जबलपुर. केन्द्र सरकार द्वारा लगातार मजदूर विरोधी नीतियों, श्रमिक कानूनों में व्यापक बदलाव व मंहगाई भत्ता रोकने के विरोध में समस्त केन्द्रीय श्रमिक संगठनों INTUC, AITUC, HMS, CITU, AIUTUC, TUCC NFIR  के आह्वान पर आज  शुक्रवार 22 मई 2020 को पूरे देश में विरोध प्रदर्शन कर विरोध दिवस मनाया गया. 

एनएफआईआर के कार्यकारी अध्यक्ष एवं डब्ल्यूसीआरएमएस के अध्यक्ष डॉ. आर. पी. भटनागर ने कहा कि सरकार कोविड 19 की आड में अपने मजदूर विरोधी इरादो को पूरा करना चाहती है. सरकार ने रेल समेत समस्त केन्द्रीय कर्मचारियों के मंहगाई भत्ते को रोककर तथा उसके बाद श्रमिक कानूनों में व्यापक बदलाव करने की दिषा में अपने मंसूबे जाहिर कर दिये.

संघ के महामंत्री अशोक शर्मा ने बताया कि सरकार द्वारा देश के समस्त क्षेत्रो के मजदूरों को गुलाम बनाने के उद्दश्ष्य से लगातार मजदूर विरोधी निर्णय व श्रम कानूनों को निष्प्रभावी करने की साजिश हो रही है. सरकार द्वारा नौकरी की सुरक्षा खत्म करके काम के घंटे ज्यादा, कम मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा में कटौती, ट्रेड यूनियन अधिकारों का खात्मा, बोनस एक्ट खत्म, श्रम कानूनी पर तलवार चलाई जा रही है. मजदूरों को बधुआ बनाने का काम किया जा रहा है, जो कि डब्ल्यूसीआरएमएस कतई बर्दाश्त नहीं करेगा.

इसी के विरोध में डब्ल्यूसीआरएमएस द्वारा जबलपुर, कोटा एवं भोपाल मंडलों, कारखानों, मुख्यालय तथा सभी स्टेशनों पर विरोध प्रदर्शन किया गया. विरोध प्रदर्षन के दौरान कर्मचारियों ने मास्क पहना व सोशल डिस्टेंसिंग का भी ख्याल रखा. संघ के संयुक्त महामंत्री एस.के.वर्मा, कोषध्यक्ष अनुज तिवारी, मंडल अध्यक्ष एस.एन. शुक्ला, मंडल सचिव डी. पी. अग्रवाल, अवधेश तिवारी, अनिल चौबे,मंदीप सिंह,रोषन यादव, हर्ष बर्मा, ओ.पी. चौकसे संदीप श्रोती, एस.आर. बाउरी, संतोष त्रिवेणी , डी.बी. सरकार, शिशिर श्रीवास्तव, श्रीमति सविता त्रिपाठी आदि मौजूद रहे.

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