खबरार्थ. महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद शिवसेना के नवनिर्वाचित विधायकों की मातोश्री में उद्धव ठाकरे से मुलाकात के दौरान  फैसला किया गया कि.... जिस तरह अमित शाह ने लोकसभा चुनावों से पहले 50-50 फार्मूले का वादा किया था, उसी प्रकार दोनों सहयोगी दलों, भाजपा और शिवसेना को 2.5-2.5 वर्षों के लिए सरकार चलाने का मौका मिलना चाहिए?

खबर है कि.... शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे का कहना है कि हमें बीजेपी से लिखित में यह आश्वासन चाहिए!

याद रहे, बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बहुमत तो मिल गया है, लेकिन सत्ता किसकी होगी? इसका निर्णय दीपावली के बाद ही लिया जाएगा!

खबर यह भी है कि.... शिवसेना के टिकट पर सिल्लोड से जीत हांसिल करने वाले विधायक अब्दुल सत्तार का कहना है कि वे आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं. उन्होंने भी दावा किया कि बीजेपी और शिवसेना ने गठबंधन के दौरान तय किया था कि राज्य में पहले ढाई साल शिवसेना का मुख्यमंत्री होगा, इसके बाद अगले ढाई साल बीजेपी का सीएम होगा?

इतना ही नहीं, शिवसेना विधायक प्रताप सरनाइक ने भी शिवसेना से मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग की है,  उनका कहना है कि सभी शिवसैनिक, शिवसेना से ही मुख्यमंत्री देखना चाहते हैं!

ऐसा पहली बार है कि इस संबंध में लिखित आश्वासन मांगा जा रहा है? शिवसेना के दावे में दम है, लेकिन वर्तमान बीजेपी नेतृत्व, अटल-आडवाणी वाला नहीं है, लिहाजा लिखित समझौते के अभाव में कभी भी सियासी बाजी पलट सकती है! वर्तमान बीजेपी नेतृत्व का सियासी तौर-तरीका राजनीतिक परेशानी के दौरान तो समर्पण का रहता है, किन्तु सियासी संकट समाप्त होने के बाद राजनीतिक तेवर बदल जाते हैं?

शिवसेना के पास यही सही समय है, जब शिवसैनिक मुख्यमंत्री बन सकता है! इसलिए, लिखित में होना ही चाहिए सीएम बनाने का समझौता?

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