सूर्य देव अग्नि पुंज हैं, इस धरा पर जीवन और प्रकाश सूर्य के कारण ही संभव है. उनकी इन्हीं विशेषताओं के कारण इन्हें ग्रहों में राजा का स्थान दिया गया है. सूर्य देव सिंह राशि के स्वामी है और शुक्र की तुला राशि इनका नीच स्थान है, एवं अपने मित्र मंगल की मेष राशि में सूर्य उच्चस्थ होते हैं.  वैदिक ज्योतिष शास्त्रों में सूर्य सत्ता, पिता, आत्मा, औषधि, राजनीति, राजकृपा, सत्ता में स्थान, ख्याति, प्रतिष्ठा, शौर्य, स्वास्थ्य, दायीं आँख, आत्मविश्वास, उच्चाधिकारी, सरकारी क्षेत्र, कर, टैक्स, अधिकारिक शक्तियां एवं पूर्व दिशा आदि के कारक हैं. इन्हें क्रूर ग्रह भी कहा गया है. जन्मपत्री में सूर्य जिस भाव में स्थित होते है, उस भाव के कारकतत्वों को अपनी अग्नि से जला देते हैं मतलब उस भाव के फलों में कमी करते हैं.

नवग्रहों के राजा सूर्य देव 16 नवंबर 2019 को अपने मित्र मंगल की वृश्चिक राशि में प्रवेश करने वाले हैं. वृश्चिक राशि में शनि की स्थिति 16 दिसम्बर 2019,  15:10 बजे तक यहीं रहेगी. सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में जाना संक्रांति के नाम से जाना जाता है. भचक्र में 12 राशियां होने के कारण सूर्य की 12 संक्रांतियां है. इस संक्रांति को मार्गशीर्ष संक्रांति के नाम से जाना जाता है. सूर्य के वृश्चिक राशि में प्रवेश के साथ ही संक्रांति का प्रारम्भ होगा. सिंह लग्न में  इस संक्रांति का आरंभ हो रहा है, संक्रांति का पुण्य काल अगले दिन प्रात: 07:14 मिनिट तक रहेगा.

12 राशियों के लिए सूर्य का वृश्चिक राशि में गोचर करना किस प्रकार का रहने वाला हैं, आज हम आपको यह बताने जा रहे हैं-

मेष राशि

सूर्य आपके पंचम भाव का स्वामी हैं और इस समय गोचर में सूर्य आपके अष्टम भाव पर गोचर करेगा. आठ्वां भाव बाधाओं और रुकावटों का भाव होने के कारण इस भाव में सूर्य के गोचर की अवधि आपके लिए प्रतिकूल साबित हो सकती है.  यहां सूर्य 16 से 21 नवंबर मतलब 5 दिन शुक्र के साथ रहेंगे. इन दिनों में सूर्य के प्रभाव में शुक्र ग्रह के प्रभाव रहेंगे.  इस समय में आपको संतान और जीवन साथी से बनाकर रखने में दिक्कतें हो सकती है. इस दौरान आपको स्वास्थ्य से संबंधित परेशानियाँ रहेंगी. आत्मविश्वास में की कमी  बुरे कार्यो का फल आप को लोगो की दृष्टि में गिरा सकता है. गलत संगत से बचें. विरोधियों का सामना करना पड़ सकता है.  छात्रों को अध्ययन कार्यो में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है. 

वृषभ राशि

सूर्य आपकी राशि के चौथे भाव का स्वामी है. इस समय सूर्य आपके सातवें भाव पर गोचर करेगा. गोचर के शुरु में सूर्य-शुक्र की युति को ध्यान में रखते हुए आपको अपने साझेदारी के विवादों को कोर्ट कचहरी में ले जाने से बचना होगा. यदि वैवाहिक जीवन में किसी तरह की परेशानी या अनबन चल रही हो तो उसे भी घर में बैठकर ही निपटा लें. कार्यक्षेत्र में विशेष पद की प्राप्ति हो सकती है. व्यक्तिगत जीवन तनावपूर्ण रहेगा. शादीशुदा दंपत्तियों के बीच लड़ाई-झगड़े हो सकते हैं बावजूद इसके जीवनसाथी की सेहत में गिरावट आपको परेशान कर सकती है. बच्चों को भी इस दौरान परेशानियां उठानी पड़ सकती हैं. कार्य में बाधा आ सकती है.

मिथुन राशि

सूर्य आपके तीसरे भाव का स्वामित्व रखते हैं. गोचर में सूर्य इस समय आपके छ्ठे भाव जिसे रोग, ॠण और शत्रु भाव के नाम से भी जाना जाता है, इस भाव पर गोचरस्थ रहेंगे. सूर्य-शुक्र की युति कुछ समय के लिए आपके प्रेम संबंधों में स्नेह की कमी कर सकती है. चिंता की अधिक बात नहीं हैं योग कुछ समय के लिए ही हैं इसलिए जल्द ही स्थिति ठीक हो जाएगी.  इस दौरान आपके द्वारा किए गए प्रयास सफल होंगे. विरोधियों को हराकर आप अपने क्षेत्र में आगे बढ़ सकेंगे. छोटी-मोटी स्वस्थ्य से संबंधित परेशानियां हो सकती हैं. आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी. सरकारी नीतियों से लाभ मिल सकता है. आत्म सम्मान में वृद्धि होगी और जीवन में सुख-शांति व समृद्धि बनी रहेगी. 

कर्क राशि

सूर्य परिवार मतलब दूसरे भाव के स्वामी है और 16 नवंबर से सूर्य आपके पंचम भाव पर रहने वाले है. सूर्य यहां कुछ अवधि के लिए शुक्र ग्रह के साथ भी होंगे, इस अवधि में प्रेम विषयों में आपकी रुचि विशेष रुप से रहेगी. इस दौरान आर्थिक लाभ होगा. साथी के साथ मतभेद के कारण प्रेम संबंधों में परेशानी व तनाव हो सकता है. बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. लेकिन जीवनसाथी को इस समय का लाभ प्राप्त होगा. कर्ज़ों से मुक्ति मिलेगी साथ ही आप जॉब चेंज का प्लान भी बना सकते हैं. यह धन आगमन को बेहतर करेगा. वित्तीय मोर्चे पर स्थिति पहले से अधिक मजबूत होगी.

सिंह राशि

सूर्य आपकी राशि का स्वामी है. इस समय सूर्य आपकी राशि से चौथे भाव पर विचरण करने वाला है. सूर्य को 5 दिन के लिए शुक्र का साथ मिलेगा, ऐसे में आपको सरकारी सुविधाओं का फायदा उठाने के अवसर प्राप्त होंगे.  आपके जीवन साथी को भी उच्च पद प्राप्त हो सकता है. समाज में आप कि छवि बेहतर होगी. परिवारिक किसी विषय पर खर्च हो सकते है. करियर में आपके आधिकारिक शक्तियों में वृद्धि होगी. उच्चाधिकारी भी आपकी योग्यता की सराहना करेंगे. यहां आपको अपनी माता के स्वास्थ्य का खास ध्यान रखना होगा. 

कन्या राशि

सूर्य आपके बारहवें भाव के स्वामी हैं और इस समय सूर्य आपके दूसरे भाव से निकलकर तीसरे भाव पर रहने वाले है. गोचर के प्रथम पांच दिन सूर्य को शुक्र की युति मिलेगी, ऐसे में कुछ महिलाओं से मित्रता करने के अवसर बन सकते है. इस भाव में सूर्य की स्थिति आपके साहस में कमी ला सकती है किंतु आप अपने संकल्प के प्रति अडिग रहेंगे तो आप विरोधियों से आगे जाएंगे. घर पर मतभेद स्थिति हो सकती हैं. जॉब चेंज का प्लान भी बना सकते हैं. इस दौरान आपको आर्थिक लाभ होगा. धार्मिक कार्यों में रूचि बढ़ेगी. यात्रा का भी योग बन रहा है.

तुला  राशि

सूर्य आपके ग्यारहवें भाव के स्वामी है और गोचर में दूसरे भाव पर विचरण रहने वाले है. गोचर की इस अवधि में आपके कामों में रुकावटें आएंगी. लेकिन धैर्य से काम करना बेहतर होगा. स्वभाव में गुस्सा और अहंम की वृद्दि हो सकती है.   अचानक यात्रा के योग बन रहे हैं. इस समय मानसिक तनाव बना रहेगा. करियर में उतार-चढ़ाव संभव है.  परिवार से संबंधित मुद्दे को बहुत चतुराई से और उचित विनम्रता के साथ संभालने की आवश्यकता है. परिवार में गर्मजोशी और सामंजस्य बनाए रखने के उद्देश्य से. आपको वित्त से संबंधित मामले को बहुत सावधानी से संभालने की आवश्यकता है.

वृश्चिक राशि

आपकी जन्मराशि से सूर्य दशम भाव के स्वामी है. इस समय में सूर्य आपकी जन्मराशि पर गोचर करेंगे.  सूर्य-शुक्र का एक साथ होने से कुछ समय के लिए आपके स्वास्थ्य में कमी हो सकती है.  लंबी यात्रा का योग हैं, विदेश जाने का मौका भी मिल सकता है. पैसे का खर्च अधिक होगा. दोस्तों के साथ कुछ संबंध बिगड़ सकते हैं. जीवन में तनाव रहेगा, लेकिन आपको संयम व धैर्य से काम करने की जरूरत है. करियर में आपका उत्साह देखते ही बनेगा. विकास की संभावनाएं भी इस समय में बनी हुई है. वित्त और खर्चों को संभालने की विशेष आवश्यकता है.

धनु राशि

सूर्य आपकी राशि के लिए नवम भाव का स्वामी है. नौवां घर सामान्य रूप से भाग्य से जुड़ा हुआ है,  विदेशी यात्रा, तीर्थ यात्रा  का भाव हैं. इस भाव का स्वामी गोचर में इस अवधि में आपके बारहवें भाव पर गोचर कर रहें है. घर से दूरी या शहर के बाहर से जुड़े जितने भी कार्य हैं वह सभी आप इस समयावधि में सहजता से पूरे कर सकते हैं. स्वास्थ्य के मोर्चे पर आपको बहुत सावधान रहने की आवश्यकता है. मामूली सी बात को भी नजरअंदाज न करें. आगे की जटिलताओं से बचने के लिए उपचारात्मक परहेज का भी ध्यान रखें.  पारिवारिक जीवन में अनबन की स्थिति से निपटना पड सकता है. 

मकर राशि

सूर्य आपके आठ्वें भाव का स्वामी हैं और इस समय गोचर में सूर्य की स्थिति आपके ग्यारहवें भाव पर रहेगी.  गोचर की शुभता से  उच्च अधिकारियों के साथ घनिष्ठ संबंध स्थापित हो सकते हैं. वरिष्ठ अधिकारियों से सहयोग प्राप्त हो सकता है. कार्यक्षेत्र पर नया पद हासिल हो सकता है. इससे आत्म-सम्मान में वृद्धि होगी. कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है. परिवार में पिता से सहयोग प्राप्त होगा लेकिन प्रेम-संबंधों में मन-मुटाव रहेगा. करियर में यह समय प्रगति और उन्नति का है. इसलिए इस समय में अपने उच्चाधिकारियों के किसी भी मार्गदर्शन को अनदेखा करने से बचें. 

कुंभ राशि

सूर्य आपके सप्तम मतलब विवाह भाव के स्वामी है और गोचर में सूर्य इस समय काल में आपके दसवें भाव पर रहेंगे. नौकरी पेशा लोगों को इस समय महत्वपूर्ण कार्य करने के लिए प्राप्त हो सकते है. उच्चाधिकारियों के द्वारा आपके कार्यों की सराहना होने से आपका आत्मविश्वास बढ़ा चढ़ा रहेगा. सरकारी नौकरी करने वालों को लाभ मिल सकता है. आत्म सम्मान में वृद्धि होगी. कार्यों में व्यस्त रहने के कारण परिवार को समय नहीं दे पाऐगे. इस कारण घर में क्लेश भी रहेंगे. भविष्य के विकास की संभावनाएं उत्साहजनक लग रही हैं. 

मीन राशि

सूर्य आपकी राशि के लिए छठे भाव का स्वामी है. सूर्य का आपके भाग्य पर गोचर करना,  आपके लिए भाग्य का सहयोग कम करेगा. जीवन में संघर्ष बढ़ जाएगा. पिता की सेहत में गिरावट देखने को मिल सकती है. कार्यक्षेत्र बदल सकता है. भाई-बहनों से विवाद हो सकता है. धार्मिक कामों में रुझान बढ़ेगा साथ ही सफलता प्राप्ति के लिए चुनौतियों का सामना करना होगा. नौकरी पेशा लोगों के उच्चाधिकारी अधिक कठोर और अनुशासित हो सकते है. सामान्य से अधिक लम्बे समय तक कार्य भी उन्हें करना पड़ सकता है. आपको यहां स्वास्थ्य के बारे में बहुत सावधान रहने की आवश्यकता है. एक छोटी सी समस्या होने पर भी तुरंत इलाज करायें अन्यतथा जटिलताएं हो सकती हैं.

-ज्योतिष आचार्या रेखा कल्पदेव कुंडली विशेषज्ञ और प्रश्न शास्त्री

8178677715, 9811598848  

ज्योतिष आचार्या रेखा कल्पदेव पिछले 15 वर्षों से सटीक ज्योतिषीय फलादेश और घटना काल निर्धारण करने में महारत रखती है. कई प्रसिद्ध वेबसाईटस के लिए रेखा ज्योतिष परामर्श कार्य कर चुकी हैं. आचार्या रेखा एक बेहतरीन लेखिका भी हैं. इनके लिखे लेख कई बड़ी वेबसाईट, ई पत्रिकाओं और विश्व की सबसे चर्चित ज्योतिषीय पत्रिकाओं  में शोधारित लेख एवं भविष्यकथन के कॉलम नियमित रुप से प्रकाशित होते रहते हैं. जीवन की स्थिति, आय, करियर, नौकरी, प्रेम जीवन, वैवाहिक जीवन, व्यापार, विदेशी यात्रा, ऋण और शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, धन, बच्चे, शिक्षा, विवाह, कानूनी विवाद, धार्मिक मान्यताओं और सर्जरी सहित जीवन के विभिन्न पहलुओं को फलादेश के माध्यम से हल करने में विशेषज्ञता रखती हैं.

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