उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने निषिद्ध क्षेत्र के बाहर आर्थिक गतिविधियों तथा राज्य के अंदर ग्रीन जोन के बीच सीमित पर्यटन गतिविधियों की अनुमति देने का सुझाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया. उन्होंने सर्वाधिक प्रभावित लघु एवं मध्यम उद्योगों को राहत दिए जाने का भी सुझाव दिया. रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में विडियो कॉन्फ्रेंसिग के माध्यम से आयोजित मुख्यमंत्रियों की बैठक में कहा कि निषिद्ध क्षेत्र के बाहर आर्थिक गतिविधियों को अनुमति दी जाए तथा राज्य के अंदर ग्रीन जोन के बीच में सीमित पर्यटन गतिविधियां शुरू की जाएं.

महामारी से होटल, रेस्टोरेंट तथा पर्यटन एवं परिवहन व्यवसाय को सर्वाधिक प्रभावित बताते हुए रावत ने कहा कि राज्य में कई लाख लोगों को रोजगार देने वाले करीब ढाई लाख एमएसएमई उद्योगों को राहत देने पर भी विचार किया जाना चाहिए. इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने मनरेगा के अंतर्गत मानक गतिविधियों में होम स्टे, अल्पावधि कृषि कार्यों तथा अन्य गतिविधियों को भी शामिल करने का सुझाव दिया. उन्होंने मनरेगा की तर्ज पर शहरी क्षेत्रों के मजदूरों के लिए भी एक नई योजना लाने का आग्रह किया.

मुख्यमंत्री ने उद्योगों की तरह ही किसानों को एकल खिड़की प्रणाली (सिंगल विंडो सिस्टम) की तरह पोर्टल तैयार किये जाने की बात भी कही. उन्होंने कहा कि खनन के चुगान में बड़ी संख्या में श्रमिकों की आवश्यकता रहती है, जिसके लिए राष्ट्रीय हरित अधिकरण से अनुमति प्रदान करने में प्राथमिकता दी जानी चाहिए. रावत ने गरीब प्रवासियों के राशन कार्ड नहीं होने का मसला उठाते हुए बैठक में उनके राशन कार्ड बनाने की अनुमति दिए जाने का भी सुझाव दिया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि लॉकडाउन के दौरान राज्य का कोई भी गरीब व्यक्ति भूखा नहीं सोया.

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