जबलपुर. एक तरफ तो पूरे देश में कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले लगातार गंभीर रूप लेते जा रहे हैं, जिससे निपटने के लिए केंद्र सरकार लगातार एहतियात बरतने की एडवाइजरी जारी कर रही है, लेकिन इसके उलट पश्चिम मध्य रेलवे का इंजीनियरिंग विभाग अपने स्टाफ पीवे, ट्रेकमैन, कीमैन, गेटमैन, ट्रेकमैन स्टाफ, यूएसएफडी में कार्यरत स्टाफ को ड्यूटी पर बुलाकर सोशल डिस्टेंसिंग का लगातार घनघोर उल्लंघन करा रहा है.

दुर्भाग्य की बात है कि ड्यूटी पर बुलाकर कर्मचारियों को न तो मास्क दिये गये हैं और न ही ग्लव्स, सेनिटाइजर का तो पता ही नहीं है. वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाइज यूनियन के महामंत्री मुकेश गालव ने पमरे के महाप्रबंधक सुनील कुमार सिंह को पत्र लिखकर तत्काल ही इस पर रोक लगाने की मांग करते हुए कोविड-19 की शतों का उल्लंघन को रोकने की मांग की है.

पमरे के जीएम को लिखे पत्र में डबलूसीआरईयू के महामंत्री मुकेश गालव ने कहा है कि पमरे के जबलपुर, कोटा व भोपाल मंडलों में कोरोना संक्रमण के पाजीटिव मामलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है.

इस वैश्विक महामारी से निपटने के लिए खुद प्रधानमंत्री, भारत सरकार व राज्य सरकार पूरी ताकत से लगी हुई हैं एवं सोशल डिस्टेंसिंग, सेनिटाइजेशन, मास्क, ग्लव्स इत्यादि को ही रामबाण दवाई माना जा रहा है, दूसरीतरफ पमरे के इंजीनियरिंग विभाग इस वैश्विक महामारी में पीएम नरेंद्र मोदी की सलाह का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन कर रहा है.

एक भी पीवे, ट्रेकमैन, की-मैन, गेटमैन, ट्रैक मशीन स्टाफ, यूएसएफडी में कार्यरत स्टाफ यदि कोरोना मेें पाजीटिव पाया जाता है तो इसकी जवाबदेही रेल प्रशासन की होगी एवं कर्मचारियों पर जबर्दस्ती दबाव बनाकर कोरोना एडवाइजरी के विपरीत काम करने वाले र्ेल प्रशासन के विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज हो सकती है

इंजीनियरिंग स्टाफ में बढ़ता जा रहा आक्रोश

डबलूसीआरईयू महामंत्री मुकेश गालव ने जीएम को लिखे पत्र में इंजीनियरिंग स्टाफ की भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा है कि पमरे के तीनों रेल मंडला्ें में कार्यरत पीवे, ट्रेकमैन, की-मैन, गेटमैन, ट्रैक मशीन स्टाफ, यूएसएफडी स्टाफ जबर्दस्त आक्रोशित है एवं उनके आक्रोश की सीमा टूटती जा रही है, उनके पास अब तो जान है तो जहान है की भावना घर कर चुकी है, इसके अलावा उनके पास कोई विकल्प भी नहीं शेष है.

ऐसी परिस्थितियों में जहां एक ओर ओर कोरोना महामारी का प्रकोप चरम पर है, वहीं दूसरी ओर पमरे के इंजीनियरिंग विभाग के आला अधिकारी नियमों की धज्जियां उड़ाकर इस महामारी के मुंह में धकेलने की तैयारी में है. सभी अधिकारी अपने-अपने घरों में आराम फरमा रहे हैं, वे कार्यस्थल तक नहीं जा रहे हैं, लेकिन निचले स्टाफ को खतरे में डालकर उनसे जबरिया काम कराने मजबूर कर रहे हैं.

डबलूसीआरईयू हर कदम कर्मचारियों के साथ

श्री गालव ने कहा कि डबलूसीआरईयू पूरे समय पमरे के तीनों मंडलों में इस महामारी  से निपटने के लिए दिन-रात रेल कर्मचारियों एवं उनके परिजनों को दिन-प्रतिदिन आने वाली कठिनाइयों  से पूरे जी-जान से आवश्यक वस्तुएं एवं अन्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित कर पूरी ताकत से जूझ रही है. ऐसी विषम परिस्थितियों में यूनियन कोई राजनीति नहीं करना चाहती है.

यूनियन ने जीएम से आग्रह किया है कि शीघ्र से शीघ्र पूरे पमरे के तीनों मंडलों में कोरोना वायरस से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिं, सेनिटाइजेशन, मास्क, ग्लव्स आदि 100 प्रतिशत कर्मचारियों को उपलब्ध कराकर एवं कार्यस्थल पर कम से कम 20 प्रतिशत मैन पावर ही लगाकर यूनियन को अवगत कराएं, ताकि रेल कर्मचारियों को कारेोना संक्रण से बचाव को सुनिश्चित किया जा सके.

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


************************************************************************************




Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह info@palpalindia.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।