विश्व समुदाय के समक्ष महामारी संकट के रूप में सामने आया कोरोना वायरस (कोविड - 19) अस्थमा, शुगर, कैंसर, दिल के मरीज, किडनी के रोगियों एवं थैलेसीमिया पीड़ितों के लिये भी गंभीर समस्या बन सकता है.

इससे थैलेसीमिया पीड़ितों को जान का खतरा हो सकता है. यहां पर बता दे कि इस रोग से पीड़ित रोगियों को हर 15-20 दिनों में खून चढ़ाना पड़ता है. अगर किन्ही हालात में समय पर खून नही मिलता तो रोगियों में एनीमिया की स्थिति बन जाती है ओर फिर उन्हें संक्रमण का खतरा भी अधिक हो जाता है. ऐसे हालात में अगर रोगी को कोविड - 19 संक्रमण हो जाये तो परिस्थितियां और भी गंभीर हो सकती है. जिन बच्चों में तिल्ली का ऑपरेषन हुआ है, तो उनमें तो यह समस्या और भी विकट है.

कोविड - 19, महामारी के चलते इन दिनों रक्तदान षिविर नही लग रहे है. ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदाता कोविड - 19 संक्रमण के डर से रक्तदान के लिये आगे नही आ रहे है. ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को चाहिये कि रक्तदान करने वालों के हितों का ऐसा प्रबंध करें, जिससे रक्तदान स्वैच्छिक रक्तदान कर सके. हालांकि अभी ऐसे हालात नही है कि रक्तदाता स्वयं सामने आयें. वही, रक्तदाताओं की संख्या में इसी प्रकार कमी आई तो थैलेसीमिया के मरीजों का जीवन खतरें में पड़ सकता है.

थैलेसीमिया इंटरनेशनल  फेडरेशन के मध्य प्रदेश राज्य समन्वयक डॉ. सी.बी.एस दाँगी की माने तो इस समय उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर भारत में 3.5 करोड़ थैलेसीमिया के सक्रीय रोगी है. रोगियों की दूसरी बड़ी समस्या यह है कि उन्हें इस समय दवाई नही मिल रही है.

उनके मुताबिक, थैलेसीमिया रोगी को बार - बार खून चढ़ाने से शरीर में अतिरिक्त लोहा जमा हो जाता है. ऐसे में इसे निकालना जरूरी है. अतिरिक्त जमा हुए लोहे को निकालने के लिये जो दवा रोज खानी पड़ती है. वह या तो अस्पताल में मिलती है या फिर थैलेसीमिया संस्थानों में. कुरियर और अन्य व्यवस्थाऐ बंद होने के कारण हर जगह इन दवाओं की बहुत कमी देखी जा रही है. ऐसे में यदि सही समय पर दवा न मिले तो थैलेसीमिया पीडित के शरीर में अतिरिक्त लोहा जमा होने से उनकी जान भी जा सकती है. ग्लोबल रिसर्च वेलफेयर संस्था के सचिव डॉ. दाँगी ने की मांग है कि कुछ स्थानों पर सीमित रक्तदान षिविर लगाने की अनुमति दी जाये तथा थैलेसीमिया पीड़ितों की आवश्यक दवाईयों की आपूर्ति सरकार द्वारा सुनिश्चित की जायें.

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


************************************************************************************




Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह info@palpalindia.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।