सुभाष शिरढोनकर. 1994 में आयोजित प्रतियोगिता में ऐश्वर्या राय उप-विजेता थीं और वह ’मिस इंडिया’ बनते बनते रह गईं लेकिन उसी साल उन्होंने विश्व सुंदरी प्रतियोगिता जीत कर दुनिया की सबसे खूबसूरत महिला होने का सम्मान हासिल किया.

तमिल और हिंदी भाषा में बनी लगभग 40 फिल्मों में काम कर चुकी ऐश्वर्या राय ने ’ब्राइड एंड प्रिज्यूडिस’, ’द पिंक पैंथर 2’, ’द मिस्ट्रेस ऑफ स्पाइस’, ’प्रोवोक्ड’ और ’द लास्ट सीजन’ जैसी अंग्रेजी फिल्मों में भी काम किया. फिल्म जगत में काम करते हुए उन्हें 26 साल हो चुके हैं.

दो साल पहले आखिरी बार ऐश्वर्या राय, अनिल कपूर और राजकुमार राव के साथ ’फन्ने खां’ (2018) में नजर आई थीं जो बुरी तरह असफल साबित हुई.

शादी और मां बनने के बाद लगभग 05 साल अज्ञातवास में बिताने के बाद संजय गुप्ता निर्देशित ’जज्बा’(2016) और ओमंग कुमार की ’सरबजीत’(2016) जैसी फिल्मों से ऐश्वर्या राय ने बॉलीवुड में वापसी की थी लेकिन इस दूसरे दौर में उन्हें पहले जैसी कामयाबी नही मिल सकी.

दूसरे दौर में ऐश्वर्या ने करण जौहर के प्रोडक्शन की, उनके द्वारा निर्देशित ’ए दिल है मुश्किल’ (2016) में पहली बार अपनी अदाकारी और शानदार लुक से लोगों का दिल जीतने में कामयाबी हासिल की लेकिन उसके बाद से अब तक उनकी कोई फिल्म नहीं आ सकी है और इस साल भी उनकी कोई भी फिल्म आने की उम्मीद नहीं है.

अनुराग कश्यप की ’गुलाब जामुन’ में ऐश्वर्या, पति अभिषेक बच्चन  के साथ नजर आने वाली थीं लेकिन बदकिस्मती से यह प्रोजेक्ट बंद हो गया.  जाने माने फिल्म मेकर संजय लीला भंसाली भी साहिर लुधियानवी की बायोपिक में ऐश्वर्या राय को अमृता प्रीतम और अभिषेक को साहिर के किरदार में लेने की सोच रहे थे लेकिन इसे छोड़कर वह अपने कुछ दूसरे प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हो गये. इस तरह यह फिल्म भी ठंडे बस्ते में चली गई.

पिछले काफी समय से ऐश्वर्या राय फिल्मों में कम लेकिन एड और इंटरनेशल इवेंटस का हिस्सा बनी ज्यादा नजर आती रही हैं. ऐश्वर्या के पास इस वक्त सिर्फ मणिरत्नम की तमिल और हिंदी में बनने वाली फिल्म ’पोन्नियिन’ है लेकिन यह 2021 में आयेगी.

’पोन्नियिन’, सेल्वर कृष्णमूर्ति के तमिल उपन्यास पर आधारित एक पीरियड ड्रामा फिल्म है. इसमें ऐश्वर्या के अपोजिट विक्रम कार्थी, तृषा कृष्णन, जयम और रवि जैसे साउथ के कलाकार नजर आएंगे. सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि इसमें ऐश्वर्या का किरदार एक वैम्प का होगा. इसके पहले भी ऐश्वर्या, राजकुमार संतोषी की ’खाकी’ (2004) में नेगेटिव किरदार निभा चुकी हैं. मणिरत्नम के साथ ’इरूवर’ (1994), ’गुरू’ (2007) और ’रावण’(2010) जैसी फिल्में कर चुकी ऐश्वर्या की उनके साथ एक खास तरह की बॉन्डिंग रही है.

मणिरत्नम की ’पोन्नियिन’ के अलावा ऐश्वर्या राय, प्रदीप सरकार की ’विनोदिनी’ में नजर आ सकती हैं. कहा जाता है कि पहले वे इसे विद्या बालन के साथ बनाने की सोच रहे थे लेकिन अब ऐश्वर्या के नाम पर विचार किया जा रहा है. प्रस्तुत है ऐश्वर्या राय के साथ की गई बातचीत के मुख्य अंशः

’फन्ने खां’ (2018)  में आपने ब-मुश्किल 20 मिनट के स्पेस वाला वह महत्वहीन सा किरदार आखिर क्या सोचकर करना मंजूर किया था ?

मेरा वह किरदार काफी कुछ इंडियन सिंगिंग सेंसेशन मेडॉना की तरह था. इस वजह से मुझे लगा था कि किरदार छोटा होने के बावजूद ऑडियंस पर मैं अपना प्रभाव छोड़ सकती हूं लेकिन बदकिस्मती रही कि फिल्म ऑडियंस को पसंद नहीं आई.

मणिरत्नम के साथ अब तक आपने काफी काम किया है. एक बार फिर उनके साथ आप काम कर रही हैं. उनके साथ काम करते हुए कैसा लग रहा है ?

उनके साथ काम करना मुझे सबसे ज्यादा पसंद है और उनके साथ कोई भी फिल्म करने की मेरी यही सिर्फ एक सच्ची वजह होती है. इतने सालों से मैंने इसी तरह से काम किया है. मुझे जिनके साथ काम करना पसंद है, उनके साथ काम करने का कोई अवसर मैं कभी नहीं जाने देती. यदि मुझे स्क्रिप्ट या किरदार पसंद नहीं आता, तब भी करती हूं.

अक्सर देखा गया है कि प्रांतीय भाषा की फिल्मों से बॉलीवुड में आने वाले कलाकार एक बार यहां व्यस्त हो जाने के बाद फिर वहां की फिल्मों में काम करना छोड़ देते हैं ?

इस इंडस्ट्री में मैंने बहुत साल काम किया है. मैं एक बहुत ही कमिटेड एक्ट्रेस रही हूं. लोग अक्सर किसी एक्टर के प्रांतीय भाषाआंे की फिल्मों में काम करने या किसी विशेष निर्देशक के साथ काम करने के पीछे की वजह को समझ नहीं पाते थे परंतु मेरे लिए इसकी वजह सिर्फ यही थी कि मुझे हमेशा से अपने कैरियर में नए नए लोगों के साथ नए तरह के काम करने की इच्छा रही है.

मणिरत्नम के अलावा ऐसा कौन सा दूसरा फिल्म मेकर है जिसके साथ आप बार बार काम करना चाहेंगी ?

निश्चित ही मैं संजय लीला भंसाली के साथ भी बार बार काम करना चाहूंगी. मैं उनके साथ अब तक तीन फिल्में कर चुकी हूं और मेरी ख्वाहिश है कि उनके साथ अभी, कम से कम इतनी ही फिल्में और करूं.

आप संजय लीला भंसाली के साथ साहिर लुधियानवी की बायोपिक करने वाली थी. लेकिन अचानक ऐसा क्या हुआ कि उन्हें उस प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डालने के लिए बाध्य होना पड़ा ?

फिल्म शुरू न हो पाने का असल कारण क्या रहा, यह तो मुझे नहीं मालूम. लेकिन मुझे लगता है कि फिल्म का जो राइटिंग वर्क हुआ था, उससे वह संतुष्ट नहीं थे. इस कारण वो उसे छोड़कर दूसरी फिल्मों में बिज़ी हो गये.

कहा जा रहा है कि संजय उस बायोपिक में साहिर के किरदार के लिए इरफान खान को लेने के इच्छुक थे और आप पति अभिषेक को  लिए जाने की जिद पर अड़ी हुई थीं ?

नहीं, ऐसा बिलकुल भी नहीं है बल्कि एक बार उन्होंने खुद मुझसे पूछा था कि साहिर के किरदार के लिए अभिषेक कैसे रहेंगे ? उस वक्त मैंने उनसे यही कहा था कि इस बारे में, भला मैं क्या कह सकती हूं. इस संबंध में तो खुद उन्हें ही विचार करना है, वो जो ठीक समझते हैं, करें. हो सकता है कि इरफान खान की बीमारी के चलते उनके मन में इस तरह का ख्याल आया हो.

’रात और दिन’ और ’वो कौन थी’ के रीमेक आपको लेकर बनाने की बात भी सामने आई लेकिन वो सारी संभावनाएं भी खत्म हो र्गईं ?

ऐसा कई बार होता है कि जब कोई मेकर, किसी आयडिया पर काम शुरू करते हैं लेकिन उसके बाद किसी न किसी वजह से उसे अंजाम तक नहीं ले जा पाते. अब इन फिल्मों को लेकर मेकर्स की क्या प्रॉब्लम रही होगी, इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है.

आप अब तक के अपने सफर को लेकर क्या कहना चाहेंगी ?

यही कहूंगी कि मैं अपनी जिंदगी में बहुत खुश हूं. मैंने जितना सोचा भी नहीं था, उससे कहीं ज्यादा पाया. भगवान का मुझ पर खास आशीर्वाद रहा है. इसी वजह से मुझे हमेशा अच्छे लोगों के साथ काम करते हुए ढेर सारी खुशियां मिलती रही हैं.  मैं अपने फैन्स के प्यार के लिए हमेशा उनसे दिल से आभारी हूं क्येंकि उनके इसी प्यार की वजह से आज तक इंडस्ट्री में सक्रिय हूं.

आप 45 के ऊपर की हो चुकी हैं. वापसी के दूसरे दौर में आपको उस तरह की कामयाबी नहीं मिल सकी जैसी पहले दौर में मिली थी. आपके साथ हिट फिल्म बनाने का सपना संजोए बैठे  फिल्म मेकर आपकी पिछली फिल्मों की नाकामी के बाद अब, विचलित से नजर आने लगे हैं ?

एक कलाकार को ’स्टारडम’ की रेस में बने रहने के लिए एक के बाद एक, कई फिल्में करने की जरूरत होती है लेकिन अब स्टारडम से ज्यादा मेरी दिलचस्पी मेरे परिवार और उससे जुड़े लोगों के साथ है. मैं चाहती हूं कि मेरी और से आराध्या की परवरिश में किसी तरह की कोई कमी न रह पाए. इसलिए मैं खुद ही कम काम कर रही हूं.

आजकल बहुत से एक्टर एक्टिंग के अलावा फिल्म प्रोडक्शन में भी हाथ आजमा रहे हैं. यदि आप चाहें तो ’एबीसीएल’ को पुर्नजीवित कर या अपना नया प्रोडक्शन हाउस स्थापित कर यह काम शुरू कर सकती हैं ?

अक्सर बहुत से लोगों से इस बारे में मुझे फीडबैक मिलते रहते हैं. पिछले दो साल में यह सिलसिला कुछ ज्यादा ही बढ़ गया है. निश्चित ही मेरे फैंस की इस तरह की एडवाइज मुझे काफी प्रोत्साहित करती है. मेरे पास डायरेक्शन के भी कुछ ऑफर आये थे लेकिन मैने उन्हें हंसी में टाल दिया क्योंकि मुझे लगता है कि डायरेक्शन का काम सबसे मुश्किल होता है. हां, यदि मन हुआ तो प्रोडक्शन में आ सकती हूं हालांकि कब और कैसे, इस बारे में फिलहाल कुछ नहीं कह सकती!

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