* देवी दुर्गा के नौ रूप हैं, जिनकी नवरात्रि में पूजा-अर्चना की जाती है.

* प्रथम स्वरूप- देवी शैलपुत्री हैं, जिनकी नवरात्रि के पहले दिन पूजा-अर्चना की जाती है.

* पर्वतराज हिमालय पुत्री स्वरूप होने के कारण इन्हें माता शैलपुत्री  पुकारा जाता है.

* वृषभ-स्थिता माता शैलपुत्री के दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल-पुष्प सुशोभित हंै. 

* ओम देवी शैलपुत्रियै नम: ...मंत्र के साथ देवी को प्रिय चमेली का फूल अर्पित करें, देवी जीवन के अंधकार को दूर कर जीवन में सफलता के लिए प्रकाश प्रदान करेंगी.

* मन के कारक चन्द्रदेव की प्रसन्नता और मानसिक शांति के लिए नवरात्रि के पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा-अर्चना करें.

* वैसे तो नवरात्रि के व्रत-पूजन से जीवन में सुख-समृद्धि-सफलता आती है लेकिन कर्क राशि/लग्रवाले श्रद्धालु यदि सभी दिन व्रत नहीं कर सकें तो उन्हें नवरात्रि के पहले दिन का व्रत रख कर जीवन में सुख-समृद्धि-सफलता के लिए देवी शैलपुत्री की आराधना करनी चाहिए.

* नवरात्रि पर पूजा-अर्चना-घटस्थापना अपने क्षेत्र के धर्मगुरु के निर्देशानुसार करें.

- आज का राशिफल -

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम 29:46 तक:

मेष, कर्क, कन्या,

वृश्चिक, धनु, मीन

*कुम्भ राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र

उसके पश्चात -

निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम अगले दिन सूर्योदय तक:

मेष, वृषभ, सिंह,

तुला, धनु, मकर

*मीन राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र  

* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें.

 - रविवार का चौघडिय़ा -

दिन का चौघडिय़ा             रात्रि का चौघडिय़ा

पहला- उद्वेग                पहला- शुभ

दूसरा- चर                       दूसरा- अमृत

तीसरा- लाभ                 तीसरा- चर

चौथा- अमृत                  चौथा- रोग

पांचवां- काल               पांचवां- काल

छठा- शुभ                        छठा- लाभ

सातवां- रोग               सातवां- उद्वेग

आठवां- उद्वेग                 आठवां- शुभ

* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है. 

* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.

* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.

* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, स्थानीय पंरपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं.

* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है

पंचांग  

रविवार, 29 सितंबर 2019 चन्द्र दर्शन

घटस्थापना

नवरात्रि प्रारम्भ

चन्द्र दर्शन

महाराजा अग्रसेन जयन्ती

शक सम्वत1941   विकारी

विक्रम सम्वत2076

काली सम्वत 5121

दिन काल 11:57:22

मास आश्विन

तिथि प्रतिपदा - 20:15:38 तक

नक्षत्र हस्त - 19:07:13 तक

करण किन्स्तुघ्ना - 10:05:19 तक, बव - 20:15:38 तक

पक्ष शुक्ल

योग ब्रह्म - 16:07:59 तक

सूर्योदय06:12:45

सूर्यास्त18:10:07

चन्द्र राशि कन्या - 29:45:23 तक

चन्द्रोदय 06:31:59

चन्द्रास्त 18:53:59

ऋतु शरद

दिशा शूल: पश्चिम में

राहु काल वास: उत्तर में

नक्षत्र शूल: कोई नहीं

चन्द्र वास: दक्षिण में 29:46 तक,पश्चिम में 29:46 से

आज का दिन : ज्योतिष की नज़र में


जानिए कैसा रहेगा आपका भविष्य


खबर : चर्चा में


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