- प्रदीप कुमार द्विवेदी   

* देवी नवदुर्गा की आराधना से जीवन में दिव्य सुख, समृद्धि और सफलता प्राप्त होती है. 

* अलग अलग राशि/लग्र वालों को देवी आराधना से विशेष लाभ भी होते हैं.

* मेष राशि/लग्र वालों को देवी आराधना से पराक्रम में बढ़ोतरी होने के साथ साथ ऋण-रोग-शत्रु से मुक्ति मिलती है.

* वृष राशि/लग्र वालों को देवी आराधना से धन संचय के लाभ के साथ साथ विद्या और संतान सुख की प्राप्ति होती है. 

* मिथुन राशि/लग्र वालों को देवी आराधना से संपूर्ण सुख की प्राप्ति के अलावा घर/वाहन आदि भौतिक साधनों की प्राप्ति होती है.

* कर्क राशि/लग्र वालों को देवी आराधना से पदोन्नति के साथ साथ व्यय नियंत्रण का लाभ मिलता है. 

* सिंह राशि/लग्र वालों को देवी आराधना से विशेष धनलाभ होता है. 

* कन्या राशि/लग्र वालों को देवी आराधना से संपूर्ण सुख के अलावा कर्मक्षेत्र में सम्मान प्राप्त होता है.

* तुला राशि/लग्र वालों का देवी आराधना से भाग्योदय होता है, विदेश में कामयाबी मिलती है.

* वृश्चिक राशि/लग्र वालों को देवी आराधना से कष्टमुक्ति मिलने के अलावा धनलाभ होता है.

* धनु राशि/लग्र वालों को देवी आराधना से पारिवारिक सुख के अलावा रोजगार प्राप्ति का लाभ मिलता है.

* मकर राशि/लग्र वालों का देवी आराधना से भाग्योदय होता है और ऋण-रोग-शत्रु से मुक्ति मिलती है.

* कुंभ राशि/लग्र वालों को देवी आराधना से संतान सुख मिलता है और विभिन्न कष्टों से मुक्ति मिलती है.

* मीन राशि/लग्र वालों को देवी आराधना से घर/परिवार में सुख/शांति के अलावा भौतिक साधनों की प्राप्ति होती है.

-आज का राशिफल

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम अगले दिन सूर्योदय तक:

वृषभ, मिथुन, कन्या,
वृश्चिक, मकर, कुम्भ

*मेष राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र

* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें.

बुधवार का चौघडिय़ा -

दिन का चौघडिय़ा       रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- लाभ             पहला- उद्वेग

दूसरा- अमृत              दूसरा- शुभ

तीसरा- काल             तीसरा- अमृत

चौथा- शुभ               चौथा- चर

पांचवां- रोग             पांचवां- रोग

छठा- उद्वेग             छठा- काल

सातवां- चर             सातवां- लाभ

आठवां- लाभ           आठवां- उद्वेग

* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है

पंचांग

बुधवार, 30 अक्टूबर 2019

शक सम्वत 1941 विकारी

विक्रम सम्वत 2076

काली सम्वत 5121

दिन काल 11:06:43

मास कार्तिक

तिथि तृतीया - 26:03:50 तक

नक्षत्र अनुराधा - 21:59:44 तक

करण तैतिल - 14:51:39 तक, गर - 26:03:50 तक

पक्ष शुक्ल

योग सौभाग्य - 12:04:25 तक

सूर्योदय 06:31:19

सूर्यास्त 17:38:03

चन्द्र राशि वृश्चिक

चन्द्रोदय 08:35:00

चन्द्रास्त 19:33:59

ऋतु हेमंत

दिशा शूल: उत्तर में

राहु काल वास: दक्षिण-पश्चिम में

नक्षत्र शूल: पूर्व में 16:41से

चन्द्र वास: उत्तर में

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


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