लोबिया खाने में जितनी स्वादिष्ट होती है, उतनी ही सेहतमंद भी है. लोबिया में फाइबर, आयरन और विटामिन्स भरपूर मात्रा में होता है. कब्ज और दिल के रोगियों के लिए लोबिया का सेवन बहुत फायदेमंद होता है. 100 ग्राम लोबिया में मात्र 90 कैलोरीज होती है, इसलिए वजन घटाने के लिए भी लोबिया कारगर है. इसमें पोटैशियम की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जबकि सोडियम बेहद कम होता है. इसके खाने से ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कब्ज जैसे रोगों का खतरा कम हो जाता है. लोबिया में आयरन की मात्रा अच्छी होती है, जिससे खून में हीमोग्लोबिन बढ़ता है और कमजोरी दूर होती है.

अगर आप रोजाना सेब खाते हैं और उसका छिलका निकाल देते हैं तो आपको सेब के 30 फीसदी पोषक तत्व मिलते ही नहीं हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि सेब का जो तत्व दिल की बीमारियों से आपकी रक्षा करता है, वो सेब के छिलके में सबसे ज्यादा होता है. इसलिए अगर आप छिलका उतारकर सेब खाते हैं तो अपनी आदत बदलें. छिलका सहित सेब खाना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है. इसमें खनिज, विटामिन और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो कमजोरी में भी काफी लाभदायक होता है. एक शोध के मुताबिक, सेब के छिलके में भीतरी हिस्से की अपेक्षा एंटी आक्सीडेंट्स की मात्रा कहीं अधिक पाई जाती है.

हरी बीन्स ऐसी सब्जी है, जिसके सेवन से शरीर को जरूरी पोषक तत्व आसानी से मिल जाते हैं. इसमें पर्याप्त मात्रा में विटामिन ए, सी, के और बी 6 पाया जाता है. यह फोलिक एसिड का भी एक अच्छा स्रोत हैं. इसके अलावा इनमें कैल्शियम, सिलिकॉन, आयरन, मैगनीज, बीटा कैरोटीन, प्रोटीन, पोटैशियम और कॉपर भी जरूरी मात्रा होती है. बीन्स हड्डियों के क्षरण के अलावा डायबिटीज को बढ़ने से रोकते हैं. इसमें पर्याप्त मात्रा में डायट्री फाइबर्स और कार्बोहाइड्रेड्स पाए जाते हैं. मधुमेह के मरीजों के लिए इसे आदर्श सब्जी माना जाता है. हरी बीन्स में पर्याप्त मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जिससे इम्यून सिस्टम बेहतर बनता है.

कढ़ी पत्ते में विटामिन ए भरपूर मात्रा में होता है, जो आंखों के लिए बहुत फायदेमंद होता है. इसके नियमित सेवन से मोतियाबिंद जैसी भयानक बीमारी भी ठीक हो जाती है. कढ़ी पत्ता बहुत सारे औषधीय गुण से भरपूर होता है, जो हमारे स्वास्थ्य और सेहत के लिए बहुत लाभदायक है. यह जितना हमारे भोजन के स्वाद को बढ़ाने में मदद करता है उससे ज्यादा हमारे स्वास्थ्य को लाभ पहुंचता है. कढ़ी पत्ते मधुमेह, बालों का झड़ना, मोटापा में भी लाभदायक है.

बदलते मौसम की वजह से होने वाले सर्दी, जुकाम और गले में खराश से छुटकारा दिलाने में तुलसी का काढ़ा सबसे बढ़िया औषधी है. तुलसी के पत्ते के काढ़े में चुटकी भर सेंधा नमक मिलाकर पीने से फ्लू रोग जल्दी ठीक हो जाता है. पथरी निकालने में सबसे बेहतर है तुलसी का काढ़ा. यदि इस काढ़े में रोजाना एक चम्मच शहद मिलाकर नियमित छह महीने तक सेवन किया जाए तो पथरी मूत्र मार्ग से बाहर निकल सकती है. बर्तन में पानी भरकर इसमें तुलसी की पत्तियां डालकर एक दो घंटे तक रख दिया जाता है. बाद में इसे छानकर पिया जाता है. कहते हैं कि इससे पानी शुद्ध होता है. बरसात और सर्दी के मौसम में त्वचा संबंधी रोग भी तुलसी की पत्तियों को रगड़ने से खत्म हो सकते हैं. इसमें पाया जाने वाले थाइमोल त्वचा रोग में काफी राहत देता है.

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