प्रदीप द्विवेदी

देश में दो तरह के पंचाग प्रचलन में हैं. कई क्षेत्रों में चन्द्र कैलेण्डर में चैत्र माह के दौरान शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को नववर्ष शुरू होता है, तो वागड़, गुजरात आदि क्षेत्रों में नव वर्ष कार्तिक माह में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को शुरू होता है.

यह इन क्षेत्रों के वार्षिक अर्थचक्र का पहला दिन होता है. यह वह समय होता है जिस दिन पुरानी खाताबही को बंद किया जाता है और नई खाताबही.... चोपड़े का शुभारम्भ किया जाता है.

दीपावली पूजा के दौरान देवी लक्ष्मी के समक्ष चोपड़ा पूजा के साथ ही नई खाताबही शुरू होती है!ंकार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से गुजराती नव वर्ष की शुरुआत होती है. इस दिन व्यापारी लोग अपने नये हिसाब खाते बही का श्रीगणेश करते है.   

गोवर्धन पूजा को अन्नकूट पूजा भी कहा जाता है. इस दिन गेहूँ, चावल जैसे अनाज, बेसन से बनी कढ़ी और पत्ते वाली सब्जियों से बने भोजन को पकाया जाता है और भगवान कृष्ण को अर्पित किया जाता है.महाराष्ट्र में यह दिन बालि प्रतिपदा या बालि पड़वा के रूप में मनाया जाता है. वामन जो कि भगवान विष्णु के एक अवतार है, उनकी राजा बालि पर विजय और बाद में बालि को पाताल लोक भेजने के कारण इस दिन उनका पुण्यस्मरण किया जाता है. यह माना जाता है कि भगवान वामन द्वारा दिए गए वरदान के कारण असुर राजा बालि इस दिन पाताल लोक से पृथ्वी लोक आता है. 

- आज का राशिफल -

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम अगले दिन सूर्योदय तक:

मेष, वृषभ, सिंह,
तुला, धनु, मकर

*मीन राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र  

* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें. 

सोमवार का चौघडिय़ा -

दिन का चौघडिय़ा       रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- अमृत             पहला- चर

दूसरा- काल              दूसरा- रोग

तीसरा- शुभ             तीसरा- काल

चौथा- रोग              चौथा- लाभ

पांचवां- उद्वेग          पांचवां- उद्वेग

छठा- चर                छठा- शुभ

सातवां- लाभ            सातवां- अमृत

आठवां- अमृत            आठवां- चर

* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है. 

* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!   

पंचांग

सोमवार, 28 अक्टूबर 2019

कार्तिक अमावस्या

गोवर्धन पूजा

अन्नकूट

बलि प्रतिपदा

द्यूत क्रीडा

नव सम्वत प्रारम्भ

शक सम्वत 1941 विकारी

विक्रम सम्वत 2076

काली सम्वत 5121

दिन काल 11:09:46

मास कार्तिक

तिथि अमावस्या - 09:10:52 तक, प्रतिपदा - 30:15:41 तक

नक्षत्र स्वाति - 25:01:06 तक

करण नाग - 09:10:52 तक, किन्स्तुघ्ना - 19:40:11 तक

पक्ष कृष्ण

योग प्रीति - 18:25:31 तक

सूर्योदय 06:29:56

सूर्यास्त 17:39:44

चन्द्र राशि तुला

चन्द्रोदय चन्द्रोदय नहीं

चन्द्रास्त 18:04:59

ऋतु हेमंत

दिशा शूल: पूर्व में

राहु काल वास: उत्तर-पश्चिम में

नक्षत्र शूल: कोई नहीं

चन्द्र वास: पश्चिम में

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


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