बेंगलूरु. दो दिन पहले ही सत्ता में सौ दिन पूरा करने वाले कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ... की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं. ऑपरेशन कमल को लेकर पिछले सप्ताह सोशल मीडिया पर वायरल हुए येदियुरप्पा के कथित ऑडियो-वीडियो क्लीप का मामला अब शीर्ष अदालत में पहुंच गया है. कांग्रेस ने सोमवार को इस मामले को सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ के सामने उठाया. अदालत मंगलवार को इस मामले की सुनवाई करेगी.

कांग्रेस के वकील कपिल सिब्बल ने सोमवार को अयोग्य ठहराए गए 17 विधायकों की याचिका की सुनवाई करने वाले न्यायाधीश एन वी रमन्ना की पीठ के सामने येदियुरप्पा के विवादित क्लीप का मामला उठाया. पीठ इस मामले में कांग्रेस की याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करने के लिए सहमत हो गई. आपको बता दें कि अयोग्य विधायकों की याचिकाओं पर सुनवाई करने के बाद शीर्ष अदालत ने पिछले महीने के अंत में फैसला सुरक्षित रख लिया था. इस मामले में अदालत का फैसला इसी सप्ताह आने की संभावना है.

गौरतलब है कि कांग्रेस के 14 और जद-एस के तीन बागी विधायकों के विधानसभा से इस्तीफा देने के कारण जुलाई में जद-एस नेता एच डी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली कांग्रेस और जद-एस गठबंधन सरकार का पतन हो गया था. इसके बाद येडियूरप्पा मुख्यमंत्री बने थे.

हालांकि, बाद में तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष के.आर. रमेश कुमार ने 17 बागी विधायकों को मौजूदा विधानसभा के पूरे कार्यकाल के लिए अयोग्य ठहरा दिया था. अयोग्य ठहराए गए विधायकों ने अध्यक्ष के फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी. इसी दौरान चुनाव आयोग ने विधायकों के अयोग्य ठहरा जाने के कारण रिक्त हुई 17 में से 15 सीटों पर उपचुनाव कराने की घोषणा कर दी. इसके बाद अयोग्य ठहराए गए विधायकों ने शीर्ष अदालत में नई याचिका दायर कर उपचुनाव पर रोक लगाने अथवा उन्हें भी चुनाव लडऩे की अनुमति देने की मांग की. बाद में चुनाव आयोग ने अदालत में मामला लंबित होने के कारण उपचुनाव 5 दिसम्बर तक स्थगित कर दिए थेसुप्रीम कोर्ट ने उठाया बड़ा कदम, दिवालिया कानून को लेकर लिया ये फैसला

गौरतलब है कि कांग्रेस और जद-एस के नेताओं ने भाजपा पर विधायकों को पद का प्रलोभन देने और भयभीत कर इस्तीफा दिलाने का आरोप लगाया था. हालांकि, भाजपा और येडियूरप्पा इससे इनकार करते रहे हैं. पिछले सप्ताह सोशल मीडिया पर येडियूरप्पा का कथित ऑडियो-वीडियो क्लीप वायरल होने के बाद इस मामले को फिर से नई हवा मिली. यह क्लीप पिछले महीने के अंत में हुब्बली में हुई पार्टी नेताओं की बैठक का है, जिसमें येडियूरप्पा ने कथित तौर पर कहा था कि अयोग्य ठहराए गए विधायकों को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की निगरानी में मुंबई के होटल में ठहराया गया था. इस क्लीप में येडियूरप्पा ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का नाम भी लिया है.

इसमें येडियूरप्पा ने अयोग्य विधायकों को टिकट देने के मसले पर हो रहे विरोध को लेकर भी नाराजगी जताई. हालांकि, क्लीप में येडियूरप्पा बोलते नहीं दिख रहे हैं, सिर्फ उनकी आवाज सुनाई पड़ रही है. क्लीप वायरल होने के एक दिन बाद शनिवार को कांग्रेस ने राज्यपाल को ज्ञापन देकर येडियूरप्पा और शाह को बर्खास्त करने की मांग की थी. विवाद बढऩे के बाद येडियूरप्पा ने रविवार को कहा कि कांग्रेस उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है. अपने पुराने रूख से पलटते हुए येडियूरप्पा ने कहा कि अयोग्य विधायकों से भाजपा का कोई संबंध नहीं है.

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