नई दिल्ली. कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के चलते लॉकडाउन बढऩा तय है. ऐसे में उन परिवारों में काफी चिंता है, जो गर्मी में शादी की तैयारी कर रहे थे. ऐसे लोगों को शादी के लिए सर्दियों तक का इंतजार करना पड़ सकता है. हालांकि मई और जून में 22 लग्न हैं, लेकिन लॉकडाउन बढऩे के बाद के बदले हालात के चलते इस पर असर पड़ सकता है. शुक्र अस्त होने के बाद 1 जुलाई से देवता 25 नवंबर तक के लिए सो जाएंगे. ऐसे में अगर मई-जून की गिनी-चुनी लग्न में शादी-ब्याह नहीं हो सके तो उन्हें लग्न के लिए नवंबर और दिसंबर की गिनती की बची लग्न का ही इंतजार करना पड़ेगा.

लॉकडाउन के मौजूदा हालात को देखते हुए लोग शादियों की तारीख आगे बढ़ाने लगे हैं. मई-जून में जिनके विवाह नहीं हो पाएंगे, तो जुलाई से नवंबर तक चलने वाले चातुर्मास के बाद नवंबर और दिसंबर में गिनती के लग्न ही मिलेंगी. इस वर्ष के अब कुछ ही विवाह मुहूर्त बचे हैं. इनमें मई में 1 से 4, 6 से 13, 17 से 19, 23 से 24 तारीखें हैं. जून में 13 से 15, 25 से 30 हैं. नवंबर में 26, 29, 30 और दिसंबर में 1 से 2, 6 से 11 और 13 तारीखें हैं.

दरअसल 13 अप्रैल को सूर्य मेष में प्रवेश करेंगे. 14 मार्च से चल रहा खरमास भी समाप्त हो जाएगा. अप्रैल में 5 से 6 लग्न ही हैं. लॉकडॉउन जारी रहा तो इनमें विवाह नहीं होंगे. मई-जून में जरूर कई लगने हैं, लेकिन 31 मई से 9 जून तक शुक्र अस्त रहेंगे. इसके चलते भी विवाह नहीं होंगे. एक जुलाई से देवशयनी एकादशी से चातुर्मास शुरू हो जाएगा, ये 25 नवंबर तक रहेगा. इस बीच भी विवाह आदि कार्य नहीं हो सकेंगे. 25 नवंबर से 13 दिसंबर तक 10 लग्न हैं. उसके बाद 16 दिसंबर से खरमास लग जाएगा और मकर संक्रांति 14 जनवरी 2021 तक विवाह आदि कार्य नहीं हो सकेंगे.

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