ब्रिटेन की पुलिस जल्द ही फेसबुक और व्हाट्सएप मैसेज पढ़ने का अधिकार मिलने वाला है. अमेरिका और ब्रिटेन के बीच इसे लेकर अगले महीने एक समझौता होने वाला है. इस समझौते के तहत सोशल मीडिया फर्म्स को आतंकवाद सहित गंभीर आपराधिक अपराधों के संदिग्ध व्यक्तियों की जांच का समर्थन करने के लिए ब्रिटेन पुलिस के साथ उनकी जानकारी साझा करनी होगी.यूके की गृह सचिव, प्रीति पटेल ने पहले चेतावनी दी है कि फेसबुक की एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन अपराधियों के लिए फायदेमंद है. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया कंपनियां अपने संदेश भेजने के लिए खुफिया एजेंसियों को बैक डोर विकसित करें.

वहीं इस मसले पर फेसबुक ने अपने एक बयान में कहा कि हम सरकार के इस प्रस्ताव का विरोध करते हैं, क्योंकि इससे हमारे यूजर्स की प्राइवेसी और सिक्योरिटी खत्म हो जाएगी. 

सरकार की पॉलिसी कंपनियों के लिए क्लाउड एक्ट की तरह होती है जो जरूरत पड़ने पर कानूनी रूप से जानकारी साझा करती है. ऐसे में किसी बैक डोर की जरूरत नहीं है. ब्रिटेन और अमेरिका इस समझौते के तहत एक-दूसरे के नागरिकों की जांच नहीं करने के लिए सहमत हुए हैं.

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


************************************************************************************




Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह info@palpalindia.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।