* व्यक्ति के जीवन में धन का विशेष महत्व है. धन से व्यक्ति सबकुछ भले ही प्राप्त नहीं कर पाए लेकिन बहुत कुछ प्राप्त कर सकता है. इसीलिए दीपावली के अवसर पर देवी लक्ष्मी को आमंत्रित किया जाता है. 

* देवी लक्ष्मी की पूजा-आराधना के अनेक स्तोत्र हैं, इनमें से कुछ इस प्रकार हैं...

* अष्टलक्ष्मीस्तोत्रम्, * अष्टलक्ष्म्यष्टोत्तरशतनामावली, * कनक धारास्तोत्रम्, * कमलात्रिशती, * धनलक्ष्मीस्तोत्रम्, * महालक्ष्मीकवचम्  * महालक्ष्मी ललितास्तोत्रम्, * महालक्ष्मीसहस्रनामस्तोत्रम्, * महालक्ष्मीस्तुति, * महालक्ष्मीस्तोत्रम् (श्रीविष्णुपुराण), * महालक्ष्म्यष्टकम्, * लक्ष्मीकवचम्, * लक्ष्मी चालीसा, * लक्ष्मी नामावलीस्तोत्रम्, * लक्ष्मीनारायणकवचम्, * लक्ष्मीलहरी, * लक्ष्मीसहस्रनामावली, * लक्ष्मीसूक्तम्, * लक्ष्मीस्तवम्, * लक्ष्मीस्तोत्रम् (अगस्त्य ऋषि रचित), * लक्ष्मीस्तोत्रम् (इन्द्रदेव रचित), * लक्ष्मीहृदयस्तोत्रम्, * लक्ष्म्यष्टोत्तरशतनामावली, * श्रीसूक्तम्, * सिद्धिलक्ष्मीस्तुति:

* देवी श्रीलक्ष्मी के सभी पूजा-स्तोत्र धनलाभ के मार्ग में आ रही बाधाएं दूर करने में सहायक हैं, पवित्र मन से आराधना करें, धन से संबंधित तनाव दूर होंगे!

* शुक्रवार देवी लक्ष्मी की आराधना का विशेष दिन है, यदि प्रतिदिन श्रीलक्ष्मी आराधना नहीं कर सकते हैं तो शुक्रवार को श्रीलक्ष्मी पूजा-अर्चना करें...

-आज का राशिफल -

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम अगले दिन सूर्योदय तक:

मेष, मिथुन, कर्क,
तुला, वृश्चिक, कुम्भ

*कन्या राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र  

* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें.

मंगलवार का चौघडिय़ा -

दिन का चौघडिय़ा       रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- रोग               पहला- काल

दूसरा- उद्वेग              दूसरा- लाभ

तीसरा- चर               तीसरा- उद्वेग

चौथा- लाभ                चौथा- शुभ

पांचवां- अमृत             पांचवां- अमृत

छठा- काल                 छठा- चर

सातवां- शुभ               सातवां- रोग

आठवां- रोग               आठवां- काल

* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है.

* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है

पंचांग

मंगलवार, 15 अक्टूबर 2019

शक सम्वत 1941 विकारी

विक्रम सम्वत 2076

काली सम्वत 5121

दिन काल 11:30:32

मास कार्तिक

तिथि द्वितीया - 29:47:36 तक

नक्षत्र अश्विनी - 12:30:39 तक

करण तैतिल - 17:07:59 तक, गर - 29:47:36 तक

पक्ष कृष्ण

योग वज्र - 28:58:37 तक

सूर्योदय 06:21:36

सूर्यास्त 17:52:08

चन्द्र राशि मेष

चन्द्रोदय 19:00:59

चन्द्रास्त 07:23:00

ऋतु शरद

दिशा शूल: उत्तर में

राहु काल वास: पश्चिम में

नक्षत्र शूल: कोई नहीं

चन्द्र वास: पूर्व में

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


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