भुवनेश्वर. द्विवार्षिक राज्य सभा चुनाव के लिए बीजू जनता दल के सभी चारों प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं. नामांकन वापसी के अंतिम दिन ये ही चार बचे थे. चार निर्दलीय प्रत्याशियों के पास प्रस्तावक न होने के कारण उनके नामांकन खारिज कर दिए गए थे. बीजेडी इन चारों के मुकाबले किसी भी दल ने एक भी प्रत्याशी नहीं उतारा. नामांकन के दिन से ही उनका चुना जाना तय था. इस चुनाव में विधायकों को मतदान करना होता है.

जीत के लिए 30 मतों की जरूरत थी. बीजेपी के 23 तथा कांग्रेस, निर्दलीय और माकपा मिलाकर 11 मत होते हैं. पर इनमें से किसी ने प्रत्याशी नहीं लड़ाया. ऐसे निर्विरोध निर्वाचन पहले से ही तय था. चुनाव अधिकारी दसराथी सत्पथी ने नामांकन वापसी के दिन ही इन्हें जीता हुआ बताया. अधिकारिक तौर पर नतीजे 26 मार्च को शाम पांच बजे घोषित किए जाने थे.

बीजेडी के सुभाष सिंह (चेयरमैन निर्माम मजदूर कल्याण बोर्ड), मुन्ना खान (सलाहकार अल्पसंख्यक मामले), सुजीत कुमार (सलाहकर विशेष विकास परिषद) और ममता महंता (सदस्य महिला बीजू जनता दल) को प्रत्याशी बनाया था. ये सभी निर्विरोध निर्वाचित हो गए. इसके अलावा चार निर्दलीय प्रत्याशियों के परचे टेक्निकल ग्राउंड पर रिजेक्ट कर दिए गए.

नामांकन वापसी के अंतिम दिन चुनाव अधिकारी ने इनके निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा कर दी. बताया जाता है कि निर्दलीय प्रत्याशी गणेश्वर मिश्रा, ममता सांमंतराय, एलपी सिंह और बी.हेम्ब्रम दस प्रस्तावक तक नहीं जुटा सके. नामांकन वैधता के लिए यह जरूरी था. अनुभव महंति, नरेंद्र कुमार स्वैं, सरोजनी हेम्ब्रम और कांग्रेस के रंजीब बिस्वाल का कार्यकाल 2 अप्रैल को पूरा होने से ये सीटें रिक्त थी. महंति केंद्रपाड़ा से लोकसभा चुनाव जीते थे.

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