नई दिल्ली. चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग 11 अक्टूबर को भारत आ रहे हैं. यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ उनकी दूसरी अनौपचारिक शिखर वार्ता होगी. विदेश मंत्रालय ने बुधवार को यह घोषणा की. मुलाकात के लिए चिनफिंग के साथ पड़ोसी देश के कई सीनियर नेता भी आएंगे. मीटिंग में आतंक के हर पहलू पर बात होगी. इसी बीच यह भी खबर है कि भारत और चीन दिसंबर 2019 में साझा आतंक विरोधी अभ्यास भी करेंगे.

चिनफिंग भारतीय पीएम के बुलावे पर भारत आ रहे हैं. यह अनऔपचारिक मीटिंग होगी. इसमें किसी भी समझौते या एमओयू पर साइन नहीं होंगे. मंत्रालय ने कहा कि ये शिखर वार्ता दोनों नेताओं को द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के व्यापक मुद्दों पर बातचीत जारी रखने का अवसर प्रदान करेगी. हां इस मीटिंग में आतंक की फंडिंग, उसे सपॉर्ट करनेवाले देशों, सोर्स आदि सबपर बात जरूर होगी.

चीनी राष्ट्रपति के दौरे से पहले भारत ने साफ कर दिया है कि इसमें जम्मू कश्मीर से हटाए गए आर्टिकल 370 पर कोई बात नहीं होगी. सूत्रों ने कहा कि चीन समेत सभी देश यह मान चुके हैं कि यह भारत का आंतरिक मामला है.

पीएम मोदी और शी चिनफिंग के बीच वन टु वन और डेलिगेशन लेवल दोनों तरह की मीटिंग होगी. दोनों की बातचीत का कोई विशेष अजेंडा नहीं है. इस मीटिंग का फोकस दोनों देशों के रिश्ते सुधारना और भारत-चीन बॉर्डर पर कैसे शांति बनी रहे, इसपर है. मंत्रालय ने कहा कि शिखर वार्ता के दौरान दोनों देश भारत-चीन विकास साझेदारी को गहरा करने पर विचार विमर्श करेंगे.

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