- प्रदीप कुमार द्विवेदी  

* हर माह की पूर्णिमा के अवसर पर कोई न कोई पर्व अवश्य मनाया जाता हैं. 

* पूर्णिमा का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है. 

* कहा जाता है कि कोई भी शुभ कार्य श्रीगणेश पूजा से प्रारंभ करना चाहिए तथा कार्य सम्पन्न हो जाने पर सत्यनारायण देव की पूजा करनी चाहिए. 

* सत्यनारायण देव और चन्द्र देव की पूजा के लिए पूर्णिमा सर्वश्रेष्ठ अवसर माना जाता है. 

* वैसे भी इस दिन का भारतीय जनजीवन में विशेष धार्मिक-सामाजिक महत्त्व है...

* ज्येष्ठ महीने की पूर्णिमा के दिन वट सावित्री व्रत होता है.

* आषाढ़ पूर्णिमा, गुरु पूर्णिमा होती है, इस दिन गुरुपूजा होती है. 

* श्रावण की पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है.

* भाद्रपद की पूर्णिमा के दिन उमामाहेश्वर व्रत होता है.

* अश्विन की पूर्णिमा के दिन शरद पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है.

* कार्तिक की पूर्णिमा के दिन देव दीवाली मनाते हैं.

* मार्गशीर्ष की पूर्णिमा के दिन श्रीदत्तात्रेय जयंती होती है.

* पौष की पूर्णिमा पर शाकंभरी जयंती मनाई जाती है. 

* माघ की पूर्णिमा के दिन श्रीभैरव जयंती मनाई जाती है. 

* फाल्गुन की पूर्णिमा के दिन होली का पर्व मनाया जाता है.  

* चैत्र माह की पूर्णिमा, हनुमान जयन्ती होती है.

* वैशाख माह की पूर्णिमा के दिन बुद्ध पूर्णिमा होती है.

* जिस व्यक्ति को पूर्णिमा के दिन मानसिक तनाव होता है या परेशानी होती है तो उस व्यक्ति को शिव पूजा करनी चाहिए और चन्द्र की वस्तुओं का दान करना चाहिए. 

* चन्द्र के अशुभ प्रभाव को समाप्त करने के लिए माता की सेवा करें, माता का आशीर्वाद प्राप्त करें, माता की दुआएं शुभ फल प्रदान करती हैं.

- आज का राशिफल -

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम अगले दिन सूर्योदय तक:

वृषभ, मिथुन, कन्या,
तुला, मकर, मीन

*सिंह राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र

*यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें.

- शनिवार का चौघडिय़ा -

दिन का चौघडिय़ा       रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- काल              पहला- लाभ

दूसरा- शुभ              दूसरा- उद्वेग

तीसरा- रोग              तीसरा- शुभ

चौथा- उद्वेग             चौथा- अमृ

पांचवां- चर               पांचवां- चर

छठा- लाभ                छठा- रोग

सातवां- अमृत            सातवां- काल

आठवां- काल             आठवां- लाभ

* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है 

* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है! 

पंचांग 

शनिवार, 12 अक्टूबर 2019

शक सम्वत 1941 विकारी

विक्रम सम्वत 2076

काली सम्वत 5121

दिन काल 11:35:30

मास आश्विन

तिथि चतुर्दशी - 24:38:45 तक

नक्षत्र उत्तराभाद्रपद - पूर्ण रात्रि तक

करणगर - 11:32:05 तक, वणिज - 24:38:45 तक

पक्ष शुक्ल

योग घ्रुव - 28:10:31 तक

सूर्योदय 06:19:50

सूर्यास्त17:55:20

चन्द्र राशि मीन

चन्द्रोदय 17:26:00

चन्द्रास्त 29:37:00

ऋतु शरद

दिशा शूल: पूर्व में

राहु काल वास: पूर्व में

नक्षत्र शूल: कोई नहीं

चन्द्र वास: उत्तर में

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