- प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी (9772354346)  

* दीपावली के पहले आनेवाली एकादशी देवी लक्ष्मी के नाम पर- रमा एकादशी कहलाती है.

* एकादशी का व्रत भगवान श्रीविष्णु के शुभ आशीर्वाद के लिए किया जाता है. 

* रमा एकादशी दिन भगवान श्रीविष्णु के पूर्णावतार श्रीकृष्ण के केशव स्वरूप की पूजा-अर्चना करते हैं. 

* भगवान केशव का पूजन कर, नैवेद्य अर्पित कर, आरती कर, प्रसाद वितरण करते हैं. 

* इस एकादशी का व्रत करने से जीवन में श्रेष्ठ भोग और मोक्ष की प्राप्ति होती है.

* रमा एकादशी की अनेक कथाएं है जिनका उद्देश्य इस एकादशी का महत्व दर्शाना है इसलिए स्थानीय स्तर पर प्रचलित कथा सुने लेकिन मूल कर्म- व्रत और सच्चे मन से श्रीविष्णु आराधना है!

- आज का राशिफल -

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम अगले दिन सूर्योदय तक:

मिथुन, सिंह, तुला,
वृश्चिक, कुम्भ, मीन

*मकर राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र  

* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें.

गुरुवार का चौघडिय़ा -

दिन का चौघडिय़ा       रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- शुभ              पहला- अमृत

दूसरा- रोग               दूसरा- चर

तीसरा- उद्वेग           तीसरा- रोग

चौथा- चर               चौथा- काल

पांचवां- लाभ            पांचवां- लाभ

छठा- अमृत             छठा- उद्वेग

सातवां- काल            सातवां- शुभ

आठवां- शुभ            आठवां- अमृत

* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है 

* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* रात का चौघडिय़ाअपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है! 

-पंचांग-

गुरुवार, 24 अक्टूबर 2019

रमा एकादशी

शक सम्वत 1941 विकारी

विक्रम सम्वत 2076

काली सम्वत 5121

दिन काल 11:16:01

मास कार्तिक

तिथि एकादशी - 22:20:35 तक

नक्षत्र मघा - 13:18:12 तक

करण बव - 11:48:45 तक, बालव - 22:20:35 तक

पक्ष कृष्ण

योग शुक्ल - 13:34:46 तक

सूर्योदय 06:27:14

सूर्यास्त 17:43:16

चन्द्र राशि सिंह

चन्द्रोदय 27:02:00

चन्द्रास्त 15:24:59

ऋतु हेमंत

दिशा शूल: दक्षिण में

राहु काल वास: दक्षिण में

नक्षत्र शूल: कोई नहीं

चन्द्र वास: पूर्व में

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


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