनुष्य को अपने इंसान होने का गुरूर था लेकिन आज का मानव तो  खुद से ही शर्मिंदा है. क्योंकि आज उस पिशाच के लिए न उम्र की सीमा है न शर्म का कोई बंधन. ढाई साल की बच्ची हो या आठ माह की क्या फर्क पड़ता है. मासूमियत पर हैवानियत हावी हो जाती है. लेकिन इस प्रकार की घटनाओं का सबसे शर्मनाक पहलू यह है कि ऐसी घटनाएं आज हमा



आखिर कहां जाएं बेटियां?

प्रो.संजय द्विवेदी

अलीगढ़ से भोपाल तक हमारी बेटियों पर दरिंदों की बुरी नजर है. आखिर हमारी बेटियां कहां जाएं जाएं ? इस बेरहम दुनिया में उनका जीना मुश्किल है. “यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमंते तत्र देवता” (जहां नारियों की पूजा होती है देवता वहां निवास करते हैं)का मंत्रजाप  करने वाले देश में क्या बच्चियां और स्त्रियां इतनी असुरक्षित हो गयी हैं कि उनका चलना कठिन है. शहर-दर-शहर उन पर हो रहे हमले और शैतानी हरकतें बताती हैं कि हमारा अपनी जड़ों से नाता टूट गया है. अपने को साबित करने के लिए निकली औरत के खिलाफ शैतानी ताकतें लगी हैं. वे उन्हें फिर उन्हीं कठघरों में बंद कर देना चाहती हैं, जिन्हें सालों बाद तोड़कर वे निकली हैं. हालात यह हैं क



मध्यप्रदेश की प्रथम विधानसभा के विधायक हैं 102 साल के नन्नाजू

विवेक कुमार पाठक

1957 में मध्यप्रदेश की पहली विधानसभा देखने वाले नन्नाजू अपनी राजनैतिक यात्रा में दर्जन भर मुख्यमंत्री देख चुके हैं. तब मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में विधायक विश्राम गृह नहीं था. पहली बार विधायक बने लक्ष्मीनारायण गुप्ता नन्नाजू बांस के तंबुओं में अपने साथी विधायकों के साथ रुके थे. अपने उन राजनैतिक साथियों के बीच अब केवल वे ही  उस पहली विधानसभा के जीवित हस्ताक्षर हैं. सरोकारों की राजनीति करने वाले नन्नाजू 102 साल की अवस्था में जनसेवा की विरले ललक रखते हैं. सरोकारों को समर्पित राजनीति के प्रतीक नन्नाजू आज से जीवन के 103वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं.

भाजपा के वयोवृद्ध नेता, सात बार विधायक रहने वाले प्रदेश के



पर्यावरण और बेपरवाह समाज

मनोज कुमार

कुछेक तारीखें हमारी छाती पीटने के लिए तय कर दी गई हैं. विलाप करने का मौका भी ये तारीखें हमें देती हैं. इन्हीं तारीखों में 5 जून भी एक ऐसी ही तारीख है जिस दिन पर्यावरण सुरक्षा के नाम पर सियापा करते हैं और दिन बीतते ना बीतते हम 5 जून को बिसरा देते हैं. खैर, ऐसा करना हम भारतीयों की जीवनशैली बन गई है क्योंकि हम उत्सव प्रेमी हैं और किसी भी तारीख पर उत्सव की बेसब्री से प्रतीक्षा करते हैं. पर्यावरण का संकट दिन-ब-दिन गहराता जा रहा है. ज्यों ज्यों किया इलाज, त्यों-त्यों बढ़ता गया मर्ज वाली कहावत चरितार्थ हो रही है. पर्यावरण के जानकार चेता रहे हैं, सजग कर रहे हैं लेकिन हमारी नींद नहीं टूट रही है. पर्यावरण संरक्षण के लिए अकेले सर



कांग्रेस को अपनी हार नहीं, बीजेपी की जीत की समीक्षा करनी चाहिए

डाँ नीलम महेंद्र

2019 के लोकसभा नतीजे कांग्रेस के लिए बहुत बुरी खबर लेकर आए.और जैसा कि अपेक्षित था, देश की सबसे पुरानी पार्टी में भूचाल आ गया.एक बार फिर हार की समीक्षा के लिए कमेटी का गठन हो चुका है.पार्टी में इस्तीफों की बाढ़ आ गई है.खबर है कि खुद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस्तीफा देने पर अड़े हैं.लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता से लेकर आम कार्यकर्ता तक राहुल गांधी और उनके नेतृत्व में अपना विश्वास जता रहे हैं.यह अच्छी बात है कि ऐसे कठिन दौर में भी किसी संगठन का अपने नेतृत्व पर भरोसा कायम रहे.लेकिन ऐसा कम ही देखने को मिलता है कि लगातार मिलने वाली असफलताओं के बावजूद उस संगठन के बड़े नेता से लेकर आम कार्यकर्ता तक अपने नेता के साथ मजबूत



हिन्दी पत्रकारिता दिवस: कहां से चले थे, कहां पहुंचे?

मनोज कुमार

अपने इतिहास का स्मरण करना भला-भला सा लगता है. और बात जब हिन्दी पत्रकारिता की हो तो वह रोमांच से भर देता है. वह दिन और वह परिस्थिति कैसी होगी जब पंडित जुगलकिशोर शुक्ल ने हिन्दी अखबार आरंभ करने का दुस्साहस किया. तमाम संकटों के बाद भी वे आखिरी दम तक अखबार का प्रकाशन जारी रखा. अंतत: साल भर के छोटे से समय में अखबार का प्रकाशन बंद करना पड़ा. हिन्दी पत्रकारिता में मील के पत्थर के रूप में आज हम उदंत मार्तंड का स्मरण करते हैं. हिन्दी के विलग अन्य कई भाषाओं में अखबारों का प्रकाशन हुआ लेकिन उदंत मार्तंड ने जो मुकाम बनाया, वह आज भी हमारे लिए आदर्श है. हालांकि जेम्स आगस्टक हिक्की के बंगाल गजट को भारत का पहला प्रकाशन कहा जाता है



हिमालय में ग्लेशियर के पिघलने से जुड़े खतरे 

ललित गर्ग

वर्तमान समय में पर्यावरण के समक्ष तरह-तरह की चुनौतियां गंभीर चिन्ता का विषय बनी हुई हैं. ग्लोबल वॉर्मिंग की वजह से ग्लेशियर तेजी से पिघल कर समुद्र का जलस्तर तीव्रगति से बढ़ा रहे हैं. जिससे समुद्र किनारे बसे अनेक नगरों एवं महानगरों के डूबने का खतरा मंडराने लगा है. हिमालय में ग्लेशियर का पिघलना कोई नई बात नहीं है. सदियों से ग्लेशियर पिघलकर नदियों के रूप में लोगों को जीवन देते रहे हैं. लेकिन पिछले दो-तीन दशकों में पर्यावरण के बढ़ रहे दुष्परिणामों के कारण इनके पिघलने की गति में जो तेजी आई है, वह चिंताजनक है.
ग्लोबल वार्मिंग का खतरनाक प्रभाव अब साफतौर पर दिखने लगा है. देखा जा सकता है कि गर्मियां आग उगलने लगी हैं और



जातिवाद से आजाद होता देश का लोकतंत्र

डाँ नीलम महेंद्र

2019 के लोकसभा चुनाव परिणाम कई मायनों में ऐतिहासिक रहे. इस बार के चुनावों की खास बात यह थी कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के चुनाव परिणामों पर देश ही नहीं दुनिया भर की नज़रें टिकी थीं.और इन चुनावों के  परिणामों ने विश्व में जो आधुनिक भारत की नई छवि बन रही थी उस पर अपनी ठोस मोहर लगा दी है कि ये वो भारत है जिसका केवल नेतृत्व ही नहीं बदला बल्कि यहां का जनमानस भी बदला है उसकी सोच भी बदल रही है.ये वो भारत है जो केवल  बाहर से ही नहीं भीतर से भी बदल रहा है.इस भारत का  लोकतंत्र भी बदल रहा है.जो लोकतंत्र जातिवाद मजहब समुदाय की बेड़ियों में कैद था उसे विकास ने आज़ाद करा लिया है.इसकी बानगी दिखी नतीज़ों के बाद जब सेंसेक्स ने भी मोदी &nbs



ईवीएम,चुनाव,राजनीति व लोकतंत्र

कुमार राकेश

देश में ऐसा क्या हो गया है कि सभी विपक्षी दल अपना गुस्सा और हताशा अब बेचारी चुनावी मशीन ईवीएम पर निकालने पर तुल गयी है.विपक्ष अब विश्वास के बजाय भ्रम,शक,सुबहा और अविश्वास की राजनीति को बढ़ावा देने में जुट गया है,ऐसा क्यों?
ईवीम का मतलब सीधा चुनाव आयोग,जो कि हमारे लोकतंत्र में एक स्वतंत्र और निष्पक्ष निकाय है.आयोग की निष्पक्षता को लेकर हारने वाले दल अक्सर अपना विरोध जताते रहे है और आज भी जता रहे है.शायद उसे वे अपना लोकत्रांतिक अधिकार के तौर पर देखते हैं.मेरे विचार से मुद्दा यहाँ पर ईवीम नहीं,बल्कि चुनावी हार का अंदेशा है.उस अंदेशे से सभी विपक्षी दल अलग अलग किस्म के तनाव से ग्रस्त हैं ,जिसका सम्बन्ध आम जनता की ह



प्याऊ पर बोतल का पानी भारी

मनोज कुमार

भारतीय परम्परा में दान का सबसे ऊंचा स्थान रहा है. जन्म से लेकर मृत्यु तक हमारी परम्परा में दान का उल्लेख आता है. तथाकथित सभ्य समाज कई बार इस परम्परा पर आक्षेप करता है लेकिन यह भूल जाता है कि दान से आशय भीख देना नहीं होता है अपितु एक संस्कार होता है. एक सभ्यता का जन्म होता है और एक मनुष्य के प्रति मनुष्यता का भाव होता है. आज हम विकास के नए प्रतिमान गढ़ रहे हंै लेकिन इसके साथ ही परम्परा का विनाश भी कर रहे हैं. परम्पराओं के साथ समाज की वर्जनाएं टूट रही हैं. इससे व्यक्ति का नहीं, समाज का नुकसान हो रहा है. समाज का तानाबाना बिखर रहा है. रिश्तों में कड़़ुवाहट घुल रही है. यकीन ना हो तो अपने आसपास देख लीजिए. अंग्रेजी के एक शब्द



एक नए अध्याय के शुरुआत की आहट

ललित गर्ग

सत्रहवीं लोकसभा के चुनाव का सातवां और आखिरी चरण संपन्न होते ही इलेक्ट्रोनिक मीडिया पर एक्जिट पोल के रुझान आने शुरु हो गये, जिनमें एक बार फिर नरेन्द्र मोदी सरकार बनने एवं एनडीए के बहुमत का एक नया इतिहास बनने के संकेत मिले हैं. एक्जिट पोल मतदाता के फैसले का प्रस्तुतीकरण नहीं है बल्कि यह मात्र रुझान को जानने की प्रक्रिया है, मतदाता का असली निर्णय एवं पूरे देश का भविष्य तो इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों और वीवीपैट की पर्चियों में बंद हैं, जो 23 मई को मतों की गिनती के बाद सार्वजनिक हो जाएगा. लेकिन यह लगभग तय है और एक्जिट पोल से पहले ही ऐसे संकेत मिलने लगे थे कि इस 2019 के चुनाव में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिल रहा है और एक स्थि



अभिमनोजः छिंदवाड़ा के कारण एमपी, गुजरात-राजस्थान बनने से रह गया!

अग्निपरीक्षा में खरी उतरी ईवीएम, वीवीपैट का मिलान 100 फीसदी सही साबित हुआ

17 राज्यों में नहीं खुला कांग्रेस का खाता

मुंबई नॉर्थ सीट से उर्म‍िला मातोंडकर की करारी 'हार', ट्वीट कर EVM पर उठाए सवाल

अभिमनोजः कांग्रेसी एक-दूजे को निपटा रहे थे, जनता ने सबको निपटा दिया?

प्रदीप द्विवेदीः पीएम मोदी टीम ने तो हार से सबक लिया! लेकिन, कांग्रेस जीत भी संभाल नहीं पाई?

पीएम मोदी ने जनता को किया धन्यवाद, कहा- यह मेरी नहीं लोकतंत्र की विजय

नेहरू, इंदिरा के बाद मोदी ने रचा इतिहास, पूर्ण बहुमत के साथ दूसरी बार सत्ता में वापसी

प्रदीप द्विवेदीः कौन जीतेगा? कौन हारेगा? लोकसभा चुनाव में किसके सितारे बुलंद हैं!

प्रदीप द्विवेदीः बीजेपी 2014 दोहरा नहीं पाई, तो क्या नैतिक आधार पर नरेन्द्र मोदी- नितिन गड़करी को अवसर देंगे?

राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं को दी सलाह - अगले 24 घंटे रहे सतर्क और चौकन्ना

चुनाव आयोग की बैठक में फैसला, वीवीपैट मिलान में नहीं होगा कोई बदलाव

अभिमनोजः अब एग्जिट पोल से अलग नतीजों पर चर्चा क्यों?

प्रदीप द्विवेदीः क्या लोकसभा चुनाव को लेकर एग्जिट पोल प्रायोजित हैं? तोता पोल पर तीन बड़े सवाल

अभिमनोजः क्या लोकसभा चुनाव में एमपी से वाकई कांग्रेस को कुछ नहीं मिलेगा?

विज्ञापन पर खर्च करने वाली पार्टी में भाजपा अव्वल, जानें अन्य पार्टियों का हाल

नतीजों से पहले अमित शाह की डिनर डिप्लोमेसी, कई बड़े दिग्गज नेता होंगे शामिल

प्रदीप द्विवेदीः तोता पोल से काहे तोते उड़ गए विपक्षी दलों के?

वित्‍त मंत्री अरुण जेटली बोले- सभी एक्जिट पोल गलत नहीं हो सकते

एग्जिट पोल से भाजपा में उत्साह, सियासी हलचल तेज, नायडू ने उठाए ईवीएम पर सवाल

प्रदीप द्विवेदीः लोकसभा चुनाव एग्जिट पोल के नतीजे... दिशा सही! दशा पता नहीं?

टाइम्स नाउ-वीएमआर एग्जिट पोल के मुताबिक एक बार फिर मोदी सरकार

अभिमनोजः काहे अरविंद भाई दिल्ली में मुस्लिम वोटों की गणित में उलझे हैं?

लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में 59 सीटों पर शाम 5 बजे तक 60.01 फीसदी मतदान

कांग्रेस ने बदली अपनी TWITTER DP - लगाई महात्मा गांधी की फोटो

हार जायेंगे मोदी, बनारस में दोहराया जायेगा 1977 वाला रायबरेली का इतिहास : मायावती

प्रदीप द्विवेदीः प्रधानमंत्री की मौनी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर विदेशी प्रेस ने भी निशाना साधा?

इस बार लोकसभा चुनाव में 255 करोड़पति महिलाएं चुनाव मैदान में

अभिमनोजः इसलिए बीजेपी के लिए खास है, अन्तिम चरण का लोकसभा चुनाव मतदान!

प्रदीप द्विवेदीः पीएम मोदी की पहली गूंगी प्रेस कॉन्फ्रेंस, किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया!

लोकसभा चुनाव: 50 लोकसभा सीटों पर थमा प्रचार, 19 मई को डाले जाएंगे वोट

प्रदीप द्विवेदीः पीएम मोदी की किस्मत अच्छी है जो प्रियंका गांधी संयुक्त विपक्ष उम्मीदवार नहीं बन पाई?

प्रदीप द्विवेदीः सीएम अशोक गहलोत राजस्थान में, तो उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट प्रदेश के बाहर सियासी मोर्चे पर!

अभिमनोजः सियासत में आदर्श प्रस्तुत करना जितना आसान, इसके लिए औरों को तैयार करना उतना ही मुश्किल है!

पीएम मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह बोले -300 से ज्यादा सीटें, जिताएगा बंगाल

अराजक तत्वों ने तोड़ा मंच, योगी आदित्यनाथ की कोलकाता रैली रद्द

प्रदीप द्विवेदीः कमल हासन! आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता है, हत्यारे की कोई जाति नहीं होती है...

राजस्थानः मालवीया को विश्वास- केन्द्र में कांग्रेस सरकार होगी, राहुल होंगे प्रधानमंत्री!

प्रदीप द्विवेदीः अब समझ में आया! पीएम मोदी क्यों प्रेस कांफ्रेंस से कतराते हैं?

मोदी पर मायावती का विवादित बयान, कहा घबराती हैं भाजपा नेताओं की पत्नियां

अभिमनोजः सामूहिक दुष्कर्म जैसे मामलों पर सियासत क्यों करते हैं राजनेता?

सुमित्रा महाजन से बोले मोदी-ताई भूख लगी है, भोजन लाई हो, मैं गाड़ी में खा लूंगा

पीएम मोदी ने कहा दिग्विजय सिंह ने वोट न डालकर बहुत बड़ा पाप किया

मल्लिकार्जुन खड़गे के बिगड़े बोल, कहा- कांग्रेस 40 सीटें जीती तो मोदी लगाएंगे फांसी? ?

कमल हासन का विवादित बयान, बोल- आजाद भारत का पहला आतंकी था हिंदू

वाराणसी से मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे बाहुबली अतीक अहमद ने मैदान छोड़ा

बंगाल में अमित शाह की रैली को नहीं मिली मंजूरी, हेलिकॉप्टर लैंडिंग की भी इजाजत नहीं

प्रदीप द्विवेदी: राजस्थान की लोकसभा सीटों के हिसाब से- कौन बनेगा प्रधानमंत्री?

लोकसभा चुनाव: छठे चरण में 59 सीटों पर कुल 61.16 प्रतिशत वोटिंग, बंगाल में बवाल

बंगाल में ‘हिंसा’ का छठा चरण, TMC-BJP कार्यकर्ताओं की हत्या, 2 को मारी गोली

अभिमनोजः सियासी जंग में फेक न्यूज का जोर, सच सामने आने तक तो बहुत असर दिखा जाती हैं ऐसी खबरें!

प्रदीप द्विवेदीः क्या महान प्रधानमंत्री बनने का अवसर गंवा चुके हैं पीएम नरेन्द्र मोदी?

अभिमनोजः तो इसलिए राजीव गांधी पर निशाना साध रहे हैं पीएम नरेन्द्र मोदी?

दक्षिणी दिल्ली के प्रत्याशी दलबीर सिंह मलिक को मिल रहा भारी जनसमर्थन

डॉ चौहान का भाजपा पर संवैधानिक संस्था के दुरुपयोग का आरोप

प्रदीप द्विवेदीः अब बतौर पीएम, मोदी के विकल्प में गड़करी, राजनाथ के अलावा नीतीश का नाम भी आया?

अभिमनोजः दिल्ली में कांग्रेस के पास खोने के लिए कुछ नहीं, आप-बीजेपी की प्रतिष्ठा दांव पर?

प्रदीप द्विवेदीः सियासी सागर में धक्के मार-मार कर पीएम मोदी ने राहुल गांधी को सफल राजनीतिक तैराक बना दिया?

बीजेपी नेता हेमंत बिस्वा सरमा और पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष पर हमला

प्रियंका गांधी का पीएम मोदी पर वार, कहा- अहंकार तो दुर्योधन का भी नष्ट हुआ था

अभिमनोजः अब बीजेपी नेताओं के भी स्वर... अबकी बार, गठबंधन सरकार?

प्रदीप द्विवेदीः जनता के तो छोड़ो, जनसंघ-बीजेपी के भी अच्छे दिन नहीं आए पीएम मोदी राज में?

ईवीएम-वीवीपैट के मुद्दे पर 21 दलों की पुनर्विचार याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया

स्वामी के बाद बोले राम माधव- चुनाव बाद पड़ सकती है सहयोगियों की जरूरत

लोकसभा चुनाव : पांचवें चरण में 62.56% वोटिंग, कई दिग्गजों की किस्मत EVM में बंद

प्रदीप द्विवेदीः यह राजीव गांधी का नहीं, देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न का अपमान है?

नरेंद्र मोदी दोबारा सर्वसम्मति से चुने गए एनडीए संसदीय दल के नेता

कर्नाटक में बीजेपी की करारी हार, कांग्रेस ने मारी बाजी- सुरजेवाला ने मोदी पर कसा तंज

अमरनाथ यात्रा के बाद होंगे जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव आयोग ने कर दिया ऐलान

प्रदीप द्विवेदीः तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एआईएडीएमके के लिए सत्ता बचाना मुश्किल होगा!

अभिमनोजः आयाराम-गयाराम की भीड़ में खोती जा रही है बीजेपी, क्या यही सियासी उपलब्धियां हैं?

प्रदीप द्विवेदीः कमाल है! एक राज्य, एक चुनाव तो हो नहीं पा रहे हैं और एक देश, एक चुनाव की चर्चा हो रही है?

अभिमनोजः क्या आपसी सियासी विवादों के बोझ से ही कर्नाटक में टूट जाएगा कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन?

अभिमनोजः वीरप्पा मोइली की बात में दम है- गठबंधन नहीं होता तो कांग्रेस फायदे में रहती?

ललित गर्गः कांग्रेस पार्टी को सही दिशाओं की तलाश

अभिमनोजः ममता बनर्जी को तब समझ में आ गया होता तो आज ऐसी अपील नहीं करनी पड़ती?

प्रदीप द्विवेदी: यूपी, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी को हराना मुश्किल है?

प्रदीप द्विवेदीः मोदी-शाह, गांधी परिवार पर क्यों निशाना साधते रहे हैं?

अभिमनोजः राहुल गांधी की जिद पर भरोसा करें या कांग्रेसी नेताओं की उम्मीदों पर?

अभिमनोजः अध्यक्ष के लिए नाम तो बहुत हैं, पर कौन कांग्रेस की सियासी नैय्या पार लगाएगा?

प्रदीप द्विवेदीः कर्नाटक के नाटक का अंत तो तय है? लेकिन, राजस्थान में तख्ता-पलट आसान नहीं है!

अभिमनोजः कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार को कोई चमत्कार ही बचा सकता है!

"नहीं करूंगा मतदान"





बंपर वोटिंग जारी, अब तक पश्चिम बंगाल में 48 और यूपी में 36 फीसदी मतदान


योग शिविरों को न बनाएं राजनीतिक मंच: चुनाव आयोग


सबको पेंशन, दवा और घर देगी काँग्रेस, घोषणापत्र जारी


राजस्थान में खिलेगा कमल, मुरझाएगा पंजा, चुनावी सर्वे का दावा


प्राकृतिक आपदा में राहत देने से नहीं रोकती चुनाव आचार संहिता, भोपाल में बोले मुख्य चुनाव आयुक्त


चुनावी सर्वे में शिवराज ने लगाई हैटट्रिक


अब इलेक्शन नॉमिनेशन फॉर्म में बताना होगा सोशल मीडिया एकाउंट


हरियाणावासी नहीं, कैदी बनाएंगे चौटाला को सीएम : बीरेंद्र सिंह


सोशल मीडिया पर चुनाव प्रचार का खर्च भी उम्मीदवार के खर्च में जुड़ेगा


अफवाहों में बट रहा टिकट, उम्मीदवारों ने पार्टी मुख्यालय में डाला डेरा


बढी भाजपा-कांग्रेस की मुश्किलें


छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों के पहले चरण का नामांकन शुक्रवार से


सरताज सहित तीन मंत्रियों के नाम रोके


भाजपा लगी मोदी की छवि सुधारने में, 50 देशों के दूतावास को भेजा न्यौता


चुनाव के लिए तैयार रहे कांग्रेस


बंपर वोटिंग जारी, अब तक पश्चिम बंगाल में 48 और यूपी में 36 फीसदी मतदान


योग शिविरों को न बनाएं राजनीतिक मंच: चुनाव आयोग


सबको पेंशन, दवा और घर देगी काँग्रेस, घोषणापत्र जारी


राजस्थान में खिलेगा कमल, मुरझाएगा पंजा, चुनावी सर्वे का दावा


प्राकृतिक आपदा में राहत देने से नहीं रोकती चुनाव आचार संहिता, भोपाल में बोले मुख्य चुनाव आयुक्त


चुनावी सर्वे में शिवराज ने लगाई हैटट्रिक


अब इलेक्शन नॉमिनेशन फॉर्म में बताना होगा सोशल मीडिया एकाउंट


हरियाणावासी नहीं, कैदी बनाएंगे चौटाला को सीएम : बीरेंद्र सिंह


सोशल मीडिया पर चुनाव प्रचार का खर्च भी उम्मीदवार के खर्च में जुड़ेगा


अफवाहों में बट रहा टिकट, उम्मीदवारों ने पार्टी मुख्यालय में डाला डेरा


बढी भाजपा-कांग्रेस की मुश्किलें


छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों के पहले चरण का नामांकन शुक्रवार से


सरताज सहित तीन मंत्रियों के नाम रोके


भाजपा लगी मोदी की छवि सुधारने में, 50 देशों के दूतावास को भेजा न्यौता


चुनाव के लिए तैयार रहे कांग्रेस