कोरोना वायरस के कारण देशभर में लगाए गए लॉकडाउन का दुनियाभर के पर्यटन उद्योग पर संकट छाया हुआ है. पर्यटन पर आश्रित गोवा की अर्थव्यवस्था भी बिल्कुल चरमरा गई है. इस संकट से उबरने के लिए पर्यटन उद्योग के पक्षकारों के लिए केंद्र से वित्तीय मदद की उम्मीद की जा रही है. गोवा के पर्यटन मंत्री मनोहर अजगांवकर ने पीटीआई को दिए साक्षात्कार में कहा कि उनके विभाग ने मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री राहत कोष से पर्यटन उद्योग के लिए मदद मांगी है.

पर्यटन मंत्री ने कहा कि विशेषज्ञों की समिति इसका आकलन करेगी कि इस संकट से निबटने के लिए कितनी निधि की जरूरत है. उन्होंने कहा कि राज्य के वित्त सचिव दौलत हवलदार के नेतृत्व में एक समिति गठित की गई है. इस संकट से बाहर निकलने के लिए एक योजना बनानी होगी. उन्होंने कहा कि गोवा की अपनी पर्यटन नीति है. राज्य के होटल मालिकों, विक्रेताओं और पर्यटन पर निर्भर लोगों के लिए वित्तीय पैकेज की मांग इसलिए की जा रही है ताकि वे अपना कारोबार फिर से शुरू कर सकें.

पर्यटन मंत्री ने कहा कि लॉकडाउन हटाए जाने के बाद भी राज्य सरकार को किसी भी पर्यटक को आने की तबतक अनुमति नहीं देनी चाहिए जबतक कि उनके कोरोना संक्रमण मुक्त होने की घोषणा न कर दी जाए. वैश्विक स्तर पर हालात सामान्य होने तक उन्होंने अगले दो साल के लिए यह प्रक्रिया जारी रहने की आवश्यकता जताई. उन्होंने कहा कि गोवा में हर साल करीब 80 लाख पर्यटक आते हैं. राष्ट्रीय स्तर पर हालात जबतक सामान्य नहीं हो जाते तबतक राज्य की सीमाओं को सील रखा जाएगा.

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