Loading...
क्या गंगा को सिर्फ चुनावी वाहन मानने वालों को अपना प्रतिनिधि चुनें ?

अरुण तिवारी

2014 के लोकसभा चुनाव को याद कीजिए.मैं आया नहीं हूं.मां गंगा ने बुलाया है. मोदी जी का यह वाक्य याद कीजिए.कहना न होगा कि गंगा के सहारे चुनावी नौका पार करना, 2014 के प्रधानमंत्री पद के दावेदार श्री मोदी का एजेण्डा था.2019 में अब यह राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की अपील करने वाली प्रियंका गांधी का एजेण्डा है.प्रियंका ने लोगों को लिखे खुले खत में कहा है, गंगाजी उत्तर प्रदेश का सहारा है और मैं भी गंगा जी के सहारे हूं.

मोदी जी ने पांच साल तक गंगा के हितों की जमकर अनदेखी की.गंगा की अविरलता-निर्मलता के अनशन करते हुए स्वामी सानंद की मौत हो गई.कुछ पता नहीं कि संत गोपालदास कहां और कैसे लापता हो गए ? स्वामी आत्मबोधानन्द, आज भी सं



चुनाव, नारे और मैनेजमेंट 

मनोज कुमार

कभी इंदिरा इज इंडिया, फिर शाइनिंग इंडिया, फिर चाय पर चर्चा और मोदी है तो मुमकिन है.. कुछ इस तरह के चुनाव प्रचारों का स्वरूप बदलता रहा है. पहले दो नारों ने इंदिरा गांधी और अटलबिहारी वाजपेई को सत्ता से बाहर कर दिया था. राजीव गांधी के समय में चुनाव में एक अलग किस्म का प्रयोग हुआ था जो पारम्परिक प्रचार से दूर था और जिसके शिल्पकार सैम पित्रोदा माने गए थे. यह चुनावी विज्ञापन मतदाताओं को लुभा नहीं पाया। बदले दौर में युवा भारत में युवा मतदाताओं को उनकी ही भाषा में जब चुनाव प्रचार आरंभ हुआ तो जीत जैसे सिर चढ़ कर बोली। 2014 के चुनाव में  चाय पर चर्चा ने मोदी को अकल्पनीय विजय दिलायी तो  इस बार मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल में



बीजेपी बाद में, पहले कांग्रेस-बसपा की बढ़ती दूरियां तो कम हों?

प्रदीप द्विवेदी

लोस चुनाव की घोषणा के साथ ही चुनावी चर्चाएं गर्मा गई हैं कि इस बार केन्द्र में किसकी सरकार बनेगी? सबकी नजरें यूपी पर हैं, क्योंकि जो यूपी जीतेगा, वहीं केन्द्र का सियासी सिकंदर होगा!
यूपी का सियासी समीकरण बेहद उलझा हुआ है, लिहाजा न तो बीजेपी 2014 दोहराने की स्थिति में है और न ही सपा-बसपा गठबंधन उपचुनाव जैसा चमत्कार दिखाने की हालत में है? 
कर्नाटक विधानसभा चुनाव तक कांग्रेस-बसपा के सियासी संबंध अच्छे थे, लेकिन एमपी, राजस्थान सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के दौरान, सियासी ताकत से ज्यादा बसपा द्वारा सीटें मांगने के कारण, कांग्रेस ने एकला चालो का रूख अपना लिया. इसके बाद बीएसपी प्रमुख मायावती की नाराजगी कां



केवल उपभोक्ता नही... जागरूक उपभोक्ता बने!

निरंजन द्विवेदी

उपभोक्ता सरंक्षण कानून, अर्थात- बाजार व्यवस्था में खरीदारी के दौरान उपभोक्ता हितों की सुरक्षा हेतु किये गये प्रावधान और व्यवस्थायें. कानूनी तौर पर व्यापक प्रावधानों के बावजूद बाजार व्यवस्था में उपभोक्ता शिकायतें हैं और उपभोक्ताओं को भ्रमित करने पर्याप्त वातावरण मौजूद है. बाजार में हर तरह की सामग्री व सेवायें उपलब्ध हैं और उपभोक्ता अपने विवेक से अच्छी वस्तुओं का चयन करने के लिये स्वतंत्र हैं. बाजार में उपभोक्ताओं को आकर्षित करने की मौजूद- उपहार, ईनाम आदि योजनाएं, विज्ञापनों का प्रभावी वातावरण, ऑफर के इंतजाम और श्रेष्ठ वस्तुसेवा उपलब्ध करवाने के दावों के बीच उपभोक्ता की सजगता की परीक्षा है.
किसी भी



राजनीति की बात करना मना है!

हेमेन्द्र क्षीरसागर

 राजनीति अब इतनी नागवार लगने लगी है कि राजनीति की बाते करने से लोग परेहज लगे है. तभी तो दुकानों में, कार्यालयों में, घरों में तख्ती लटका कर और समूहों में इत्तला देकर सजग किया जाने लगा है कि यहां राजनीति की बातें करना मना है. मना क्यों बात ही तो कर रहें उसमें हर्ज किसलिए? हां दिक्कत तो है इसलिए आनाकानी हो रही है. कारण भी जायज है ना, नीति का राज आज राज की नीति बन गई है उसमे हरेक दल डुबकी लगाना चाहता है. पर जनता तू-तू, मैं-मैं से लथपथ इस मायावी दलदल में नहीं घुसना चाहती. भूलभूलैया भरे माहोल कि राजनीति से भरोसा जो उठने लगा है? उस पर अपनी-अपनी पीठ थपथपाई बात-बात पर बाहे तानना मनाही का कारक बन गई है. तभी इससे बचे व बचाओं के बोल



क्या लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव की रिस्क लेंगे पीएम मोदी?

अभिमनोज

 पीएम नरेन्द्र मोदी ने कभी देश में विभिन्न प्रदेशों के विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव को एक साथ कराने की अपील की थी. करीब एक वर्ष पहले नीति आयोग की गवर्निग काउंसिल की बैठक को संबोधित करते हुए पीएम नरेन्द्र मोदी ने सभी पक्षों से इस बारे में गंभीरता से विचार करने और इस मुद्दे पर व्यापक बहस करने की अपील भी की थी. पीएम नरेन्द्र मोदी का कहना था कि इसके वित्तीय फायदे के अलावा भी कई तरह के लाभ हो सकते हैं. 
उल्लेखनीय है कि- केन्द्र में सत्ता में आने के बाद पीएम नरेन्द्र मोदी लगातार देश में हर चुनाव को एकसाथ करवाने का मुद्दा उठाते रहते हैं, जबकि गैरभाजपाई दल इससे सहमत नहीं रहे है. तब, गवर्निग काउंसिल की बैठक के बाद न



अपने अधिकारों के लिए जागरूक होती स्त्री

मनोज कुमार

8 मार्च कैलेण्डर की एक तारीख मात्र नहीं है बल्कि महिला सशक्तिकरण की वह तारीख है जो पितृ समाज को इस बात का एहसास दिलाती है कि महिलाएं हर सेक्टर में बराबरी के साथ काम कर सकती हैं. बल्कि कई सेक्टर ऐसे हैं जिसमें महिलाओं का दखल सबसे ऊपर है. भारतीय संविधान में महिलाओं को बराबरी का अधिकार दिया गया है. कई बार कानून की जानकारी ना होने के कारण महिलाएं अपने अधिकारों से वंचित रहती हैं. पितृ पुरुष समाज भी नहीं चाहता कि महिलाएं उनके समकक्ष खड़ी हों, इसलिए भी वह कानून से महिलाओं को परे रखता है. हालांकि समय बदल रहा है और महिलाओं में जागरूकता बढ़ रही है. अब वे ना केवल अपने अधिकारों के लिए आगे आ रही हैं बल्कि अन्याय के खिलाफ लामबंद



कैसे जीतेंगे? मोदी जिस अदा से झूठ बोलते हैं, राहुल तो उस शानदार अंदाज में सच भी पेश नहीं कर पाएंगे

प्रदीप द्विवेदी

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का कहना है कि उन्होंने राजनीति में कदम रखने के बाद कभी कोई झूठ नहीं बोला, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि- राहुल गांधी, सियासी अभिनय में नरेन्द्र मोदी को मात कैसे देंगे? मोदी जिस अदा से झूठ बोलते हैं, राहुल तो उस शानदार अंदाज में सच भी पेश नहीं कर पाएंगे.
लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पीएम नरेन्द्र मोदी राजस्थान में आए, नजरें थी 25 लोकसभा सीटों पर और निशाना थी कांग्रेस, लेकिन उन्होंने जो कुछ भाषण में कहा उसको लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उन्हें झूठा करार दिया? सीएम गहलोत का कहना था कि- लोकसभा चुनावों का समय है, बेशक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रदेश में आयें, दौरे करें लेकिन मेरा उ



अभिनंदन बनाम जिनेवा संधि 

गिरीश बिल्लोरे “मुकुल”

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का संसद के संबोधन किसी भी एक भयभीत व्यक्ति की अभिव्यक्ति है.वे जो संसद को बता रहें हैं तथा संसद के ज़रिए जो विश्व के सामने कहा जा रहा है... ठीक उससे उलट कार्यक्रम पाकिस्तान की सेना के पास होगा.

पाकिस्तान की संसद में 28 फरवरी 2019 को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की स्थिति देखकर   भारतीय कूटनीतिक विजय का विषाद उनके चेहरे पर साफ़ नजर आ रहा था  .इससे इस बात की भी तस्दीक हो जाती है कि अब वास्तव में विश्व समुदाय ने भारतीय कूटनीतिक की कोशिश पर समवेत स्वर में सहमति जताई है.पाकिस्तान ने हमेशा भारत के साथ धोखा ही किया है उसके दिमाग़ में भारत एक दबाव में आने वाला मुल्क था.किन्तु भारत अब बदल चुका है. यह



कब पाक होगा,नापाक पाकिस्तान...

कुमार राकेश

जब से पाकिस्तान बना है.अशांत है,बेबस है.परेशान है.जद्दोजहद से भरा हुआ और अपने जन्मदाता  भारत से चिढ़ा हुआ.शायद पाकिस्तान ने कभी नहीं सोचा कि ऐसा उसके साथ क्यों हुआ?ऐसा उसके साथ क्यों हो रहा है? शायद सोचता तो आज वो अपने जन्मदाता भारत के साथ कंधे से कंधे मिलाकर चलता.साथ में भारत की संस्कृति सत्य,अहिंसा और न्याय के मार्ग को भी अपनाता.पर करे तो क्या करें पाकिस्तान.उसे अपने राष्ट्र पिता मोहम्मद अली जिन्ना की गलतियों और गलत महत्वकांक्षी स्वाभाव का सिला झेलने को मजबूर होना पड़ा हैं.पता नहीं पाकिस्तान कब सुधरेगा.कब वहां पर जीवंत और निष्पाप लोकतंत्र उस नापाक धरती को पाक में तब्दील करेगा. पता नहीं कब सुधरेगा पाकिस्तान?



आतंकिस्तान : नहाय क्या निचोय क्या ?

गिरीश बिल्लोरे “मुकुल”
मित्रों यह लेख मैंने 23 सितंबर 2017 को लिखा था . इस आलेख में 2 साल पूर्व की पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था का सटीक विश्लेषण विभिन्न सूचना वाले को एवं जानकारियों के आधार पर कर दिया गया था. अगर पाकिस्तान की प्रोमिलिट्री डेमोक्रेसी मैं किसी भी तरह का प्रोग्रेसिव नजरिया दिखाई देता तो निश्चित तौर पर बीते 2 सालों में भारत पाकिस्तान से इतना मजबूत नहीं होता जितना कि आज की स्थिति में है आज युद्ध की संभावना हो या ना हो युद्ध की स्थिति बनी हुई है. एक कहावत है कि छोटी सोच और पैर की मोच कभी भी दौड़ने नहीं देती दौड़ने क्या चलने भी नहीं देती !.... और पाकिस्तान ने अपनी छोटी सोच के चलते अपने संपूर्ण विकास कार्यक्रमों के बारे में ना सोचते हुए के


मध्यप्रदेश की यह राजनीतिक तासीर तो है नहीं

मनोज कुमार

11 दिसम्बर की तारीख मध्यप्रदेश की राजनीति के लिए अहम तारीख थी. इस दिन डेढ़ दशक बाद सत्ता में परिवर्तन हुआ तो साथ में राजनीतिक बेचैनी का आभास भी हुआ. हालांकि मध्यप्रदेश की यह तासीर नहीं है कि निर्वाचित सरकार को बेदखल करने की चर्चा आम हो जाए. वह भी तब यह जानते हुए कि ऐसा होना पाना मुमकिन भले ही ना हो लेकिन इस बैचेनी से प्रदेश में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बन जाने का अहसास तो हो रहा है. देश का ह्दयप्रदेश कहलाने वाले मध्यप्रदेश की राजनीतिक तासीर का जो स्वरूप आज देखने में आ रहा है, वह बीते छह दशक की बात करें तो कभी ऐसा नहीं हुआ. यकीनन डेढ़ दशक के लम्बे राजकाज के बाद भारतीय जनता पार्टी का सत्ता से बेदखल हो जाना उन्हें रू



समय है देश विरोधियो के चहरे से नकाब उतारने का

डाँ नीलम महेंद्र

पुलवामा की आतंकवादी घटना के बाद से जिस प्रकार के कदम हमारी सरकार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठा रही है उससे ना सिर्फ देश में एक सकारात्मक माहौल उत्पन्न हुआ है बल्कि इन ठोस कदमों ने  हमारे सुरक्षा बलों के मनोबल को भी ऊंचा किया है.लेकिन यह खेद का विषय है कि सरकार के जिन प्रयासों का स्वागत पूरा देश कर रहा है उनका विरोध देश की सबसे पुरानी राजनैतिक पार्टी कांग्रेस समेत जम्मू कश्मीर के स्थानीय विपक्षी दल कर रहे हैं.काश कि ये समझ पाते  कि इनका गैर जिम्मेदाराना और सरकार विरोधी आचरण देश विरोध की सीमा तक जा पहुंचा है .क्योंकि अपने राजनैतिक हितों के चलते इन लोगों ने कश्मीर समस्या को और उलझाने का ही  काम कि



चलो, चलें प्रधानमंत्री बनें!

हेमेन्द्र क्षीरसागर

देश में लोकसभा चुनाव आते देख सियासतदारों के मुंह में लड्डू फूटने लगे कि मैं भी अब प्रधानमंत्री बन सकता हूँ.बेला में चलो, चले प्रधानमंत्री बने की होड़ लगी हुई है.ताबड़तोड़ मेरा वोट-तेरा वोट मिलाकर करेंगे चोट की सोच से चुनाव फतह करने की तैयारी दम मार रही है.फुसफुसाहट बेमर्जी गठबंधन, मतलबी दिखावा और दुश्मन का दुश्मन दोस्त बनाने का चलन जोरों पर है.मतलब आइने की तरह बिल्कुल साफ है प्रधानमंत्री की कुर्सी जिसे पाने की जुगत में महागठबंधन नामक समूह का हर छोटा-बड़ा दल काफी मशकत कर रहा है.बस इस फिराक में की कब नरेन्द्र मोदी हटे और हम वहां डटे. 
     खुशफहमी बिना नेता, नीति और नियत के राजनीतिक लिप्सा शांत होने के बजाए बढ़



CBI,ED,VADRA, MAMTA, MAYAWATI, AKHILESH:IS MODI GIVING A CHANCE TO RENEW OPPOSITION?

भाग्य श्री पांडे

Bhagyashree Pande .CBI ED being unleashed on political rivals is not new in politics. Every political opponent has faced the heat of CBI some of them have even been arrested and put behind the bars. Jayalalitha , Mayawati ,Jagan Mohan Reddy, Lalu Prasad Yadav, Arvind Kejriwal ,and Narendra Modi in recent times have faced grilling by this institution . But why is it that today when Mamta Banerjee , Akhilesh Yadav ,Robert Vadra are being investigated is there a hue and cry in the matter ? Firstly, the CBI itself stands exposed for the deep rot that it has inside with its own men facing corruption charges. Just before the end of UPA 2 the CBI Director Ranjit Sinha was called a Caged Parrot by the Supreme Court for the political control that prevented proper investigation by the institution. But what happened in CBI during Modi govt has showed to the world how deep and worse the rot is. This is for the first time that a conflict is within the institution when the senior vs junior spat on who should be framing charges on whom and whether these charges should be buried. Now an institution which has officers being framed with corruption charges is going to be investigating for corruption those leaders who are mandated by the people of the country to govern them. When it comes to a scenario in which those representing the people of this country are going to be investigated by those who have no credibility that too when elections are about to take place does it need to be said which was the die is cast in voters mind ? These netas need not even cry victimhoo



नए भारत का आगाज़

डाँ नीलम महेंद्र

यह सेना की बहुत बड़ी सफलता है कि उसने पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड अब्दुल रशीद गाज़ी को आखिरकार मार गिराया हालांकि इस ऑपरेशन में एक मेजर समेत हमारे चार जांबांज सिपाही वीरगति को प्राप्त हुए. देश इस समय बेहद कठिन दौर से गुज़र रहा है क्योंकि हमारे सैनिकों की शहादत का सिलसिला लगातार जारी है. अभी भारत अपने 40 वीर सपूतों को धधकते दिल और नाम आँखों से अंतिम विदाई दे भी नहीं पाया था, सेना अभी अपने इन वीरों के बलिदान को ठीक से नमन भी नहीं कर पाई थी, राष्ट्र अपने भीतर के घुटन भरे आक्रोश से उबर भी नहीं पाया था, कि 18 फरवरी की सुबह फिर हमारे पांच जवानों की शहादत की एक और मनहूस खबर आई. 

पुलवामा की इस हृदयविदारक घटना में सबसे अधिक



पुलवामा हमला: बलिदान का बदला कब?

हेमेन्द्र क्षीरसागर

वीभत्स् आतंकी करतूतों से देश एक बार और दहल गया जब पाकिस्तान कहें या आतिंकस्तान की कोख व पनाहगाह में पैदा हुई नापक औलादों ने 14 फरवरी को जम्मू-श्रीनगार हाईवे पर पुलवामा के अवंतिपुरा में केन्द्रीय रिर्जव पुलिस बल के काफिले पर फिदायीन हमला कर दिया. बरबस 44 सैनिक शहीद हो गए, बाकि अस्पताल में जिंदगी व मौत की जंग लड़ रहे है. जालिमों ने 200 किलो विस्फोटक से लदी एसयूवी कार को सैनिकों से भरी सीआरपीएफ की बस से भिड़ा दी. बेगर्द आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस कायराना हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कश्मीर के गुंडीबा-पुलवामा के आतंकी आदिल अहमद ने अंजाम देना बताया.  
अध-बीच सोचनिए बात! सुरक्षा से चाकचौबंध अतिसंवेदनशील घाटी में



किसके वादे और किसके इरादे मतदाताओं को प्रभावित कर पाएंगे?

अभिमनोज

लोकसभा चुनाव आ रहे हैं और जहां तीन प्रमुख राज्यों- मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की हार से घबराई बीजेपी की पीएम मोदी सरकार केन्द्र में सत्ता बचाने के लिए में लगातार चाकलेटी वादे कर रही है, वहीं इन तीन राज्यों में जीत से उत्साहित कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी केन्द्र की सत्ता मिलने पर मीठे इरादों का इजहार कर रहे हैं, आश्चर्यचकित जनता खामोश है तो सियासी जानकार लोस चुनाव का समीकरण सुलझाने में व्यस्त हैं!
एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के मुद्दे पर विधानसभा चुनाव में सामान्य वर्ग की ओर से तगड़ा झटका मिलने के बाद अब पीएम मोदी टीम ने इस वर्ग को मनाने के लिए सरकारी नौकरियों में सवर्णों को दस प्रतिशत आरक्षण देना का



हिन्दी भारत की अदालतों में भी प्रतिष्ठित हो

ललित गर्ग

संयुक्त अरब अमारात याने दुबई और अबूधाबी ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए अरबी और अंग्रेजी के बाद हिंदी को अपनी अदालतों में तीसरी आधिकारिक भाषा के रूप में शामिल कर लिया है. इसका मकसद हिंदी भाषी लोगों को मुकदमे की प्रक्रिया, उनके अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में सीखने में मदद करना है. न्याय तक पहुंच बढ़ाने के लिहाज से यह कदम उठाया गया है. अमारात की जनसंख्या 90 लाख है. उसमें 26 लाख भारतीय हैं, इन भारतीयों में कई पढ़े-लिखे और धनाढ्य लोग भी हैं लेकिन ज्यादातर मजदूर और कम पढ़े-लिखे लोग हैं. इन लोगों के लिए अरबी और अंग्रेजी के सहारे न्याय पाना बड़ा मुश्किल होता है. इन्हें पता ही नहीं चलता कि अदालत में वकील क्या बहस कर रहे हैं और जजो



बाजारवाद के इस दौर में प्रेम भी तोहफों का मोहताज़ हो गया

डाँ नीलम महेंद्र

वैलेंटाइन डे, एक ऐसा दिन जिसके बारे में कुछ सालों पहले तक हमारे देश में बहुत ही कम लोग जानते थे, आज उस दिन का इंतजार करने वाला एक अच्छा खासा वर्ग उपलब्ध है. अगर आप सोच रहे हैं कि केवल इसे चाहने वाला युवा वर्ग ही इस दिन का इंतजार विशेष रूप से करता है तो आप गलत हैं. क्योंकि इसका विरोध करने वाले बजरंग दल, हिन्दू महासभा जैसे हिन्दूवादी संगठन भी इस दिन का इंतजार उतनी ही बेसब्री से करते हैं. इसके अलावा आज के भौतिकवादी युग में जब हर मौके और हर भावना का बाज़ारीकरण हो गया हो, ऐसे दौर में  गिफ्ट्स टेडी बियर चॉकलेट और फूलों का बाजार भी इस दिन का इंतजार  उतनी ही व्याकुलता से करता है.
आज प्रेम आपके दिल और उसकी भावनाओं तक सीमित



देश की नब्ज नहीं पकड़ सके अण्णा

सुरेश हिन्दुस्तानी

समाजसेवी अण्णा हजारे द्वारा लोकपाल और किसानों की समस्या को लेकर किया गया धरना प्रदर्शन इस बार बिना किसी सुर्खियों के समाप्त हो गया. अण्णा हजारे इस बार वैसा चमत्कार नहीं दिखा पाए, जैसा वे दिखाना चह रहे थे. जिस अण्णा हजारे के आंदोलन में पूरा देश उद्वेलित हो गया था, उनके द्वारा वर्तमान में किया गया आंदोलन मात्र सात दिवस में ही असफलता का ठप्पा चिपकाकर समाप्त हो गया. 2011 में समाजसेवी अण्णा हजारे ने भ्रष्टाचार के विरोध में व्यापक आंदोलन किया था, उस आंदोलन के कारण अण्णा हजारे ने देश में एक क्रांति का सूत्रपात किया था, लेकिन वर्तमान में उनके द्वारा किया गया आंदोलन असफल क्यों हुआ, उसके कारण तलाश किए तो स्वाभाविक रुप से



रेडियो से कम्युनिटी रेडियो तक...

मनोज कुमार

एक पुरानी कहावत है कि सौ कोस में पानी और सौ कोस में बानी बदल जाती है और जब नए जमाने के रेडियो की बात करते हैं तो यह कहावत सौ टका खरा उतरती है. भोपाल में आप जिस एफएम को सुन रहे हैं, वह सीहोर होते हुए उज्जैन और देवास में उसकी बानी बदल जाएगी. इन शहरों में एफएम चलेगा वही लेकिन उसकी बानी बदल जाती है. भोपाल में कों खां सुन रहे होते हैं तो इंदौर का एफएम आपको भिया कहता हुआ सुनाएगा. इस वेरायटी ने रेडियो की दुनिया को बदल दिया है. वैसे रेडियो के आविष्कार मारकोनी को लोग भूल गए होंगे, यह स्वाभाविक भी है लेकिन उनके बनाये रेडियो को हम कभी नहीं भूल पाएंगे. संचार के सबसे प्राचीन किन्तु प्रभावी तंत्र के रूप में रेडियो ने समाज में स्थापि



केवल शिवसेना राम मंदिर मुद्दे पर स्वाभिमान के साथ खड़ी है!

प्रदीप द्विवेदी

लोकसभा चुनाव 2019 करीब आ रहे हैं और इसके साथ ही कई मुद्दे भी गर्मा रहे हैं. कई चुनावों की तरह इस बार भी राम मंदिर निर्माण का मुद्दा प्रमुख है, लेकिन इस बार बीजेपी इस मुद्दे पर आक्रामक रूख नहीं दिखा पा रही है और न ही शिवसेना की तरह साफ-साफ बोल भी पा रही है?
जहां शिवसेना हर हाल में राम मंदिर के समर्थन में खड़ी है, वहीं बीजेपी इससे दूरी बना कर खड़ी है. इस वजह से बीजेपी के लिए परेशानियां बढ़ती जा रही है. जहां शिवसेना का स्वाभिमान के साथ असली हिन्दूत्व वाला चेहरा नजर आ रहा है, वहीं बीजेपी के हिन्दूत्व का सियासी चेहरा उभर रहा है!
बीजेपी के इस रूख पर रामभक्त साधु-संत खासे नाराज हैं, हालांकि बीजेपी से जुड़े संगठन इस मुद्दे पर बी



स्वाभिमान से जीने के लिए युवा स्वाभिमान योजना 

मनोज कुमार

मध्यप्रदेश में पूर्ववर्ती सरकार की तरह खैरात बांटने के बजाय स्वाभिमान से जिंदगी जीने के रास्ते को आसान बनाने की पुरजोर कोशिश में कमल नाथ सरकार पहल कर रही है. इस क्रम में मध्यप्रदेश के युवाओं को स्वाभिमान के साथ जिंदगी जीने के लिए युवा स्वाभिमान योजना’ का श्रीगणेश किया जा चुका है. इस योजना में युवाओं के कौशल का ना केवल उपयोग किया जाएगा बल्कि उन्हें स्वयं की मेहनत से धन अर्जित करने का अवसर प्रदान किया जाएगा. युवाओं को जो कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा, वह अल्पकालिक ना होकर दीर्घकालिक होगा जिससे उनके आय के स्रोत नियमित बने रहें. समय के साथ उनमें दक्षता आएगी और दक्षता से उनके भीतर आत्मविश्वास का संचार होगा जिससे



अन्ना हजारे के अनशन के अर्थ-भावार्थ?

अभिमनोज

जैसी कि आशंका थी, इस बार भी अन्ना हजारे का अनशन आश्वासन पर खत्म हो गया! रालेगण सिद्धि गांव में अनशन पर बैठे अन्ना हजारे से कृषि मंत्री राधामोहन सिंह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री सुभाष भामरे ने मुलाकात की और 31 जनवरी 2019 से अनशन पर बैठे अन्ना ने इस मुलाकात के बाद अपना अनशन खत्म कर दिया.
सीएम फडणवीस ने प्रेस से कहा कि- अन्ना हजारे की मांगों पर सराकात्मक तरीके से विचार किया जाएगा. लोकायुक्त कानून से देश को नया रास्ता मिलेगा. इससे छोटे इलाके में भ्रष्टाचार रुकेगा. और, इसके बाद अन्ना हजारे अनशन खत्म करने पर सहमत हो गए.
उन्होंने यह भी कहा कि हमने तय किया है कि लोकपाल सर्च कमेटी 13 फरव



ओरछा में पर्यटन बढ़ाने सरकार की भूमिका जरुरी

विवेक कुमार पाठक

मध्यप्रदेश के ओरछा में रामराजा सरकार को भले ही राज्य शासन राजा की तरह प्रोटोकॉल देता हो मगर उनके दरबार तक पहुंचाने इस क्षेत्र में जनसुविधाओं का अभाव रहा है. यहां बुंदेलखंड की सनातन समस्या अधोसरंचना की कमी के रुप में लंबे समय से है. ऐसे में धार्मिक एवं धर्मस्व विभाग ने ओरछा को संवारने कदम बढ़ाया है उससे रामराजा सरकार के उपासकों को आस जगी है. ओरछा में मध्यप्रदेश सरकार श्रद्धालुओं के लिए बड़ा यात्री सदन व मंगल परिसर बनाने जा रही है. गरीब एवं साधनहीन श्रद्धालुओं के हित में यह एक सार्थक कदम माना जा रहा है. 

बुंदेलखंड में बेतवा के तट पर ऐतिहासिक रामराजा सरकार मंदिर है. मंदिर में भगवान राम को रामराजा सरकार के रु



आम आदमी को अच्छे दिनों का अहसास कराता बजट

डाँ नीलम महेंद्र

विपक्ष भले ही वर्तमान सरकार के इस आखरी बजट को चुनावी बजट कहे और कार्यवाहक वित्तमंत्री पीयूष गोयल के बजट भाषण को चुनावी भाषण की संज्ञा दे,लेकिन सच तो यह है कि इस आम बजट ने अपने नाम के अनुरूप देश के आम आदमी के दिल को जीत लिया है. जैसा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, यह सर्वव्यापी, सरस्पर्शी,सरसमवेशी, सर्वोतकर्ष को समर्पित एक ऐसा बजट है जो भारत के भविष्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के सपने अवश्य जगाता है जो कितने पूर्ण होंगे यह तो समय ही बताएगा. 

यह पहली बार नहीं है जब किसी सरकार ने चुनावी साल में बजट प्रस्तुत किया हो.  लेकिन हाँ, यह पहली बार है जब भारत की लोकतांत्रिक प्रणाली में जहाँ अब तक लगभग हर सरका



भाजपा का दिल दहला,प्रियंका के आ जाने से ...

कुमार राकेश

प्रियंका गाँधी वाड्रा अब आ गयी.जी हाँ,अब वह विधिवत राजनीति में आ गयी.पहले अनौपचारिक थी.अब औपचारिक नेता बन गयी हैं.पहले देश के दो जिलों की नेता  थी,परन्तु अब देश की 20 जिलों की नेता बनायीं गयी हैं ,क्यों .ये सवाल मेरा नहीं है .सवाल कांग्रेस के अंदरूनी विश्वत दिग्गजों का है.
यदि पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं की माने तो प्रियंका को पार्टी से जोड़ने के बावजूद उनकी प्रतिभा का अपमान किया गया है.पद राष्ट्रीय महासचिव का और काम कुछ जिलों का.ऐसा क्यों? इसका जवाब किसी के पास नहीं और कांग्रेस संस्कृति में किसी को भी ये जानने और पूछने की औकात नहीं है.बताया जा रहा है कि सोनिया गाँधी शुरू से ही प्रियंका के पार्टी में लाये जाने के



लाइलाज हो रही है- अमर्यादित भाषा की राजनीति.

अभिमनोज

राजनीति में भाषा की मर्यादा बेमतलब होती जा रही है और नेताओं के अमर्यादित बिगड़े बोल बढ़ते ही जा रहे हैं. कोई भी सियासी दल इसे सख्ती से रोकने की कोशिश करता दिखाई नहीं दे रहा है. यदि कोई नेता एकदम अमर्यादित बयान देता है और पार्टी परेशानी में आ जाती है, तो दिखावे के लिए उस नेता को पार्टी बाहर का रास्ता तो दिखा देती है, लेकिन उसे अप्रत्यक्ष लाभ तो देती ही है, कुछ समय बाद उसकी पार्टी में वापसी भी हो जाती है.
यूपी में भाजपा की विधायक साधना सिंह ने एक सभा में विवादित बयान देते हुए कहा था कि- हमको पूर्व मुख्यमंत्री न तो महिला लगती हैं और न ही पुरुष, इनको अपना सम्मान ही समझ में नहीं आता? 
वे इतना कह कर ही नहीं रूकी, उन्होंन



लोकसभा चुनाव 2019 में 895 करोड़ की संपत्ति के साथ कोंडा हैं दो राज्यों के सबसे अमीर नेता

भाजपा के राकेश के सामने होंगे विश्वमोहन, कांग्रेस की तैयारी

यूपी के कई सांसदों के टिकट काट सकती है BJP, पीएम ने जनता से ली थी प्रतिक्रिया

लोकसभा चुनाव: 'चुनाव जीता तो हर महीने दूंगा 10 लीटर फ्री शराब'

अभिमनोजः विजय दिलाएंगे या पराजय की ओर ले जाएंगे दिग्विजय?

पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा दक्षिण कर्नाटक की तुमकुर से लड़ेंगे लोकसभा चुनाव

पूर्व IAS अधिकारी फैसल शाह की पार्टी नहीं लड़ेगी लोकसभा चुनाव

लोकसभा चुनाव 2019: बीजेपी ने जारी की 5वीं लिस्ट, 46 और उम्मीदवारों का ऐलान

बीजेपी ने एमपी की 19 सीटों पर घोषित किये प्रत्याशी, 5 सांसदों के टिकट कटे, जबलपुर से राकेश सिंह को मिली टिकट

बीजेपी ने 11 उम्मीदवारों की चौथी लिस्ट जारी की, कैराना से मृगांका सिंह का टिकट कटा

जबलपुर : राकेश सिंह की सक्रियता कम होने से कांग्रेसियों की बांंछे खिली

लोस चुनाव : एमपी में भाजपा आज जारी कर सकती है प्रत्याशियों की लिस्ट

शत्रु-शाहनवाज का कटा टिकट, NDA ने की बिहार के प्रत्याशियों की घोषणा

अजीत अंजुम: तब लौहपुरुष आडवाणी बने थे मोदी की ढाल, अब बेटिकट मौनपुरुष का क्यों हुआ ये हाल?

शिवसेना ने जारी की 21 उम्मीदवारों की पहली सूची

बीजेपी की 184 नामों की पहली सूची में उत्तर प्रदेश के पांच सांसदों के टिकट काटे

टीएमसी ने रेल टिकटों पर मोदी की फोटो को लेकर की शिकायत

शत्रुघ्न सिन्हा पटना साहिब से लड़ेंगे चुनाव, कांग्रेस बनाएगी उम्मीदवार

एमपी में कांग्रेस टेंशन में, कहां से लाएं जिताऊ केंडीडेट्स, कैसे भेदें भाजपा का किला

प्रदीप द्विवेदीः छत्तीसगढ़... गलती नेता की, सजा सांसदों को काहे?

अभिमनोजः पिचत्तर पार नेताओं के लिए सत्ता के दरवाजे बंद! ऐसे नेता चुनाव लड़कर भी क्या कर लेंगेे?

प्रदीप द्विवेदीः काहे परेशान है बीजेपी? सर्वे में जीत रही है ना! सट्टा बाजार में तो बल्ले-बल्ले है ना?

चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण की अधिसूचना जारी की

राजस्थान के सट्टा बाजार में बीजेपी की 250 से ज्यादा सीटों पर जीत

प्रदीप द्विवेदीः जीती हुई पांच सीटों के नुकसान के बावजूद बिहार में बैक फुट पर क्यों है बीजेपी?

लोस चुनाव: हर बूथ पर मतदाताओं को शेड, ठंडा पानी करें सुनिश्चित

राजा-महाराजा ने लटकाई कांग्रेस की लिस्ट, 17 सीटों पर नाम हो चुके हैं फाइनल

प्रकाश भटनागर : किसलिए नाराज हैं वयोवृद्ध कांग्रेसी?

अभिमनोजः बीजेपी ने खोदा तमिलनाडु का सियासी पहाड़, निकली पांच सीटें!

लोस चुनाव: कार्यकर्ता लगा सकेंगे घर पर पार्टी का झण्डा

लोस चुनाव: एमपी की हाई प्रोफाइल सीटों पर आईटी की नजर, भारी राशि खर्च होने की आशंका

मोदी के नामांकन पर हस्ताक्षर करने वाले चायवाले ने बीजेपी से मांगा लोकसभा चुनाव टिकट

प्रदीप द्विवेदीः बीजेपी बाद में, पहले कांग्रेस-बसपा की बढ़ती दूरियां तो कम हों?

लोस चुनाव : एमपी में कांग्रेस की 17 सीटों पर सहमति, जबलपुर में तीन नाम का पैनल

2019 के लोकसभा चुनाव में भी 1957 से लगातार 28 बार खड़े हो चुके श्याम बाबू फिर आजमाएंगे किस्मत !

अभिमनोजः एमपी में कांग्रेस के लिए विधानसभा चुनाव जैसी कामयाबी लोकसभा चुनाव में दोहराना आसान नहीं है!

जीपीएस की सतत निगरानी में होगी ईवीएम की आवाजाही: चुनाव आयोग

लोकसभा चुनाव: भाजपा ने विधानसभा प्रबंध समिति घोषित की

चुनावी आसमान में बीजेपी का कब्जा, कैंपेन के लिए बुक कराए 60 % से ज्यादा हेलीकॉप्टर

राष्ट्रवाद और विकास का एजेंडा लेकर निकलें कार्यकर्ता: स्वतंत्रदेव सिंह

पूर्व सरकार में खासमखास रहे प्रदेश के कई कलेक्टर-एसपी अब बने दुश्मन, भाजपाई खफा

एमपी : चुनावी खर्च का ब्यौरा नहीं देने वालों पर ईसी सख्त, 74 प्रत्याशी चुनाव लडऩे के अयोग्य

एमपी : बीजेपी 16  को जारी कर सकती है,  पहली सूची, कई प्रमुख सांसदों की टिकट पर संकट

लोकसभा चुनाव: विमान, हेलीकॉप्टर में यात्रा करने वालों पर रहेगी नजर

लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी कांग्रेस महासचिव प्रियंका

किस लोकसभा क्षेत्र में 2019 का कब होगा मतदान, वोट देने की सही तिथि को जान लें

लोकसभा चुनाव आचार संहिता : सावधानी एवं जवाबदारी

लोकसभा चुनाव 2019: मध्यप्रदेश में 4 और छत्तीसगढ़ में 3 चरणों में होगा मतदान

लोकसभा चुनाव 2019 की तारीखों का ऐलान,जानें कब किस प्रदेश में होगा मतदान

पहले चरण में 20 राज्यों में 91 सीटों के लिए होगा मतदान

लोकसभा चुनाव:7 चरणों में होगा मतदान 23 मई को परिणाम

75 साल पूरे कर चुके नेताओं को चुनाव लड़ाने पर भाजपा ने लिया ये बड़ा फैसला

अभिमनोजः क्या लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव की रिस्क लेंगे पीएम मोदी?

अभिमनोजः लोकसभा चुनाव यूपी में कांग्रेस, बीजेपी या सपा-बसपा गठबंधन में से किसे सियासी झटका देगी?

प्रदीप द्विवेदीः कैसे जीतेंगे? मोदी जिस अदा से झूठ बोलते हैं, राहुल तो उस शानदार अंदाज में सच भी पेश नहीं कर पाएंगे!

प्रदीप द्विवेदीः दिल्ली में बीजेपी को मात देनी है तो आप-कांग्रेस को साथ आना पड़ेगा?

अभिमनोजः बीजेपी और अकाली दल में सीटों का बंटवारा, लेकिन पंजाब से बीजेपी को क्या मिलेगा?

बंगाल में कांग्रेस-सीपीएम गठबंधन शीध्र !

सपा-बसपा ने लिया उत्तराखंड और MP में एकसाथ चुनाव लड़ने का निर्णय

प्रदीप द्विवेदीः पेट्रोल 75 रुपए पार हो गया? मोदी है तो मुमकिन है!

अभिमनोजः बीजेपी को हर हाल में केन्द्र की सत्ता चाहिए, इसलिए हर शर्त मंजूर है!

क्या लोकसभा चुनाव में राफेल मुद्दा बीजेपी को जोर का झटका, धीरे से देगा?

प्रदीप द्विवेदीः महाराष्ट्र में गठबंधन, शिवसेना की शर्तों पर आखिर बीजेपी राजी?

प्रदीप द्विवेदीः कांग्रेस का इतिहास रटते-रटते, बीजेपी का इतिहास ही भूल गई मोदी टीम?

अभिमनोजः ममता बनर्जी जैसे सियासी कदम से सीएम योगी को क्या हांसिल होगा?

स्व. विनोद खन्ना की धर्मपत्नी की दावेदारी के कारण बदलने लगे भाजपा के सियासी समीकरण

अभिमनोजः गुना और छिंदवाड़ा ने नहीं बनने दिया एमपी को गुजरात-राजस्थान!

प्रदीप द्विवेदीः यदि राहुल गांधी और नरेन्द्र मोदी दो जगह से चुनाव लड़ते हैं, तो इसमें गलत क्या है?

अभिमनोजः शत्रुघ्न सिन्हा अभी भी ट्विटर पर ही उलझे हैं, जबकि सियासी टेस्ट मैच शुरू भी हो गया है?

"नहीं करूंगा मतदान"





बंपर वोटिंग जारी, अब तक पश्चिम बंगाल में 48 और यूपी में 36 फीसदी मतदान


योग शिविरों को न बनाएं राजनीतिक मंच: चुनाव आयोग


सबको पेंशन, दवा और घर देगी काँग्रेस, घोषणापत्र जारी


राजस्थान में खिलेगा कमल, मुरझाएगा पंजा, चुनावी सर्वे का दावा


प्राकृतिक आपदा में राहत देने से नहीं रोकती चुनाव आचार संहिता, भोपाल में बोले मुख्य चुनाव आयुक्त


चुनावी सर्वे में शिवराज ने लगाई हैटट्रिक


अब इलेक्शन नॉमिनेशन फॉर्म में बताना होगा सोशल मीडिया एकाउंट


हरियाणावासी नहीं, कैदी बनाएंगे चौटाला को सीएम : बीरेंद्र सिंह


सोशल मीडिया पर चुनाव प्रचार का खर्च भी उम्मीदवार के खर्च में जुड़ेगा


अफवाहों में बट रहा टिकट, उम्मीदवारों ने पार्टी मुख्यालय में डाला डेरा


बढी भाजपा-कांग्रेस की मुश्किलें


छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों के पहले चरण का नामांकन शुक्रवार से


सरताज सहित तीन मंत्रियों के नाम रोके


भाजपा लगी मोदी की छवि सुधारने में, 50 देशों के दूतावास को भेजा न्यौता


चुनाव के लिए तैयार रहे कांग्रेस


बंपर वोटिंग जारी, अब तक पश्चिम बंगाल में 48 और यूपी में 36 फीसदी मतदान


योग शिविरों को न बनाएं राजनीतिक मंच: चुनाव आयोग


सबको पेंशन, दवा और घर देगी काँग्रेस, घोषणापत्र जारी


राजस्थान में खिलेगा कमल, मुरझाएगा पंजा, चुनावी सर्वे का दावा


प्राकृतिक आपदा में राहत देने से नहीं रोकती चुनाव आचार संहिता, भोपाल में बोले मुख्य चुनाव आयुक्त


चुनावी सर्वे में शिवराज ने लगाई हैटट्रिक


अब इलेक्शन नॉमिनेशन फॉर्म में बताना होगा सोशल मीडिया एकाउंट


हरियाणावासी नहीं, कैदी बनाएंगे चौटाला को सीएम : बीरेंद्र सिंह


सोशल मीडिया पर चुनाव प्रचार का खर्च भी उम्मीदवार के खर्च में जुड़ेगा


अफवाहों में बट रहा टिकट, उम्मीदवारों ने पार्टी मुख्यालय में डाला डेरा


बढी भाजपा-कांग्रेस की मुश्किलें


छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों के पहले चरण का नामांकन शुक्रवार से


सरताज सहित तीन मंत्रियों के नाम रोके


भाजपा लगी मोदी की छवि सुधारने में, 50 देशों के दूतावास को भेजा न्यौता


चुनाव के लिए तैयार रहे कांग्रेस