सोशल मीडिया कंपनी ट्विटर ने सितंबर तिमाही के आंकड़े जारी कर दिए हैं. इस तिमाही में ट्विटर के ऐसे डेली एक्टिव यूजर्स की संख्या करीब 17% बढ़ी है जिन्हें कंपनी विज्ञापन दिखाकर कमाई करती है. सितंबर तिमाही में यह आंकड़ा बढ़कर 14.5 करोड़ तक पहुंच गया. इसके बावजूद रेवेन्यू और प्रॉफिट अनुमान से कम रहने के कारण अमेरिकी शेयर बाजार में इसके शेयर 20.81% तक गिर गए.

समाचार लिखे जाने के समय तक ट्विटर का एक शेयर 30.75 डॉलर का था. एक दिन पहले यह 38.83 डॉलर पर था. कंपनी ने कहा कि सितंबर तिमाही में इसे 3.7 करोड़ डॉलर (करीब 262 करोड़ रुपए) का मुनाफा हुआ. यह पहले जताए गए अनुमान से करीब एक चौथाई कम है. ट्विटर ने जारी बयान में कहा है कि प्रोडक्ट बग (गड़बड़ी) और गर्मियों में कम डिमांड के कारण उसके आंकड़े प्रभावित हुए हैं. 2018 की सितंबर तिमाही की तुलना में कंपनी का रेवेन्यू 9% बढ़कर 82.4 करोड़ डॉलर (5,840 करोड़ रुपए) रहा.

यह भी अनुमान से काफी कम है. ट्विटर ने कहा कि इस साल की पहली दो तिमाही की तुलना में इस बार रेवेन्यू में कमी आने की संभावना थी. लेकिन, बग और डिमांड की कमी ने स्थिति को और कमजोर किया है. कंपनी ने इस साल की चौथी तिमाही के रेवेन्यू अनुमान ही कम दिया है. चौथी तिमाही में इसे 94 करोड़ डॉलर से 102 करोड़ डॉलर रेवेन्यू हासिल होने की उम्मीद है.

पहले 106 करोड़ डॉलर रेवेन्यू का अनुमान जताया गया था. कंपनी के लिए राहत की बात इतनी ही है कि मोनेटाइजेशन वाले इसके डेली एक्टिव यूजर 14.5 करोड़ बढ़ गए हैं. पहले यह अनुमान 14.1 करोड़ का था. लेकिन, यह आंकड़ा शेयर बाजार के सेंटिमेंट को संभालने में सफल नहीं हो सका. न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज पर इसके शेयर गुरुवार को 20.81% गिर गए. ट्विटर के सीईओ जैक डोरसी ने कहा कि कंपनी प्लेटफॉर्म के अल्गोरिदम में सुधार कर रही है.

टिक टॉक पर चीनी दखल को लेकर अमेरिका में सवाल

अमेरिका में टिक टॉक के ऊपर चीन के प्रभाव में आकर कंटेंट निर्धारित करने के आरोप लगे हैं. कई अमेरिकी सांसदों ने कहा कि इस प्लेटफॉर्म पर ऐसे कंटेंट नहीं चलने दिए जाते हैं जो चीन की सरकार या वहां की नीतियों के खिलाफ हो. टिक टॉक ने इन आरोपों को खारिज किया है. कंपनी का कहना है कि उसके काम-काज पर चीन का कोई दखल नहीं है.

टिक टॉक का सर्वर चीन के बाहर है और इसमें वहां की सरकार के हस्तक्षेप का सवाल ही नहीं उठता है. डेमोक्रेट पार्टी के सीनेटर चक शूमर और रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर टॉम कॉटन ने राष्ट्रीय आसूचना निदेशालय से टिकटॉक से राष्ट्रीय सुरक्षा के संभावित जोखिमों का आकलन करने के लिए कहा है. उन्होंने कहा कि यह अमेरिकी नागरिकों को कहीं बीजिंग की जासूसी का शिकार ना बना दे. उन्होंने कहा कि अकेले अमेरिका में इस एप को 11 करोड़ से ज्यादा लोगों ने डाउनलोड किया है.

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