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एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर से बैचेन कांग्रेस 

कुमार राकेश

15 जनवरी 2019 को हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हूडा के दिल्ली स्थित आवास पर सालाना भोज  था.उसमे कांग्रेस सहित अमूमन सभी दलों के नेता और सभी  सक्रिय और वरिष्ठ पत्रकार आमंत्रित हुआ करते है.मै भी आमंत्रित था.इस भोज का ये सिलसिला पिछले कई वर्षो से चल रहा है.
 इस बार का भोज में कुछ अलग किस्म का उत्साह दिखा.जो पिछले चार वर्षों में नहीं दिखा था.वजह तीन बड़े राज्यों में कांग्रेस राज की वापसी थी.पर इस बार भोज को मैंने विशेष तौर पर खबरी मूड और मोड में रखा.खबर थी -नई विवादित राजनीतिक फिल्म द एक्सीडेंटल प्राइममिनिस्टर  की सत्यता के साथ  कांग्रेस नेताओ की  प्रतिक्रिया.
फिल्म में फोकस पूर्व प्रधान



समरकंद संवाद है आतंक के खिलाफ आवाज

ललित गर्ग

उज्बेकिस्तान की राजधानी समरकंद में भारत, अफगानिस्तान और पांच मध्य एशियाई देशों ने एकजुट होकर आतंकवाद से निपटने का संकल्प लिया है.इन देशों में एवं दुनिया के अन्य हिस्सों में आतंकवाद जितना लम्बा चल रहा है, वह क्रोनिक होकर विश्व समुदाय की जीवनशैली का अंग बन गया है.इसमें ज्यादातर वे युवक हैं जो जीवन में अच्छा-बुरा देखने लायक बन पाते, उससे पहले उनके हाथों में एके-47 एवं ऐसे ही घातक हथियार थमा दिये जाते है.फिर जो भी वे करते हैं, वह कोई धर्म नहीं कहता.आखिर कोई भी धर्म उनके साथ नहीं हो सकता जो उसकी पवित्रता को खून के छींटों से भर दे.आखिर आतंकवाद का अंत कहां होगा? तेजी से बढ़ता आतंकवादी हिंसक दौर किसी एक देश का दर्द नहीं रह



कांग्रेस को मोदी का आरक्षण झटका

कुमार राकेश

समय से बड़ा कोई नहीं और राजनीति में समय का बड़ा महत्व माना जाता है.समय के परिपेक्ष्य में भारत के प्रधान मंत्री नरेन्द्र भाई मोदी का जवाब नहीं.श्री मोदी समय के पुजारी कहे जाते हैं.शायद इसलिए उन्होंने उचित समय पर देश को एक जोर का झटका दिया है ,मगर धीरे से.वो है दस प्रतिशत सवर्ण गरीब को आरक्षण दिए जाने का.सच में ये एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व फैसला है श्री मोदी जी के द्वारा देश के लिए.वैसे देखना ये होगा कि इस वर्ष 2019 के लोक सभा चुनाव में मोदी की पार्टी भाजपा को कितना लाभ मिलता है.
लेकिन मुझे उस बात से हैरानी है कि कभी आरक्षण का विरोध करने वाले नरेन्द्र भाई मोदी अचानक उसके समर्थन में कैसे आ गए? क्या मजबूरी रही होगी उनकी .सम



आर्थिक आरक्षण की सुबह का होना

ललित गर्ग

नरेन्द्र मोदी सरकार ने आर्थिक निर्बलता के आधार पर दस प्रतिशत आरक्षण देने का जो फैसला किया है वह निश्चित रूप से साहिसक कदम है, एक बड़ी राजनीतिक पहल है. इस फैसले से आर्थिक असमानता के साथ ही जातीय वैमनस्य को दूर करने की दिशा में नयी फिजाएं उद्घाटित होंगी. निश्चित ही मोदी सरकार ने आर्थिक तौर पर कमजोर लोगों के लिए यह आरक्षण की व्यवस्था करके केवल एक सामाजिक जरूरत को पूरा करने का ही काम नहीं किया है, बल्कि आरक्षण की राजनीति को भी एक नया मोड़ दिया है. इस फैसले से आजादी के बाद से आरक्षण को लेकर हो रहे हिंसक एवं अराजक माहौल पर भी विराम लगेगा. 
देशभर की सवर्ण जातियां आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग करती आ रही हैं. भारतीय संव



नेता पुत्र-पुत्रियों की व्यथा

हेमेन्द्र क्षीरसागर
राजनीति की डगर बहुत कठिन मानी जाती है लेकिन इस पर चलने वालों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती ही जा रही है. भागदौड़ में राजनेताओं के पुत्र पुत्रियां भी पीछे नहीं है, अच्छी खासी तादात में इनका दखल राजनीति में बढ़ता ही जा रहा है . बावजूद यहां मामला कुछ उल्टा ही पड़ा दिखता है. जहां अन्य क्षेत्रों में वारिसों को अपने परवरिश के आधार पर खानदानी पेशा अपनाने पर कोई नानूकर नहीं होती. जिस पर हर कोई फक्र की बात कहकर हौसला अफजाई करते है. करना भी जरूरी है क्योंकि पंरपंरागत पेशे को बचाए रखना आज की जरूरत है. गौरतलब रहे व्यवसाय व राजनैतिक सेवाओं में अंतर तो है परन्तु मंशा एक ही देश की उन्नति, विकास और जनकल्याण. बतौर व्यापार में योग्यता और


समय है ज्ञान को किताबों से बाहर निकालने का

डाँ नीलम महेंद्र

आज सोशल मीडिया केवल अपनी बात कहने का एक सशक्त माध्यम नहीं रह गया है बल्कि काफी हद तक वो समाज का आईना भी बन गया है. क्योंकि कई बार उसके माध्यम से हमें अपने आसपास की वो कड़वी सच्चाई देखने को मिल जाती है जिसके बारे में हमें पता तो होता है लेकिन उसके गंभीर दुष्परिणामों का अंदाजा नहीं होता. ताज़ा उदाहरण सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल होते एक वीडियो का है जिसमें कॉलेज के युवक युवतियों से हाल के विधानसभा चुनावों के बाद नई सरकार के विषय में उनके विचार जानने की कोशिश की जा रही है. प्रश्नकर्ता हर युवक युवती से पूछती है कि चुनावों के बाद मध्यप्रदेश का राष्ट्रपति किसे बनना चाहिए? किसी ने किसी नेता का नाम लिया तो किसी ने दूसरे का.



फसल लागत घटाना भी ज़रूरी

अरुण तिवारी

हिंदी पट्टी के तीन राज्यों के चुनावी नतीजों  में  किसानों की कर्ज माफी के वादे को एक निर्णायक आधार माना जा रहा है. हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि यह समाधान नहीं, महज् कुछ समय के लिए राहत देने वाला कदम है. किंतु यह कदम किसान को स्वावलंबी और सशक्त नहीं बना सकता. अतः भारत की कृषि समस्याओं के समाधान की दृष्टि इसकी बहुत तारीफ भी नहीं की जा सकती.

यह सच है कि न्यूनतम समर्थन खरीद मूल्य और सरकारी खरीद...दोनो की क्षमता बढ़ाने तथा किसानों को न्यूनतम मूल्य से कम  में  फसल बेचने के लिए विवश करने वाले खुले बाज़ार पर सख्ती बरतकर किसानों को लाभ पहुंचाया जा सकता है. उत्पादक से उपभोक्ता के बीच सक्रिय दलालों के मुनाफे को नियंत



अब आदिवासी एवं दलित होंगे निर्णायक

ललित गर्ग

आगामी लोकसभा चुनावों में आदिवासी एवं दलित की निर्णायक भूमिका होगी, इस बात का संकेत हाल ही में सम्पन्न पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में देखने को मिला है. कांग्रेस की जीत में दलित-आदिवासी समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका बनी है, जबकि भाजपा को इन समुदायों ने आंख दिखायी है. बातों से एवं लुभावने आश्वासनों से ये समुदाय वश में आने वाले नहीं है. राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के आदिवासी समुदायों की नाराजगी को नजरअंदाज करने के कारण इन तीनों ही राज्यों में भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा है. लोकसभा चुनावों में दलित और आदिवासी समाज की नाराजगी की अनदेखी करना हार का सबब बन सकता है. 

 

भाजपा सरकार को अपने कार्य



सामाजिक बल अर्थात सोशल फोर्स

गिरीश बिल्लोरे “मुकुल”

किसी ने मित्र ने मुझसे सवाल किया कि क्या सामाजिक बदलाव में न्यायपालिका व्यवस्थापिका कार्यपालिका प्रेस सभी की भूमिका होती है क्या यदि हाँ तो कैसी ?
जी हां 100% होती है .इस कॉन्फिडेंट उत्तर के बाद मैंने उनसे पूछा कि - श्रीमान मुझे बताएं कि आप किस प्रकार के बदलाव की बात कर रहे हैं ?
मेरे प्रतिप्रश्न को अपनी ओर आया प्रहार समझ कर भाई साहब जरा सा तनावग्रस्त दिखे .मित्र को यह समझाना पड़ा कि भाई बदलाव दो तरह के होते हैं. सृजनात्मक  एवं विध्वंसक तब कहीं मित्र जरा शीतल हुए.. 
उनने सृजनात्मक बदलाव को चुना .
जो कुछ बात हुई  उसे अपनी शैली में आप सबसे बाँट रहा हूँ.
सकारात्मक बदलाव  में प्रमुख भूमिका होती है सामाज



क़र्ज़ माफ़ी सत्ता की चाबी

डाँ नीलम महेंद्र

तीन राज्यों में विधानसभा चुनावों के नतीजों के परिणामस्वरूप कांग्रेस की सरकार क्या बनी, न सिर्फ एक मृतप्राय अवस्था में पहुंच चुकी पार्टी को संजीवनी मिल गई, बल्कि भविष्य की जीत का मंत्र भी मिल गया.जी हाँ, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपने इरादे स्पष्ट कर चुके हैं कि किसानों की कर्जमाफी के रूप में उन्हें जो सत्ता की चाबी हाथ लगी है उसे वो किसी भी कीमत पर अब छोड़ने को तैयार नहीं हैं.दो राज्यों के मुख्यमंत्रियो ने शपथ लेने के कुछ घंटों के भीतर ही चुनावों के दौरान कांग्रेस की सरकार बनते ही किसानों के कर्जमाफ करने के राहुल गांधी के वादे को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है.एक प्रकार से कांग्रेस ने यह स्पष्ट कर दिय



Rising number of tigers covers double forest beat area

पलपलइंडिया

Sunita Dube . The International Tiger Day has brought happiness this year in Madhya Pradesh. Figures in the first phase of the All India Tiger Assessment 2018 indicate towards a handsome increase in the number of tigers. In the assessment of the first phase of the year 2014, the presence of 308 tigers was found in the state's 717 forest beat. Against this, there is evidence of the presence of tigers has been found in 1432 beats in four cycles held from February 5 to March 26 in year 2018. A tiger makes its own independent territory. With the rise in the number of tigers, the adolescent tigers have started turning into new areas. Shifting of tigers in Sanjay Gandhi, Panna, Satpura Tiger Reserve etc. from the tiger- dominated areas of the forest department have also resulted in new pairs instead of their mutual fight for establishing supremacy in area. Apart from the Forest Department citizens and non-governmental organizations have also contributed directly or indirectly in wildlife conservation.

During the All India Tiger Assessment, figures have been collected in about-30 thousand beats of 21 states in India in Phase-1. Of these, Madhya Pradesh alone has 9 thousand beats. Its preparation in the state had started almost a year ago in February 2017. Master trainers have been trained in each zone dividing the state into seven zones. While training three master trainers each from each forest circle, 250 master trainers have been made in the entire state. Mock exercises and training were done in many stages before the tiger assessment. This time the use of



तेल और तेल के दाम

अनूप शुक्ल

तेल फिर चर्चा में हैं . हमेशा रहता है. तेल के दाम चंद्रमा की कलाओं की तरह बढ़ते हैं. चन्द्रमा तो छोटा बड़ा होता है. लेकिन तेल के दाम को छोटा होना पसंद नहीं. कभी मजबूरी में घटना भी पड़ता है तो दोगुना बढ़कर हिसाब बराबर कर लेता है.

तेल का महत्व जगजाहिर है. तेल खुद को जलाकर दूसरों के लिए ऊर्जा पैदा करता है. वोट बैंक की तरह समझिये तेल को. किसी लोकतंत्र में दबे-कुचले , वंचित लोग चुनाव में महत्वपूर्ण हो जाते हैं. वैसे ही जमीन में मीलों नीचे दबा- कुचला, काला-कलूटा , बदसूरत तेल जमीन पर आते ही महत्वपूर्ण हो जाता है. लोग इस पर कब्जे के लिए मारपीट करने लगते हैं.

वोट बैंक पर कब्जे के लिए अपने देश में भाषणबाजी, आरोप-प्रत्यारोप या फिर



एक दूसरी जमीन पानी के बाद भी है!

प्रकाश भटनागर

गये  साल डिस्कवरी चैनल पर एक शो देखा था. नदी में उतरे ज़ेबरा पर मगरमच्छों ने हमला किया. वह घायल हुआ, लेकिन किसी तरह पानी से बाहर आ गया. वहाँ एक शेर परिवार ने उसे निशाना बनाना चाहा. ज़ेबरा घायल होने की वजह से भाग नहीं सकता था. इसलिए फिर वो पानी में उत्तर गया. अब हालत यह कि पानी में मगरमच्छ उसे शिकार बनाना चाह रहे थे और ज़मीन पर शेर उसे देखकर जुबान लपलपा रहे थे. दो समान प्रवृत्ति के किन्तु अलग-अलग प्रजातियों वाले खूंखार जीवों के बीच भागते-भागते अंततः ज़ेबरा उनमें से किसी एक का निवाला बन गया.

क्या सभ्य समाज के नाम पर पनपे जंगल में हम भी शिकारियों के निशाने पर हैं? एक-सी प्रवृत्ति किन्तु अलग-अलग प्रजाति वालों के निशाने प



भीड़तंत्र का हत्यारा बन जाने का दर्द

ललित गर्ग

महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के चंदगांव में सोशल मीडिया पर फैलाये जा रहे फर्जी मेसेज पर यकीन करके भीड़ द्वारा दो लोगों को पीट-पीट के हत्या कर दिये जाने का मामला सामने आया है. इससे पहले असम के कार्बी आंग्लोंग जिले में भीड़ ने बच्चा चोरी के संदेह में पेशे से साउंड इंजीनियर नीलोत्पल दास और गुवाहाटी के ही व्यवसायी अभिजीत की पीट-पीटकर हत्या कर दी. कुछ अर्से पहले दिल्ली में खुलेआम दो लड़कों को पेशाब करने से रोकने पर एक ई-रिक्शा चालक की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई. कभी गौमांस खाने के तथाकथित आरोपी को मार डाला जाता है, कभी किसी की गायों को वधशाला ले जाने के संदेह में पीट-पीटकर हत्या कर दी जाती है, कभी छोटी-मोटी चोरी करने वाले क



आम चुनाव 2019? अच्छे दिन वाला कि अच्छे दिल वाला पीएम होगा?

प्रदीप द्विवेदी

लगता है, राहुल गांधी के राजनीति में अच्छे दिन आ गए हैं? कम-से-कम भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के सहयोगी रहे सुधीन्द्र कुलकर्णी के राहुल गांधी पर भरोसे को देख कर तो यही लगता है.
यही नहीं, शायद बाबा रामदेव को भी राहुल गांधी का अच्छा भविष्य नजर आने लगा है, तभी तो वह कह रहे हैं- राहुल गांधी और सोनिया गांधी से मेरे दोस्ताना रिश्ते हैं. 
वैसे, कांग्रेसी तो राहुल गांधी के समर्थक हैं ही, लेकिन कांग्रेस में भी शीला दीक्षित जैसे नेता, जिनकी कभी राहुल गांधी लेकर अलग राय थी, का यह कहना कि... राहुल एक सक्षम नेता के तौर पर उभरे हैं, कामयाबी के किसी प्रमाण-पत्र से कम नहीं है? 
सुधीन्द्र कुलकर्णी का कहना था कि... भारत



जयललिता के समर्थकों का सत्ता संघर्ष जारी है!

अभिमनोज

तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के गुजर जाने के बाद से प्रदेश में एआईएडीएमके के विभिन्न पक्षों में सत्ता संघर्ष जारी है. वैसे तो जयललिता की सबसे करीब रही शशिकला सत्ता की सबसे प्रबल दावेदार थी, लेकिन ऐन मौके पर कोर्ट के एक फैसले के कारण उन्हें जेल जाना पड़ा और सत्ता उनके हाथ से निकल गई. इस वक्त तमिलनाडु में एआईएडीएमके की राजनीति शशिकला पक्ष के टीटीवी दिनाकरन, सीएम पलानीसामी और पूर्व मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम के इर्दगिर्द है?
खबर है कि... मद्रास हाई कोर्ट ने 18 एमएलए की सदस्यता रद्द किए जाने के मामले में निर्णय दे दिया है, इस मामले में हाई कोर्ट की दो जजों की बेंच ने विभाजित फैसला सुनाया है जिसके तहत हाई



फ़ादर्स डे बनाम तर्पण

मनोज कुमार

रिश्ते में हम तेरे बाप लगते हैं, तब लगता है कि बाप कोई बड़ी चीज होता है लेकिन बाज़ार ने 'फादर्स डे' कहकर उसे भी टेडीबियर की शक्ल दे दी है. ब्च्चे उन्हीं की जेब काटकर, उन्हें गिफ्ट देते हैं. उपहार कहने पर बाज़ार की नज़रों में देहाती हो जाएंगे, इसीलिए गिफ़्ट कहना ही ठीक रहेगा. ये डे का कॉन्सेप्ट बाज़ार के है, क्योकि भारत में बाप आज भी वैसा ही है, जैसा कि फ़ादर डे के पहले था. रफू किये कपड़े और फ़टी बनिया एक बाप को बाप बनाता है क्योंकि वह बाप बच्चों को नए कपड़ों में देखकर खुश होता है. उसकी तमन्ना तब पूरी होती है जब उसके बच्चे जीने लायक नोकरी पा लें. बहुत मजबूरी हो तब बच्चों से वह ना कहता है, वरना उनकी हर ज़रूरत बाप की खुशी होती है, मज़बूर



स्व-प्रेरणा की मिसालों से बनता समाज

ललित गर्ग

कहते हैं कि जिसके सिर पर कुछ कर गुजरने का जुनून सवार होता है तो फिर वो हर मुश्किल हालात का सामना करते हुए अपनी मंजिल को हासिल कर ही लेता है. ऐसे लोग अपने किसी भी काम के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं होते बल्कि वो आत्मनिर्भर होकर अपने सभी कामों को अंजाम देते हैं और दुनिया के सामने एक अनोखी मिसाल पेश करते हैं. जुनून, स्वप्रेरणा, श्रमदान और आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश करनेवाला एक ऐसा ही अनूठा उदाहरण छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से मात्र पच्चीस किलोमीटर दूर आमदी नाम के एक गांव में लोगों द्वारा खुद तालाब बना लेने का है. यह गांव हर साल गर्मी में पानी के लिए तरस जाता था. लेकिन विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाली राज्य सरकार ने कोई स



आरएसएस की ताकत? कोई ईर्ष्या तो कर सकता है, लेकिन इंकार नहीं

प्रदीप द्विवेदी

भारतीय राजनीति में आरएसएस का प्रत्यक्ष हस्तक्षेप नहीं होने के बावजूद आरएसएस की ताकत को सियासी दुनिया नजरअंदाज नहीं कर सकती है? आरएसएस की ताकत से कोई भी ईर्ष्या तो कर सकता है, लेकिन उसकी ताकत से इंकार नहीं कर सकता है. अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यदि संघ का समर्थन भाजपा को नहीं मिले तो भाजपा की सियासी सफलताएं आधी भी नहीं बचेंगी?
कुछ समय पहले देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के आरएसएस के कार्यक्रम में भाग लेने के कारण संघ एक बार फिर चर्चाओं में है. बगैर किसी आधार के संघ की आलोचना तो होती रही है, परन्तु संघ के खिलाफ ठोस सबूतों का अभाव रहा है, यही नहीं... समय-समय पर संघ ने देश-समाज में अपनी श्रेष्ठ भूमिका अ



 माना की पीएम मोदी बहादुर हैं, पर प्रेस से क्यों दूर हैं?

अभिमनोज

पीएम नरेन्द्र भाई मोदी की जिस तरह की ब्रांडिंग हो रही है, उससे लगता है कि वे बहादुर हैं, पर सवाल यह है कि फिर वे प्रेस से क्यों दूर हैं? प्रेस से बातचीत तो छोडि़ए, वे तो कईं ज्वलंत मुद्दों पर ही चुप्पी साध लेते हैं, और शायद इसीलिए मौन रहने का भाजपाई आरोप झेलने वाले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी कुछ समय पूर्व पीएम मोदी पर व्यंग्यबाण चलाए थे कि... उन्हें बोलने का उपदेश देने वाले मोदी क्यों ज्वलंत मुद्दों पर चुप्पी साधे रहते हैं?
नरेंद्र भाई मोदी प्रेस के साथ एक तरफा संवाद रखते हैं जैसा अपनी पार्टी के नेताओं के साथ रखते हैं, उनके भाषण सुनो, उनके मन की बात सुनो और उनके बयान खुब प्रचारित करो. 
यही वजह है कि भ



प्रेम ही संसार की नींव है...!

गिरीश बिल्लोरे “मुकुल”

संत वैलेंटाइन के नाम पर प्रेम का सन्देश देने वाले दिन में बुराई क्या..? इस सवाल पर घच्च से अपने राम पर पक्ष द्रोही होने का आरोप तय कर दिया जावेगा कोई डंडा लेकर मारने भी आ जावे इसका मुझे पूरा पूरा अंदाज़ है. देर रात तलक नेट पर निर्वसना रतियों को निहारते लोग या फिर रूमानी चैट सेवाओं का लाभ उठाते लोग ही सर्वाधिक शक्ति के साथ इस दिवस पर सक्रीय नज़र आते हैं . जबकि परिवारों में बालिकाओं और महिलाओं के साथ दुराचारों पर इनकी निगाह कभी कभार ही ही पड़ती होगी.
घरेलू शोषण पर आक्रामक क्यों नहीं होते ये लोग. वास्तव में यह सब एक पूर्वाग्रही मिशन के हिस्से होते हैं. जो बिना समझ के विरोध का परचम लेकर आगे बढ़ते हैं. वास्तव में होना ये चा



प्रेम एक सहज गठबंधन होता है... 

अनूप शुक्ल

सुबह-सुबह कार से टहलने निकले. पप्पू की दुकान के पास की फ़ुटपाथ पर बैठे एक जोड़ा कानाफ़ूसी वाले अंदाज में बतिया रहा था. अंदाजे-ए-गुफ़्तगू वही वाला जिसमें गांधी जी-नेहरू जी के साथ बतियाते हुये तस्वीरों में दिखते हैं. तस्वीर में भले ही नेहरू जी, गांधीजी से , किसी मीटिंग में स्वयंसेवकों को सब्जी-पूड़ी बंटेगी कि दाल-चावल, विषय पर चर्चा कर रहे हों लेकिन उनके महापुरुष होने के नाते माना यही जायेगा कि वे देश-विदेश की किसी बड़ी समस्या पर चर्चा कर रहे हैं. ऐसे ही ये फुटपाथिया लोग भले ही अमेरिका और उत्तर कोरिया के राष्ट्रपतियों के सनकी बयानों की चर्चा कर रहे हों लेकिन हम यही सोचेंगे कि ये शाम के दाल-रोटी के इंतजाम की चर्चा कर रहे ह



ज्योतिष शास्त्र विचार का विषय है, विवाद का नहीं

प्रदीप द्विवेदी

ज्योतिष को लेकर अक्सर बहस की स्थितियां बनती हैं और अनेक तर्कशास़़्त्री इसे पूरी ताकत से गलत साबित करने में लग जाते हैं. मैं न तो ज्योतिष शास्त्र का प्रवक्ता हूं  और न ही इसे सही-गलत साबित करना मेरी जिम्मेदारी है, क्योंकि... यह निजी उपयोग का ज्ञान है, सार्वजनिक बहस का विज्ञान नहीं.
ज्योतिष का ज्ञान एकत्रित करने में सैकडों ऋषियों को हजारों साल लगे और इसकी गणनाएं आधुनिक उपकरणों से ज्ञात गणनाओं से प्रमाणित हो रही हैं तो यह मान लेना चाहिए कि ज्योतिष ज्ञान महज कल्पना नहीं है, हकीकत का विज्ञान है?
ज्योतिष के साथ दो बडी समस्याएं है, एक- ज्योतिष ज्ञान के लिए ज्योतिषी होने का योग होना चाहिए, और दो- ज्यादातर ज्योति



उपचुनाव में एक बार फिर मतदाता मुखर हुआ 

ललित गर्ग

भारत के लोकतन्त्र की सबसे बड़ी विशेषता यह रही है कि चुनाव के समय मतदाता ही बादशाह होता है. इस समय राजनेताओं के भाग्य का फैसला करने का अधिकार उसी को होता है. हमने यह बात सत्तर वर्षीय लोकतंत्र के जीवन में एक बार नहीं, बल्कि अनेक बार देखी है. जब-जब इन मतदाताओं को नजरअंदाज किया गया, राजनैतिक दलों को मुंह की खानी पड़ी है. हाल में सम्पन्न हुए कई राज्यों के विधानसभा व लोकसभा उपचुनावों के नतीजों से जो सन्देश निकला है वह यही है कि भारत के लोकतन्त्र को जीवन्त और ऊर्जावान बनाये रखने में मतदाताओं ने एक बार फिर अपने अधिकार का बहुत सूझबूझ एवं विवेक से उपयोग किया हैं. उसने जो निर्णय दिया है उससे कुछ राजनैतिक नेतृत्व जीत की खुशफहम



दिवस विशेष: उदन्त मार्तण्ड की परम्परा निभाता हिन्दी पत्रकारिता

मनोज कुमार

कथाकार अशोक गुजराती की लिखी चार पंक्तियां सहज ही स्मरण हो आती हैं कि 

राजा ने कहा रात है

मंत्री ने कहा रात है

सबने कहा रात है

यह सुबह सुबह की बात है

कथाकार की बातों पर यकीन करें तो मीडिया का जो चाल, चरित्र और चेहरा समाज के सामने आता है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है किन्तु क्या यही पूरा सच है? यदि हां में इसका जवाब है तो समाज की विभिन्न समस्याओं और उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मीडिया के साथ क्यों बात की जाती है? क्यों मीडिया को भागीदार बनाया जाता है? सच तो यही है कि मीडिया हमेशा से निरपेक्ष और स्वतंत्र रहा है. हां में हां मिलाना उसकी आदत में नहीं है और यदि ऐसा होता तो जिस तरह समाज के



विदेश नीति: सुषमा नहीं मोदी का जादू !

कुमार राकेश

भारत की विदेश नीति में मोदी प्रभाव ज्यादा है, बनिस्पत सुषमा के. कोई कुछ भी कहे,प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई मोदी ने विदेशों में भारत के जयघोष का जो डंका बजाया है,वो आज तक कमोबेश अटलबिहारी बाजपाई को छोड़कर किसी प्रधानमंत्री या विदेश मंत्री ने बजाया.
 भारतीय संस्कृति के तहत ये बात चरितार्थ और प्रमाणित है कि हैं- दंभ ईश्वर का आहार है.यदि आप दम्भी हो गए या कहीं से उस दंभ का अंश मात्र में आप में आ गया तो आपके अन्दर की इंसानियत मर जाती है. शायद देश की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ ऐसा ही हो रहा है . कभी नम्रता,शोखी,अदब,नफासत,नज़ाकत,तहजीब के लिए मशहूर रही श्रीमती स्वराज,आज वो पहले  वाली सुषमा स्वराज नहीं रही है. कारण ज



देख तेरे भगवान की हालत क्या हो गई इंसान!

प्रदीप द्विवेदी

धरती पर मानव जीवन के भविष्य को लेकर मैं बहुत आश्वस्त हूं , कारण? इस धरती पर बडे-से-बडे राक्षस आए, नीच-से-नीच आतंकवादी आए, लेकिन इस धरती को नर्क नहीं बना पाए, ठीक इसी तरह महान-से-महान संत आए लेकिन धरती को स्वर्ग नहीं बना पाए!
मतलब, सर्वशक्तिमान ईश्वर के आगे सभी बौने हैं? कोई भी संत हो या राक्षस, उसकी समय सीमा तय है और उसके गुजरने के बाद कोई दूसरा उसकी जगह ले नहीं सकता है, बल्कि कईं बार तो राक्षस के घर में संत पैदा हो जाते हैं और उस राक्षस की तमाम नकारात्मक उर्जा को ही नष्ट कर देते हैं!
ईश्वर ने इंसान को बनाया या नहीं, यह तो पता नहीं, लेकिन इंसान ने कई ईश्वर बना दिए हैं, जबकि सच्चाई यह है कि ईश्वर एक है और जातियां केवल तीन!


गैरभाजपाइयों की चुनौती वास्तविक. लाभ की गणित काल्पनिक?

अभिमनोज

कर्नाटक प्रकरण ने विपक्षी एकता की राह दिखा दी है और ज्यादातर गैरभाजपाई नेता उस राह पर चल भी पड़े हैं, लेकिन... इस राह पर चल कर मंजिल हासिल करने के मामले में अभी भी कईं किन्तु-परन्तु हैं.
अलबत्ता... गैरभाजपाइयों ने 2019 में मोदी के विजय रथ को रोकने का तरीका तलाश लिया है, जिसके जरिए देश के 13 राज्यों में 15 दल मिलकर सवा चार सौ से ज्यादा लोकसभा सीटों पर भाजपा की जीत खटाई में डाल देंगे? इस गैरभाजपाई चक्रव्यूह को रचना आसान नहीं है, लेकिन यदि बन गया तो भाजपा के लिए चक्रव्यूह तोडऩा बेहद मुश्किल होगा?
कर्नाटक चुनाव नतीजों के बाद भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरी और अपने कामयाब जोड़तोड़ के इतिहास के भरोसे 21वें राज्य के रूप मे



ज्वलंत सवाल: आठ राज्यों में हिन्दू अल्पसंख्यक

सुरेश हिन्दुस्तानी

देश में कश्मीर से विस्थापित हुए हिन्दुओं के बारे में अगर उसी समय समाधान निकलता तो संभवत: अन्य राज्यों में इसकी पुनरावृति रुक सकती थी, लेकिन समाधान निकालने के किसी भी तरीके पर सरकार की ओर से कोई चिंतन नहीं किया गया. इस कारण यह समस्या आज पूरे देश में तेजी से पैर पसारती जा रही है. इसका मुख्य कारण देश विरोधी कार्यों को अंजाम देने वाली राजनीति को माना जा सकता है. कश्मीर का सबसे जघन्य सच यह है कि वहां से जो हिन्दू धर्म को पूरी तरह से मानते थे, उन्हें ही भगाया गया, बाकी सब मुसलमान बन गए. यह एक प्रकार से धर्मान्तरण का ही खेल था. धर्मांतरण का खेल कौन चला रहा है, यह भी लगभग सभी जानते हैं.

महात्मा गांधी ने धर्मान्तरण के बारे



अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव लड़ने का किया ऐलान

EC का बयान गर्मी की वजह से खराब हुई कुछ ईवीएम

चुनावी चंदे के सवाल पर चुनाव आयोग का जवाब- राजनीतिक दल RTI के बाहर

महाराष्ट्र के पालघर और भंडारा-गोंदिया लोकसभा चुनाव में होगा करीबी मुकाबला

प्रदीप द्विवेदी: क्या 2019 में मिलेगी भाजपा को एकल कामयाबी?

प्रदीप द्विवेदी: 2019 लोकसभा चुनाव के कारण भाजपा को जोड़तोड़ जारी रखनी पड़ेगी?

सुरेश हिन्दुस्थानी: भाजपा की सरकार, कांग्रेस का नाटक

प्रदीप द्विवेदी: कर्नाटक में नाटक? कानून-न-कायदा, सत्ता मिल जाए तो फायदा!

शुरू हुआ पॉलिटिकल ड्रामा, येदियुरप्पा ने कहा कांग्रेस कर रही जानदेश का अपमान

जेडीएस बनेगी किंगमेकर, देवगौड़ा ने दिए गठबंधन के संकेत

कर्नाटक चुनाव: वोटिंग खत्म, 64 प्रतिशत हुए मतदान

कर्नाटक एग्जिट पोल: त्रिशुंक विधानसभा के आसार, जेडीएस बन सकता है किंगमेकर

कर्नाटक चुनाव : 3 बजे तक 56 फीसद वोटिंग, पूर्व प्रधानमंत्री देवगौड़ा ने किया मतदान

बेंगलुरू में वोटिंग के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने कड़े इंतजाम

कर्नाटक की RR सीट पर चुनाव टला, अब 28 मई को होगी वोटिंग

कर्नाटक में बड़ी संख्या में महिलाएं कर सकती हैं 'नोटा' का उपयोग

चुनाव जीतने के लिए EVM में हेराफेरी कर रही है भाजपा : शिवसेना

कर्नाटक चुनाव: जुबानी जंग खत्म, अब 12 मई को 224 सीटों पर होगा मतदान

बीजेपी कर रही अंबेडकर के शक्तिशाली और समृद्ध भारत के सपने को साकार

कर्नाटक चुनाव: बोले अमित शाह, कांग्रेस की हार पक्की और सिद्धारमैया भी हार जाएंगे

मोदी का दावा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का कर्नाटक से हो जाएगा सफाया

बीजेपी ने ली चुटकी राहुल से कहा आखिर दिल की बात जुबां पर आ ही गई

सिद्धरमैया ने जल्दबाजी में की मोदी की तारीफ, फिर बोले सॉरी

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा राजस्थान विधानसभा चुनाव

उपचुनाव: कैराना सीट पर तबस्सुम को टक्कर देने BJP ने मृगांका सिंह को मैदान में उतारा

सोनिया का मोदी पर हमला कहा जुमलेबाजी से जनता का पेट नहीं भरता

बिहार में 2019 में लोकसभा के साथ हो सकते हैं विधानसभा चुनाव

बीजेपी ने सोनिया को श्रीमती एंटोनियो कहकर किया व्यक्तिगत विरोध

कर्नाटक के रण में भाजपा का घोषणा पत्र जारी, महिलाओं को फ्री में मिलेंगे सोने के मंगलसूत्र

बिहार और झारखंड की खाली विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव का ऐलान, अचार संहिता लागू

मनमोहन सिंह की भूमिका निभाना करियर का सबसे मुश्किल रोल: अनुपम खेर

मैं नहीं, मेरी योजनाएं गेमचेंजर हैं: सीएम सिद्धारमैया

कर्नाटक विधानसभा चुनाव: निर्वाचन आयोग ने मतदान के समय को 1 घंटे बढ़ाया

महाराष्ट्र और आंध्र में 31 मई और 21 जून को होंगे चुनाव

देश में एक साथ चुनाव कराने की कवायद तेज, चुनाव आयोग की राय जानेगी सरकार

प्रदीप द्विवेदी: कितना फायदा मिलेगा कर्नाटक में एनसीपी से कांग्रेस को?

लोकसभा चुनाव 2019: तो मायावती के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी राखी सावंत

कर्नाटक विधानसभा चुनाव पहले जेडीएस को झटका, 7 विधायकों ने थामा कांग्रेस का हाथ

नए राज्यसभा सांसदों की पूरी लिस्ट: यूपी में भाजपा का परचम, ममता की मदद से सिंघवी जीते

जयप्रकाश पाराशर: राजनीति क्या विज्ञानविरोधी है!

राज्यसभा चुनाव: सात विधायकों के साथ बीएसपी का साथ देगी कांग्रेस

प्रदीप द्विवेदी: त्रिपुरा, नागालैंड और मेघालय? न कोई जीता, न कोई हारा, सर्वत्र सत्ता विरोधी लहर!

उपचुनाव: मप्र की मुंगावली और कोलारस सीट पर कांग्रेस का कब्जा, उड़ीसा में बीजद ने मारी बाजी

छिटपुट हिंसक घटनाओं के साथ मेघालय और नगालैंड में मतदान खत्म, 3 मार्च को आएंगे नतीजे

16 राज्यों में राज्यसभा की 58 सीटों पर चुनाव की घोषणा, 23 मार्च को होगी वोटिंग

त्रिपुरा में चुनाव प्रचार थमा, क्या बीजेपी पलट पाएगी बाजी

प्रदीप द्विवेदीः 2017... 2018 और 2019 ?.. कल, आज और कल!

उपचुनाव में भाजपा ने तीन सीटों पर लहराया परचम, प्रधानमंत्री खुश

प्रदीप द्विवेदी: यदि दिसंबर 2017 में शनि अस्त नहीं होते तो चुनावी नतीजे कुछ और होते!

योगी ने गुजरात में जहां किया प्रचार वहां मिली 25 से ज्यादा सीटें

चुनाव नतीजों पर पहली बार बोले राहुल, कहा - रिजल्ट हमारे लिए अच्छा, बीजेपी को लगा झटका

गुजरात की कुछ सीटों पर रही कांटे की टक्कर,सिर्फ 200 वोटों से हुई जीत-हार

पूनावाला के समर्थकों ने प्रदर्शन कर कहा राहुल की वजह से हारे

गुजरात चुनाव में शस्त्र की तरह चले ये जुमले

सूरत में कांग्रेस को बहुत भरी पड़ा गब्बर, 12 की 12 सीट्स पर भाजपा

गुजरात चुनाव परिणाम: फिर छाया 'भगवा', बीजेपी ने अब तक 88 सीटों पर दर्ज की जीत

ट्विटर पर भी जारी है जंग

गुजरात चुनाव : विजेताओं की सूचि

चुनाव में इस बार छाये रहे औरंगजेब और ब्लूटूथ

चुनाव नतीजों का असरः शेयर बाजार में उछाल,धारक मालामाल

गिरिराज सिंह ने राहुल पर साधा निशाना- जेएनयू-केरल में बीफ पार्टी और गुजरात में जनेऊ-तिलक नहीं चलेगा

मतगणना से पहले सज रहा बीजेपी दफ्तर, जिग्नेश-अल्पेश कह रहे कमल की होगी हार

निरंजन परिहार: गुजरात से निखरी राहुल गांधी की तस्वीर और गहलोत निकले चाणक्य

गुजरात चुनाव में कौन जीतेगा पर कुत्ते ने की ये भविष्यवाणी, वायरल हुआ वीडियो

प्रदीप द्विवेदी: अब 18 दिसंबर 2017 को ही खुलेगी एग्जेट पोलपट्टी!

गुजरात चुनाव: दूसरे चरण में दोपहर डेढ़ बजे तक 44.3 फीसदी मतदान

चुनाव आयोग का निर्णय, कैराना-नूरपुर के 73 बूथों पर दोबारा होगी वोटिंग

14 सीटों पर हुए उपचुनाव में भाजपा को लगा झटका, 11 पर विपक्षियों ने मारी बाजी

अभिमनोज: तमिलनाडु में कौन से कमल का असर रहेगा आम चुनाव 2019 में?

EC का आदेश- मतदान से 48 घंटे पहले फेसबुक से हटा ले प्रचार सामग्री

राजस्थानः शर्मा और मालवीया का कद बढ़ा, बनेंगे स्टार प्रचारक!

चुनावी दौर में 72 दिनों के अंदर हुए कुल 66 लाख से ज्यादा TWEET

प्रकाश भटनागर : बस यही संतोष कर लें शिवराज

बड़ा सवाल : लखन या तरुण, कौन बनेगा जबलपुर से मंत्री..?

अब पूर्व मंत्री विश्नोई ने बीजेपी की हार का ठीकरा टिकट वितरण पर फोड़ा

जबलपुर में 4 पर कांग्रेस, 4 पर भाजपा का कब्जा, हर तरफ जश्र का माहौल

चुनाव परिणाम, कहीं खुशी, कहीं गम

पूर्व क्षेत्र में बजने लगा, तेरे लखन ने बड़ा दुख दीन्हा, माई नेम इज लखन

घर से आए जरुरी मैसेज देख रहा था पुलिस कर्मी

जीत पर कॉन्फिडेंस केेंडीडेट्स ने बुक कराया बैंड, मिठाईयों का भी ऑर्डर

प्रदीप द्विवेदीः प्रादेशिक चुनावों के परिणामों का असर आम चुनाव- 2019 पर नजर आएगा!

लो हो गई जबलपुर में मतगणना की मॉकड्रिल

विस चुनाव में किसकी बनेगी सरकार, एक्जिट पोल जानने लोग रहे उत्सुक

राजस्थान में अपरान्ह तीन बजे तक 59.43 फीसद मतदान

चौथी बार भी एमपी में हार रही कांग्रेस है भयभीत, लगा रहे बेबुनियाद आरोप: राकेश सिंह

प्रदीप द्विवेदीः सरकार बनी तो इनको मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी?

प्रदीप द्विवेदीः ऐणनी आई- आई, ने आणनी आई डाक्कण?

पीएम मोदी ने लगाया ‘भारत माता की जय’ का नारा, राहुल बोले- आवाज में खोखलापन

मध्‍यप्रदेश, राजस्‍थान और छत्‍तीसगढ़ में फिर बनेगी BJP की सरकार: अमित शाह

पॉलिटिकल स्टॉक एक्सचेंज: राजस्थान में बीजेपी ने आखिरी दौर में कम किया फासला

राहुल गांधी को दिन में आ रहे हैं मुंगेरी लाल के सपने: अमित शाह

तेलंगाना में भ्रष्टाचार की वजह से KCR का नाम 'खाओ कमीशन राव' हुआ: राहुल गांधी

मैं वही करता हूं जो मेरे सवा सौ करोड़ देशवासी चाहते हैं: पीएम मोदी

प्रदीप द्विवेदीः प्रादेशिक सरकारों को मुद्दो की मझधार में छोड़, 2019 के लिए सुधार अभियान में जुटी मोदी टीम?

बीजेपी सत्ता में आती है तो ओवैसी को तेलंगाना से भागना पड़ेगा: योगी आदित्यनाथ

हार्दिक पटेल ने कहा, राजस्थान चुनाव बीजेपी सरकार के खिलाफ लोगों का है

कांग्रेस के लिए मंदिर और गाय केवल चुनावी स्टंट: राजनाथ सिंह

हार का ठीकरा फिर ईवीएम पर फोडऩे की तैयारी में है कांग्रेस: राकेश सिंह

राफेल डील पर सिद्धू के बिगड़े बोल, कहा- चौकीदार का कुत्ता भी चोर से मिल गया

प्रदीप द्विवेदीः राहुल बाबा के ब्राह्मण डीएनए से हैरान-परेशान क्यों है पीएम मोदी टीम?

सर्जिकल स्ट्राइक पर टिप्पणी कर शहीदों का राहुल गांधी ने किया अपमान : अमित शाह

एमपी में वाट्सएप ग्रुप में प्रचार करने पर आचार संहिता का पहला मामला दर्ज

अभिमनोजः मध्यप्रदेश में भारी मतदान- नेता, कार्यकर्ता प्रेरित, चुनाव तंत्र प्रेरित या स्वप्रेरित?

प्रदीप द्विवेदीः पं. भंवरलाल शर्मा की मुहिम रंग लाई, सामान्य वर्ग को आर्थिक आधार पर आरक्षण का समर्थन बढ़ा!

अभिमनोजः सही कहते हैं- पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. सिंह, भाषाई मर्यादा जरूरी है!

प्रदीप द्विवेदीः मानगढ़ के लिए गुजरात-राजस्थान सीमा विवाद के वक्त कहां थे पीएम मोदी?

मप्र में शांतिपूर्ण तरीके से मतदान संपन्न,शाम 6 बजे तक हुई 74.61% वोटिंग

मिजोरम में 73 प्रतिशत के करीब मतदान

मप्र के नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल

प्रदीप द्विवेदीः पन्नालाल पटेल को पढ़ा होता तो वागड़ का इतिहास बदलने की कोशिश नहीं करते मोदी?

जबलपुर में मतदान करने जबर्दस्त उत्साह, 4 घंटे में 26 फीसदी मतदान

राजस्थान में अमित शाह बोले, बीजेपी ‘अंगद का पैर’ है, इसे कोई नहीं हिला सकता

कांग्रेस और टीआरएस वंशवाद की राजनीति में करती है भरोसा: पीएम मोदी

ग्रहण के साये मॆ आयेंगे पांच राज्यों के चुनाव परिणाम

मालवीया ने कहा- कांग्रेस पर आरोप लगाने से पहले पीएम मोदी सही जानकारी हांसिल करें?

नाव, बसों से मतदान सामग्री लेकर दल रवाना, मतदान कल, जबलपुर में 114 प्रत्याशी आजमा रहे भाग्य

राहुल गांधी पर बीजेपी का तंज, रूम में टोपी रोड पर तिलक, न माया मिलेगी न राम

मेरी दिली इच्छा थी नाना आते चुरहट किन्तु रीवा से ही दुम दबाकर लौट गए: अजय सिंह राहुल

जब मैडम रिमोट कंट्रोल से चलाती थी सरकार, चरम पर था करप्शन: पीएम मोदी

प्रदीप द्विवेदीः मोदी के भाषणों में जुमलों के साथ-साथ अब विकास की तुकबंदी का भी जोर?

राजस्थान चुनावः योगी बोले, ना खाता ना बही जो राहुल कहे वह सही

राजस्थान में पीएम मोदी, बोले- मैं आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए वोट मांगने आया हूं

चरम पर पहुंचा चुनाव प्रचार, शाम 5 बजे थम जायेगा शोर-गुल, सुुरक्षा कड़ी

प्रदीप द्विवेदीः वागड़ के पांच सवाल कर रहे हैं पीएम मोदी का इंतजार?

मोदीजी! इधर-उधर की नहीं, मूल मुद्दों की बात करें: महेन्द्रजीत सिंह मालवीया

शिवराज ने राहुल पर साधा निशाना, कांग्रेस को बताया सबसे बड़ी सांप्रदायिक पार्टी

हर मुद्दे और मोर्चे पर विफल रही है भाजपा: बामनिया

डिफेंस सेक्टर का बड़ा सेेंटर बनेगा जबलपुर: पीएम मोदी, देखें वीडियो

विदिशा में बोले PM मोदी- 30 साल पहले गुजर गए पिता, कांग्रेस उन्हें भी नहीं छोड़ रही

प्रदीप द्विवेदीः योगी और राजनाथ सिंह नए नायक बन कर उभर रहे हैं!

शाम को आ रहे पीएम मोदी, सुरक्षा कड़ी, तैयारियां पूरी

राम मंदिर के लिए पलपल इंडिया ने कहा थाः शनिदेव की चाल चल रहा है समयचक्र?

सपाक्स प्रत्याशी द्वारा अनूठा हथकड़ी रोड शो

अभिमनोजः सीएम तो बन गए कमलनाथ, अब आगे का सफर आसान नहीं!

प्रदीप द्विवेदी: दक्षिण राजस्थान बनेगा प्रादेशिक चुनावी महाभारत का कुरूक्षेत्र?

प्रदीप द्विवेदीः कांग्रेस का महागठबंधन बेकार, तो क्या भाजपा अकेले दम पर केन्द्र में सरकार बनाएगी?

अभिमनोजः क्या पीएम मोदी टीम संघ के प्रभाव, मार्गदर्शन से मुक्ति चाहती है?

अभिमनोज: ममता बनर्जी बन सकती है पीएम! इस सियासत का मकसद क्या है?

पल पल इंडिया ने कहा था- आर्थिक आधार पर आरक्षण रहेगा बड़ा मुद्दा!

चुनाव से पहले रुपहले पर्दे पर दिखेंगे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

"नहीं करूंगा मतदान"





बंपर वोटिंग जारी, अब तक पश्चिम बंगाल में 48 और यूपी में 36 फीसदी मतदान


योग शिविरों को न बनाएं राजनीतिक मंच: चुनाव आयोग


सबको पेंशन, दवा और घर देगी काँग्रेस, घोषणापत्र जारी


राजस्थान में खिलेगा कमल, मुरझाएगा पंजा, चुनावी सर्वे का दावा


प्राकृतिक आपदा में राहत देने से नहीं रोकती चुनाव आचार संहिता, भोपाल में बोले मुख्य चुनाव आयुक्त


चुनावी सर्वे में शिवराज ने लगाई हैटट्रिक


अब इलेक्शन नॉमिनेशन फॉर्म में बताना होगा सोशल मीडिया एकाउंट


हरियाणावासी नहीं, कैदी बनाएंगे चौटाला को सीएम : बीरेंद्र सिंह


सोशल मीडिया पर चुनाव प्रचार का खर्च भी उम्मीदवार के खर्च में जुड़ेगा


अफवाहों में बट रहा टिकट, उम्मीदवारों ने पार्टी मुख्यालय में डाला डेरा


बढी भाजपा-कांग्रेस की मुश्किलें


छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों के पहले चरण का नामांकन शुक्रवार से


सरताज सहित तीन मंत्रियों के नाम रोके


भाजपा लगी मोदी की छवि सुधारने में, 50 देशों के दूतावास को भेजा न्यौता


चुनाव के लिए तैयार रहे कांग्रेस


बंपर वोटिंग जारी, अब तक पश्चिम बंगाल में 48 और यूपी में 36 फीसदी मतदान


योग शिविरों को न बनाएं राजनीतिक मंच: चुनाव आयोग


सबको पेंशन, दवा और घर देगी काँग्रेस, घोषणापत्र जारी


राजस्थान में खिलेगा कमल, मुरझाएगा पंजा, चुनावी सर्वे का दावा


प्राकृतिक आपदा में राहत देने से नहीं रोकती चुनाव आचार संहिता, भोपाल में बोले मुख्य चुनाव आयुक्त


चुनावी सर्वे में शिवराज ने लगाई हैटट्रिक


अब इलेक्शन नॉमिनेशन फॉर्म में बताना होगा सोशल मीडिया एकाउंट


हरियाणावासी नहीं, कैदी बनाएंगे चौटाला को सीएम : बीरेंद्र सिंह


सोशल मीडिया पर चुनाव प्रचार का खर्च भी उम्मीदवार के खर्च में जुड़ेगा


अफवाहों में बट रहा टिकट, उम्मीदवारों ने पार्टी मुख्यालय में डाला डेरा


बढी भाजपा-कांग्रेस की मुश्किलें


छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों के पहले चरण का नामांकन शुक्रवार से


सरताज सहित तीन मंत्रियों के नाम रोके


भाजपा लगी मोदी की छवि सुधारने में, 50 देशों के दूतावास को भेजा न्यौता


चुनाव के लिए तैयार रहे कांग्रेस