अफ्रीकी देश घाना के कुछ हिस्सों में शोक सभा में नृत्य, महंगी जूलरी और रंग-बिरंगे कपड़ों में हजारों की भीड़ का उमड़ना परंपरा का हिस्सा है. कई लोग तो इन सभाओं में रोने के लिए प्रोफेशनल लोगों को भी बुलाते हैं. उनका मानना है कि इससे मृत इंसान को शांति मिलती है. यह कार्यक्रम 7 दिनों तक चलता है. लेकिन, कोरोना वायरस का कहर इस पुरानी मान्यता पर भी देखने को मिल रहा है.

खबरों की मानें तो मार्च में राष्ट्रपति के आदेश के बाद अब भारी संख्या में भीड़ का आना बंद हो गया. अब केवल 25 लोग ही इस शोक सभा का हिस्सा हो सकते हैं. इससे अब वहां शोक सभाओं में शामिल होने के लिए लोग ऑनलाइन माध्यमों को सहारा ले रहे हैं. अंतिम संस्कार गृह भी लोगों को ऑनलाइन स्ट्रीमिंग का ऑफर दे रही है.

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