* भगवान भोलेनाथ जिस दिन भैरव के रूप में प्रकट हुए थे, उसे कालभैरव जयन्ती पुकारा जाता है और कृष्ण पक्ष की हर अष्टमी तिथि के दौरान इसे मनाया जाता है जिसे कालाष्टमी कहते हैं.

* इस अवसर पर कालभैरव की पूजा-अर्चना से जीवन के समस्त कष्ट, नष्ट होते हैं, आकस्मिक दुर्घटनाओं से रक्षा होती है और दुष्टजनों से मुक्ति मिलती है.

* काली माता के भक्त इस दिन काल भैरव के साथ-साथ देवी कालिका की पूजा-अर्चना-व्रत भी करते हैं. भैरव पूजा-आराधना करने से परिवार में सुख-समृद्धि के साथ-साथ स्वास्थ्य रक्षा और अकाल मौत से सुरक्षा भी होती है. 

* इस दिन काल भैरव के दर्शन-पूजा मात्र से अशुभ कर्मों से मुक्ति  मिलती है, क्रूर और अकारक ग्रहों के कुप्रभाव से छुटकारा मिलता है. 

* इस अवसर पर रात्रि जागरण करके शिव परिवार की कथा सुननी चाहिए और भजन-कीर्तन करना चाहिए. 

* काल भैरव कथा का श्रवण और आरती करनी चाहिए. 

* काल भैरव की प्रसन्नता के लिए उनके वाहन श्वान... कुत्ते को भोजन कराना चाहिए. 

* इस दिन प्रात:काल पवित्र नदी-सरोवर में स्नान करके पितरों को श्रद्धांजलि देने से समस्त विघ्न समाप्त हो जाते हैं. 

* काल भैरव आराधना से अकाल मृत्यु से रक्षा होकर स्वस्थ दीर्घायु प्राप्त होती है.

- आज का राशिफल -

दैनिक पंचांग व राशिफल; गुरुवार 14 मई 2020,

-आचार्य पं. श्रीकान्त पटैरिया (ज्योतिष विशेषज्ञ)

पंचांग

ज्येष्ठ मासे, कृष्ण पक्षे

तिथि सप्तमी 06:50:30

नक्षत्र श्रवण 06:21:39

योग ब्रह्म 25:15:43

करण भाव 06:50:29

करण बालव 19:31:36

वार गुरूवार

माह (पूर्णिमांत) ज्येष्ठ

चन्द्र राशि    मकर 19:20:52

चन्द्र राशि    कुम्भ 19:20:52

सूर्य राशि    मेष 17:15:15

सूर्य राशि    वृष 17:15:15

रितु वसंत

आयन उत्तरायण

संवत्सर शार्वरी

संवत्सर प्रमादी

विक्रम संवत 2077 विक्रम संवत

शाका संवत 1942 शाका संवत

राशिफल

मेष राशि: आज राजकीय सहयोग की संभावना के बीच कार्यसिद्धि होगी. वहीं व्यवसाय में आप के विरोधी परास्त होंगे. साथ ही आज प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी. लेकिन जल्दबाजी में हानि-दुर्घटना की संभावना भी है अत: सावधानी रखें.

वृष राशि: आज नए लोगों से सम्पर्क लाभदायक होने के साथ ही उन्नति व लाभ का भी कारक बनेगा. संपत्ति के कार्य लाभ देंगे. लेकिन यात्रा की संभावना के बीच नेत्र पीड़ा रह सकती है. संतान की चिंता रहेगी.

मिथुन राशि: धनागम के बीच आज अपने कार्य विस्तार की योजना करते समय किसी अनुभवी की सलाह लेना फायदेमंद रहेगा. घर-परिवार की चिंता के चलते भागदौड़ अधिक होगी. स्वास्थ्य का ध्यान रखें. गृहस्थ सुख मिलेगा.

कर्क राशि: जमींन जायदाद से सम्बंधित मामले निपटेंगे. जोखिम न लें. तनाव, चिंता, भय व अस्वस्थता के वातावरण के बीच किसी भी तरह के झंझटों में न पड़ें. हानि की आशंका है.

सिंह राशि: आज धनलाभ के साथ ही प्रतिष्ठा में भी बढ़ौतरी होगी. विवाह प्रयास सफल होने के साथ ही आजीविका के नए रास्ते भी खुलेंगे. अपनी कीमती वस्तुएं संभालकर रखें. जोखिम न लें.

कन्या राशि: समाज में आत्मसम्मान बढ़ने के साथ ही निवेशादि मनोनुकूल रहेंगे. संतान की तरफ़ से शुभ समाचार मिलने की संभावना है. मकान, दूकान बदलने के योग बनने के साथ ही चिंता व भय सताएंगे.

तुला राशि: धन प्राप्ति सुगम बनने के साथ ही पुराने निवेश से लाभ होगा. चिंता तथा तनाव के बीच विवाद न करें. अनजाने में कोई बड़ी गलती से बचने के लिए संभल कर कार्य करें.

वृश्चिक राशि: दिन ठीक नहीं है आलस की अधिकता के बीच स्वास्थ कमजोर रहेगा. विवाद से क्लेश होगा व्यय वृद्धि होगी. नए लोगो से सतर्क रहकर किसी भी तरह के जोखिम से बचें.

धनु राशि: धनलाभ के बीच रुका हुआ धन वापस आएगा. उन्नति की संभावना है. अपने आप पर भरोसा रखते हुए निर्णय लेने में कमजोरी को बीच में न आने दें. परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी.

मकर राशि: धन संचय में वृद्धि होगी. नई योजना बनने से कार्यप्रणाली में सुधार के चलते प्रतिष्ठा बढ़ेगी. परिश्रम की अधिकता रहेगी. हर किसी को अपने मन की बात न बताएं, व्यवधान आ सकता है.

कुम्भ राशि: आज निवेश शुभ रहेगा, लेकिन किसी जानकार से अवश्य बात कर लें. बाहरी सहयोग के बीच शत्रु शांत रहेंगे. गुस्से को नियंत्रण में रखें, किसी को नुकसान पहुंचाने से बचें. शारीरिक कष्ट हो सकता है.

मीन राशि: आज का दिन ठीक नहीं है, दिन की शुरुआत बहुत धीरे धीरे होगी. नेत्र पीड़ा की संभावना के बीच वाहन मशीनरी का प्रयोग सवधानी से करे. भय व चिंता के माहौल के बीच चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि की आशंका है.  

* आचार्य पं. श्रीकान्त पटैरिया (ज्योतिष विशेषज्ञ)  वाट्सएप नम्बर 9131366453 

* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें.

- गुरुवार का चौघडिय़ा -

दिन का चौघडिय़ा      रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- शुभ             पहला- अमृत

दूसरा- रोग              दूसरा- चर

तीसरा- उद्वेग           तीसरा- रोग

चौथा- चर               चौथा- काल

पांचवां- लाभ             पांचवां- लाभ

छठा- अमृत              छठा- उद्वेग

सातवां- काल              सातवां- शुभ

आठवां- शुभ              आठवां- अमृत

* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है 

* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है! 

- पंचांग -

गुरुवार, 14 मई, 2020
कालाष्टमी
वृषभ संक्रान्ति

शक सम्वत 1942 शार्वरी
विक्रम सम्वत 2077
काली सम्वत 5122
दिन काल 13:33:55
मास ज्येष्ठ
तिथि सप्तमी - 06:52:59 तक
नक्षत्र श्रवण - 06:23:07 तक
करण बव - 06:52:59 तक, बालव - 19:34:02 तक
पक्ष कृष्ण
योग ब्रह्म - 25:16:12 तक
सूर्योदय 05:30:37
सूर्यास्त 19:04:33
चन्द्र राशि मकर - 19:22:16 तक
चन्द्रोदय 25:30:00
चन्द्रास्त 11:43:00
ऋतु ग्रीष्म
दिशा शूल: दक्षिण में
राहु काल वास: दक्षिण में
नक्षत्र शूल: कोई नहीं
चन्द्र वास: दक्षिण में 19:22 तक, पश्चिम में 19:22 से

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


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