मुंबई. दुनिया भर में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस के चलते सबसे ज्यादा असर एयरलाइंस पर पडऩे वाला है और हो सकता है कि मई के अंत तक ज्यादातर एयरलाइंस दिवालिया हो जाएं. जिससे 5 करोड़ नौकरियों पर संकट गहरा रहा है. दुनिया भर की एयरलाइंस की प्रमुख सलाहकार समिति सेंटर फॉर एशिया पैसिफिक एविएशन यानी सीएपीए ने ऐसी आशंका जाहिर की है.

सीएपीए ने कहा है कि इस तबाही से तभी बचा जा सकता है जब सभी सरकारें एकजुट होकर एयरलाइंस इंडस्ट्री को होने वाले नुकसान को कम करने की कोशिशें करें.

सोमवार 16 मार्च को जारी एक बयान में सीएपीए ने कहा है कि, एयरलाइंस के पास पैसे की निरंतर कमी हो रही है, कैश रिजर्व सिकुड़ता जा रहा है, क्योंकि ज्यादातर विमान जमीन पर ही खड़े कर दिए गए हैं, और जो उड़ रहे हैं उनमें क्षमता से आधे से भी कम यात्री सवार हैं. जिस तरह से दुनिया भर में सरकारें यात्रा प्रतिबंध लगा रही हैं उससे आशंका है कि कई एयरलाइंस टेक्निकल दिवालिया के दौर में पहुंच चुकी हैं या फिर अपने कर्ज चुकाने में नाकाम हो सकती हैं.

गौरतलब है कि चीन से शुरु हो कर कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में पैर पसार लिए हैं और इसकी चपेट में आकर अब तक कम से कम 6,000 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं डेढ़ लाख से ज्यादा लोग इससे संक्रमित पाए गए हैं. भारत में भी अब तक अधिकारिक तौर पर कम से कम दो लोगों की मौत हुई है और 120 से ज्यादा लोग संक्रमित पाए गए हैं.

सीएपीए के दक्षिण एशिया सीईओ कपिल कौल ने एक बिजनेस न्यूज वेबसाइट से बातचीत में कहा कि, भारत में जिन एयरलाइंस की बैलेंस शीट कमजोर है, उन पर सबसे ज्यादा इसका असर पड़ेगा जो कोरोना वायरस के भारत में प्रसार पर निर्भर करेगा. उन्होंने कहा कि, हाल में सरकार ने विमानों के ईंधन पर टैक्स को कम किया है, लेकिन कोरोना वायरस से होने वाले नुकसान की भरपाई में इससे बहुत ज्यादा मदद मिलना मुश्किल है.

ध्यान रहे कि अभी 14 मार्च को सिविल एविएशन मिनिस्टर हरदीप पुरी ने संकेत दिए थे कि विमानों के ईंधन को जीएसटी के दायरे में लाया जा सकता है. इसके अलावा भारत ने अभी पिछले सप्ताह ही विदेशों से भारत आने वाले लोगों के लिए वीजा को 15 अप्रैल तक के लिए सस्पेंड कर दिया है, साथ ही लोगों से देश के भीतर और बाहर यात्रा सीमित करने को कहा है. सरकार ने कहा है कि अगर बेहद जरूरत हो तभी लोग यात्रा करें.

इसी तरह के कदम कई दूसरे देशों ने उठाए हैं. कतर और यूएई सहित मध्य-पूर्व में कई उड़ानों को निलंबित कर दिया है. इंडिगो, विस्तारा और स्पाइसजेट सहित सभी भारतीय एयरलाइंस की बुकिंग में पहले ही गिरावट दर्ज होना शुरु हो गई थी. रिपोर्ट्स बताती है कि एयरलाइंस के 50 फीसदी तक विमान खड़े किए जा सकते हैं. सीएपीए ने यात्रा संबंधी ऐसी सलाह के लिए सरकार की आलोचना की है.

सीएपीए का कहन है कि, हालांकि सरकार स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को लेकर चिंतित है, लेकिन उद्योगों के मद्देनजर उसे कोआर्डिनेटेड कोशिशें करनी चाहिए थीं. सभी दशो को ऐसे समाधान तलानशने चाहिए जो सभी के हित में हों. लेकिन बिना उद्योगों को विश्वास में लिए उठाए गए कदम से नुकसान बढऩे की आशंका है.

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


************************************************************************************




Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह info@palpalindia.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।