ब्याज दरों में भारी कटौती के बाद भी देश में पोस्ट ऑफिस की जमा योजनाएं अभी भी सबसे ज्यादा ब्याज दे रही हैं. लेकिन वहीं पोस्ट ऑफिस में कई जमा योजनाएं हैं, जिससे लोग समझ नहीं पाते हैं कि कहां निवेश करना सही रहेगा. जहां तक निवेश की सुरक्षा की बात है पोस्ट ऑफिस देश की अकेली ऐसी जगह है, जहां निवेश की सुरक्षा की गारंटी केन्द्र सरकार लेती है. ऐसा सरकारी बैंकों में भी नहीं होता है. वहां अब केवल 5 लाख रुपये तक जमा पैसा ही सुरक्षित है. अगर बैंकों में दिक्कत आ जाए तो इससे ज्यादा डूब जाएगा. निवेश की सुरक्षा के अलावा लोगों की जरूरत के हिसाब से जमा योजनाओं की खासियतें भी देखी जाती हैं.

पहले जानते हैं कौन सी हैं ये दो जमा योजनाएं

ऐसे में आइये जानते हैं कि पोस्ट ऑफिस की राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र (एनएससी) और किसान विकास पत्र (केवीपी) की खूबियां क्या हैं. हालांकि दोनों स्कीम में ब्याज दरों में मामूली सा अंतर है, लेकिन दोनों स्कीमों में कई ऐसी खूबियां हैं, जो आपको पसंद आ सकती हैं. ऐसे में आइये जानते हैं कि दोनों जमा योजनाओं की खूबियां और फायदे क्या-क्या हैं.

अब जानते हैं दोनों जमा योजनाओं में अंतर

दोनों जमा योजनाओं में पहला अंतर तो ब्याज दरों का है. जहां राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र (एनएससी) में 6.8 फीसदी ब्याज दिया जा रहा है, वहीं किसान विकास पत्र (केवीपी) पर 6.9 फीसदी ब्याज दिया जा रहा है. इसके अलावा जहां एनएससी केवल में पैसा 5 साल तक ही निवेशित रहता हैं, वहीं केवीपी में पैसा ​124 महीने (10 साल और 4​​​ महीना) तक निवेशित रहता है. इतने समय में यहां पर पैसा दोगुना हो जाता है. आजकल ब्याज दरें लगातार कम होती जा रही हैं, ऐसे में सही फैसला लम्बे समय के निवेश का ही ठीक रहता है. क्योंकि पोस्ट ऑफिस की इन स्कीम में पैसा निवेश करते वक्त मिलने वाला ब्याज स्कीम के अंत तक मिलता रहता है. यानी अगर अगर ब्याज दरें और कम होती हैं तो आपको नुकसान नहीं होगा.

अब जानते हैं राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र (एनएससी) की खूबियां

देय ब्याज दर : एनएससी पर 1 अप्रैल 2020 से 6.8 फीसदी ब्याज दिया जा रहा है. इस ब्याज की गणना वार्षिक चक्रवृद्धि आधार पर होती है. अगर इस स्कीम में आज कोई 1000 रुपये का निवेश करता है तो उसे 5 साल बाद 1389.49 रुपये मिलेंगे.

खाता खोलने के लिए न्यूनतम धनराशि : एनएससी खरीदने के लिए न्यूनतम 1000 रुपये जमा करना होगा और उसके बाद 100 रुपये के गुणकों में कितना भी निवेश किया जा सकता है.

टैक्स-छूट व अन्य मुख्य विशेषताएँ​​

-किसी वयस्क द्वारा स्‍वयं के लिए या किसी नाबालिग की ओर से या नाबालिग द्वारा एक एकल धारक प्रकार का प्रमाण पत्र खरीदा जा सकता है.

-जमा धनराशि, आईटी अधिनियम की धारा 80 सी के तहत कर छूट के लिए अर्ह होगी.

अर्जित ब्याज वार्षिक होगा, लेकिन आईटी अधिनियम की धारा 80 सी के तहत पुनर्निवेश योग्‍य माना जाएगा.​

-एनएससी VIII के मामले में, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को प्रमाणपत्रों का हस्तांतरण जारी करने की तारीख से परिपक्वता की तारीख तक केवल एक बार ही किया जा सकता है.

देय ब्याज दर : केवीपी पर 1 अप्रैल 2020 से 6.9 फीसदी ब्याज दिया जा रहा है. ब्याज की गणना वार्षिक चक्रवृद्धि आधार पर की जाती है. इस ब्याज दर अगर पैसा जमा किया जाए तो यह ​124 महीने (10 साल और 4​​​ महीना) में दोगुना हो जाता है.

खाता खोलने के लिए न्यूनतम धनराशि : केवीपी को न्यूनतम 1000 रुपये जमा करके लिया जा सकता है. अगर ज्यादा निवेश करना है तो इसके बाद 100 रुपये के गुणांक में निवेश किया जा सकता है. यहां पर अधिकतम निवेश की सीमा नहीं है.

केवीपी की ​मुख्य विशेषताएं

-किसी वयस्क द्वारा स्‍वयं के लिए या किसी नाबालिग की ओर से या दो वयस्कों द्वारा यह प्रमाणपत्र खरीदा जा सकता है.

-केवीपी किसी भी विभागीय डाकघर से खरीदा जा सकता है.

-नामांकन की सुविधा उपलब्ध है.​

-प्रमाणपत्र को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को तथा एक डाकघर से दूसरे डाकघर में स्थानांतरित किया जा सकता है.

-जारी होने की तारीख से ढ़ाई वर्ष बाद प्रमाणपत्र भुनाया जा सकता है.​

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