तोक्यो. शिव थापा और पूजा रानी ने गुरुवार को यहां स्वर्ण पदक जीते, जबकि आशीष को फाइनल में हार के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा जिससे भारत ने मुक्केबाजी की ओलंपिक परीक्षण प्रतियोगिता में सात पदक जीतकर अच्छा प्रदर्शन किया.

इन तीनों के अलावा चार कांस्य पदक निकहत जरीन (51 किग्रा), सिमरनजीत कौर (60 किग्रा), सुमित सांगवान (91 किग्रा) और वाहलिमपुइया (75 किग्रा) ने बुधवार को सेमीफाइनल में हारने के बाद जीते थे. चार बार के एशियाई पदक धारक थापा (63 किग्रा) ने कजाखस्तान के राष्ट्रीय चैंपियन और एशियाई कांस्य पदक विजेता सनाताली तोलतायेव को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराया.

थापा गत राष्ट्रीय चैंपियन और 2015 विश्व चैंपियनशिप के पूर्व कांस्य पदक विजेता हैं. एशियाई खेलों की पूर्व कांस्य पदक विजेता पूजा रानी (75 किग्रा) ने फाइनल में ऑस्ट्रेलिया की कैटलिन पार्कर को 4-1 से हराकर सुनिश्चित किया कि भारतीय महिला दल के खाते में स्वर्ण पदक शामिल रहे. रानी ने इस साल एशियाई चैंपियनशिप में भी रजत पदक जीता था.

एशियाई कांस्य पदकधारी आशीष (69 किग्रा) को हालांकि फाइनल में जापान के सेवोन ओकोजावा के खिलाफ 1-4 की शिकस्त के साथ कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा. इस साल थापा ने एशियाई कांस्य पदक के बाद इंडिया ओपन में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था जिसके बाद वह इस महीने के शुरू में तीसरी बार राष्ट्रीय चैम्पियन बने.

राष्ट्रीय कोच सी ए कुटप्प ने कहा, पिछले एक साल में शिव काफी परिपक्व हुआ है और यह उसके प्रदर्शन में भी दिखता है. वह शानदार फार्म में है. उन्होंने कहा, आशीष भी एक अच्छा मुक्केबाज बन रहा है. उसने युवा से सीनियर स्तर में काफी

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