राष्ट्रीय महिला आयोग ने बताया है कि लॉकडाउन के बाद से अबतक घरेलू हिंसा के 69 मामले सामने आ चुके हैं. महिलाओं के खिलाफ कुल हिंसा की  बात की जाए तो महिला आयोग को अब तक 250 शिकायतें मिल चुकी हैं. महिलओं की हिंसा का ये मामला गंभीर है. क्योंकि उनके मुताबिक अगर लॉकडाउन के मामले में पहले से जानकारी होती तो इस तरह की महिलाएं किसी सुरक्षित जगह चली जाती हैं. 

राष्ट्रीय महिला आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 23 मार्च 2020 से एक अप्रेल तक महिलाओं से हिंसा अलग-अलग क्षेत्र के मामले आ चुके हैं. जिनमें साइबर अपराध के 15 मामले, सम्मान के साथ जीने के अधिकार के संबंध में 77 शिकायतें और बलात्कार और रेप की कोशिश के 13 मामले मिल चुके हैं. इस तरह से महिलाओं ने अबतक कुल 257 शिकायतें दर्ज करवाई हैं. जिसमें से 237 मामलों पर कार्रवाई की गई है.

महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने बताया कि लॉकडाउन के बाद से उनके पास कई शिकायतें आ चुकी है्ं. लेकिन लॉकडाउन की वजह से वो सुरक्षित जगह पर नहीं जा पा रही हैं. इस मामले में सेंटर फॉर सोशल रिसर्च की निदेशक रंजना कुमारी का कहना है कि लॉकडाउन के कारण सब लोग घर पर ही हैं.

जिसकी वजह से पीड़ित महिलाओं से संपर्क नहीं हो पा रहा है. महिलाओं की ये स्थिति उनकी सुरक्षा के लिहाज से बिल्कुल भी ठीक नही हैं. इसका एक ही तरीका है कि घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं को रेस्क्यू किया जाए.

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