प्रदीप द्विवेदी. केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस के संकट से निपटने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन को बढ़ा दिया है और लॉकडाउन 4.0 की शुरुआत भी हो चुकी है. इस बार 31 मई 2020 तक लॉकडाउन 4.0 लागू रहेगा.

लेकिन, इस बार साफ्ट लाॅकडाउन के कारण कई व्यवसायिक गतिविधियां शुरू हो पाएंगी, बाजार में हलचल बढ़ेगी. इस बार लॉकडाउन में राज्यों को ज्यादा अधिकार दिए गए हैं.

लॉकडाउन 4.0 का स्वरूप क्या होगा, इसका निर्णय राज्य कर सकेंगे. इन राज्यों के पास यह भी अधिकार होगा कि वे किसी क्षेत्र विशेष को विभिन्न जोन में बांट सकते हैं. परन्तु, राज्यों को ही लॉकडाउन का पालन कराने की जिम्मेदारी भी दी गई है.

इस बार कंटेनमेंट जोन को छोड़कर ई-कॉमर्स को ग्रीन-ऑरेंज-रेड जोन में जरूरी, गैर-जरूरी सामान बेचने की इजाजत दी गई है. हालांकि, रेस्टोरेंट को केवल होम डिलीवरी की स्वीकृति है.

पान-गुटखा की दुकानें भी खुल सकेंगी, किन्तु सड़कों पर थूकने को लेकर सख्ती रहेगी.
घरेलू मेडिकल सेवाओं, घरेलू एयर एंबुलेंस आदि को भी इजाजत दी गई है.

जाहिर है, शर्तों के साथ ऑफिस और दुकानों को खोलने की इजाजत दी गई है, लिहाजा बाजार तो शुरू हो पाएंगे, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि ब्रेक इवन पॉइंट तक कैसे पहुंच पाएंगे.

सब्जी, किराना जैसी जरूरी सामान की दुकानों को तो ग्राहक मिल जाएंगे, परन्तु गैर-जरूरी सामान की दुकानों के लिए ग्राहक जुटाना बेहद मुश्किल काम है.

गैर-जरूरी सामान की दुकानों के लिए फायदा तो दूर, किराया, वर्करों का वेतन, बिजली का बिल, बैंक की किश्त आदि चुकाने लायक धन जुटाना भी आसान नहीं होगा!   

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