प्रदीप द्विवेदी. बेवड़ों को कल्पना भी नहीं होगी कि लाॅकडाउन-3 उनके लिए ऐसे अच्छे दिन लेकर आएगा, लेकिन अगर बेवड़े शराब के बगैर नहीं रह सकते हैं, तो सरकारों को भी शराब बेचे बगैर कहां चैन है.

कौन कमबख्त कहता है शराब नशा है, यह तो आर्थिक भार से बेहोश होती जा रही कईं सरकारों को होश में ले आई है.

शराबबंदी हटने के बाद सोशल मीडिया में भी अचानक जान आ गई और इसके फायदे-नुकसान प्रदर्शित करनेवाली प्रतिभाओं ने अपने महान विचारों से कोरोना का गम ही गायब कर दिया.

अब आप ही बताओ? राशन-पानी मुफ्त में मिल रहा है, कैश सरकार दे रही है, लेकिन तम्बाकू-गुटखा-शराब बाजार में नहीं मिलेंगे तो लोग रुपयों का क्या करेंगे.

केन्द्र सरकार पर भी राज्यों का दबाव था कि हमें मदद करो, मान लो केन्द्र सरकार एक बार मदद कर भी देती तो थोड़े दिन बाद फिर मांग आ जाती, इसलिए राज्यों को स्थाई सोर्स आफ इंकम दे दिया गया है.

अफसोस तो शायद बिहार सरकार को हो रहा होगा कि पता नहीं किस मनहूस घड़ी में शराबबंदी की गई.

बहरहाल, सोशल मीडिया पर बड़े उपयोगी सुझाव भी आ रहे हैं, तो कई व्यंग्यबाण भी चलाए जा रहे हैं.

मधुशाला का ताजा संस्करण आ गया है-

मंदिर मस्जिद वोट दिलाते,

नोट दिलाती मधुशाला!

ऐसे सुझाव भी आए कि यदि कोई व्यक्ति ऐसे समय में शराब खरीदता है तो उसके हाथ पर चुनावी स्याही लगा दी जाए और उसे कोई सरकारी राहत सामग्री नहीं दी जाए, क्योंकि ऐसे लोगों को मुफ्त का माल काहे मिले, किसी जरूरतमंद को मिले.

किसी ने कहा- बेरोजगारी भले ही दूर नहीं की, लेकिन जेब खाली करने कर इंतजाम जरूर कर दिया, वाह रे, जनहितैषी सरकारों!

वैसे शराब का विज्ञापन गैर-कानूनी है, लेकिन इस बार बेवड़ों को पूरी जानकारी दी जा रही है कि कब और कैसे मिलेगी शराब.

शराबी के लड़खड़ाते कदमों से इस बात का अंदाज तो लगाया जा सकता है कि उसके कंधे पर देश की अर्थव्यवस्था का कितना भार है? कोरोना ने शराब की दुकाने बंद करवा के हर रोज करीब 500 करोड़ रुपयों का सरकार को झटका दिया था, अब कम-से-कम एक सेक्टर तो मंदी से बाहर आएगा.

घोषित कवि और अघोषित राजनेता डाॅ. कुमार विश्वास का अनुरोध एचएमओ इंडिया से है कि संकटकाल में प्राण हथेली पर रख कर भयानक-भीड़ के रूप में इकट्ठा हुए इन महान “शराबी-करदाताओं” के आधार-कार्ड नोट कर लें ताकि आगे ये कभी “राशन के लिए भी पैसा नहीं है” जैसे बहाने न कर सकें.हम न सुधरे थे न सुधरेंगे, एक हम हैं जो 50 दिन से ताले में हैं एक ये हैं!

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