उदयपुर का फुटबॉल विलेज जावर माइंस. रविवार को यहां खेले गए फाइनल मुकाबले में सिख रेजिमेंट जालंधर ने एयरफोर्स दिल्ली को 2-0 से हराया. जावर में देश की सबसे बड़ी जिंक खदानें हैं, लेकिन इस आदिवासी गांव की पहचान यहां के अनूठे मोहन कुमार मंगलम फुटबॉल टूर्नामेंट से है, जिसे जिंक माइंस के मजदूर पिछले 42 साल से करवा रहे हैं. यहां पढ़ाई से ज्यादा फुटबॉल खेलकर लोगों को नौकरी मिलती है.  

यहां के 170 से ज्यादा लोग ऐसे हैं, जो कभी इस टूर्नामेंट में खेले. अब सरकारी नौकरी में हैं. कोई स्कूल में पीटीआई है तो कोई सब इंस्पेक्टर. ग्रामीण बताते हैं- यहां फुटबॉल के अलावा कोई खेल नहीं खेला जाता. घरों में लोग फुटबॉल की पूजा करते हैं.

यहां के खिलाड़ी भारतीय फुटबॉल टीम में कप्तान रहे

गांव के टूर्नामेंट से ही उभरने वाले कई खिलाड़ी भारतीय फुटबॉल टीम में कप्तान भी रह चुके हैं. खास बात यह है कि कभी गांव में 6 लोग पंचर फुटबॉल प्रैक्टिस करते थे. लेकिन अब एयरफोर्स, रेलवे, बैंक, पुलिस सहित सभी राज्यों की टीमें आती हैं.

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