- प्रदीप कुमार द्विवेदी  

* भवन के वास्तु में दिशा ज्ञान अत्यधिक महत्वपूर्ण है. 

* सही दिशा ज्ञान के अनुरूप ही किसी भी भवन का निर्माण हो सकता है तथा वास्तु दोष भी समाप्त किए जा सकते हैं. 

* आमतौर पर दिशा ज्ञान के लिए मैगनेटिक कम्पास... दिशासूचक यंत्र का उपयोग किया जाता है लेकिन बगैर यंत्र के भी दिशाओं का ज्ञान आसान है.

* सूर्योदय के समय सूर्य की तरफ मुंह करके खड़े होने पर... सामने पूर्व दिशा, दांए हाथ की ओर दक्षिण दिशा, पीठ की ओर पश्चिम दिशा और बांए हाथ की ओर उत्तर दिशा होती है.

* मैगनेटिक कम्पास का प्रयोग प्राचीनकाल से समुद्री यात्रा के दौरान नौका या जहाज में दिशा ज्ञान के लिए किया जाता रहा है. यह दिशा जानने का सबसे सरल और सही उपाय है.

* प्रमुख चारों दिशाओं के अलावा दिशाओं के मध्य की चार दिशाएं इस प्रकार हैं...

उत्तर और पूर्व के बीच- ईशान, पूर्व और दक्षिण के बीच- आग्नेय, दक्षिण और पश्चिम के बीच- नैऋत्य, पश्चिम और उत्तर के बीच- वायव्य.

* प्रयास करें कि घर का वास्तु उत्तम हो लेकिन शत-प्रतिशत वास्तु दोष मुक्त भवन आज के युग में असंभव है क्योंकि हमारे जीवन में अनेक ऐसी वस्तुओं का प्रवेश हो चुका है जिन्हें भवन से हटाना संभव नहीं है!

* वास्तु दोष मुक्ति के लिए प्रतिवर्ष सुंदर कांड का आयोजन सर्वोत्तम उपाय है!

- आज का राशिफल -

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम अगले दिन सूर्योदय तक:

मेष, मिथुन, सिंह,
कन्या, धनु, मकर

*वृश्चिक राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र  

* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें.

 - रविवार का चौघडिय़ा -

दिन का चौघडिय़ा       रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- उद्वेग             पहला- शुभ

दूसरा- चर               दूसरा- अमृत

तीसरा- लाभ              तीसरा- चर

चौथा- अमृत              चौथा- रोग

पांचवां- काल             पांचवां- काल

छठा- शुभ                छठा- लाभ

सातवां- रोग             सातवां- उद्वेग

आठवां- उद्वेग            आठवां- शुभ

* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है. 

* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है

पंचांग

रविवार, 20 अक्टूबर 2019

शक सम्वत 1941 विकारी

विक्रम सम्वत 2076

काली सम्वत 5121

दिन काल 11:22:24

मास कार्तिक

तिथि षष्ठी - 07:32:37 तक

नक्षत्र आर्द्रा - 17:52:47 तक

करण वणिज - 07:32:37 तक, विष्टि - 19:13:53 तक

पक्ष कृष्ण

योग शिव - 24:29:33 तक

सूर्योदय 06:24:40

सूर्यास्त 17:47:04

चन्द्र राशि मिथुन

चन्द्रोदय 22:45:59

चन्द्रास्त 12:07:00

ऋतु शरद

दिशा शूल: पश्चिम में

राहु काल वास: उत्तर में

नक्षत्र शूल: कोई नहीं

चन्द्र वास: पश्चिम में

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


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