- प्रदीप कुमार द्विवेदी  

* पारण, व्रत को पूरा करने को कहा जाता है. 

* एकादशी व्रत के अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण करते हैं. 

* एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले करना जरूरी माना जाता है. 

* एकादशी व्रत का पारण हरिवासर की अवधि में भी नहीं होता है.

* हरिवासर द्वादशी तिथि की पहली एक चौथाई समयावधि होती है.

* व्रत पूर्ण हो जाने के बाद पहले भोजन के लिए सबसे सही समय सवेरे होता है. 

* मध्याह्नकाल में पारण से बचें लेकिन सवेरे किसी कारण से पारण नहीं हो पाए तो मध्याह्न के बाद पारण करना चाहिए.

* कभी-कभी एकादशी व्रत दो दिनों के लिए लगातार हो जाता है तब स्थानीय मान्यताओं के अनुसार पहली या दूजी एकादशी करनी चाहिए.

* श्रीविष्णुभक्त ऐसे अवसर पर दोनों एकादशी करते हैं. 

* संन्यासी और मोक्ष प्राप्ति के इच्छुक श्रीनारायणभक्तों को दूजी एकादशीका व्रत करना चाहिए.

* यथासंभव व्रत नियमों का पालन करना चाहिए तथा किसी भी प्रकार की उलझन होने पर स्थानीय धर्मगुरु के निर्देशानुसार निर्णय करना चाहिए.

* जानबूझ कर नियमों के उलंघन से ही व्रतभंग होता है इसलिए अनजाने में हुई गलती के लिए मन में आशंकाएं नहीं पालें और व्रत के अंत में पारण के समय जाने-अनजाने हुई गलतियों के लिए अपनी भाषा और भाव में श्रीविष्णुदेव से क्षमा प्रार्थना कर भोजन ग्रहण करें. 

- आज का राशिफल -

मेष राशि: अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे. कर्ज लेना पड़ सकता है. पुराना रोग परेशान कर सकता है. वाणी में संयम आवश्यक है. बनते काम बिगड़ सकते हैं. अपरिचित व्यक्ति की बातों में न आएं. विवेक से कार्य करें. व्यवसाय ठीक चलेगा. धनार्जन होगा.

वृष राशि: रुका हुआ धन नही मिलेगा. प्रयास सफल रहेंगे. यात्रा में सावधानी रखें. घर-बाहर से सहयोग मिलेगा. लाभ में वृद्धि होगी. किसी आनंदोत्सव भाग लेने का अवसर मिल सकता है. संचित धन में वृद्धि होगी. कर्ज नही चुका पाएंगे. प्रसन्नता रहेगी.

मिथुन राशि: नई आर्थिक नीति लागू करने का साहस जुटा पाएंगे. कार्यस्थल पर परिवर्तन होगा. विरोध होगा. वाणी पर नियंत्रण रखें. मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी. लाभ के अवसर हाथ आएंगे. नए अनुबंध हो सकते हैं. मातहतों का सहयोग मिलेगा.

कर्क राशि: राजकीय बाधा  होगी. किसी प्रभावशाली व्यक्ति से मुलाकात होगी. घर-परिवार की चिंता रहेगी. दूसरों के काम में दखल देने से बचें. व्यवसाय ठीक चलेगा. पार्टनरों से मतभेद कम होंगे. जल्दबाजी न करें.

सिंह राशि: चोट व दुर्घटना से हानि हो सकती है. विशेषकर स्त्रियां सावधानी से रहें. स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा. किसी अपने ही व्यक्ति का व्यवहार ठीक नहीं रहेगा. कीमती वस्तुएं संभालकर रखें. दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं. बड़ों के मार्गदर्शन से लाभ होगा.

कन्या राशि:  राजकीय सहयोग प्राप्त होगा. शारीरिक कष्ट संभव है. जल्दबाजी न करें. उत्तेजना पर नियंत्रण रखें. विवेक का प्रयोग करें. पारिवारिक सहयोग समय पर प्राप्त होगा. कार्यसिद्धि होगी. प्रसन्नता रहेगी.

तुला राशि: चोट व दुर्घटना आदि से बड़ी हानि हो सकती है. दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं. पुराना रोग बाधा का कारण बन सकता है. अपरिचित लोगों पर विश्वास न करें. व्यवसाय ठीक नही चलेगा. आय बनी रहेगी. परिवार में कोई मांगलिक कार्य की योजना बनेगी. चिंता रहेगी.

वृश्चिक राशि: कानूनी सहायता समय पर प्राप्त होगी. बाधा दूर होकर लाभ की स्थिति रहेगी. मित्र व संबंधियों का सहयोग प्राप्त होगा. जोखिम न उठाएं. जल्दबाजी से काम बिगड़ सकते हैं. व्यवसाय ठीक नही चलेगा. प्रसन्नता रहेगी.

धनु राशि: शोक समाचार मिल सकता है. धैर्य रखें. स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा. लापरवाही न करें. दौड़धूप अधिक होगी. बनते कामों में बाधा संभव है. प्रयास अधिक करना पड़ेंगे. परिवार में बेवजह कलह हो सकती है. सामंजस्य बैठाएं. व्यवसाय की गति एक दम धीमी रहेगी. लेकिन भविष्य में अच्छी होगी व्यवसाय की गति,

मकर राशि: मेहनत का फल पूरा-पूरा मिलेगा. सामाजिक पूछ-परख बढ़ेगी. रुके काम पूर्ण होंगे. प्रसन्नता में वृद्धि होगी. परिवार का सहयोग प्राप्त होगा. धनलाभ सहज ही होगा. कार्यकुशलता का विकास होगा. जल्दबाजी से बचें.

कुम्भ राशि: पुराने भूले-बिसरे मित्र व संबंधियों से मुलाकात होगी. मनोनुकूल सूचना प्राप्ति होगी. विवाद न करें. किसी व्यक्ति का व्यवहार मनोनुकूल नहीं रहेगा. स्वास्थ्य का ध्यान रखें. वरिष्ठ व्यक्तियों की सलाह मानें.

मीन राशि: रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे. भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी. जोखिम लेने का साहस कर पाएंगे. कोई बड़ी समस्या का हल मिल सकता है. प्रसन्नता रहेगी. आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं. थकान तथा आलस्य रह सकते हैं.  

*आचार्य पं. श्रीकान्त पटैरिया (ज्योतिष विशेषज्ञ) वाट्सएप नम्बर 9131366453 

* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें. 

- सोमवार का चौघडिय़ा -

दिन का चौघडिय़ा         रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- अमृत                पहला- चर

दूसरा- काल                 दूसरा- रोग

तीसरा- शुभ                तीसरा- काल

चौथा- रोग                  चौथा- लाभ

पांचवां- उद्वेग              पांचवां- उद्वेग

छठा- चर                    छठा- शुभ

सातवां- लाभ                सातवां- अमृत

आठवां- अमृत                 आठवां- चर

* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है. 

* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!   

 पंचांग  

सोमवार, 4 मई, 2020

परशुराम द्वादशी

अग्नि नक्षत्रम् प्रारम्भ

शक सम्वत 1942 शार्वरी

विक्रम सम्वत 2077

काली सम्वत 5122

दिन काल13:20:53

मास वैशाख

तिथि एकादशी - 06:14:31 तक, द्वादशी - 26:55:31 तक

नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी - 19:20:08 तक

करण विष्टि - 06:14:31 तक, बव - 16:37:18 तक

पक्ष शुक्ल

योग व्याघात - 08:35:31 तक, हर्शण - 28:44:23 तक

सूर्योदय 05:37:35

सूर्यास्त 18:58:29

चन्द्र राशि कन्या

चन्द्रोदय 15:37:00

चन्द्रास्त 28:11:00

ऋतु ग्रीष्म

दिशा शूल: पूर्व में

राहु काल वास: उत्तर-पश्चिम में

नक्षत्र शूल: उत्तर में 19:19 तक

चन्द्र वास: दक्षिण में

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


************************************************************************************




Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह info@palpalindia.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।