* किसी भी व्यक्ति के जीवन में आय उसके ग्यारहवें भाव में उपस्थित ग्रह और आयेश के स्वाभाव पर निर्भर है, इन ग्रहों के कारकत्व और गोचर के सापेक्ष ही व्यक्ति की आय में उतार-चढ़ाव आते हैं.

* मेष लग्र/राशि को शनि आय प्रदान करता है इसलिए इनकी आय न्यायोचित होने के साथ-साथ मेहनत और सहयोगियों के दम पर प्राप्त होती है तथा धीरे-धीरे ताउम्र बढ़ती है, इनका आयचक्र तकरीबन ढाई वर्ष का होता है. सहयोगियों का सद्भाव आयवृद्धि में सहायक है.

* वृषभ लग्र/राशि को गुरु आय प्रदान करता है इसलिए ज्ञान, धार्मिक और सम्मानजनक तरीके से आय होती है, उम्र के साथ-साथ आय बढ़ती है, इनका आयचक्र तकरीबन वार्षिक होता है. बुजुर्गों का आशीर्वाद आय बढ़ाता है.

* मिथुन लग्र/राशि को मंगल आय प्रदान करता है इसलिए ज्यादातर मामलों में कम उम्र में आय शुरू होती है और कई बार अचानक लाभ की स्थितियां बनती हैं, इनका आयचक्र तकरीबन प्रतिमाह का होता है. भाई और रक्त संबंधियों का सहयोग आय बढ़ाता है.

* कर्क लग्र/राशि को शुक्र आय प्रदान करता है इसलिए ज्यादातर मामलों में विवाह के बाद भाग्योदय के साथ आय बढऩा प्रारंभ होती है, इनका भी आयचक्र तकरीबन प्रतिमाह का होता है. पत्नी के सद्भाव से आय बढ़ती है.

* सिंह लग्र/राशि को बुध ग्रह आय प्रदान करता है जो कला-व्यवसाय से आय की राह दिखाता है, इनका भी आयचक्र तकरीबन प्रतिमाह का होता है. आयवृद्धि में बहन-बेटी का प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष सहयोग मिलता है.

* कन्या लग्र/राशि को चन्द्र ग्रह आय प्रदान करता है इसलिए इनकी दैनिक और अस्थिर आय होती है, अकारक गोचर में अक्सर इनको आय संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ता है, इनका आयचक्र दैनिक होता है. माता का आशीर्वाद अर्थ संकट से मुक्ति प्रदान करता है.

* तुला लग्र/राशि को सूर्य ग्रह प्रतिष्ठा के साथ आय प्रदान करता है लेकिन निरंतर कार्य में लगे रहना आवश्यक है, इनका आयचक्र छह माह का होता है लेकिन प्रतिमाह सूर्य संक्रांति के सापेक्ष भी आय में परिवर्तन होता रहता है. पिता के सहयोग से आमदानी बढ़ती है.

* वृश्चिक लग्न/राशि को बुध ग्रह आय प्रदान करता है जो कला-व्यवसाय से आय प्रदान करता है, इनका भी आयचक्र तकरीबन प्रतिमाह का होता है. आयवृद्धि में बहन-बेटी का प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष सहयोग मिलता है.

* धनु लग्र/राशि को शुक्र ग्रह आय प्रदान करता है इसलिए अक्सर विवाह के बाद भाग्योदय होता है और आय बढ़ती है, इनकी आय संतुलित होती है तथा आयचक्र तकरीबन प्रतिमाह का होता है. पत्नी के सद्भाव से आय बढ़ती है.

* मकर लग्र/राशि को मंगल आय प्रदान करता है इसलिए ज्यादातर मामलों में जल्दी ही आय शुरू होती है और अक्सर अचानक लाभ की स्थितियां बनती हैं, इनका आयचक्र तकरीबन प्रतिमाह का होता है. भाई और रक्त संबंधियों का सहयोग आय बढ़ाता है.

* कुंभ लग्र/राशि को गुरु ग्रह आय प्रदान करता है इसलिए ज्ञान, धर्म और सम्मानजनक कर्म से आय होती है, उम्र के साथ-साथ आय बढ़ती है, इनका आयचक्र तकरीबन वार्षिक होता है. बुजुर्गों का आशीर्वाद आय बढ़ाता है.

* मीन लग्र/राशि को शनि आय प्रदान करता है इसलिए इनकी आय न्यायोचित होने के साथ-साथ मेहनत और सहयोगियों के दम पर प्राप्त होती है, नौकरी इन्हें आय प्रदान करती है तथा धीरे-धीरे ताउम्र बढ़ती है, इनका आयचक्र तकरीबन ढाई वर्ष का होता है. सहयोगियों का सद्भाव आयवद्धि में सहायक है.

* इनके अलावा ग्यारहवें भाव में उपस्थित ग्रह और उनके कारकत्व के सापेक्ष आय में कमीवृद्धि संभव है.

- आज का राशिफल -

मेष राशि: आज किसी से भी विवाद न करें. अपने अधिकारों का गलत प्रयोग न करें. आप की मेहनत से उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे. निवेशादि सफल रहेगा. कुबुद्धि से हानि संभव है.

वृष राशि: प्रोफेशन में परिवर्तन चाहते है. पढ़ाई में रूचि की कमी रहेगी. पैरों में दर्द की वजह से अस्त व्यस्त रहेंगे. उत्तेजना से कार्य बिगड़ेंगे. व्यय वृद्धि होगी. तनाव तथा चिंता हावी होंगे. जोखिम न उठाएं.

मिथुन राशि: अपने व्यवसाय को लेकर कार्य सिद्ध होंगे. प्रोजेक्ट के लिए नए साझेदार मिलेंगे. घर के किसी सदस्य की चिंता रहेगी. अस्वस्थता रहेगी. बकाया वसूली होगी.

कर्क राशि: रोज नई योजना बनती है, पर चालू एक भी नहीं होती. परिवार में पूछ परख कम होगी. पिता के साथ आज कल अच्छी घुल मिल रही है. कार्यप्रणाली में सुधार होगा. भय, चिंता तथा तनाव का माहौल ख़त्म होगा. मेहनत अधिक करनी होगी.

सिंह राशि: आज का दिन महत्वपूर्ण है. नए लोगों से जरा संभलकर मित्रता करें. किसी देव स्थान का भ्रमण संभव है. धर्म-कर्म में रुचि रहेगी. निवेश शुभ रहेगा. राजकीय सहयोग मिलेगा. दुर्घटनादि से बचें, विवाद न करें.

कन्या राशि: दिन की शुरुआत में आलस हावी रहेगा. संतों का सानिध्य मिलेगा. वाहन, मशीनरी व अग्नि के प्रयोग में सावधानी रखें. विवाद से बचें. अतिविश्वास हानिकर सिद्ध होगा.

तुला राशि: किसी भी कीमत पर झुकना आप को पसंद नहीं है. गृहस्थ सुख मिलेगा. वाणी पर नियंत्रण रखें. कार्य में बाधा संभव है. मकान बदलने से लाभ होगा.

वृश्चिक राशि: अपने करियर को लेकर आप ईमानदार नहीं है. संभल जाएं. संपत्ति के बड़े सौदे हो सकते हैं, जो लाभ देंगे. कार्यस्थल में उन्नति होगी. निवेश आदि लाभदायक रहेंगे. थकान होगी.

धनु राशि: समय के परिवर्तन से राहत महसूस करेंगे. विद्यार्थी वर्ग सफल रहेगा. स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा. अनाज में निवेश शुभ रहेगा. सोच विचार कर व्यापार करें, अन्यथा अचानक हानि संभावित है.

मकर राशि: आप के हौसले से ही आप उन्नती करेंगे. नए वस्त्र की प्राप्ति संभव है. माता-पिता को अस्वस्थता रहेगी. आपसी विवाद न करें. शुभ समाचार मिल सकता है. नौकरी में प्रयास अधिक करना पड़ेंगे.

कुम्भ राशि: कार्यस्थल पर अधिकारियो से विवाद होंगे. आप की गलती के कारण बने बनाय काम बिगड़ सकते है. बात चीत से काम बन जाएंगे. सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी. धनलाभ होगा. किसी चीज से डरे हुए हैं.

मीन राशि: कभी-कभी अपनों से बड़ों की बात भी मान लेनी चाहिए. पुराने मित्र-संबंधी से मुलाकात आज संभव है. मित्रों से शुभ समाचार मिलेंगे. आत्मसम्मान बढ़ेगा.  

* आचार्य पं. श्रीकान्त पटैरिया (ज्योतिष विशेषज्ञ) वाट्सएप नम्बर 9131366453   

* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें.

- शुक्रवार का चौघडिय़ा -

दिन का चौघडिय़ा      रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- चर              पहला- रोग

दूसरा- लाभ             दूसरा- काल

तीसरा- अमृत           तीसरा- लाभ

चौथा- काल             चौथा- उद्वेग

पांचवां- शुभ             पांचवां- शुभ

छठा- रोग               छठा- अमृत

सातवां- उद्वेग           सातवां- चर

आठवां- चर              आठवां- रोग

* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है 

* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!

पंचांग 

शुक्रवार, 8 मई, 2020

नारद जयन्ती

शक सम्वत 1942 शार्वरी

विक्रम सम्वत 2077

काली सम्वत 5122

दिन काल 13:26:20

मास ज्येष्ठ

तिथि प्रतिपदा - 13:03:45 तक

नक्षत्र विशाखा - 08:38:47 तक

करण कौलव - 13:03:45 तक, तैतिल - 23:36:35 तक

पक्ष कृष्ण

योग वरियान - 12:55:50 तक

सूर्योदय 05:34:34

सूर्यास्त 19:00:54

चन्द्र राशि वृश्चिक

चन्द्रोदय 20:08:59

चन्द्रास्त 06:15:00

ऋतु ग्रीष्म

दिशा शूल: पश्चिम में

राहु काल वास: दक्षिण-पूर्व में

नक्षत्र शूल: कोई नहीं

चन्द्र वास: उत्तर में

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


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