भोपाल. लॉकडाउन के दौरान पीडि़त को एफआईआर दर्ज कराने पुलिस स्टेशन जाने की जरूरत नहीं है. अब मध्य प्रदेश पुलिस पीडि़त के घर पहुंचकर एफआईआर दर्ज करेगी. मध्य प्रदेश में एफआईआर अब आपके द्वार की नई योजना की शुरूआत आज से 11 संभागीय मुख्यलयों में हो गई. गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इस योजना का शुभारंभ किया. इस मौके पर पुलिस विभाग के डीजीपी सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि हमारी पुलिस की छवि नकारात्मकता थी, लेकिन कोरोना वायरस से उत्पन्न स्थिति में ये बदली है. कोरोना के संकट की घड़ी में पुलिस कर्मी सैनिक की तरह ड्यूटी निभा रहे हैं. मौजूद डीजीपी विवेक जौहरी ने कहा कि स्पॉट पर एफआईआर के लिए यह योजना बेहद जरूरी है.

बताया जा रहा है कि इस योजना के तहत फस्र्ट रेस्पॉन्स व्हीकल में ट्रेंड ऑफिसर एवं पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे. अभी तीन महीने 31 अगस्त तक यह योजना चलाई जायेगी. इसके बाद योजना की समीक्षा की जायेगी. इसके बेहतर परिणाम मिलने पर इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा. गंभीर अपराधों को छोड़कर अन्य मामलों में एफआईआर कराने के लिए ये व्यवस्था की गई है.

गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि एक नंबर लगाने पर तीन सुविधाएं मिलेंगी. इससे फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस से भी संपर्क किया जा सकेगा. इसमें शिकायत मिलने पर डायल 100 संबंधित व्यक्ति के घर पहुंचेगी. जरूरत होने पर यह एफआईआर दर्ज भी करेगी. एडीजी उपेंद्र जैन के अनुसार कोरोना संक्रमण को देखते हुए. लोगों में शरीरिक दूरी बनाये रखने के लिए एफआईआर आपके द्वारा का शुभारंभ किया गया. पुलिस विभाग सुधारात्मक प्रक्रिया के अतंर्गत वन स्टेप होकर काम करेगा. 

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