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कानून की विसंगतियां एवं कोविंद के प्रयत्न

ललित गर्ग

जोधपुर के हाईकोर्ट के नवनिर्मित भवन के उद्घाटन समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भारत की कानून व्यवस्था की विसंगतियों एवं जटिल-खर्चीली प्रक्रिया को सहज-सरल एवं सर्वसुलभ बनाने की आवश्यकता व्यक्त करते हुए कहा है कि न्याय को जरा सस्ता करो, सर्वसुलभ करो, गरीब आदमी की हैसियत ही नहीं होती कि वह मुकदमा लड़ सके. गरीब आदमी को जैसे मैं शिक्षा और इलाज मुफ्त देने की वकालता करता हूं, वैसे ही उसे इन्साफ भी मुफ्त मिलना चाहिए. इसी अवसर पर भारत के मुख्य न्यायाधीश एस. ए. बोबदे ने कहा है कि न्याय न्याय है, वह प्रतिशोध या बदला नहीं हो सकता है. इसीलिए किसी भी व्यक्ति का अपराध सिद्ध होने के पहले गुस्से में आकर उसको सजा दे देना उच



कोलकाता का हिंदू स्कूल और अंग्रेजी का बेलगाम वैश्विक कारोबार...

अजय बोकिल

 

 

पश्चिम बंगाल की यह खबर खुशी से ज्यादा चिंता में डालने वाली है. ‍इसलिए कि राज्य की ममता बैनर्जी सरकार ने कोलकाता के 202 पुराने हिंदू हायर सेकंडरी स्कूल प्राथमिक स्तर पर अंग्रेजी माध्यम से भी पढ़ाई शुरू करने की इजाजत दे दी है. हिंदू स्कूल बंगाल के महान पुनर्जागरण काल की ‍जीवित  निशानी है. इसकी स्थापना राजा मोहन राय और डेविड हेयर ने 20 जनवरी 1817 को की थी. ममता सरकार के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा था कि सरकारी स्कूल अगले सत्र से अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा प्रदान करेंगे ताकि छात्र उस भाषा में निपुण हो सकें और निजी अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में पढ़ाने में अक्षम लोगों के बच्चों को अच्छी शिक्षा मि



एक और भीषण अग्निकांड से जुड़े सवाल

ललित गर्ग

देश में एक के बाद एक डरावने, भयानक, त्रासद एवं वीभत्स अग्निकांड हो रहे हैं, जो असावधानी एवं लापरवाही की निष्पत्ति होते हैं.प्रशासनिक एवं जिम्मेदार लोगों की आपराधिक लापरवाही से दिल्ली के रानी झांसी रोड पर फिल्मिस्तान इलाके के अनाजमंडी की फैक्ट्री में लगी भीषण आग की घटना में अब तक जहां 43 लोग मौत के ग्रास बन गये है, वहीं कई लोग गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है.यह अग्निकांड रविवार की भोर में करीब पांच बजे संकरी गलियों में स्थित पैकेजिंग और बैग बनाने वाली फैक्ट्री में शार्ट सर्किट होने से हुआ, अधिकतर लोगों की मौत दम घुटने से हुई है.मरने वाले अधिकतर लोग यूपी और बिहार के बताए जा रहे हैं.एक सवाल सभी के मन में है कि आ



भारतीय सामाजिकता का नया समय

प्रो.संजय द्विवेदी

 हमारे सामाजिक विमर्श में इन दिनों भारतीयता और उसकी पहचान को लेकर बहुत बातचीत हो रही है. वर्तमान समय भारतीय अस्मिता के जागरण का समय है. यह भारतीयता के पुर्नजागरण का भी समय है. हिंदु कहते ही उसे दूसरे पंथों के समकक्ष रख दिए जाने के खतरे के नाते, मैं हिंदु के स्थान पर भारतीय शब्दपद का उपयोग कर रहा हूं. इसका सच तब खुलकर सामने आ जाता है, जब हिंदुत्व विरोधी ताकतें ही कई अर्थों में भारतीयता विरोधी एजेंडा भी चलाते हुए दिखती हैं. वे हिंदुत्व को अलग-अलग नामों से लांछित करती हैं. कई बार साफ्ट हिंदुत्व तो कई बार हार्ड हिंदुत्व की बात की जाती है. किंतु डा. राधाकृष्णन की किताब द हिंदु व्यू आफ लाइ



देश में फांसी की बढ़ती मांग और जल्लादों का टोटा... 

अजय बोकिल

यह भी विडंबना है कि जहां एक तरफ हैदराबाद गैंग रेप के आरोपी नराधमो को फांसी की सजा देने की मांग देश भर में उठ रही है, वहीं कानून जिन्हें  मौत की सजा दे चुका है, उन्हें फांसी के फंदे पर लटकाने के लिए जल्लाद नहीं मिल रहे.सात साल पहले हुए निर्भया कांड के दोषी दिल्ली की तिहाड़ जेल में फांसी पर चढ़ने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन इसके लिए जेल प्रशासन को कोई काबिल जल्लाद नहीं मिल रहा है.स्थिति यह है कि सवा सौ करोड़ की आबादी वाले देश में जल्लादों की संख्या दो अंकों में भी नहीं है.क्योंकि कोई अब इस व्यवसाय में आना नहीं चाहता.उनकी संख्या भी कम होती जा रही है, जो पीढि़यों से फांसी देने का काम करते आ रहे हैं.शुद्ध व्यावसायिक दृष



गांधी बनाम गोडसे : हिंदू बनाम धर्मान्ध हिंदू 

अरुण तिवारी

गांधी बनाम गोडसे यानी हिंदू बनाम धर्मान्ध हिंदू । जरा सोचिए, गोडसे भी हिंदू था और गांधी भी हिंदू; पक्का सनातनी हिंदू; रामराज्य का सपना लेने वाला हिंदू; एक ऐसा हिंदू, मृत्यु पूर्व जिसकी जिहृ पर अंतिम शब्द राम ही था; बावजूद इसके नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी को हिंदूवाद की राह में रोङा माना और हत्या की। 
क्यों ?
क्योंकि गांधी का हिंदूवाद सिर्फ किसी एक व्यक्ति, जाति, संप्रदाय, वर्ग या राष्ट्र विशेष से नहीं, बल्कि विश्व का कल्याण हो और प्राणियों में सद्भावना रहे के ऐसे दो नारे से परिभाषित होता था, पूजा-पाठ के बाद जिनका उद्घोष कराना हिंदू पुजारी आज भी कभी नहीं भूलते। गोडसे का राष्ट्रवाद, ऐसा धर्मान्ध और संकीर



यौनिक-हिंसा: समाज और व्यवस्था की विकल्प हीनता 

गिरीश बिल्लोरे “मुकुल”

2012 दिल्ली सामूहिक बलात्कार मामला भारत की राजधानी दिल्ली में 16 दिसम्बर 2012 को हुई बलात्कार एवम हत्या की घटना रोंगटे खड़े कर दिए थे यह सत्य है कि संचार माध्यम के त्वरित हस्तक्षेप के कारण प्रकाश में आयी वरना यह भी एक सामान्य सा अपराध बनकर फाइलों में दबी होती.
सोशल मीडिया ट्वीटर फेसबुक आदि पर काफी कुछ लिखा गया. इस घटना के विरोध में पूरे नई दिल्ली,  कलकत्ता  और बंगलौर  सहित देश के छोटे-छोटे कस्बों तक में एक निर्णायक लड़ाई सड़कों पर नजर आ रही थी .   बावजूद इसके किसी भी प्रकार का परिवर्तन नजर नहीं आता इसके पीछे के कारण को हम आप सब जानते हैं .
बरसों से देख रहा हूं कि नवंबर से दिसंबर बेहद स्थितियों को सामने रख देते



वो 2-3 दिसम्बर की दरम्यानी रात..

मनोज कुमार

साल उन्नीस सौ चौरासी.. 2-3 दिसम्बर की दरम्यानी रात.. भोपाल के बाशिंदों के लिए यह कयामत की रात थी.. जिन्होंने कयामत शब्द सुना है.. उन्होंने उस दिन महसूस भी किया होगा.. कि कयामत किसे कहते हैं.. इस दिन मैं रायपुर के दाऊ कल्याण सिंह अस्पताल के प्रागंण में था.. कुछ आधी-अधूरी सी खबर आयी..सूचना सैकड़ों लोगों के मारे जाने की थी..रायपुर तब अविभाजित मध्यप्रदेश का शहर था.. मिक यानि मिथाइल आइसोसाइनाट गैस के रिसने की खबर थी.. विज्ञान का विद्यार्थी नहीं था लेकिन पत्रकारिता का ककहरा सीख रहा था.. सो जिज्ञासावश मिक के बारे में जानने की कोशिश की.. बहुत नहीं मोटा-मोटी जानकारी हासिल कर सका.. उस भयानक मंजर की कल्पना कर मैं सिहर उठा था.. तब आज की तर



इस इंसानी हैवानियत पर तो शैतान भी शर्मा जाए..

अजय बोकिल

दो खबरें क्षुब्ध करने वाली हैं. हैदराबाद में एक पशुचिकित्सक युवती के साथ दरिंदों ने बलात्कार कर उसे जिंदा जला दिया तो दूसरे मामले में झारखंड की राजधानी रांची में नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी में एक आदिवासी  छात्रा को अगवा कर उसके साथ अन्य छात्रों  ने सामूहिक बलात्कार किया. हैदराबाद की पशुचिकित्सक बेटी के साथ जो दरिंदगी हुई, उसे सुनकर भी रूह कांप जाती है. उसका दुर्भाग्य ही था कि रात के वक्त ड्यूटी से लौटते वक्त उसकी स्कूटी का टायर पंक्चर हुआ. मौके का नाजायज फायदा उठाते हुए एक ट्रक ड्राइवर और उसके साथियों ने युवती के साथ सामूहिक  बलात्कार किया और इस पाप पर पर्दा डालने के लिए उसकी हत्या कर लाश को आग लगा दी. साइबरा



परीक्षा प्रणाली में बदलाव के सार्थक कदम

ललित गर्ग

लम्बे अरसे से कहा जा रहा है कि वर्तमान परीक्षा प्रणाली जड़ होकर महज शारीरिक एवंबौद्धिक विकास को प्राथमिकता देती रही है, जबकि मानसिक एवं भावनात्मक विकास भी शिक्षा के महत्वपूर्णअंग होते हुए भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. बौद्धिकता शिक्षा का एक अंग है, पर पूरा नहीं, चाहते सभी है कि शिक्षा से अच्छे-सच्चे, मौलिक सोच वाले, सुसंस्कारित, रचनात्मक-सृजनात्मक ऊर्जावान एवं कार्यक्षम बच्चे प्राप्तहो. लेकिन यह चाह मात्र चाह बनकर रह गयी है, क्योंकि साध्य प्राप्ति का साधन अधूरा है. अब इस अधूरेपन कोदूर करने के लिये केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 10वीं और 12वीं कीपरीक्षा के प्रश्नपत्रों के प्रारूप में बुनियाद



प्रज्ञा सिंह ने फिर पीएम मोदी को सियासी सवालों के घेरे में खड़ा किया?

अभिमनोज

महात्मा गांधी को लेकर पीएम नरेन्द्र मोदी का क्या दृष्टिकोण है? यह सवाल एक बार फिर इसलिए उठ रहा है कि बीजेपी सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने एक बार पुनः नाथूराम गोडसे को देशभक्त करार दिया है.
खबर है कि भोपाल से बीजेपी सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने बुधवार को लोकसभा में एक डिबेट के दौरान नाथूराम गोडसे को देशभक्त कहा.
इसके बाद तो न केवल बड़ा सियासी हंगामा हुआ, बल्कि पीएम मोदी ही विरोधियों के निशाने पर आ गए?
प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया- आज देश की संसद में खड़े होकर भाजपा की एक सांसद ने गोडसे को देशभक्त बोल ही दिया. अब प्रधानमंत्रीजी (जिन्होंने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती धूमधाम से मनाई) से अनुरोध है कि दिल से बता दें



मोदी के चक्र में पवार का व्यूह 

कुमार राकेश

भारत का महाराष्ट्र.देश की आर्थिक राजधानी.पैसा जिसके पास,पॉवर उसके पास.पवार जिसके साथ सत्ता की कुर्सी उनके साथ.जी हाँ,मराठा क्षत्रप शरद पवार ने ये साबित कर दिया है कि उनके जैसा कोई नहीं.उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ताले को अपनी चाबी से खोल दी. ऐसा लगता है कि मोदी पवार के चक्रव्यूह में  फंस गए थे. वैसे भी देश की मौजूदा राजनीति मोदी के चक्र और पवार के व्यूह में उलझ गयी लगती है.लगता है ये खेल लम्बा चलेगा. लेकिन मोदी भी किसी से कम नहीं.क्योकि प्रधानमंत्री मोदी ने अभी तक देश के सामने यही साबित किया है –मोदी है तो मुमकिन है.
 कारवां निकल गया.दिल्ली वाले देखते रह गए.दिल्ली में बैठे सत्तासीन लोग सिर्फ गु



क्या अब राजनीति की परिभाषा बदल गई ?

डाँ नीलम महेंद्र

यह बात सही है कि राजनीति में अप्रत्याशित और असंभव कुछ नहीं होता, स्थाई दोस्ती या दुश्मनी जैसी कोई चीज़ नहीं होती हाँ लेकिन विचारधारा या फिर पार्टी लाइन जैसी कोई चीज़ जरूर हुआ करती थी.  कुछ समय पहले तक किसी दल या नेता की राजनैतिक धरोहर जनता की नज़र में उसकी वो छवि होती थी जो उस पार्टी की विचारधारा से बनती थी लेकिन आज की राजनीति में ऐसी बातों के लिए कोई स्थान नहीं है . आज राजनीति में स्वार्थ, सत्ता का मोह, पद का लालच, पुत्र मोह, मौका परस्ती जैसे गुणों के जरिए सत्ता प्राप्ति ही अंतिम मंज़िल बन गए हैं. शायद इसीलिए अपने लक्ष्य को हासिल करने की जल्दबाजी में ये राजनैतिक दल अपनी विचारधारा, छवि और नैतिकता तक से समझौता करने से न



महाराष्ट्र में राजनीतिक उजाला या काला धब्बा?

ललित गर्ग

अपने अनूठे एवं विस्मयकारी फैसलों से सबको चैंकाने वाले नरेंद्र मोदी एवं भाजपा सरकार ने महाराष्ट्र में सरकार बनाने की असमंजस्य एवं घनघोर धुंधलकों के बीच रातोंराज जिस तरह का आश्चर्यकारी वातावरण निर्मित करके सुबह की भोर में उसका उजाला बिखेरा वह उनके राजनीतिक कौशल का अद्भुत उदाहरण है. जिस राजनीतिक परिवक्वता ,साहस एवं दृढ़ता से उन्होंने न केवल बाजी को पलटा बल्कि एनसीपी के अजित पवार की मदद से सरकार बना ली है. सरकार गठन के लिए शिवसेना के नेतृत्व में एनसीपी और कांग्रेस के बीच सरकार गठन के लिए बातचीत अंतिम दौर में पहुंच चुकी थी लेकिन शनिवार सुबह बड़ा उलटफेर करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री और एनसीपी विधायक



ओय छोटू, कॉल न करियो...

प्रकाश भटनागर

स्तर के लिहाज से गाना हल्का है. करतूत के हिसाब से प्रकट हुए हल्केपन के लिए ही इसे इस्तेमाल करने में बुराई नहीं है. किसी ने गाया था, ओय राजू, प्यार न करियो, डरियो, दिल टूट-टूट जाता है. हम बजरिये कलम गुनगुनाने को मजबूर हुए, ओय छोटू, कॉल न करियो, डरियो, भांडा फूट जाता है. तो साहब, छोटू ने काल कर ही ली और खूब की, भांडा भी फूट ही गया. मामला छोटे से नाम वाले के बहुत बड़े-बड़े अरमान पूरे होने का है. सोशल मीडिया के बाजार में छोटे कद के बड़ी शर्मनाक करतूतें वायरल हुई. एक अखबार ने इस वार्तालाप को छाप भी दिया. चार रोज हुए, जब एक ऐसे शख्स का वीडियो वायरल हुआ था, शिवराज सिंह चौहान की सरकार में ही वो कहीं का नहीं रहा. आज उस व्यक्ति का हनी टाक खलबल



आस्ट्रेलियाई प्रेस के इस साहस से भारतीय मीडिया भी प्रेरणा लेगा? 

अजय बोकिल

आज जबकि भारत में मीडिया में भक्तिकाल का स्वर्णिम युग चल रहा हो और जम्मू कश्मीर जैसे संवेदनशील राज्य में प्रेस स्वतंत्रता कायम रखने की मीडिया संगठनों की मांग को बड़ी आसानी से दरकिनार कर दिया गया हो, उसी दौर में आॅस्ट्रेलिया में सरकार द्वारा मीडिया पर लगाम लगाने की कार्रवाई के विरोध में सभी अखबारों ने सोमवार ( 21 अक्टूबर ) को एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए अपने पहले पन्ने को काला कर के छापा. अखबारों के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया सरकार का सख़्त क़ानून उन्हें लोगों तक जानकारियां ला पाने से रोक रहा है. अखबारों के पहले पेज को काला रख कर विरोध जताने के पीछे इस साल जून में ऑस्ट्रेलिया के एक बड़े मीडिया समूह ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडका



योगी सरकार का सामाजिक क्रांति का शंखनाद

ललित गर्ग

राष्ट्रीय जीवन में घुन की तरह लगे सामाजिक रीति-रिवाजों, प्रदर्शन, फैशन, दहेज, बड़े भोज, प्री-बेड शुटिंग,भव्य एवं खर्चिली शादियों, साप्रदायिकता के कोढ़ को समाप्त करने की दिशा में उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना एक रचनात्मक भूमिका का निर्माण करती है, जिसका व्यापक स्तर पर स्वागत किया जाना चाहिए. अन्य प्रांतों को भी इस प्रेरक एवं अनूठी योजना को अपनाना चाहिए. समाज में जो व्यवस्था है और जो पनप रही है, वह सामाजिक समता, सौहार्द, न्याय के घेरे से बाहर है. कब तक चलेगा यह भद्दा एवं भयावह सामाजिक रीति-रिवाजों का नाटक? और कब तक झेलता रहेगा समाज ये विसंगतियां? सबकुछ गलत होते देखकर यह सोचना कि हमें क्या? जो होता



पत्रकारिता को आराधना पर्व बनने से बचाना भी जरूरी..

अजय बोकिल

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर नई दिल्ली में 16 नवंबर को आयोजित कार्यक्रम में जो अहम बातें कहीं, उस पर मीडिया में गंभीरता से विचार होना चाहिए. यह भी समझा जाना चाहिए कि उपराष्ट्रपति के इस सलाहनुमा वक्तव्य’ के पीछे वास्तविक मंतव्य क्या है ?

भारतीय प्रेस परिषद द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति ने कहा कि राजनीतिक दल और कारोबारी समूह अपना अखबार शुरू कर अपने निहित स्वार्थों  को बढ़ावा दे रहे हैं और पत्रकारिता के मूल्यों के साथ समझौता कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यदि राजनीतिक दल अखबार चलाना चाहते हैं तो उन्हें स्पष्ट तौर पर इसका उल्लेख करना चाहिए. नायडू ने कहा ‍कि ऐसे अखबा



राफेल पर कालिख पोतने का असफल प्रयास

ललित गर्ग

सर्वोच्च न्यायालय के इतिहास में गुरुवार का दिन उल्लेखनीय कहा जायेगा क्योंकि इसने इस दिन सबसे अहम मसला भारतीय वायुसेना के लिए खरीदे गये 36 लड़ाकू राफेल विमानों में भ्रष्टाचार होने के आरोप का फैसला करके वह धुंध छांटी है जो भाजपा सरकार पर बेईमानी एवं भ्रष्ट होने के आरोप को लेकर भारतीय राजनैतिक वातावरण में अर्से से छायी हुई थी. राफेल सौदे की जांच की मांग करने वाली पुनर्विचार याचिका खारिज कर सर्वोच्च न्यायालय ने इस सौदे में बोफोर्स सौदे जैसा कुछ खोज निकालने के शातिर, गैरजिम्मेदाराना एवं विध्वंसात्मक इरादों पर तो पानी फेरा ही, छल-कपट की राजनीति को भी बेनकाब किया. कांग्रेस न जाने क्यों मानसिक दुर्बलता की शिकार ह



राजनीतिक गुस्से का प्रतिशोध प्रतिमाओं से क्यों?

अजय बोकिल

राजनीतिक आक्रोश या हताशा का प्रतिशोध महापुरूषों  की प्रतिमाओं से लेना नई बात नहीं हैं, लेकिन देश की राजधानी नई दिल्ली में प्रतिष्ठित जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में स्थापित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा को तोड़े जाने का कोई औचित्य समझ नहीं आता. क्योंकि विवेकानंद न तो किसी पार्टी के संस्थापक या प्रचारक थे, न ही आज के सियासी  आग्रह-दुराग्रहों से उनका कोई लेना-देना था. वे तो इस देश में पुनर्जागरण के अग्रदूत थे. उनकी मूर्ति को खंडित करके हम किस बौद्धिकता का संदेश देना चाहते हैं, समझ से परे है. अपनी विचारधाराअों और मान्यातअों के अनुरूप सभी को प्रतिमाएं लगाने और पूजने का हक है, लेकिन जड़बुद्धि होकर किसी



खुशहाल बचपन हमारी सोच का संकल्प बने

ललित गर्ग

आजाद भारत के प्रथम प्रधानमन्त्री पंडित जवाहरलाल नेहरु के जन्मदिवस 14 नवम्बर को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है, हममें से कई लोग सोचते हैं कि बाल दिवस को इतने उत्साह या बड़े स्तर पर मनाने की क्या जरूरत है. परन्तु आज देश का बचपन जिस बड़े पैमाने पर दबाव, हिंसा, शोषण का शिकार है, बाल दिवस मनाते हुए हमें बचपन की विडम्बनाओं एवं विसंगतियों से जुड़ी त्रासदियों को समाप्त करना चाहिए. ऐसा इसलिये भी जरूरी है कि बच्चों को देश का भविष्य माना जाता है. यदि सात दशक तक बाल दिवस मनाते एवं बच्चों के उन्नत भविष्य बनाने का संकल्प दोहराते हुए बीत गया फिर भी बच्चों के खिलाफ होने वाले अत्याचारों और शोषण के विरुद्ध हमने कोई सार्थक वातावरण



सत्ता के समीकरण बनाने में पवार का कोई सानी नहीं!

संजय राय

महाराष्ट्र में सत्ता के समीकरण जमाने और बिगाड़ने में शरद पवार का कोई सानी नहीं है. इस खेल में उन्होंने बड़े -बड़े दिग्गजों को किनारे लगाया है और इसी का परिचय इस बार भी दिया.  विधानसभा चुनावों में अपने भाषणों में पवार कहते थे अभी मैं बूढा नहीं हुआ हूँ ,कुछ लोगों को अब भी सत्ता से बाहर घर बिठाने का मादा रखता हूँ.  उस समय उनके विरोधी सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के नेता भले ही उनकी बातों को हलके में ले रहे थे लेकिन प्रदेश में चुनाव परिणाम के बाद बीस दिन तक चला सत्ता बनाने के इस संग्राम को देखें तो हर सूत्र शरद पवार से जुड़ा ही नजर आया. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनके सहयोगी भले ही चुनाव प्रचार में यह कहते रहे की शर



बीएचयू में मुस्लिम प्रोफेसर की नियुक्ति संकीर्णतावादी सोच पर चोट है...

अजय बोकिल

भारत कभी हिंदू राष्ट्र बनेगा या नहीं, कहना मुश्किल है, लेकिन संकीर्णतावादी सोच से तो नहीं ही बनेगा यह तय है. मामला बनारस हिंदू ‍विश्वविद्यालय (जिसे आम तौर बीएचयू कहा जाता है) का है. वि‍वि के प्रतिष्ठित संस्कृत विद्या एवं धर्म विज्ञान संकाय ( एसवीडीवी) में एक मुस्लिम फिरोज खान की असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर ‍नियुक्ति का है. इस नियुक्ति के बाद संकाय के छात्रों ने नियुक्तियों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए विवि के कुलपति के घर पर धरना दे दिया. उनकी मांग है कि मुस्लिम प्रत्याशी फिरोज खान की नियुक्ति निरस्त की जाए. विरोध कर रहे छात्रों  का कहना है ‍िक यह प्रदर्शन बीएचयू के संस्थापक मदन मोहन मालवीय के मूल्यों की



इतिहास के नये अध्याय का स्वागत हो

ललित गर्ग

अयोध्या में राजनीतिक रूप से अति संवेदनशील श्रीराम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों की संविधान पीठ ने सर्वसम्मति यानी 5-0 से ऐतिहासिक फैसला सुनाया. अदालत ने अपने फैसले में विवादित जगह को रामलला का बताया. साथ ही कोर्ट ने कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद निर्माण के लिए वैकल्पिक जमीन दी जाए. इस तरह 40 दिन की लगातार सुनवाई के बाद पांच सौ वर्षांे से चले आ रहे इस विवाद से संबंधित सभी पहलुओं का बारीकी से विचार हुआ एवं निर्णय लिया गया है. सभी पक्षों के द्वारा अपने-अपने दृष्टिकोण से रखे हुए तर्कों का मूल्यांकन हुआ. धैर्यपूर्वक इस दीर्घ मंथन को चलाकर सत्य व न्याय को उजागर करने वाले इस फैसले का न केवल



क्या विपक्षी दलों की एकता साकार होगी?

ललित गर्ग

महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनाव परिणामों के बाद राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकता के लिये एक सकारात्मक वातावरण बनता हुआ दिखाई दे रहा है. इन चुनावों से पहले तक राजनीतिक परिवेश में विपक्ष के सशक्त एवं प्रभावी होने की संभावनाओं पर सन्नाटा पसरा हुआ था. विगत 4 नवम्बर को राजधानी में 13 विभिन्न राजनीतिक दलों  की संयुक्त बैठक हुई. जिसमें इन दो राज्यों के चुनाव परिणामों पर चर्चा के दौरान यह बात सामने आई कि मतदाताओं का भाजपा को लेकर मुड एवं मन बदल रहा है, यह बदलाव विपक्षी दलों के भविष्य की राजनीति के लिये नवीन संभावनाओं का द्योतक हैं. नवीन बन रही स्थितियां जहां विपक्षी दलों के लिये खुशी का सबब है, वहीं भाजपा के लिये चिन्ता



क्या वाकई आउटगोइंग मुख्यमंत्री साबित होंगे देवेंद्र फडणवीस?

अभिमनोज

महाराष्ट्र में जिस तरह से सियासत ने करवट बदली है, उसका अंदाज मोदी-शाह की बीजेपी को नहीं रहा होगा? बीजेपी, शिवसेना को कच्चा खिलाड़ी मान कर चल रही थी, लेकिन गुजरते समय के साथ शिवसेना ने यह साबित कर दिया कि वह सियासी चतुराई के मामले में बीजेपी से उन्नीस नहीं है?
यही वजह है कि उद्धव ठाकरे ने सीएम फडणवीस के बयान पर नाराजगी जताई थी और कहा गया था कि- भाजपा यूज एंड थ्रो की पॉलिसी पर चल रही है!
इधर खबर है कि..... महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर जारी सियासी रस्साकशी के बीच शिवसेना ने देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए उन्हें आउटगोइंग मुख्यमंत्री करार दिया?
याद रहे, शिवसेना और बीजेपी करीब तीन दशक से एक-दूजे की सहयोगी



क्या राज्यों में चुनाव प्रचार का राष्ट्रीय मॉडल फेल हो गया ?

संजय राय

महाराष्ट्र के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने भले ही सीट जीतने में 100 का आंकड़ा पार कर लिया है लेकिन चुनाव जीतने का मोदी मॉडल  यंहा एक बार फिर फेल हो गया है. किसी भी राज्य में चुनाव के दौरान स्थानीय समस्याओं और मुद्दे से दूर हटाकर चुनाव प्रचार को राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों या राष्ट्रवाद से जोड़ने का जो मोदी मॉडल  है वह चला नहीं. प्रचार का यह  मोदी मॉडल  पहली बार बिहार विधानसभा के चुनावों में फेल हुआ था. उस चुनाव प्रचार में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने चुनाव प्रचार को पाकिस्तान ,मांस कारोबार ( पिंक रेवोल्यूशन ) आदि पर केंद्रित कर दिया था ,लिहाजा लालू प्



सोशल मीडिया पर एके-47 खरीदना आसान

हेमेन्द्र क्षीरसागर

पहले रोटी, कपड़ा और मकान हमारी मूलभूत जरूरतें थी. फिर इसमें पढ़ाई, दवाई और कमाई जुड़ी. बाद में आर-पार, व्यापार, समाचार, संचार और दूरसंचार  शामिल हुआ. सिलसिले में कंप्यूटर, इंटरनेट और मोबाइल के मकड़जाल से कर लो दुनिया मुट्ठी में नामक सोशल मीडिया का जन्म हुआ. जो बड़े काम की और कमाल का तुंतुरा साबित हुआ. घंटों के काम मिनटों में निपटकर सोहलते और मोहलतें बढ़ने लगी. आंखों देखा हाल सात समुंदर पार दिखाई देने लगे. आभास हुआ कि सोशल मीडिया के जीवाश्म इंटरनेट, मोबाइल, व्हाट्सएप, फेसबुक टि्वटर, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, टिक टॉक और ईमेल आदि-इत्यादि के बिना जीवन अधूरा है. वाकई में इनमें ऐसी खूबियां भी बेशुमार है. जिससे जनजीवन में अ



सरकार का ऐलान,आदिवासियों के घर अब नहीं आएगा कोई सुक्खी लाला...

मनोज कुमार

उत्सव का अर्थ होता है अपनों के साथ अपनी खुशियां बांटना. उत्सव का अर्थ होता है दूसरों की जिंदगी को रोशन कर देना. उत्सव का अर्थ यह भी होता है हाशिये पर खड़े लोगों को गले लगाना और उनकी चिंता को अपनी चिंता बनाना. उत्सव का यह खुशनुमा चेहरा शायद आप पहली बार देख रहे होंगे. एक नवम्बर को मध्यप्रदेश अपना 64वां स्थापना दिवस सेलिब्रेट करे और इस दिन को गोंडी जनजाति की संस्कृति और साहित्य के नाम कर दे लेकिन जिनसे मध्यप्रदेश की पहचान है, उन आदिवासी परिवारों की चिंता की शुरूआत स्वाधीनता दिवस पर ही शुरू हो गई थी. बीते 15 अगस्त का दिन उन हजारों-हजार आदिवासी परिवारों के लिए सचमुच आजादी का दिन था जब सरकार ने ऐलान कर दिया था कि अब कोई सु



झारखंड विधानसभा चुनावों के लिए BJP ने जारी की तीसरी लिस्ट

झारखंड चुनाव: बीजेपी ने काटे कई मौजूदा विधायकों के टिकट

प्रदीप द्विवेदीः सहयोगियों को सियासी बोनसाई बनाने की राजनीति को महाराष्ट्र में तगड़ा झटका?

संजय राय : क्या राज्यों में चुनाव प्रचार का राष्ट्रीय मॉडल फेल हो गया ?

उपचुनाव में कांग्रेस का 12 सीटें जीतने का दावा, येदियुरप्पा को बताया सबसे कमजोर CM

पांच चरणों में होंगे झारखंड विधानसभा चुनाव, 23 दिसंबर को आएंगे नतीजे

हरियाणा सियासी सिनेमा! विक्ट्री नंबर 203?

महाराष्ट्र में 176 नवनिर्वाचित विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलें

प्रदीप द्विवेदीः शिवसेना के दावे में दम, लिखित में होना ही चाहिए सीएम बनाने का समझौता!

प्रकाश भटनागर : इन नतीजों से सबक ले भाजपा

हरियाणा चुनाव का मजा लें खूबड़ू के धारदार व्यंग्यचित्र से....

पल पल इंडिया ने कहा था.... हरियाणा में बीजेपी के लिए चुनौती? कांग्रेस के लिए अवसर!

फेल हुआ बीजेपी की Tik Tok स्टार सोनाली फोगाट का जादू, मिली हार

देवेंद्र फडनवीस ने नागपुर दक्षिण पश्चिम सीट जीत हैट्रिक बनायी

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव परिणाम: बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को बहुमत, कांग्रेस पिछड़ी

परली विस चुनाव 2019 रिजल्ट: धनंजय मुंडे से हार गईं पंकजा मुंडे

अभिमनोजः तेरी-मेरी छोड़िए! एग्जिट पोल का मजा लीजिए?

महाराष्ट्र-हरियाणा में कितने बजे शुरू होगी काउंटिंग, इतने बजे तक नई सरकार की साफ होगी तस्वीर

महाराष्ट्र-हरियाणा चुनाव: शाम 5 बजे तक महाराष्ट्र में 44.61, हरियाणा में 53.70 फीसदी मतदान

हरियाणवी सिंगर सपना चौधरी उम्मीद टूट जाने के कारण निर्दलीय का साथ दिया

महाराष्‍ट्र चुनाव: 8 करोड़ 98 लाख मतदाता करेंगे 3237 उम्मीदवारों की किस्‍मत का फैसला

बारिश की वजह से अमित शाह के हेलिकॉप्टर की आपात लैंडिंग

अभिमनोजः चुनाव प्रचार का शोर तो थम जाएगा, जन समस्याओं का शोर कब थमेगा?

बारिश में भीगते हुए भाषण देते रहे शरद पवार, मानी अपनी ये गलती

महाराष्ट्र चुनाव: 288 सीटों पर 3112 उम्मीदवार आजमा रहे किस्मत, 1007 हैं करोड़पति

ललित गर्ग: महाराष्ट्र एवं हरियाणा में मतदाता जागे

महाराष्‍ट्र चुनाव: आचार संहिता के उल्‍लंघन पर वॉट्सऐप ग्रुप के 12 एडमिन को नोटिस

मेरी मां शीला दीक्षित की मौत के जिम्‍मेदार हैं पीसी चाको: संदीप

मैं मुख्यमंत्री बनूं, यह मेरी नहीं बल्कि कार्यकर्ताओं की इच्छा है: पंकजा मुंडे

अभिमनोजः एमपी उपचुनाव में पीएम मोदी नहीं आएंगे? स्टार प्रचारकों में प्रज्ञा सिंह भी नहीं!

सांसद-विधायक के परिजन को नहीं देगें टिकट, बैठक में फैसला

विधानसभा उपचुनाव: बीजेपी ने खोले अपने पत्ते, जारी की 32 उम्मीदवारों की लिस्ट

प्रदीप द्विवेदी: महाराष्ट्र-हरियाणा चुनाव.... राजस्थानियों की भी है महत्वपूर्ण भूमिका!

उप्र विधानसभा उपचुनाव के लिए कुल 31 नामांकन दाखिल

सपा के प्रत्याशी होंगे मेजर आशीष चतुर्वेदी, काटा अपर्णा यादव का टिकट

हिमाचल उपचुनावः जयराम बोले कहा-जल्द होगी प्रत्याशियों के नाम की घोषणा

भारत-पाकिस्तान विभाजन से भी भयंकर है 288 सीटों का बंटवारा: शिवसेना

कर्नाटक के हुंसुर विस उपचुनाव में पहली बार होगा एम 3 ईवीएम का उपयोग

चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू, विधानसभा चुनाव की तारीखों का होगा ऐलान

उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी करिश्मा ठाकुर के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज

मध्यप्रदेश के झाबुआ विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनैतिक सरगर्मियां तेज

प्रदीप द्विवेदीः इस बार गुजरात माॅडल पर नहीं, संघ के दिनरात माॅडल पर काम कर रही है पीएम मोदी सरकार!

अभिमनोजः राहुल गांधी उसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जिस दिशा में बीजेपी चाहती है?

महाराष्ट्र चुनाव के लिए कांग्रेस की तैयारियां शुरू , उम्मीदवारों के इंटरव्यू होंगे

प्रदीप द्विवेदीः चन्द्र के कारकत्व के सापेक्ष चन्द्र ग्रहण से बढ़ेगा सियासी तनाव!

अभिमनोजः कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार को कोई चमत्कार ही बचा सकता है!

प्रदीप द्विवेदीः कर्नाटक के नाटक का अंत तो तय है? लेकिन, राजस्थान में तख्ता-पलट आसान नहीं है!

अभिमनोजः अध्यक्ष के लिए नाम तो बहुत हैं, पर कौन कांग्रेस की सियासी नैय्या पार लगाएगा?

अभिमनोजः राहुल गांधी की जिद पर भरोसा करें या कांग्रेसी नेताओं की उम्मीदों पर?

प्रदीप द्विवेदीः मोदी-शाह, गांधी परिवार पर क्यों निशाना साधते रहे हैं?

प्रदीप द्विवेदी: यूपी, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी को हराना मुश्किल है?

अभिमनोजः ममता बनर्जी को तब समझ में आ गया होता तो आज ऐसी अपील नहीं करनी पड़ती?

ललित गर्गः कांग्रेस पार्टी को सही दिशाओं की तलाश

अभिमनोजः वीरप्पा मोइली की बात में दम है- गठबंधन नहीं होता तो कांग्रेस फायदे में रहती?

अभिमनोजः क्या आपसी सियासी विवादों के बोझ से ही कर्नाटक में टूट जाएगा कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन?

प्रदीप द्विवेदीः कमाल है! एक राज्य, एक चुनाव तो हो नहीं पा रहे हैं और एक देश, एक चुनाव की चर्चा हो रही है?

अभिमनोजः आयाराम-गयाराम की भीड़ में खोती जा रही है बीजेपी, क्या यही सियासी उपलब्धियां हैं?

प्रदीप द्विवेदीः तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एआईएडीएमके के लिए सत्ता बचाना मुश्किल होगा!

अमरनाथ यात्रा के बाद होंगे जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव आयोग ने कर दिया ऐलान

कर्नाटक में बीजेपी की करारी हार, कांग्रेस ने मारी बाजी- सुरजेवाला ने मोदी पर कसा तंज

अभिमनोजः छिंदवाड़ा के कारण एमपी, गुजरात-राजस्थान बनने से रह गया!

नरेंद्र मोदी दोबारा सर्वसम्मति से चुने गए एनडीए संसदीय दल के नेता

अग्निपरीक्षा में खरी उतरी ईवीएम, वीवीपैट का मिलान 100 फीसदी सही साबित हुआ

17 राज्यों में नहीं खुला कांग्रेस का खाता

मुंबई नॉर्थ सीट से उर्म‍िला मातोंडकर की करारी 'हार', ट्वीट कर EVM पर उठाए सवाल

अभिमनोजः कांग्रेसी एक-दूजे को निपटा रहे थे, जनता ने सबको निपटा दिया?

कर्नाटक में उपचुनाव का ऐलान - 5 दिसंबर को वोटिंग, 9 दिसंबर को रिजल्‍ट

झारखंड: भाजपा ने जारी की चौथी सूची, सभी 81 सीटों पर लड़ेगी चुनाव

झारखंड: तीसरे चरण के चुनाव की अधिसूचना जारी, 17 सीटों पर नामांकन शुरू

झारखंड: भाजपा ने जारी की स्‍टार प्रचारकों की सूची, पीएम मोदी सहित 40 लोगों के नाम

झारखंड में भाजपा के डूबते जहाज को छोड़कर भाग रहे हैं सहयोगी : हेमंत सोरेन

झारखंड में टिकट बंटवारे को लेकर उपजे असंतोष के बाद भाजपा डैमेज कंट्रोल में जुटी

झारखंड: बीजेपी के बागी प्रत्याशी सरयू राय के पक्ष में चुनाव प्रचार नहीं करेंगे CM नीतीश

भाजपा सरकार का भविष्य तय करेगा उपचुनाव : कुमारस्वामी

झारखंड विधानसभा चुनाव : सीपी सिंह, वर्षा गाड़ी समेत कई दिग्गजों ने किया नामांकन

झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले कार से एक करोड़ रुपये से अधिक नकद बरामद

कांग्रेस ने वोटबैंक के लिए अयोध्या मामले को दशकों से लटकाया: पीएम मोदी

प्रदीप द्विवेदीः स्थानीय निकाय चुनाव में राष्ट्रीय मुद्दे ढेर, पीएम मोदी का नाम भी काम न आया!

उपचुनाव रिजल्ट: पश्चिम बंगाल में 3 सीटों पर TMC, उत्तराखंड में बीजेपी जीती

भाजपा-झामुमो ने उतारे सबसे ज्यादा करोड़पति उम्मीदवार, 26 फीसदी दागी

झारखंड चुनाव: कांग्रेस-बीजेपी समर्थकों में झड़प, कांग्रेस उम्मीदवार ने लहराई पिस्तौल

झारखंड में पहले चरण की वोटिंग खत्म, 13 सीटों पर 3 बजे तक 62.87 प्रतिशत मतदान

पीएम मोदी ने जमशेदपुर में कहा, छल और स्वार्थ की राजनीति करती है कांग्रेस

प्रदीप द्विवेदीः लोस चुनाव में संघ ने लाज रख ली थी, वरना मोदी मैजिक बचा कहां है?

अभिमनोजः कर्नाटक के नतीजों से पता चलेगा कि जनता सियासी जोड़तोड़ के बारे में क्या सोचती है?

झारखंड चुनाव: 260 दिग्‍गजों की इज्‍जत दांव पर, 20 विधायक चुनेंगे 47.25 लाख मतदाता

झारखंड: दूसरे चरण में 60.56% वोट, 260 उम्मीदवारों की किस्मत इवीएम में लॉक

"नहीं करूंगा मतदान"





बंपर वोटिंग जारी, अब तक पश्चिम बंगाल में 48 और यूपी में 36 फीसदी मतदान


योग शिविरों को न बनाएं राजनीतिक मंच: चुनाव आयोग


सबको पेंशन, दवा और घर देगी काँग्रेस, घोषणापत्र जारी


राजस्थान में खिलेगा कमल, मुरझाएगा पंजा, चुनावी सर्वे का दावा


प्राकृतिक आपदा में राहत देने से नहीं रोकती चुनाव आचार संहिता, भोपाल में बोले मुख्य चुनाव आयुक्त


चुनावी सर्वे में शिवराज ने लगाई हैटट्रिक


अब इलेक्शन नॉमिनेशन फॉर्म में बताना होगा सोशल मीडिया एकाउंट


हरियाणावासी नहीं, कैदी बनाएंगे चौटाला को सीएम : बीरेंद्र सिंह


सोशल मीडिया पर चुनाव प्रचार का खर्च भी उम्मीदवार के खर्च में जुड़ेगा


अफवाहों में बट रहा टिकट, उम्मीदवारों ने पार्टी मुख्यालय में डाला डेरा


बढी भाजपा-कांग्रेस की मुश्किलें


छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों के पहले चरण का नामांकन शुक्रवार से


सरताज सहित तीन मंत्रियों के नाम रोके


भाजपा लगी मोदी की छवि सुधारने में, 50 देशों के दूतावास को भेजा न्यौता


चुनाव के लिए तैयार रहे कांग्रेस


बंपर वोटिंग जारी, अब तक पश्चिम बंगाल में 48 और यूपी में 36 फीसदी मतदान


योग शिविरों को न बनाएं राजनीतिक मंच: चुनाव आयोग


सबको पेंशन, दवा और घर देगी काँग्रेस, घोषणापत्र जारी


राजस्थान में खिलेगा कमल, मुरझाएगा पंजा, चुनावी सर्वे का दावा


प्राकृतिक आपदा में राहत देने से नहीं रोकती चुनाव आचार संहिता, भोपाल में बोले मुख्य चुनाव आयुक्त


चुनावी सर्वे में शिवराज ने लगाई हैटट्रिक


अब इलेक्शन नॉमिनेशन फॉर्म में बताना होगा सोशल मीडिया एकाउंट


हरियाणावासी नहीं, कैदी बनाएंगे चौटाला को सीएम : बीरेंद्र सिंह


सोशल मीडिया पर चुनाव प्रचार का खर्च भी उम्मीदवार के खर्च में जुड़ेगा


अफवाहों में बट रहा टिकट, उम्मीदवारों ने पार्टी मुख्यालय में डाला डेरा


बढी भाजपा-कांग्रेस की मुश्किलें


छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों के पहले चरण का नामांकन शुक्रवार से


सरताज सहित तीन मंत्रियों के नाम रोके


भाजपा लगी मोदी की छवि सुधारने में, 50 देशों के दूतावास को भेजा न्यौता


चुनाव के लिए तैयार रहे कांग्रेस