आजकल हमारे पडौसी देश पाकिस्तान की स्थिति ठीक वैसी ही हैं जैसी सांप और छुंछुदर की होती है. ना वो भारत के साथ दोस्ती निभा पा रहा हैं और ना ही दुश्मनी. दोनों में ही उसे मुंह की खानी पड़ रही है. भारत और अंतराष्ट्रीय स्तर पर अपना अपमान कराने के बाद अब इमरान खान को अपने देश में भी विरोधियों का जम के सामना करना पड़ रहा है.  पाकिस्तान में बाजवा जी उनसे छुपी हुई दुश्मनी निभा रहे हैं तो दूसरी ओर आर्थिक स्तर पर देश कंगाल हो चुका है. वहीं इमरान के धुर विरोधी इमरान के खिलाफ आजादी का मार्च निकाल रहें है.

सुन्नी कट्टरपंथी दल जमियत उलेमा-ए-इस्लाम (जेयूआई-एफ) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने सरकार के खिलाफ 27 अक्टूबर से इस्लामाबाद में आजादी मार्च शुरू करने का ऐलान किया है. इस स्थिति में सवाल यह उठता है कि क्या इमरान की कुर्सी चली जाएगी? क्या उनकी सरकार का तख्ता पलट हो जाएगा? क्या कहती है उनकी कुंडली-

सबसे पहले इमरन के जीवन पर कुछ नजर डालते हैं:-

13 साल की आयु में इमरान अहमद खान नियाजी उर्फ इमरान खान ने क्रिकेट खेलना शुरु कर दिया था और अपने बल पर 1992 में पाकिस्तान क्रिकेट विश्वकप टीम की कप्तानी की बागडोर भी संभाली थी. पाकिस्तान क्रिकेट इतिहास में अभी तक की पाकिस्तान टीम की प्रथम जीत इस टूर्नामेंट में हुई थी. लगभग २० साल तक इमरान खान ने अंतराष्ट्रीय क्रिकेट खेलते रहें, इसके बाद एक अपनी मां की याद में एक मेमोरियल कैंसर अस्पताल भी खोला और कई समाज सेवा से जुड़े कार्य भी किये. बाद में इमरान पाकिस्तान राजनीति में पूर्ण रुप से सक्रिय हो गए. वर्तमान में इमरान पाकिस्तान देश के राष्टपति का पद संभाले हुए है. पाकिस्तान के साथ भारत के रिश्ते सदा से ही विवादित रहें हैं और दोनों ही देशों में कुछ मसलों को लेकर तनाव एवं युद्ध की स्थिति जैसे हालात बने रहते हैं. 

इमरान खान की कुंड्ली 

इमरान खान की कुंडली वृश्चिक लग्न की हैं. लग्न में सूर्य इन्हें जीवन में सम्मान, सुख और ख्याति दे रहा है. पराक्रम भाव में मंगल को राहु का साथ मिला हुआ है जो इन्हें क्रिकेट के खेल में सफलता तो दे ही रहा है साथ इन्हें असाधारण ऊर्जा शक्ति भी दे रहा है. यह योग इमरान को विद्रोही भी बना रहा है. लग्नेश मंगल का तीसरे भाव में जाना इन्हें अपने पुरुषार्थ के बल पर जीवन में आगे बढ़ने का साहस दे रहा है.

इसी के चलते इमरान विश्व में उच्च स्तर के तेज बालर के रुप में प्रसिद्ध हुए. लग्न भाव में सूर्य-बुध की युति बुध आदित्य योग बनाकर इन्हें एक अलग व्यक्तित्व दे रही है, इसी ने इन्हें प्रधानमंत्री का पद दिया. 05 नवम्बर 2019 से गोचर में शनि-केतु और गुरु मारक भाव पर गोचर करेंगे. द्वितीय भाव मारक भाव होने के साथ साथ एकादश से चतुर्थ और दशम से पंचम होने के कारण सत्ता सुख और सत्ता फल का भाव भी है. यहां अशुभ ग्रहों का एक साथ होना इनकी कुर्सी के लिए मुश्किलें बढ़ा रहा है. जनवरी 2020 से इनकी शनि साढ़ेसाती भी शुरु होने वाली हैं. अत: तनाव और दबाव बढ़ने वाला है. साल 2020 में इनका तख्ता पलट होकर इन्हें कुर्सी से हटाया जा सकता है.  

सम्पर्क: श्री मां चिंतपूर्णी ज्योतिष संस्थान

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