हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला गर्मी के मौसम में छुट्टियां बिताने के लिए भारत में बेस्ट टूरिस्ट डेस्टिनेशन्स में से एक है. लेकिन पिछले कुछ समय से देश के अन्य हिस्सों के साथ शिमला के लिए भी प्रदूषण परेशानी का कारण बना हुआ है. इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने राज्य में बाहर से आने वाली और अन्य राज्यों में पंजीकृत गाड़ियों पर पर ग्रीन टैक्स लगाने की तैयारी में है. इस संदर्भ में शिमला म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने राज्य सरकार के पास मंजूरी के लिए प्रपोजल भेजा है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो आगामी 1 अप्रैल, 2020 से शिमला के ट्रिप की प्लानिंग कर रहे लोगों को पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है.

जानकारी के अनुसार, शिमला नगर निगम ने 1 अप्रैल, 2020 से शहर में प्रवेश करने वाली गाड़ियों पर ग्रीन टैक्स लगाने का फैसला किया है. सभी पर्यटकों और दूसरे राज्य में पंजीकृत बाहरी गाड़ियों को शिमला में प्रवेश करने के लिए अतिरिक्त कर देना होगा. नगर निगम ने ग्रीन टैक्स की दरें भी तय की गई थीं. नगर निगम द्वारा तय किए दोपहिया वाहनों के लिए 50 रुपये, चार पहिया वाहन के लिए 200 और बस व ट्रक के लिए 300 रुपये फीस निर्धारित की गई थी.

निगम ने राज्य सरकार को अपनी प्लानिंग के बारे में बताने के बाद नगर निगम इस मामले को एक बार फिर सदन में लेकर जाएगा और शहर में ग्रीन टैक्स वसूलना शुरू करेगा. हालांकि शिमला में ग्रीन टैक्स की वसूली के लिए कोई बैरियर नहीं लगेगा. यह सिर्फ ऑनलाइन या ऐप के जरिए वसूला जाएगा. शिमला में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए इस टैक्स की घोषणा की गई है. इससे पहले नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने स्थानीय शहरी निकाय को पर्यटकों से ग्रीन टैक्स वसूलने का निर्देश दिया था. कुछ साल पहले भी ऐसा नियम लागू किया गया था, लेकिन बाद में इसे बंद कर दिया गया था.

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