मुंबई. क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने चयन प्रक्रिया पर अपनी राय रखी है. उन्होंने कहा है कि टीम में चयन का पैमाना फिटनेस ही होना चाहिए. उम्र नहीं. क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने चयन प्रक्रिया पर अपनी राय रखी है. उन्होंने कहा है कि टीम में चयन का पैमाना फिटनेस ही होना चाहिए. उम्र नहीं.
विराट कोहली के कप्तान बनने के बाद क्रिकेटरों को टीम में बने रहने के लिए फिटनेस को काफी जरूरी चीज बना दिया गया है.

विराट कोहली का फिटनेस लेवल खुद भी दूसरे खिलाडिय़ों के लिए एक नया मापदंड बन गया है, कई बार इस बात को लेकर विवाद उठा है कि टीम में बने रहने के लिए उम्र मायने रखता है या फिर खिलाड़ी का युवा होना.

अब इस बात पर क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने इस पर अपनी राय रखी है. उन्होंने कहा है कि टीम में चयन का पैमाना फिटनेस ही होना चाहिए. उम्र नहीं. उन्होंने कहा है कि जो अच्छा है उसे मौका दिया जाए, इस में उम्र आड़े नहीं आना चाहिए. ऐसे नहीं होना चाहिए कि सिर्फ युवाओं को ही मौका मिलता रहे. अगर ऋद्धिमान साहा खेलने के लिए फिट हैं तो उन्हें मौका दिया जाए, लेकिन इसी तरह अगर पंत फिट हैं तो उन्हें मौका मिलना चाहिए. हालांकि इसका फैसला टीम प्रबंधन पर छोड़ दें. सचिन ने आगे कहा, मैं यह नहीं कह रहा कि साहा को पंत से आगे रखना चाहिए या पंत को साहा से आगे रखना चाहिए. इसका फैसला टीम प्रबंधन को करने दीजिए.

शतकों का शतक लगाने वाले इस महान खिलाड़ी ने कहा कि मैं अपनी बात छोटी करते हुए कहता हूं कि अगर कोई पूरी तरह फिट है तो उन्हें मौका दिया जाए, इसमें कभी भी उम्र को नहीं देखा जाना चाहिए. आपको बता दें कि इस महान खिलाड़ी ने कोविड-19 से लडऩे के लिए भी अपना हाथ आगे बढ़ाया है.

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