भोपाल/रायपुर, दिल्ली. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश समेत 18 राज्यों की सरकारों ने रिजर्व बैंक से फिर कर्ज लिया है. सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और आंध प्रदेश सरकार ने तीन-तीन हजार करोड़ का कर्ज लिया है. राज्य सरकारों ने कर्ज चुकाने के लिए दस वर्ष का समय मांगा है. कर्ज पर ब्याज की दर सात से नौ प्रतिशत तय की गई है.

बता दें कि राज्य सरकार अपनी वित्तीय जरूरतों के लिए प्रतिभूति (बांड) के एवज में कर्ज लेती है. छत्तीसगढ़ सरकार ने एक हजार करोड़ रुपये का जो कर्ज लिया है, सरकार उसे 7.08 फीसद ब्याज दर पर 10 वर्ष में चुकाएगी. चालू वित्तीय वर्ष में छत्तीसगढ़ सरकार ने छठी बार कर्ज लिया है. वहीं, अब राज्य पर कर्ज का कुल भार बढ़कर 58 हजार करोड़ रुपये से अधिक का हो गया है.

आठ महीने में सात हजार करोड़

छत्तीसगढ़ सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में बांड के एवज में पहला लोन अगस्त 2019 में लिया था. एक हजार करोड़ का यह कर्ज सरकार 2026 तक 7.3 फीसद ब्याज के साथ चुकाएगी. इसके बाद सरकार ने सितंबर में एक हजार करोड़ का लोन लिया. दो महीने के अंतराल के बाद दिसंबर में एकमुस्त दो हजार और इस वर्ष जनवरी में दो बार में एक हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया. इससे चालू वित्तीय वर्ष में लोन का आंकड़ा आठ हजार करोड़ रुपये पहुंच गया है.

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