- प्रदीप कुमार द्विवेदी   

* मासिक दुर्गाष्टमी के अवसर पर देवी आराधना से जीवन के तमाम कष्ट समाप्त होते हैं.

* देवीभक्त इस अवसर पर देवी पूजा-अच्रना के साथ व्रत भी करते हैं.

* कष्टमुक्त सुखद् जीवन के लिए श्रीदुर्गासप्तश्लोकी आराधना करनी चाहिए, इससे सात जन्मों के कष्ट कट जाते हैं...

.. अथ सप्तश्लोकी दुर्गा ..

शिव उवाच...

देवि त्वं भक्तसुलभे सर्वकार्यविधायिनी .

कलौ हि कार्यसिद्ध्यर्थमुपायं ब्रूहि यत्नतः ॥

देव्युवाच...

शृणु देव प्रवक्ष्यामि कलौ सर्वेष्टसाधनम् .

मया तवैव स्नेहेनाप्यम्बास्तुतिः प्रकाश्यते ॥

ॐ अस्य श्रीदुर्गासप्तश्लोकीस्तोत्रमहामन्त्रस्य नारायण ऋषिः .

अनुष्टुभादीनि छन्दांसि . श्रीमहाकालीमहालक्ष्मीमहासरस्वत्यो देवताः .

श्रीदूर्गाप्रीत्यर्थं सप्तश्लोकी दुर्गापाठे विनियोगः ॥

ज्ञानिनामपि चेतांसि देवी भगवती हि सा .

बलादाकृष्य मोहाय महामाया प्रयच्छति ॥1॥

दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तोः

स्वस्थैः स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि .

दारिद्र्यदुःखभयहारिणि का त्वदन्या 

सर्वोपकारकरणाय सदाऽऽर्द्रचित्ता ॥2॥

सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके .

शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥3॥

शरणागतदीनार्तपरित्राणपरायणे .

सर्वस्यार्तिहरे देवि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥4॥

सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्तिसमन्विते .

भयेभ्यस्त्राहि नो देवि दुर्गे देवि नमोऽस्तु ते ॥5॥

रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान् .

त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता ह्याश्रयतां प्रयान्ति ॥6॥

सर्वाबाधाप्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि .

एवमेव त्वया कार्यमस्मद्वैरि विनाशनम् ॥7॥

॥ इति दुर्गासप्तश्लोकी सम्पूर्णा ॥

- आज का राशिफल -

मेष राशि: पारिवारिक लोगों से संबंध मधुर होंगे. कार्यस्थल पर किसी से आकर्षित होंगे. भाग्योदय संभव है. जो भी काम करें, पूरे आत्मविश्वास के साथ और आनंद से करें. निश्चित सफल होंगे.

वृष राशि: नए व्यापार की शुरुआत अनुकूल होगी. कान संबंधित पीड़ा हो सकती है. अनावश्यक विवादों में न बोलें नुकसान हो सकता है. नौकरी में बदलाव के योग हैं. राजनीति से जुड़े लोग मनचाही सफलता पा सकते हैं.

मिथुन राशि: आर्थिक मामले सुलझने की उम्मीद है. जिन लोगों की आप ने मदद की थी, वहीं आप का विरोध करेंगे. रूचि अनुसार काम मिलने से मन प्रसन्न रहेगा. सुख सुविधा पर खर्च संभव है. मानसिक अस्थिरता रहेगी.

कर्क राशि: वैचारिक मतभेद दूर होंगे. किसी को अपने मन की बात बताने का मौका मिलेगा. कारोबार में नये सोदे लाभप्रद रहेंगे. रुके कार्य पूरे होने में अभी समय लग सकता है. मांगलिक खर्च संभव है.

सिंह राशि: बीती बातों को भुलाकर अपने रिश्त्तों की नई शुरुआत करें. आप की उन्नती से विरोधी को तकलीफ हो सकती है. राजनीति के चलते शत्रु आप को नुकसान पहुंचाने का हर संभव प्रयास करेंगे.

कन्या राशि: सामाजिक वर्चस्व में वृद्धि होगी. मन में किसी बात को लेकर दुविधा है उसी के कारण आप तनाव महसूस कर रहे है. उधार दिया पैसा आने में संदेह है. मित्र आप के कार्यों में साहयक होंगे.

तुला राशि: कार्यस्थल पर सहकर्मी आप की सफलता से इर्ष्या करेंगे. कार्यों में हो रही देरी से चिंतित होंगे. कारोबार में नई तकनिकी का प्रयोग लाभान्वित करेगा. बहनों से झगड़ा हो सकता है. धन आगमन में हो रही रुकावट दूर होगी.

वृश्चिक राशि: धार्मिक माहोल में समय व्यतीत होगा. धनार्जन के नये स्त्रोत स्थापित होंगे. माता के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी. पारिवारिक मांगलिक आयोजनों की रुपरेखा बनेगी. दोस्तों के साथ किसी जरूरी मसले पर चर्चा होगी.

धनु राशि: रुके कार्य और योजनाओं को क्रियाशील करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे. बिमारी के कारण तनाव पैदा होगा पर घबराएं नहीं अपने इष्ट पर भरोसा रखें. सब अनुकूल होगा. जीवनसाथी का साथ मिलेगा.

मकर राशि: नई योजनाओ में पूंजी निवेश सोच समझ कर करें. पुराने विवाद से युक्त जमीन जायदाद के मसले लंबित होंगे. शत्रु परास्त होंगे. नए संपर्क आप को ख्याती दिलवा सकते है. कारबार विस्तार के योग है.

कुम्भ राशि: नया काम शुरू करने से पहले अनुभवियों और बड़ो से मार्ग दर्शन सलाह लें. पूंजी निवेश करने में सतर्क रहें. किसी की बातों में जल्द फंस जाते हैं, खुद को परिपक्व करें. अध्ययन के लिए कर्ज लेना पड़ सकता है.

मीन राशि: आप की आदतों के कारण आप ने अपनों से दूरियां बना ली. समय रहते अपने सम स्वभाव और व्यवहार को बदलें, तो अच्छा होगा. आर्थिक स्थिति में पहले से सुधार होगा. नए संपर्क स्थापित होंगे.  

* आचार्य पं. श्रीकान्त पटैरिया (ज्योतिष विशेषज्ञ) वाट्सएप नम्बर 9131366453   

* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें.

- शुक्रवार का चौघडिय़ा -

दिन का चौघडिय़ा      रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- चर              पहला- रोग

दूसरा- लाभ             दूसरा- काल

तीसरा- अमृत           तीसरा- लाभ

चौथा- काल             चौथा- उद्वेग

पांचवां- शुभ             पांचवां- शुभ

छठा- रोग               छठा- अमृत

सातवां- उद्वेग            सातवां- चर

आठवां- चर              आठवां- रोग

* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है 

* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!

पंचांग 

शुक्रवार, 1 मई, 2020

मासिक दुर्गाष्टमी

बगलामुखी जयन्ती

शक सम्वत 1942 शार्वरी

विक्रम सम्वत 2077

काली सम्वत 5122

दिन काल 13:16:38

मास वैशाख

तिथि अष्टमी - 13:28:23 तक

नक्षत्र आश्लेषा - 25:05:37 तक

करण बव - 13:28:23 तक, बालव - 24:37:38 तक

पक्ष शुक्ल

योग गण्ड - 17:58:49 तक

सूर्योदय 05:40:01

सूर्यास्त 18:56:39

चन्द्र राशि कर्क - 25:05:37 तक

चन्द्रोदय 12:20:00

चन्द्रास्त 26:11:59

ऋतु ग्रीष्म

दिशा शूल: पश्चिम में

राहु काल वास: दक्षिण-पूर्व में

नक्षत्र शूल: कोई नहीं

चन्द्र वास: उत्तर में 25:05 तक,पूर्व में 25:05 से

देवी आराधना....

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


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