- प्रदीप कुमार द्विवेदी

* भानु सप्तमी को धर्मग्रंथों में बड़ा ही पवित्र दिन माना गया है. 

* रविवार के दिन सप्तमी तिथि हाती है तो भानु सप्तमी कहलाती है. 

* इस अवसर पर भगवान भास्कर के निमित्त व्रत करते हुए उनकी उपासना करने से अत्यधिक पुण्य प्राप्त होता है.

* ताम्र के कलश में शुद्ध पवित्र जल भरकर तथा उसमें लाल चंदन, अक्षत, लाल रंग के फूल आदि डालकर भगवान भास्कर को अध्र्य देना चाहिए.

* धर्मशास्त्रों में भानु सप्तमी के पर्व को सूर्य ग्रहण के समान प्रभावी बताया गया है, इसलिए इस दिन जप, होम, दान आदि करने पर उसका अनन्त शुभ फल प्राप्त होता है.

* जिनकी जन्म पत्रिका में सूर्यदेव अकारक हैं उन्हें इस अवसर पर गेंहू, स्वर्ण, गुड़ आदि का दान करना चाहिए.

* कार्य-व्यवसाय में प्रगति के लिए 1, 10, 19 और 28 जन्म दिनांक वालों को बंदरों को गुड़-चना देना चाहिए!

- आज का राशिफल -

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम अगले दिन सूर्योदय तक:

मेष, कर्क, सिंह,
वृश्चिक, मकर, मीन

*मिथुन राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र

* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें.

रविवार का चौघडिय़ा -

दिन का चौघडिय़ा         रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- उद्वेग               पहला- शुभ

दूसरा- चर                 दूसरा- अमृत

तीसरा- लाभ                तीसरा- चर

चौथा- अमृत                चौथा- रोग

पांचवां- काल               पांचवां- काल

छठा- शुभ                  छठा- लाभ

सातवां- रोग               सातवां- उद्वेग

आठवां- उद्वेग              आठवां- शुभ

* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है. 

* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है

पंचांग

रविवार, 3 नवंबर 2019

छठ पूजा: उगते सूर्य को अर्ध्य

भानु सप्तमी

अष्टाह्निका विधान प्रारम्भ

शक सम्वत 1941 विकारी

विक्रम सम्वत 2076

काली सम्वत 5121

दिन काल 11:00:47

मास कार्तिक

तिथि सप्तमी - 26:58:46 तक

नक्षत्र उत्तराषाढ़ा - 24:55:37 तक

करण गर - 14:11:05 तक, वणिज - 26:58:46 तक

पक्ष शुक्ल

योग शूल - 30:27:58 तक

सूर्योदय 06:34:11

सूर्यास्त 17:34:58

चन्द्र राशि मकर

चन्द्रोदय 12:24:00

चन्द्रास्त 23:03:59

ऋतु हेमंत

दिशा शूल: पश्चिम में

राहु काल वास: उत्तर में

नक्षत्र शूल: कोई नहीं

चन्द्र वास: दक्षिण में

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


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