देश में लॉकडाउन के बीच शैक्षिक संस्थाओं के कैंपस बंद हैं. पठन-पाठन के लिए भले ही सरकार ने ऑनलाइन तरीकों से शिक्षा के दावे किए हों, लेकिन फिर भी इंटरनेट कनेक्टिविटी और सुविधाओं के अभाव में अध्यापकों को परेशानी उठानी पड़ रही है. ऐसा ही उदाहरण हाल ही में पश्चिम बंगाल के बांकुरा जिले में भी देखने को मिला, जहां बच्चों को पढ़ाने के लिए पर्याप्त इंटरनेट कनेक्टिविटी मिले, इसके लिए एक शिक्षक ने पेड़ पर क्लासरूम बनाने का फैसला कर लिया.

बंगाल के बांकुरा जिले में रहने वाले सुब्रतो पति ने बच्चों को पढ़ाने के लिए अपने गांव के एक पेड़ पर आसरा लिया है. सुब्रतो का कहना है कि ऑनलाइन क्लासेज के लिए बच्चों को इंटरनेट से स्टडी मटेरियल भेजना होता है और घर में नेटवर्क ना होने के कारण इसमें असुविधा होती है.

सुब्रतो का कहना है कि उनके गांव के तमाम इलाकों में मोबाइल नेटवर्क की कनेक्टिविटी नहीं मिल पाती, ऐसे में बच्चों की क्लासेज के लिए वह पेड़ पर चढ़ जाते हैं. पेड़ की ऊंचाई पर नेटवर्क की कवरेज मिलने पर ही बच्चों की क्लासेज को पूरा कराया जाता है.

सुब्रतो का कहना है कि वह हर रोज सुबह 9 से शाम 6 बजे के बीच कई क्लासेज को पढ़ाते हैं. उनके स्कूल के बच्चे अलग-अलग इलाकों से उनसे इंटनरेट के माध्यम से कनेक्ट होते हैं और इंटरनेट से ही पढ़ाने के बाद जरूरी स्टडी मटेरियल और होमवर्क उन्हें भेज दिया जाता है.

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


************************************************************************************




Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह info@palpalindia.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।