प्रदीप द्विवेदी. पीएम मोदी सरकार ने कोरोना संकट से लड़ने के लिए बीस लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा तो की है, लेकिन यह जनता को सीधा फायदा कितना पहुंचाएगी, यह बड़ा सवाल है. क्योंकि, इस वक्त जनता की जरूरत कुछ और है तथा केन्द्र सरकार का राहत पैकेज कुछ और है. मोटे तौर पर यह पैकेज, जनता की सुरक्षा के लिए नहीं, बाजार की सुरक्षा के लिए है, जबकि बाजार की सुरक्षा के लिए अलग पैकेज की जरूरत थी.

हालांकि, यदि बीस लाख करोड़ रुपए बीस करोड़ परिवारों को सीधे तौर पर दे दिए जाते तो हर परिवार को एक वर्ष तक करीब आठ-दस हजार रुपए प्रतिमाह मिलते, उन परिवारों के मन से घर चलाने का डर खत्म हो जाता और सारे कामधंधे आराम से पटरी पर आ जाते. ज्यादा बेहतर तो यह होता कि एक वर्ष के लिए हर परिवार को 200 यूनिट बिजली फ्री, पानी फ्री, गैस सिलेंडर फ्री सहित पांच हजार रुपए घर खर्च के लिए दे दिए जाते.

जाहिर है, ऐसी हालत में किराएदारों से एक साल तक किराया लेने का अधिकार स्थगित हो जाता, क्योंकि सरकार की ओर से मकान मालिकों को भी यही सहायता मिल रही होती. बहरहाल, जो आर्थिक पैकेज है, वह केन्द्र सरकार का जनता पर अहसान जताने के लिए तो अच्छा है, परन्तु आम जनता को इससे कोई बड़ा लाभ नहीं होगा. अलबत्ता, आर्थिक लाभ के लिए बैंक और कागजों का समीकरण समझने वाले कई छोटे-मोटे माल्याओं के अच्छे दिन जरूर आ जाएंगे!

*हाड़ा का एक कार्टून काफी है राजनेताओं का असली चेहरा दिखाने को....

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


************************************************************************************




Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह info@palpalindia.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।