आपने बड़े-बूढ़ों को यह कहते हुए सुना होगा कि जिस घर में नमक बंधा हो, तो वहां बरकत रहती है. लक्ष्मी को कमल पर आसीन माना गया है. हल्दी की गाठों में साक्षात गणेश का रूप माना गया है और धनियां को इसलिए इस नाम से पुकारा जाता है क्योंकि वह धन का आवाह्न करता है.

मधुबनी के ज्योतिषी व अंक नक्षत्र वेता श्री राजेश नायक कहते है जानें कुछ ऐसी ही चोंकने वाली बातें....

कारण चाहे जो भी हो लेकिन यह बिल्कुल सही है. जिस घर में नमक, खड़ा धना, हल्दी की गांठे और कमल गट्टों को भले ही कम मात्रा में ही सही लेकिन कुछ मात्रा में संजोकर रखा जाए तो निश्चय ही उस घर में बरकत होती है. वहां शांति बनी रहती है. साबुत नमक को पर्याप्त मात्रा में ईशान्य यानी उत्तर - पूर्व में रखने पर किसी भी विपरीत दिशा में शौचालय में रखने से उनका दोष कम हो जाता है.

हमारी संस्कृति में नमक एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है. वास्तु शास्त्र और हमारे पूर्वज भी यही मानते हें कि जिस घर में नमक नहीं वहां बरकत या लक्ष्मी का स्थान नहीं होता है. बिलकुल सही कहा है अनुभव में भी यही बात सत्य है. वास्तु के नियम अनुसार भी नमक एक खाने का पदार्थ ही नहीं अपितु मानव शरीर के लिए जितना अनिवार्य हें उतना ही हमारे घर के लिए भी बहुत महत्त्व रखता है.

नमक ही नहीं बल्कि हल्दी, धनिया तथा कमलगट्टा के साथ नमक क्या चमत्कार करता है. यह भी बताया है. हमारें महापुरूषों तथा पूर्वजों का कहना था कि जिस घर में नमक बंधा है. अर्थात खड़ा है वहां बरकत भी खड़ी है. क्या आपको मालूम हें कि भारत वर्ष के कई राज्यों में अब भी यह परंपरा है कि अपनी बेटी कि शादी के समय विदाई करते समय बेटी को चाहे ओर कुछ भी दिया हो लेकिन नमक साबुत या थैली वाला अवश्य देंगे

नमक के बाद हल्दी कितनी शुभ मानी जाती है यह सबको पता है कहने या लिखने की आवश्यकता नहीं. हल्दी की गांठे साक्षात गणपति का स्वरुप मानी जाती है. लक्ष्मी मां का आसान कमाल हैं कमलगट्टा उसी लक्ष्मी को आवाहन कर के स्थिर करने का आसान है. कहावत हें कि धना को धना अर्थात धनिया (खड़ा धनिया) धन को आकर्षित करने वाला धनिया आयुर्वेद में भी अनेक रोगों का नाश करता है.

इसलिए वास्तु शास्त्र तथा हमारे पूज्यनीय मार्गदर्शक सद्ग्रन्थ सब का यही एक मत रहा है कि घर में नमक, कमलगट्टा, हल्दी (साबुत), साबुत-धनिया यह चार वस्तुए हमें चार प्रकार के सुख धर्म, अर्थ, काम ओर मोक्ष प्रदान करती है. जहाँ ये चार पदार्थ होंगे वहाँ शान्ति बनी रहेगी धन,पुत्र, भूमि आदि सभी सुख उस घर में स्थायी रूप से निवास करते है.

श्री राजेश नायक कहते है इन चार वस्तुओ को हम अपने घरों में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में नमक साबुत, धनिया तथा हल्दी की कम से कम ५ पांच गाँठ ओर कमलगट्टे कम से कम ११ नग होने चाहिये. अच्छी तरह से साफ़ कर के छोटी-छोटी पोलिथिन में अलग-अलग डाल कर बंद कर के किसी बड़ी पोलिथिन में डाल कर अपने घर के ईशानकोण में किसी सुरक्षित स्थान पर रख दे
इसे केवल पूर्णिमा के दिन ही रखें .

इन्हें समय समय पर चार या छह माह बाद चैक कर ले यदि कोई वास्तु खराब होने लगे तो उसे जल प्रवाह कर नया रख दे. इसके करने से आपका घर पूर्णतया माता लक्ष्मी का निवास बन जायगा . बरकत कभी भी खत्म नहीं होगी. रोग, शत्रु आदि कोसों दूर ही रहेंगे

श्री राजेश नायक कहते है वास्तु का यह अदभुत प्रयोग करे और अपने घर में स्थायी सुख का स्थान सुरक्षित कर लें.

रूके हुए कार्यों की सिद्धि के लिए यह प्रयोग :- गणेश चतुर्थी को गणेश जी का ऐसा चित्र घर या दुकान पर लगाएं, जिसमें उनकी सूंड दायीं ओर मुड़ी हुई हो. इसकी आराधना करें. इसके आगे लौंग तथा सुपारी रखें. जब भी कहीं काम पर जाना हो, तो एक लौंग तथा सुपारी को साथ ले कर जाएं, तो काम सिद्ध होगा. लौंग को चूसें तथा सुपारी को वापस ला कर गणेश जी के आगे रख दें.

बाधाओं का निवारण के लिए यह प्रयोग :- सिन्दूर लगे हनुमान जी की मूर्ति का सिन्दूर लेकर सीता जी के चरणों में लगाएँ. फिर माता सीता से एक श्वास में अपनी कामना निवेदित कर भक्ति पूर्वक प्रणाम कर वापस आ जाएँ. इस प्रकार कुछ दिन करने पर सभी प्रकार की बाधाओं का निवारण होता है.

घर में पैसा नहीं टिकता, तो यह प्रयोग करें :- अक्सर सुनने में आता है कि घर में कमाई तो बहुत है, किन्तु पैसा नहीं टिकता, तो यह प्रयोग करें. जब आटा पिसवाने जाते हैं तो उससे पहले थोड़े से गेंहू में 11 पत्ते तुलसी तथा 2 दाने केसर के डाल कर मिला लें तथा अब इसको बाकी गेंहू में मिला कर पिसवा लें. यह क्रिया सोमवार और शनिवार को करें. फिर घर में धन की कमी नहीं रहेगी.

साभार: फेसबुक 

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