- प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी (9772354346)  

* शरद पूर्णिमा, धर्मिक और सामाजिक मान्यताओं के कारण महत्वपूर्ण पूर्णिमा मानी जाती है.

* यह अवसर धन-सुख, मन-शांति और तन-कांति के लिए सर्वोत्तम है. 

* धर्मग्रंथों के अनुसार- शरद पूर्णिमा की रात माता श्रीलक्ष्मी जागरण करनेवाले श्रद्धालुओं को धन-वैभव का आशीर्वाद देती हैं, इसलिए इस अवसर पर माता श्रीलक्ष्मी की पूजा-अर्चना करनी चाहिए.

* चन्द्रोदय होने पर यथाशक्ति, दीपक जलाने चाहिए और अमृत बरसानेवाले चन्द्रदेव के दर्शन-पूजन का लाभ लेना चाहिए.

* इस अवसर पर जागरण से मन की शांति मिलती है.

* इस दिन बनी खीर चन्द्रमा की चांदनी में रखते हैं, रात्रि का एक पहर बीतने पर यह भोग माता श्रीलक्ष्मी को अर्पित करते हैं. 

* यह प्रसाद रोगमुक्ति के साथ तन-कांति प्रदान करता है.

- आज का राशिफल -

  निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम अगले दिन सूर्योदय तक:

वृषभ, मिथुन, कन्या,

तुला, मकर, मीन

*सिंह राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र  

* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें.

 - रविवार का चौघडिय़ा -

दिन का चौघडिय़ा             रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- उद्वेग                पहला- शुभ

दूसरा- चर                       दूसरा- अमृत

तीसरा- लाभ                 तीसरा- चर

चौथा- अमृत                  चौथा- रोग

पांचवां- काल               पांचवां- काल

छठा- शुभ                        छठा- लाभ

सातवां- रोग               सातवां- उद्वेग

आठवां- उद्वेग                 आठवां- शुभ

* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है. 

* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है

पंचांग  

रविवार, 13 अक्टूबर  2019

शरद पूर्णिमा

कोजागर पूजा

वाल्मीकि जयन्ती

मीराबाई जयन्ती

नवपद ओली पूर्ण

शक सम्वत 1941 विकारी

विक्रम सम्वत 2076

काली सम्वत 5121

दिन काल 11:33:50

मास आश्विन

तिथि पूर्णिमा - 26:39:58 तक

नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद - 07:52:53 तक

करण विष्टि - 13:41:29 तक, बव - 26:39:58 तक

पक्ष शुक्ल

योग व्याघात - 28:40:35 तक

सूर्योदय 06:20:24

सूर्यास्त 17:54:15

चन्द्र राशि मीन

चन्द्रोदय 17:56:59

चन्द्रास्त चन्द्रास्त नहीं

ऋतु शरद

दिशा शूल: पश्चिम में

राहु काल वास: उत्तर में

नक्षत्र शूल: कोई नहीं

चन्द्र वास: उत्तर में

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


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