नीतू गुप्ता. प्रत्येक नवदंपति जब शादी के पवित्रा बंधन में बंधता है तो एक सफल वैवाहिक जीवन जीने की कामना करता है. सफलतापूर्वक निर्वाह करना ही सुखी दांपत्य की कुंजी है. दोनों पार्टनर एक दूसरे को सुखी और खुश रखने का अरमान लिए नये गृहस्थ जीवन में प्रवेश करते हैं. पत्नी दिन भर परिवार की भलाई के लिए काम करती है और पति उसे प्रशंसा के बजाय उसकी थोड़ी सी गलती पर डांट फटकार दे तो उसका कोमल हृदय टूट जाता है. बहुधा पति उसको मनाने में अपनी तौहीन समझता है. ऐसे में पति पत्नी एक दूसरे से दूर होते चले जाते हैं.

पति अगर पत्नी का बॉस न बनकर उसका मित्रा और सच्चा हमदर्द बन कर रहे तो शायद आपसी मनमुटाव बहुत कम होगा क्योंकि पति-पत्नी एक ही गाड़ी के दो पहिए के समान होते हैं. उनमें कोई बड़ा या छोटा नहीं होता. पहिया बड़ा छोटा होने पर गाड़ी डगममाने लगती है. पत्नी को प्रसन्न रखना हर पति का मुख्य कर्तव्य होता है. वह अपने घर-परिवार से दूर आकर पति के पास रहती है. पति ही उसका सबसे नजदीकी मित्रा होता है, यह सोचकर पत्नी की हर खुशी का ध्यान पति को रखना चाहिए. पति को यह भी ध्यान देना चाहिए कि किन बातों से पत्नी को खुशी मिलती है और कौन सी बातें उसे चोट पहुंचाती हैं.

पुरुष महिलाओं की कुछ आदतों की परिवार, मित्रा-जनों और संगे संबंधियों के बीच ऐसे हंसी उड़ा देते हैं कि उन्हें इस बात का बोध नहीं हो पाता कि पत्नी को इन बातों से कितनी मानसिक पीड़ा पहुंचती है. पत्नी के कुछ कहने पर उसे मजाक में कही गई बात कहकर भुलाने को कह देते हैं और पुनः दोहराते रहते हैं और कभी-कभी जब उसके सब्र की सीमा टूट जाती है और वह बदला लेने की प्रवृति मन में पाल लेती है. पत्नी घर के सभी कामों को खुशी-खुशी करने के लिए तैयार रहती है, बस उसे पति का पूरा प्यार और सहयोग मिलता रहे.

जहां उसे पति के प्यार से वंचित किया गया तो यह उसकी सहनशक्ति से बाहर हो जाता है. महिलाओं का हृदय बहुत कोमल होता है. वे रूठती भी जल्दी हैं और मान भी जल्दी जाती हैं. पति को जब यह अहसास होने लगे कि पत्नी नाराज होने लगी है तो उसे मनाने में अहं को आड़े न आने दें. पति की थोड़ी सी समझदारी से पत्नी हमेशा पति की प्रेयसी बन कर रह सकती हैं. पति को चाहिए कि वह अपनी पत्नी को दिलो जान से प्यार करे. उसे अपने व्यवहार से यह सिद्ध कर देना चाहिए कि पत्नी उसके लिए कितना महत्व रखती है.

शारीरिक, मानसिक दोनों रूपों से उसे उसे प्यार करना चाहिए. पति पत्नी को यह अहसास दिलवाए कि उसके साथ उसका जीवन कितना रसभरा है. थोड़ी सी प्यार भरी छेड़छाड और निक नामों से उसे बुलाकर अपने प्यार का इज़हार करना चाहिए. पति को पत्नी की हर बात का जवाब हमेशा प्यार से देना चाहिए. उसके किये कामों की प्रशंसा करनी चाहिए. कभी-कभी उसकी सुन्दरता, डेªस व केश विन्यास के तरीकों की प्रशंसा भी करते रहना चाहिए. जिससे पत्नी यह महसूस करती रहे कि पति उसके कामों पर नज़र रखता है.

पति को बीच-बीच में स्पर्श से भी जताना चाहिए कि वह उसके करीब है. पत्नी को बेवकूफ समझ कर उससे किसी भी बात पर राय न लेना पति की गलती है. आपको उसकी राय पसंद नहीं भी आई तो उसे प्यार से अपनी बात स्पष्ट करने की कोशिश करें न कि उसे नासमझ और बेवकूफ मानें. पत्नी कुछ कम पढ़ी लिखी है तो उसे बार-बार यह अहसास न करायें कि उस में दिमाग की कमी है बल्कि उसे विश्वास दिलायें कि आप उसके साथ हैं. पत्नी को आशावान बनायें. उसकी नकारात्मक सोच को सकारात्मक बनाने में पूरी मदद करें.

मां, बहन, भाभी या किसी मित्रा के बहकावे में आकर पत्नी का तिरस्कार न करें. ऐसा होने पर पत्नी के सपने तो टूटेंगे ही, साथ ही आपके दांपत्य में न भरने वाली दरार पड़ जायेगी. पत्नी को सच्चा प्यार देकर उसे सच्चा साथी स्वीकार करें. गलती तो हर इंसान से होती हैं. उसे मौका देखकर प्यार से समझाएं. आप पायेंगे कि न केवल वह आपकी अधिक कद्र करेगी बल्कि आपको आप से कई गुणा अधिक प्यार देगी.

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


************************************************************************************




Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह info@palpalindia.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।